घुटने में दर्द किसकी कमी से होता है?
घुटने का दर्द एक आम समस्या है जो किसी भी उम्र के लोगों को प्रभावित कर सकती है। हालांकि, यह अक्सर बढ़ती उम्र के साथ ज्यादा देखने को मिलता है। बहुत से लोग घुटने के दर्द का कारण सिर्फ चोट या गठिया को मानते हैं, लेकिन कई बार यह दर्द शरीर में कुछ जरूरी पोषक तत्वों और तरल पदार्थों की कमी के कारण भी होता है। इन कमियों को अगर समय रहते पहचान लिया जाए, तो इस दर्द से बचा जा सकता है या इसे कम किया जा सकता है।
1. साइनोवियल फ्लूइड (Synovial Fluid) की कमी
घुटने के दर्द का एक सबसे बड़ा कारण साइनोवियल फ्लूइड की कमी है। यह एक गाढ़ा, चिकना तरल पदार्थ है जिसे लोग आमतौर पर “घुटने की ग्रीस” कहते हैं। यह तरल पदार्थ जोड़ों में हड्डियों के बीच एक कुशन (गद्दी) की तरह काम करता है, जिससे हड्डियां आपस में रगड़ नहीं खातीं और गति आसानी से होती है।
कमी के कारण:
- पानी की कमी (Dehydration): शरीर में पानी की कमी होने पर यह तरल पदार्थ गाढ़ा हो जाता है और इसकी मात्रा भी कम हो जाती है।
- उम्र बढ़ना: उम्र बढ़ने के साथ शरीर में इस तरल पदार्थ का उत्पादन स्वाभाविक रूप से कम होने लगता है।
- पोषक तत्वों की कमी: ओमेगा-3 फैटी एसिड, कोलेजन और कुछ खास विटामिन की कमी भी इस तरल पदार्थ के उत्पादन को प्रभावित कर सकती है।
- बहुत अधिक भार: शरीर का अधिक वजन घुटनों पर दबाव डालता है, जिससे साइनोवियल फ्लूइड जल्दी खत्म हो सकता है।
2. कैल्शियम और विटामिन D की कमी
हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए कैल्शियम और विटामिन D सबसे महत्वपूर्ण पोषक तत्व हैं।
- कैल्शियम: यह हमारी हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाता है। जब शरीर में कैल्शियम की कमी होती है, तो हड्डियां कमजोर और भुरभुरी हो जाती हैं, जिसे ऑस्टियोपोरोसिस कहते हैं। इसकी वजह से घुटनों और अन्य जोड़ों में दर्द शुरू हो जाता है।
- विटामिन D: विटामिन D शरीर को कैल्शियम को अवशोषित करने में मदद करता है। बिना पर्याप्त विटामिन D के, कैल्शियम शरीर में पूरी तरह से इस्तेमाल नहीं हो पाता। विटामिन D की कमी से हड्डियों में दर्द और कमजोरी महसूस होने लगती है।
कमी के लक्षण:
- मांसपेशियों में ऐंठन
- हड्डियों में दर्द और कमजोरी
- थकान और सुस्ती
- बार-बार फ्रैक्चर होना
3. विटामिन C की कमी
विटामिन C सिर्फ इम्यूनिटी के लिए ही नहीं, बल्कि जोड़ों के स्वास्थ्य के लिए भी बहुत जरूरी है। यह हमारे शरीर में कोलेजन के उत्पादन में मदद करता है। कोलेजन एक प्रोटीन है जो कार्टिलेज (नरम ऊतक जो हड्डियों के सिरों को ढकता है) का एक मुख्य घटक है।
- विटामिन C की कमी से कार्टिलेज कमजोर हो सकता है, जिससे हड्डियां आपस में रगड़ खाने लगती हैं और घुटनों में दर्द और सूजन होती है।
कमी के स्रोत:
- खट्टे फल जैसे संतरा, नींबू, मौसमी
- ब्रोकली, शिमला मिर्च, टमाटर
- अमरूद, कीवी
4. विटामिन B12 की कमी
विटामिन B12 हमारी नसों और मांसपेशियों के लिए बहुत जरूरी है। इसकी कमी होने पर नसों में कमजोरी आ सकती है, जिससे मांसपेशियों में दर्द और कमजोरी महसूस हो सकती है। यह घुटनों के दर्द का भी एक कारण बन सकता है, खासकर वृद्ध लोगों में।
कमी के लक्षण:
- मांसपेशियों में कमजोरी
- हाथों और पैरों में झुनझुनी
- थकान और कमजोरी
- चलने में परेशानी
5. ओमेगा-3 फैटी एसिड की कमी
ओमेगा-3 फैटी एसिड शरीर में सूजन (inflammation) को कम करने में मदद करता है। घुटने का दर्द अक्सर सूजन के कारण होता है।
- ओमेगा-3 की कमी होने पर शरीर में सूजन बढ़ सकती है, जिससे जोड़ों में दर्द और अकड़न महसूस होती है।
- यह साइनोवियल फ्लूइड के उत्पादन में भी मदद करता है।
कमी के स्रोत:
- फैटी मछलियां जैसे सैल्मन, टूना
- अखरोट, अलसी और चिया सीड्स
- सोयाबीन
6. अन्य कारण
इन पोषक तत्वों की कमी के अलावा, घुटने के दर्द के कुछ अन्य कारण भी हो सकते हैं:
- चोट: खेलकूद के दौरान या गिरने से घुटने में चोट लगना।
- गठिया (Arthritis): ऑस्टियोआर्थराइटिस या रूमेटोइड आर्थराइटिस जैसी बीमारियां।
- मोटापा: शरीर का अधिक वजन घुटनों पर अत्यधिक दबाव डालता है।
- कमजोर मांसपेशियां: जांघ और पैर की कमजोर मांसपेशियां घुटनों को सहारा नहीं दे पातीं।
- अत्यधिक उपयोग: बहुत ज्यादा दौड़ने, खड़े रहने या भारी सामान उठाने से भी घुटनों पर दबाव पड़ता है।
निष्कर्ष
सही और संतुलित आहार, पर्याप्त पानी पीना और हल्के व्यायाम करना इस समस्या से बचाव और राहत पाने में बहुत मददगार हो सकता है। अगर दर्द गंभीर है या लंबे समय तक बना रहता है, तो डॉक्टर से सलाह लेना सबसे अच्छा है।
