अगर आपके घुटनों में दर्द हो तो क्या आपको चलना चाहिए?
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अगर आपके घुटनों में दर्द हो तो क्या आपको चलना चाहिए?

अगर आपके घुटनों में दर्द हो तो क्या आपको चलना चाहिए? यह एक ऐसा सवाल है जो घुटनों के दर्द से जूझ रहे हर व्यक्ति के मन में आता है। इसका सीधा जवाब देना थोड़ा मुश्किल है,

साधारण शब्दों में, चलना ज्यादातर मामलों में फायदेमंद होता है, लेकिन कुछ खास स्थितियों में यह नुकसान भी पहुंचा सकता है।

इस लेख में, हम विस्तार से समझेंगे कि घुटनों के दर्द में चलना कब फायदेमंद है, कब नहीं और चलते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

कब चलना फायदेमंद है?

अगर आपके घुटनों में हल्का या मध्यम दर्द है, तो नियमित रूप से पैदल चलना आपके लिए बहुत फायदेमंद हो सकता है। यहाँ कुछ कारण दिए गए हैं कि क्यों चलना आपके घुटनों के लिए अच्छा है:

1. मांसपेशियों को मजबूत बनाता है: घुटनों के दर्द का एक बड़ा कारण उनके आसपास की कमजोर मांसपेशियां होती हैं। जब आप चलते हैं, तो आपकी जांघों (quadriceps) और पिंडलियों (calves) की मांसपेशियां मजबूत होती हैं। ये मांसपेशियां घुटनों को सहारा देती हैं, जिससे उन पर पड़ने वाला दबाव कम होता है। मजबूत मांसपेशियां घुटनों को स्थिरता प्रदान करती हैं, जिससे दर्द कम होता है।

2. जोड़ों की चिकनाई (Synovial Fluid) को बढ़ाता है: घुटनों के जोड़ में एक तरल पदार्थ होता है जिसे साइनोवियल फ्लूइड कहते हैं। यह तरल पदार्थ जोड़ों को चिकनाई देता है और उन्हें सुचारू रूप से काम करने में मदद करता है। जब आप चलते हैं, तो यह तरल पदार्थ पूरे जोड़ में बेहतर तरीके से फैलता है। इससे जोड़ों की अकड़न कम होती है और घुटनों की कार्यक्षमता बढ़ती है।

3. वजन को नियंत्रित करता है: शरीर का अतिरिक्त वजन घुटनों पर अत्यधिक दबाव डालता है, जिससे दर्द और बढ़ सकता है। पैदल चलना कैलोरी जलाने का एक शानदार तरीका है, जिससे वजन कम करने में मदद मिलती है। हल्का वजन घुटनों पर पड़ने वाले भार को कम करता है, जिससे दर्द में राहत मिलती है।

4. रक्त संचार को बेहतर बनाता है: चलने से पूरे शरीर में रक्त संचार बेहतर होता है। यह घुटनों के आसपास की कोशिकाओं तक पोषक तत्वों और ऑक्सीजन को बेहतर ढंग से पहुंचाता है, जो मरम्मत और रिकवरी में मदद करता है।

कब चलने से बचना चाहिए?

कुछ खास स्थितियों में, चलने से घुटनों का दर्द बढ़ सकता है या स्थिति और खराब हो सकती है। आपको चलने से तब बचना चाहिए जब:

1. तेज या असहनीय दर्द हो: अगर आपके घुटनों में बहुत तेज दर्द हो रहा है, तो चलने से बचें। यह दर्द किसी गंभीर चोट, जैसे लिगामेंट का फटना या फ्रैक्चर का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में, आराम करना और तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना सबसे अच्छा है।

2. सूजन और लालिमा हो: अगर घुटनों में सूजन, लालिमा या छूने पर गर्माहट महसूस हो रही है, तो इसका मतलब है कि वहाँ कुछ गंभीर सूजन है। ऐसी स्थिति में चलने से सूजन बढ़ सकती है।

3. चलने में बहुत ज्यादा अकड़न महसूस हो: अगर आपको चलने में बहुत ज्यादा अकड़न महसूस हो रही है या आपका घुटना मुड़ने में मुश्किल हो रही है, तो जबरदस्ती न चलें। यह घुटने के जोड़ में गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है।

4. डॉक्टर ने मना किया हो: अगर आपके फिजियोथेरेपिस्ट ने आपको आराम करने की सलाह दी है, तो उनकी बात का पालन करें। वे आपकी स्थिति को बेहतर तरीके से समझते हैं।

घुटनों के दर्द के साथ चलते समय ध्यान रखने योग्य बातें

अगर आप हल्के या मध्यम दर्द में चलने का फैसला करते हैं, तो कुछ सावधानियां बरतना बहुत जरूरी है ताकि आप अपने घुटनों को और नुकसान न पहुंचाएं।

  • धीरे-धीरे शुरुआत करें: एकदम से तेज चलने या लंबी दूरी तय करने की कोशिश न करें। शुरुआत धीमी गति से करें और छोटी दूरी तक चलें। धीरे-धीरे अपनी गति और दूरी बढ़ाएं।
  • सही जूते पहनें: सही जूते पहनना बहुत जरूरी है। ऐसे जूते चुनें जो आपके घुटनों और पैरों को अच्छा सहारा दें और झटके (shocks) को अवशोषित करें। पुराने और घिसे हुए जूतों को तुरंत बदल दें।
  • नियमित रहें, लेकिन अति न करें: हर दिन थोड़ी देर चलें, बजाय इसके कि आप एक दिन में बहुत ज्यादा चलें और फिर कई दिनों तक आराम करें। नियमितता महत्वपूर्ण है, लेकिन अपने शरीर की सुनें। अगर आपको दर्द महसूस हो तो रुक जाएं।
  • समतल जगह पर चलें: ऊबड़-खाबड़ या ढलान वाली जगहों पर चलने से बचें। समतल और चिकनी जगह पर चलना घुटनों पर कम दबाव डालता है।

निष्कर्ष

चलना घुटनों के दर्द को कम करने और घुटनों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने का एक बेहतरीन तरीका है, बशर्ते कि इसे सही तरीके से और सही समय पर किया जाए।

यदि आपके घुटनों में दर्द के साथ-साथ सूजन, लालिमा या तेज दर्द हो, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। लेकिन अगर दर्द हल्का है, तो चलना शुरू करें। धीरे-धीरे और सावधानी से, आप अपने घुटनों को मजबूत बना सकते हैं और दर्द को कम कर सकते हैं। अपनी गति से चलें, अपने शरीर की सुनें, और अपने घुटनों को स्वस्थ रखें।

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