कमांडो प्लैंक (Commando Plank - कोहनी से हथेली पर आना और वापस जाना)
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कमांडो प्लैंक (Commando Plank): मजबूत कोर और अपर बॉडी के लिए एक संपूर्ण गाइड

फिटनेस की दुनिया में, कोर (Core) को शरीर का पावरहाउस माना जाता है। एक मजबूत कोर न केवल आपको आकर्षक एब्स देता है, बल्कि यह आपके शरीर के संतुलन, पोश्चर और समग्र ताकत में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कोर को मजबूत करने के लिए ‘प्लैंक’ (Plank) सबसे लोकप्रिय और प्रभावी व्यायामों में से एक है। लेकिन जब आप साधारण प्लैंक में निपुण हो जाते हैं और अपने शरीर को एक नई चुनौती देना चाहते हैं, तब कमांडो प्लैंक (Commando Plank) तस्वीर में आता है।

कमांडो प्लैंक, जिसे ‘अप-डाउन प्लैंक’ (Up-Down Plank) या ‘मिलिट्री प्लैंक’ भी कहा जाता है, एक डायनामिक (गतिशील) व्यायाम है। इसमें आपको कोहनी (Forearm) वाले प्लैंक से हथेलियों (High Plank) पर आना होता है और फिर वापस कोहनी पर जाना होता है। यह लेख आपको कमांडो प्लैंक के फायदे, सही तरीका, काम करने वाली मांसपेशियों और सावधानियों के बारे में विस्तार से जानकारी देगा।


कमांडो प्लैंक क्या है? (What is Commando Plank?)

साधारण (स्टेटिक) प्लैंक में आप एक ही स्थिति में अपने शरीर को होल्ड करते हैं, जबकि कमांडो प्लैंक एक डायनामिक मूवमेंट है। इसका मतलब है कि इसमें गति शामिल है। आप इसे एक मूविंग प्लैंक कह सकते हैं जहाँ आप अपनी कोहनियों और हथेलियों के बीच लगातार अपनी स्थिति बदलते हैं।

चूंकि आप इसमें गुरुत्वाकर्षण के खिलाफ अपने शरीर के ऊपरी हिस्से (Upper Body) को ऊपर धकेलते हैं और नीचे लाते हैं, इसलिए यह आपके कोर के साथ-साथ आपके कंधों, छाती और बाहों पर भी जबरदस्त काम करता है। यह कार्डियो और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग का एक बेहतरीन मिश्रण है, जो हृदय गति (Heart Rate) को बढ़ाता है और तेजी से कैलोरी बर्न करने में मदद करता है।


कमांडो प्लैंक में काम करने वाली मांसपेशियां (Muscles Worked)

कमांडो प्लैंक एक ‘कंपाउंड एक्सरसाइज’ (Compound Exercise) है, जिसका अर्थ है कि यह एक ही समय में कई मांसपेशी समूहों को लक्षित करता है। मुख्य रूप से यह निम्नलिखित मांसपेशियों पर काम करता है:

  • रेक्टस एब्डोमिनिस (Rectus Abdominis): यह आपके पेट के सामने की मांसपेशी है जिसे आमतौर पर ‘सिक्स-पैक’ एब्स कहा जाता है।
  • ट्रांसवर्स एब्डोमिनिस (Transverse Abdominis): यह कोर की सबसे गहरी मांसपेशी है जो एक बेल्ट की तरह काम करती है और आपकी रीढ़ को सहारा देती है।
  • ऑब्लिक (Obliques): ये आपके पेट के किनारों की मांसपेशियां हैं। जब आप ऊपर-नीचे होते हैं, तो शरीर को घूमने से रोकने के लिए ये मांसपेशियां कड़ी मेहनत करती हैं।
  • डेल्टोइड्स (कंधे) और चेस्ट: शरीर को ऊपर धकेलने और नीचे लाने की प्रक्रिया में आपके कंधे और छाती की मांसपेशियां सक्रिय रूप से शामिल होती हैं।
  • ट्राइसेप्स (Triceps): बांह के पिछले हिस्से की यह मांसपेशी आपको हथेलियों पर उठने (High Plank में जाने) में मदद करती है।
  • ग्लूट्स और क्वाड्स (Glutes and Quads): आपके कूल्हे और जांघों की मांसपेशियां आपके शरीर को सीधा और स्थिर रखने के लिए पूरे व्यायाम के दौरान टाइट रहती हैं।

कमांडो प्लैंक के जबरदस्त फायदे (Benefits of Commando Planks)

अगर आप नियमित रूप से कमांडो प्लैंक का अभ्यास करते हैं, तो आपको निम्नलिखित शारीरिक और मानसिक लाभ मिल सकते हैं:

1. कोर की असाधारण मजबूती (Extreme Core Strength) यह व्यायाम कोर की हर छोटी-बड़ी मांसपेशी को चुनौती देता है। जब आप अपनी स्थिति बदलते हैं, तो आपका कोर आपके शरीर को स्थिर रखने के लिए दोगुना काम करता है, जिससे कोर की ताकत तेजी से बढ़ती है।

