कंधे के दर्द में कौन सी दवा लेनी चाहिए
| | |

कंधे के दर्द में कौन सी दवा लेनी चाहिए?

कंधे का दर्द एक आम समस्या है जो आपकी दैनिक गतिविधियों को बाधित कर सकती है। चाहे यह मांसपेशियों में खिंचाव, चोट, या किसी अंदरूनी बीमारी के कारण हो, सही दवा का चयन दर्द से राहत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हालांकि, यह बहुत ज़रूरी है कि आप किसी भी दवा को लेने से पहले डॉक्टर की सलाह लें, क्योंकि गलत दवा या गलत खुराक लेने से साइड इफेक्ट हो सकते हैं या स्थिति और खराब हो सकती है।

इस लेख में, हम उन विभिन्न प्रकार की दवाओं के बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे जो आमतौर पर कंधे के दर्द के इलाज के लिए उपयोग की जाती हैं।

ओवर-द-काउंटर (Over-the-Counter) दवाएं

ये वे दवाएं हैं जो बिना डॉक्टर के पर्चे के मेडिकल स्टोर पर आसानी से उपलब्ध होती हैं। ये दवाएं हल्के से मध्यम कंधे के दर्द में राहत दिला सकती हैं।

1. नॉन-स्टेरॉयडल एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग्स (NSAIDs)

ये सबसे ज़्यादा इस्तेमाल होने वाली दर्द निवारक दवाएं हैं। ये दर्द को कम करने के साथ-साथ सूजन को भी कम करती हैं।

  • उदाहरण: इबुप्रोफेन (Ibuprofen), नेप्रोक्सेन (Naproxen) और एस्पिरिन (Aspirin)।
  • कैसे काम करती हैं: ये दवाएं शरीर में उन रसायनों (prostaglandins) के उत्पादन को रोकती हैं जो दर्द और सूजन का कारण बनते हैं।
  • सावधानियां: इन दवाओं का सेवन हमेशा भोजन के बाद करना चाहिए, क्योंकि ये खाली पेट लेने पर पेट में जलन या एसिडिटी का कारण बन सकती हैं। लंबे समय तक इनका सेवन करने से गुर्दे और पेट से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं, इसलिए डॉक्टर की सलाह के बिना इनका ज़्यादा समय तक उपयोग न करें।

2. एसिटामिनोफेन (Acetaminophen)

यह एक दर्द निवारक दवा है जो दर्द को कम करती है, लेकिन इसमें सूजन कम करने के गुण कम होते हैं।

  • उदाहरण: पैरासिटामोल (Paracetamol)
  • कैसे काम करती है: यह दिमाग में दर्द के सिग्नल को रोकने का काम करती है।
  • सावधानियां: अगर आपको लिवर से जुड़ी कोई समस्या है या आप बहुत ज़्यादा शराब का सेवन करते हैं, तो इस दवा का उपयोग करने से पहले डॉक्टर से सलाह लें। ओवरडोज लिवर को नुकसान पहुंचा सकती है।

टॉपिकल (Topical) दवाएं

ये दवाएं क्रीम, जेल, स्प्रे या पैच के रूप में आती हैं जिन्हें सीधे त्वचा पर लगाया जाता है।

  • उदाहरण: डाइक्लोफेनाक (Diclofenac) जेल, मेंथॉल (Menthol) और कैप्साइसिन (Capsaicin) युक्त क्रीम।
  • कैसे काम करती हैं: ये त्वचा के माध्यम से अवशोषित होकर सीधे प्रभावित क्षेत्र पर काम करती हैं। इससे दर्द और सूजन में राहत मिलती है।
  • फायदे: ये दवाएं सीधे दर्द वाली जगह पर काम करती हैं, जिससे पूरे शरीर पर इसका प्रभाव कम होता है और साइड इफेक्ट का जोखिम भी कम हो जाता है। ये उन लोगों के लिए एक अच्छा विकल्प हैं जो मौखिक दवाएं (oral medicines) नहीं ले सकते।
  • सावधानियां: इन दवाओं को कटी हुई या घाव वाली त्वचा पर न लगाएं।

प्रिस्क्रिप्शन (Prescription) दवाएं

जब ओवर-द-काउंटर दवाएं काम नहीं करतीं या दर्द बहुत ज़्यादा होता है, तो डॉक्टर कुछ ख़ास दवाएं लिख सकते हैं।

1. शक्तिशाली NSAIDs

कुछ NSAIDs जो ज़्यादा प्रभावी होते हैं, वे केवल डॉक्टर के पर्चे पर ही मिलते हैं।

  • उदाहरण: सेलेकोक्सिब (Celecoxib)।
  • सावधानियां: ये दवाएं भी पेट और हृदय से जुड़ी समस्याओं का कारण बन सकती हैं, इसलिए डॉक्टर की देखरेख में ही इनका सेवन करें।

2. स्टेरॉयड इंजेक्शन (Steroid Injections)

अगर दर्द और सूजन बहुत ज़्यादा है, तो डॉक्टर सीधे कंधे के जोड़ या बर्सा में स्टेरॉयड का इंजेक्शन लगा सकते हैं।

  • कैसे काम करता है: स्टेरॉयड एक शक्तिशाली एंटी-इंफ्लेमेटरी दवा है जो सीधे प्रभावित क्षेत्र में काम करती है और दर्द व सूजन को तुरंत कम करती है।
  • सावधानियां: स्टेरॉयड इंजेक्शन का असर कुछ महीनों तक रह सकता है, लेकिन इनका बार-बार इस्तेमाल टेंडन को कमजोर कर सकता है, इसलिए इनका उपयोग सीमित होता है।

3. न्यूरोपैथिक दवाएं

  • उदाहरण: गाबापेंटिन (Gabapentin)।

घरेलू उपचार और वैकल्पिक चिकित्सा

दवाओं के अलावा, कंधे के दर्द को कम करने के लिए कुछ घरेलू उपाय भी मददगार हो सकते हैं:

  • आराम: कंधे को आराम दें। बहुत ज़्यादा हिलाने-डुलाने से बचें।
  • गर्म सिकाई: 48 घंटों के बाद, गर्म सिकाई करें। इससे मांसपेशियों को आराम मिलता है।
  • फिजियोथेरेपी: डॉक्टर अक्सर फिजियोथेरेपी की सलाह देते हैं। इसमें विशेष व्यायाम शामिल होते हैं जो कंधे की मांसपेशियों को मजबूत करते हैं और गतिशीलता बढ़ाते हैं।

निष्कर्ष

कंधे का दर्द कई कारणों से हो सकता है, और हर कारण के लिए अलग तरह की दवा की ज़रूरत होती है। हल्के दर्द के लिए ओवर-द-काउंटर दवाएं या टॉपिकल जेल का इस्तेमाल किया जा सकता है। लेकिन अगर दर्द गंभीर है या लंबे समय से बना हुआ है, तो डॉक्टर से सलाह लेना बहुत ज़रूरी है। डॉक्टर आपकी स्थिति का सही निदान करेंगे और आपकी सेहत और मेडिकल हिस्ट्री के आधार पर सबसे सुरक्षित और प्रभावी दवा का चयन करेंगे। बिना डॉक्टरी सलाह के कोई भी दवा लेना हानिकारक हो सकता है, इसलिए हमेशा अपनी सेहत को प्राथमिकता दें।

Similar Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *