लम्बर डिस्क डिजनरेशन
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लम्बर डिस्क डिजनरेशन (Lumbar Disc Degeneration) और व्यायाम

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लम्बर डिस्क डिजनरेशन (Lumbar Disc Degeneration): कारण, लक्षण, निदान और व्यायाम आधारित उपचार

लम्बर डिस्क डिजनरेशन, जिसे अक्सर निचली पीठ का ‘डिजेनरेटिव डिस्क डिजीज’ (DDD) कहा जाता है, वयस्कों में पुरानी पीठ दर्द के सबसे सामान्य कारणों में से एक है। इसके नाम के बावजूद, यह वास्तव में कोई “बीमारी” नहीं है, बल्कि उम्र के साथ होने वाली एक प्राकृतिक प्रक्रिया है। जैसे-जैसे हमारी उम्र बढ़ती है, हमारी रीढ़ की हड्डियों के बीच स्थित डिस्क (जो शॉक एब्जॉर्बर का काम करती हैं) घिसने लगती हैं।

सही जानकारी, जीवनशैली में बदलाव और लक्षित व्यायामों के माध्यम से, अधिकांश लोग दर्द को कम कर सकते हैं, गतिशीलता में सुधार कर सकते हैं और अपनी रीढ़ की लंबी अवधि तक रक्षा कर सकते हैं।

लम्बर स्पाइन की शारीरिक संरचना (Anatomy)

लम्बर स्पाइन (पीठ का निचला हिस्सा) पाँच कशेरुकाओं (Vertebrae – L1 से L5) से बना होता है। इन हड्डियों के बीच ‘इंटरवर्टेब्रल डिस्क’ होती हैं। प्रत्येक डिस्क के दो मुख्य भाग होते हैं:

  • एनुलस फाइब्रोसस (Annulus Fibrosus): यह एक सख्त बाहरी घेरा है।  
  • न्यूक्लियस पल्पोसस (Nucleus Pulposus): यह केंद्र में स्थित एक जेल जैसा पदार्थ है जो झटकों को सोखता है।

ये डिस्क गद्दी की तरह काम करती हैं, जो हमें झुकने, मुड़ने और वजन उठाने की अनुमति देती हैं।

लम्बर डिस्क डिजनरेशन (Lumbar Disc Degeneration) व्यायाम Video

लम्बर डिस्क डिजनरेशन क्या है?

यह तब होता है जब डिस्क में निम्नलिखित बदलाव आते हैं:

  • डिस्क के भीतर पानी की मात्रा (Hydration) कम हो जाती है, जिससे उसका लचीलापन खत्म हो जाता है।
  • डिस्क पतली हो जाती है और शॉक सोखने की क्षमता कम हो जाती है।
  • डिस्क की बाहरी परत में छोटी दरारें आ जाती हैं।
  • दो कशेरुकाओं के बीच की जगह कम हो जाती है।

समय के साथ, ये परिवर्तन रीढ़ के जोड़ों, मांसपेशियों और नसों पर दबाव डाल सकते हैं, जिससे दर्द और जकड़न होती है।

कारण और जोखिम कारक (Causes & Risk Factors)

  1. बढ़ती उम्र: 30 वर्ष की आयु के बाद डिस्क में पानी की कमी होने लगती है।
  2. खराब मुद्रा (Poor Posture): लंबे समय तक झुककर बैठना या कंप्यूटर के सामने गलत तरीके से बैठना।  
  3. बार-बार होने वाला तनाव: भारी वजन उठाना, बार-बार झुकना और मुड़ना।
  4. गतिहीन जीवनशैली: यदि पीठ और कोर (पेट) की मांसपेशियां कमजोर हैं, तो सारा भार डिस्क पर पड़ता है।
  5. मोटापा: अधिक वजन निचली पीठ की डिस्क पर अतिरिक्त दबाव डालता है।
  6. धूम्रपान: यह डिस्क तक पोषक तत्वों की आपूर्ति को रोकता है, जिससे वे जल्दी खराब होती हैं।
  7. पुरानी चोट: अतीत में लगी कोई चोट डिस्क के घिसने की प्रक्रिया को तेज कर सकती है।

प्रमुख लक्षण (Symptoms)

  • निचली पीठ में लगातार हल्का या तेज दर्द।
  • बैठने, झुकने या वजन उठाने पर दर्द का बढ़ जाना।
  • सुबह उठने पर पीठ में जकड़न महसूस होना।
  • चलने या स्थिति बदलने पर दर्द में राहत मिलना।
  • कूल्हों और जांघों के पीछे की मांसपेशियों (Hamstrings) में खिंचाव।
  • यदि नस दब रही हो, तो पैरों में दर्द, सुन्नता या झुनझुनी (Sciatica)।

महत्वपूर्ण: कई लोगों की MRI रिपोर्ट में डिस्क डिजनरेशन आता है लेकिन उन्हें कोई दर्द नहीं होता। दर्द अक्सर सूजन या मांसपेशियों के असंतुलन के कारण होता है।

निदान (Diagnosis)

  1. नैदानिक परीक्षण: डॉक्टर आपकी मुद्रा, चलने के तरीके और मांसपेशियों की ताकत की जांच करते हैं।
  2. एक्स-रे (X-ray): यह हड्डियों के बीच कम होती जगह को दिखाता है।
  3. एमआरआई (MRI): यह डिस्क के स्वास्थ्य, हाइड्रेशन और दबी हुई नसों को देखने का सबसे अच्छा तरीका है।

व्यायाम आधारित प्रबंधन (Exercise-Based Management)