2. अपर बॉडी की ताकत में वृद्धि (Increases Upper Body Strength) चूंकि आप लगातार अपने शरीर का वजन अपनी बाहों के बल उठा रहे हैं, यह पुश-अप्स के समान लाभ देता है। इससे आपके कंधे, ट्राइसेप्स और चेस्ट मजबूत होते हैं और बाहों का आकार सुडौल होता है।

3. हृदय गति बढ़ाता है (Cardiovascular Benefits) गतिशील होने के कारण, यह साधारण प्लैंक की तुलना में अधिक ऊर्जा की मांग करता है। यह आपकी हृदय गति (Heart rate) को बढ़ाता है, जिससे यह एक बेहतरीन फैट-बर्निंग एक्सरसाइज बन जाता है।

4. बेहतर संतुलन और पोश्चर (Improves Balance and Posture) इस व्यायाम को करते समय कूल्हों को स्थिर रखना होता है। यह आदत आपके शरीर के प्राकृतिक संतुलन को सुधारती है। एक मजबूत कोर आपकी रीढ़ की हड्डी को सीधा रखता है, जिससे आपका पोश्चर (उठने-बैठने का तरीका) बेहतर होता है और पीठ दर्द का खतरा कम होता है।

5. उपकरणों की आवश्यकता नहीं (No Equipment Needed) कमांडो प्लैंक की सबसे अच्छी बात यह है कि इसे कहीं भी किया जा सकता है। इसके लिए आपको किसी जिम या महंगे उपकरण की आवश्यकता नहीं है; बस आपके शरीर का वजन और थोड़ी सी जगह पर्याप्त है।


कमांडो प्लैंक करने का सही तरीका (Step-by-Step Guide)

किसी भी व्यायाम का पूरा लाभ उठाने और चोट से बचने के लिए सही फॉर्म (Form) सबसे ज्यादा जरूरी है। कमांडो प्लैंक करने के लिए इन चरणों का पालन करें:

  1. शुरुआती पोजीशन: एक योगा मैट पर फोरआर्म प्लैंक (Forearm Plank) की स्थिति में आ जाएं। आपकी कोहनियां ठीक आपके कंधों के नीचे होनी चाहिए और शरीर सिर से लेकर एड़ियों तक एक सीधी रेखा में होना चाहिए।
  2. कोर को टाइट करें: अपने पेट की मांसपेशियों को सिकोड़ें (जैसे कोई आपको पेट में मुक्का मारने वाला हो) और अपने ग्लूट्स (कूल्हों) को टाइट करें।
  3. ऊपर उठें: अब अपने दाहिने हाथ की कोहनी को जमीन से उठाएं और हथेली को जमीन पर रखें। हथेली उसी जगह पर होनी चाहिए जहां पहले कोहनी थी।
  4. हाई प्लैंक में आएं: अपने दाहिने हाथ पर जोर डालते हुए, बाएं हाथ की कोहनी को भी उठाएं और हथेली को जमीन पर रखें। अब आप पूरी तरह से हाई प्लैंक (पुश-अप पोजीशन) में हैं।
  5. वापस नीचे जाएं: अब रिवर्स प्रक्रिया करें। अपने दाहिने हाथ को मोड़ें और वापस दाहिनी कोहनी पर आ जाएं।
  6. फोरआर्म प्लैंक में लौटें: अब बाएं हाथ को मोड़ें और बाईं कोहनी पर आ जाएं। अब आप वापस अपनी शुरुआती स्थिति (Forearm Plank) में हैं।
  7. दोहराएं: इस प्रक्रिया को दोहराएं। ध्यान रखें कि अगली बार शुरुआत बाएं हाथ से करें ताकि शरीर के दोनों हिस्सों पर समान प्रभाव पड़े।

महत्वपूर्ण टिप्स: इस पूरी प्रक्रिया के दौरान अपने कूल्हों (Hips) को जितना हो सके स्थिर रखने की कोशिश करें। कूल्हों का बहुत ज्यादा हिलना व्यायाम के प्रभाव को कम कर देता है।


सांस लेने की सही तकनीक (Breathing Technique)

व्यायाम के दौरान सांस लेना उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि व्यायाम खुद।

  • जब आप कोहनी से हथेली पर (ऊपर) आ रहे हों, तब सांस छोड़ें (Exhale)
  • जब आप वापस हथेली से कोहनी पर (नीचे) जा रहे हों, तब सांस लें (Inhale)। सही तरीके से सांस लेने से आपकी मांसपेशियों को पर्याप्त ऑक्सीजन मिलती है और आप जल्दी नहीं थकते।

सामान्य गलतियां और उनसे कैसे बचें (Common Mistakes to Avoid)

कमांडो प्लैंक करते समय लोग अक्सर कुछ सामान्य गलतियां करते हैं। इन पर ध्यान दें:

