क्या बाएं कंधे का दर्द हार्ट अटैक का संकेत हो सकता है
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क्या बाएं कंधे का दर्द हार्ट अटैक का संकेत हो सकता है?

हार्ट अटैक के मामले में, दर्द का असली कारण दिल होता है, लेकिन यह बाएं कंधे, हाथ, गर्दन, जबड़े या पीठ में महसूस हो सकता है। यह इसलिए होता है क्योंकि दिल से आने वाले दर्द के सिग्नल दिमाग में उन नसों के साथ मिलते हैं जो बाएं हाथ और कंधे से जुड़ी होती हैं।

यह लेख आपको यह समझने में मदद करेगा कि हार्ट अटैक से जुड़े बाएं कंधे के दर्द को अन्य सामान्य कारणों से होने वाले दर्द से कैसे अलग करें।

हार्ट अटैक के दर्द की पहचान कैसे करें?

हार्ट अटैक के दौरान होने वाला दर्द आमतौर पर बाएं कंधे और हाथ तक फैल सकता है, लेकिन यह केवल यहीं तक सीमित नहीं होता। इसके साथ और भी कई लक्षण होते हैं, जो इसे मांसपेशियों या हड्डियों के सामान्य दर्द से अलग करते हैं।

हार्ट अटैक के दौरान होने वाले दर्द के लक्षण:

  • सीने में बेचैनी: दर्द अक्सर छाती के बीच में शुरू होता है। यह एक भारीपन, दबाव, जकड़न या जलन जैसा महसूस हो सकता है।
  • दर्द का फैलाव: दर्द सिर्फ कंधे तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह छाती से शुरू होकर बाएं हाथ, कंधे, गर्दन, जबड़े या पीठ तक फैल सकता है।
  • अचानक और तेज़ दर्द: दर्द अचानक शुरू हो सकता है और आराम करने पर भी कम नहीं होता। यह कुछ मिनटों तक या 20 मिनट से ज़्यादा समय तक रह सकता है।
  • सांस लेने में दिक्कत: सांस फूलना, दम घुटना या सांस लेने में तकलीफ महसूस होना।
  • अन्य लक्षण: पसीना आना (विशेषकर ठंडा पसीना), जी मिचलाना, उल्टी, चक्कर आना, और अचानक कमजोरी महसूस होना।
  • महिलाओं में अलग लक्षण: महिलाओं में सीने का दर्द उतना तीव्र नहीं हो सकता। इसकी बजाय, उनमें कंधे या पीठ के ऊपरी हिस्से में दर्द, अत्यधिक थकान, जी मिचलाना और सांस की तकलीफ जैसे लक्षण ज़्यादा आम हैं।

यदि आपको ये लक्षण महसूस हों, तो तुरंत आपातकालीन सेवा को कॉल करें। एक-एक मिनट की देरी जीवन के लिए खतरनाक हो सकती है।

गैस का दर्द और हार्ट अटैक: कैसे करें अंतर?

अक्सर लोग गैस के दर्द को हार्ट अटैक का दर्द समझ बैठते हैं, क्योंकि दोनों के लक्षण मिलते-जुलते हो सकते हैं।

लक्षणगैस के कारण दर्दहार्ट अटैक का दर्द
दर्द की प्रकृतिचुभने वाला, दबाव जैसा।सीने में भारीपन, जलन, या सिकुड़न जैसा।
अन्य लक्षणपेट में गैस, डकार, पेट फूलना।सांस फूलना, पसीना आना, चक्कर आना, जी मिचलाना।
शरीर में फैलावअक्सर कंधे, गर्दन और पेट तक फैल सकता है।सीने से बाएं हाथ, जबड़े, और पीठ तक फैल सकता है।
शारीरिक गतिविधिचलने या स्थिति बदलने से दर्द में बदलाव हो सकता है।शारीरिक गतिविधि से दर्द बढ़ सकता है और आराम से भी कम नहीं होता।
समयअक्सर कुछ मिनटों या घंटों में कम हो जाता है।20 मिनट से ज़्यादा समय तक रह सकता है।

बाएं कंधे के दर्द के अन्य कारण

अगर आपके बाएं कंधे में दर्द हो रहा है और आपको दिल के दौरे से जुड़े कोई भी लक्षण महसूस नहीं हो रहे हैं, तो इसके अन्य कारण भी हो सकते हैं:

  1. मांसपेशियों का खिंचाव: भारी वजन उठाने या गलत तरीके से व्यायाम करने से मांसपेशियों में खिंचाव आ सकता है, जिससे दर्द होता है।
  2. रोटेटर कफ की चोट: यह कंधे के दर्द का सबसे आम कारण है। टेंडिनाइटिस या टेंडन के फटने से दर्द होता है, जो बांह को ऊपर उठाने या घुमाने पर बढ़ सकता है।
  3. बर्साइटिस: कंधे के जोड़ में मौजूद बर्सा (तरल से भरी थैलियाँ) में सूजन आने से दर्द होता है।
  4. फ्रोजन शोल्डर: इस स्थिति में कंधे का जोड़ सख्त हो जाता है और दर्दनाक होता है, जिससे हाथ को हिलाना मुश्किल हो जाता है।
  5. गर्दन में नस दबना (सर्वाइकल रेडिकुलोपैथी): जब गर्दन से निकलने वाली नसें दब जाती हैं, तो दर्द गर्दन से शुरू होकर बाएं कंधे और हाथ तक फैल सकता है।

निष्कर्ष

बाएं कंधे में दर्द होने पर घबराने की ज़रूरत नहीं है, लेकिन इसे नज़रअंदाज़ करना भी गलत है। हमेशा लक्षणों पर ध्यान दें। यदि दर्द अचानक शुरू हुआ है, आराम करने पर भी ठीक नहीं हो रहा है, और इसके साथ सीने में बेचैनी, सांस फूलना या पसीना आने जैसे लक्षण हैं, तो यह हार्ट अटैक का संकेत हो सकता है।

ऐसी स्थिति में, खुद से कोई दवा न लें और न ही इंतज़ार करें। तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। सही समय पर मेडिकल सहायता मिलने से जीवन बचाया जा सकता है। आपकी सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है।

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