व्यायाम इस स्थिति के उपचार की आधारशिला है। सही व्यायाम डिस्क को पोषण पहुँचाते हैं, रीढ़ को सहारा देने वाली मांसपेशियों को मजबूत करते हैं और दर्द को कम करते हैं।

शीर्ष 10 प्रभावी व्यायाम:

1. नी-टू-चेस्ट स्ट्रेच (Knee-to-Chest)

  • पीठ के बल लेट जाएं और एक पैर के घुटने को हाथों से पकड़कर छाती की ओर खींचें।
  • 15-20 सेकंड तक रोकें। यह पीठ के निचले हिस्से के तनाव को कम करता है।
Knee To Chest
Knee To Chest

2. कैट-काउ स्ट्रेच (Cat-Cow Stretch)

कैट-काउ स्ट्रेच (Cat-Cow Stretch)

  • घुटनों और हाथों के बल (चौपाये की स्थिति) आ जाएं।
  • सांस लेते हुए पीठ को नीचे की ओर झुकाएं (Cow) और सांस छोड़ते हुए पीठ को ऊपर की ओर गोल करें (Cat)।
  • यह रीढ़ की गतिशीलता बढ़ाता है।
Cat-cow Stretch
Cat-cow Stretch

3. ब्रिजिंग (Bridging)

  • घुटने मोड़कर पीठ के बल लेटें। अपने कूल्हों को हवा में ऊपर उठाएं।
  • यह कूल्हों (Glutes) और पीठ की सहायक मांसपेशियों को मजबूत करता है।
Bridge Pose
Bridge Pose

4. बर्ड-डॉग (Bird Dog)

  • हाथों और घुटनों के बल रहकर विपरीत हाथ और पैर (जैसे दायां हाथ और बायां पैर) को सीधा फैलाएं।
  • यह रीढ़ की स्थिरता और समन्वय (Coordination) में सुधार करता है।
Bird Dog with Elbow to Knee
Bird Dog

5. आंशिक कर्ल-अप्स (Partial Curl-Ups)

  • पीठ के बल लेटकर घुटने मोड़ें और सिर व कंधों को थोड़ा ऊपर उठाएं।
  • ध्यान रहे कि गर्दन पर जोर न पड़े। यह पेट की मांसपेशियों को मजबूत करता है।
Partial Curl Ups
Partial Curl Ups

6. हैमस्ट्रिंग स्ट्रेच (Hamstring Stretch)

  • लेटकर एक पैर को ऊपर उठाएं और तौलिए की मदद से अपनी ओर खींचें।
  • कसी हुई जांघ की मांसपेशियां पीठ पर दबाव डालती हैं, जिन्हें ढीला करना जरूरी है।
Hamstring Stretch
Hamstring Stretch

7. स्टैंडिंग बैक एक्सटेंशन (Standing Back Extension)

  • सीधे खड़े होकर कमर पर हाथ रखें और धीरे से पीछे की ओर झुकें।
  • यह लंबे समय तक बैठने से डिस्क पर पड़ने वाले दबाव को कम करता है।
Standing Spinal Extension
Standing Back Extension

8. साइड-लाइंग लेग रेज (Side-Lying Leg Raises)

  • करवट लेकर लेटें और ऊपर वाले पैर को सीधा उठाएं। यह कूल्हे के स्टेबलाइजर्स को मजबूत करता है।
Side Lying Hip Abduction
Side Lying Hip Abduction

9. पैदल चलना (Walking)

  • रोजाना 20-30 मिनट तेज चलें। यह डिस्क में रक्त संचार बढ़ाता है।

10. तैराकी (Swimming)

  • पानी में शरीर का वजन कम महसूस होता है, जिससे डिस्क पर दबाव डाले बिना व्यायाम किया जा सकता है।
Hydrotherapy/Swimming
Hydrotherapy/Swimming

क्या न करें (व्यायाम जिन्हें टालना चाहिए)

दर्द की गंभीर स्थिति में निम्नलिखित से बचें:

  • बिना घुटने मोड़े जमीन छूने की कोशिश करना।
  • भारी वजन के साथ ‘डेडलिफ्ट’ करना।
  • सीधे पैरों के साथ सिट-अप्स करना।
  • कठोर सतह पर दौड़ना।

जीवनशैली और मुद्रा संबंधी सुझाव

  • बैठने का तरीका: हमेशा ऐसी कुर्सी का उपयोग करें जिसमें कमर को सहारा (Lumbar Support) मिले।
  • ब्रेक लें: हर 45 मिनट के बैठने के बाद 5 मिनट के लिए खड़े हों या टहलें।
  • वजन उठाना: कोई भी सामान उठाते समय पीठ के बजाय घुटनों के बल झुकें।
  • नींद: एक अच्छे फर्म गद्दे का प्रयोग करें। यदि करवट लेकर सोते हैं, तो घुटनों के बीच तकिया रखें।

डॉक्टर से कब मिलें?

यदि आपको निम्नलिखित महसूस हो, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें:

  • दर्द जो हफ्तों बाद भी कम नहीं हो रहा।
  • पैरों में अचानक कमजोरी या सुन्नपन।
  • मूत्र या मल नियंत्रण खोना (यह एक आपातकालीन स्थिति हो सकती है जिसे Cauda Equina Syndrome कहते हैं)।

निष्कर्ष

लम्बर डिस्क डिजनरेशन जीवन का अंत नहीं है, बल्कि शरीर का एक संकेत है कि उसे अतिरिक्त देखभाल की आवश्यकता है। निरंतर व्यायाम, सही मुद्रा और स्वस्थ आदतों के साथ, अधिकांश लोग बिना सर्जरी के एक सामान्य और सक्रिय जीवन जी सकते हैं। धैर्य और अनुशासन ही रीढ़ के स्वास्थ्य की कुंजी है।

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