  • कूल्हों का ज्यादा हिलना (Swaying Hips): ऊपर उठते और नीचे जाते समय शरीर को झूलने न दें। कोर को टाइट रखें। अगर कूल्हे ज्यादा हिल रहे हैं, तो अपने पैरों के बीच की दूरी थोड़ी बढ़ा लें।
  • जल्दबाजी करना (Rushing the Movement): इस व्यायाम को तेजी से करने पर फॉर्म बिगड़ जाता है। इसे धीरे-धीरे और नियंत्रण के साथ करें। गति से ज्यादा फोकस मांसपेशियों के संकुचन (Contraction) पर होना चाहिए।
  • गर्दन को नीचे झुकाना (Dropping the Head): अपनी ठुड्डी को छाती से न लगाएं और न ही बहुत ज्यादा ऊपर देखें। अपनी नज़र जमीन पर अपने हाथों के बीच रखें, ताकि गर्दन और रीढ़ एक सीधी रेखा में रहें।
  • पीठ को नीचे की तरफ झुकाना (Sagging Lower Back): अगर आपकी पीठ बीच से नीचे की तरफ झुक रही है, तो इसका मतलब है कि आपका कोर कमजोर पड़ रहा है। ऐसे में ब्रेक लें, लेकिन गलत फॉर्म के साथ व्यायाम जारी न रखें।

कमांडो प्लैंक की विविधताएं (Variations of Commando Plank)

चाहे आप फिटनेस की दुनिया में नए हों या एक अनुभवी एथलीट, आप अपने स्तर के अनुसार इस व्यायाम में बदलाव कर सकते हैं:

1. शुरुआती लोगों के लिए (Kneeling Commando Plank): अगर आप पैरों के पंजों पर यह व्यायाम नहीं कर पा रहे हैं, तो आप इसे अपने घुटनों के बल (Knees down) कर सकते हैं। यह आपके कोर और बाहों पर पड़ने वाले वजन को कम कर देता है।

2. इंटरमीडिएट स्तर के लिए (Standard Commando Plank): जैसा कि ऊपर ‘सही तरीका’ अनुभाग में बताया गया है, इसे पैरों के पंजों पर रहकर करें।

3. उन्नत स्तर के लिए (Weighted / Elevated Commando Plank): अगर आप इसे और मुश्किल बनाना चाहते हैं, तो आप अपनी पीठ पर एक वजन की प्लेट (Weight plate) रख सकते हैं या अपने पैरों को किसी बेंच या स्टेप पर रखकर (Decline position) इसे कर सकते हैं। आप इसमें पुश-अप भी जोड़ सकते हैं (नीचे जाने से पहले एक पुश-अप करें)।


इसे अपने वर्कआउट रूटीन में कैसे शामिल करें

आप कमांडो प्लैंक को अपने एब्स रूटीन, अपर-बॉडी वर्कआउट, या फुल-बॉडी HIIT (High-Intensity Interval Training) सर्किट में शामिल कर सकते हैं। नीचे दी गई टेबल से आप अपने फिटनेस स्तर के अनुसार लक्ष्य तय कर सकते हैं:

फिटनेस का स्तर (Level)सेट्स (Sets)रेप्स / समय (Reps / Time)आराम (Rest Between Sets)
शुरुआती (Beginner)2 से 320-30 सेकंड45-60 सेकंड
मध्यम (Intermediate)3 से 440-50 सेकंड30-45 सेकंड
उन्नत (Advanced)4 से 560+ सेकंड15-20 सेकंड

सावधानियां (Precautions)

हालाँकि कमांडो प्लैंक बहुत फायदेमंद है, लेकिन कुछ स्थितियों में इसे करने से बचना चाहिए:

  • कंधे या कलाई की चोट: अगर आपके कंधों, कोहनियों या कलाइयों में दर्द या कोई पुरानी चोट है, तो इस व्यायाम से बचें, क्योंकि यह इन जोड़ों पर सीधा दबाव डालता है।
  • लोअर बैक पेन: अगर आपकी पीठ के निचले हिस्से (Lower back) में गंभीर दर्द रहता है, तो डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट की सलाह के बिना इसे न करें।
  • गर्भावस्था: गर्भवती महिलाओं को कोर पर अत्यधिक दबाव डालने वाले इस तरह के व्यायामों से बचना चाहिए।

निष्कर्ष (Conclusion)

कमांडो प्लैंक (Commando Plank) कोर को मजबूत बनाने, अपर बॉडी में ताकत लाने और कैलोरी बर्न करने का एक शानदार ‘ऑल-इन-वन’ व्यायाम है। शुरुआत में यह थोड़ा मुश्किल और थका देने वाला लग सकता है, लेकिन नियमित अभ्यास और सही तकनीक के साथ, आप इसमें महारत हासिल कर सकते हैं। हमेशा गुणवत्ता (Quality) को मात्रा (Quantity) से ऊपर रखें; 10 गलत मूव्स करने से बेहतर है कि आप 5 एकदम सही मूव्स करें।

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