मालिश वाले (Bone Setters) से झटके देकर हड्डी सेट कराने के भयंकर नुकसान
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मालिश वाले (Bone Setters) से झटके देकर हड्डी सेट कराने के भयंकर नुकसान: एक जानलेवा गलती

भारत के छोटे शहरों, कस्बों और गांवों में आज भी जब किसी व्यक्ति को मोच आती है, हड्डी खिसक जाती है या फ्रैक्चर हो जाता है, तो उनका पहला रुख किसी प्रशिक्षित डॉक्टर की बजाय अक्सर स्थानीय ‘मालिश वाले’, ‘पहलवान’ या ‘हड्डी बिठाने वाले’ (Traditional Bone Setters) की तरफ होता है। समाज में इन लोगों को अक्सर ‘देसी वैद्य’ या ‘चमत्कारी मालिश वाला’ मान लिया जाता है।

लेकिन क्या आप जानते हैं कि बिना एक्स-रे (X-Ray) देखे और बिना मेडिकल साइंस की जानकारी के, सिर्फ झटके देकर या खींचकर हड्डी सेट कराने का यह तरीका आपके लिए जीवन भर का अभिशाप बन सकता है? अनजाने में की गई यह एक गलती मरीज को अपाहिज बना सकती है या यहां तक कि उसका अंग काटने (Amputation) की नौबत भी ला सकती है।

इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि मालिश वालों से झटके देकर हड्डी सेट कराने के क्या-क्या भयंकर और जानलेवा नुकसान हो सकते हैं।


Table of Contents

लोग इन ‘मालिश वालों’ के पास क्यों जाते हैं?

इससे पहले कि हम नुकसान की बात करें, यह समझना जरूरी है कि लोग आखिर इन अप्रशिक्षित लोगों के पास क्यों जाते हैं:

  • अंधविश्वास और पुरानी परंपरा: कई लोगों का मानना है कि जो काम पीढ़ियों से कोई पहलवान या देसी वैद्य कर रहा है, वह आधुनिक चिकित्सा से बेहतर है।
  • सस्ता इलाज: मालिश वाले कुछ रुपयों या थोड़े से अनाज के बदले इलाज का दावा करते हैं, जो आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को आकर्षित करता है।
  • सर्जरी और प्लास्टर का डर: डॉक्टरों के पास जाने पर अक्सर एक्स-रे, प्लास्टर या सर्जरी की सलाह दी जाती है। बहुत से लोग सर्जरी या प्लास्टर के नाम से डरते हैं और ‘मालिश से ठीक होने’ का शॉर्टकट चुनते हैं।
  • आसानी से उपलब्धता: हर गांव या मोहल्ले में कोई न कोई ऐसा व्यक्ति मिल जाता है जो हड्डियां बिठाने का दावा करता है।

झटके देकर हड्डी बैठाने का अवैज्ञानिक तरीका

अस्थि रोग विज्ञान (Orthopedics) एक बेहद जटिल और सटीक विज्ञान है। मानव शरीर में 206 हड्डियां, सैकड़ों मांसपेशियां, नसें (Nerves) और रक्त वाहिकाएं (Blood Vessels) होती हैं। एक योग्य हड्डी रोग विशेषज्ञ (Orthopedic Surgeon) सालों की पढ़ाई के बाद यह समझ पाता है कि कौन सी हड्डी कैसे जुड़ी है।

दूसरी ओर, मालिश वालों के पास मानव शरीर रचना (Anatomy) का कोई वैज्ञानिक ज्ञान नहीं होता। वे चोटिल हिस्से को तेल से रगड़ते हैं, अचानक और तेज झटके से खींचते हैं, और अक्सर बांस की खपच्चियों (Bamboo sticks) या लकड़ी के टुकड़ों के साथ बहुत कसकर पट्टी बांध देते हैं। बिना यह जाने कि अंदर की हड्डी की स्थिति क्या है, झटके देना शरीर के साथ एक क्रूर मजाक है।


मालिश वाले से हड्डी सेट कराने के 10 भयंकर नुकसान

यदि आप या आपका कोई परिचित किसी मालिश वाले के पास जाने का विचार कर रहा है, तो नीचे दिए गए इन गंभीर नुकसानों को जरूर जान लें:

1. कम्पार्टमेंट सिंड्रोम (Compartment Syndrome) और अंग कटने का खतरा

यह मालिश वालों के इलाज का सबसे खतरनाक और सबसे आम दुष्प्रभाव है। जब मालिश वाले किसी टूटे हुए हाथ या पैर पर बांस की खपच्चियां रखकर उसे बहुत कसकर बांध देते हैं, तो उस हिस्से में सूजन (Swelling) के लिए कोई जगह नहीं बचती। इसके कारण:

  • टाइट पट्टी के अंदर दबाव बहुत ज्यादा बढ़ जाता है।
  • नसों और रक्त वाहिकाओं (खून की नलियों) पर भयंकर दबाव पड़ता है और खून का दौरा (Blood Supply) पूरी तरह रुक जाता है।
  • कुछ ही घंटों में, ऑक्सीजन की कमी से उस हिस्से की मांसपेशियां और टिशू मरने लगते हैं (Gangrene)।
  • जब मरीज अंततः असहनीय दर्द के साथ अस्पताल पहुंचता है, तब तक अंग पूरी तरह सड़ चुका होता है और जान बचाने के लिए डॉक्टर को हाथ या पैर काटना (Amputation) पड़ता है।

2. नसों (Nerves) का डैमेज होना और लकवा (Paralysis)

हड्डियों के ठीक बगल से शरीर की महत्वपूर्ण नसें (Nerves) गुजरती हैं जो हमारे हाथों और पैरों को मूवमेंट और महसूस करने की क्षमता देती हैं।

  • जब मालिश वाला बिना एक्स-रे देखे अचानक जोर से झटका देता है, तो टूटी हुई हड्डी का नुकीला सिरा किसी महत्वपूर्ण नस को काट सकता है या बुरी तरह कुचल सकता है।
  • अगर नस कट गई, तो उस अंग में हमेशा के लिए लकवा (Paralysis) मार सकता है। मरीज जीवन भर के लिए उस हाथ या पैर को हिलाने या कुछ महसूस करने में असमर्थ हो जाता है।

3. साधारण फ्रैक्चर का जटिल (Compound) फ्रैक्चर में बदलना

कई बार मरीज को एक बहुत ही मामूली सा हेयरलाइन फ्रैक्चर (हड्डी में हल्का सा क्रैक) होता है, जो कुछ हफ्तों के आराम और सही प्लास्टर से पूरी तरह ठीक हो सकता है।

  • लेकिन मालिश वाले की जोर-जबरदस्ती, मालिश और झटके के कारण वह हल्की सी क्रैक हुई हड्डी पूरी तरह से दो टुकड़ों में टूट जाती है।
  • कई बार झटके के कारण हड्डी का टुकड़ा मांस और त्वचा को फाड़कर शरीर के बाहर आ जाता है। इसे ओपन फ्रैक्चर या कंपाउंड फ्रैक्चर कहते हैं, जो एक मेडिकल इमरजेंसी है और इसमें सर्जरी की आवश्यकता होती है।

4. हड्डियों का गलत जुड़ना (Malunion) और हमेशा के लिए टेढ़ापन

बिना एक्स-रे यह जानना असंभव है कि हड्डी के दोनों सिरे बिल्कुल सही लाइन में (Alignment) हैं या नहीं।

  • मालिश वाले अंदाजे से पट्टी बांध देते हैं। ऐसे में हड्डियां गलत दिशा में या टेढ़ी होकर जुड़ जाती हैं (Malunion)।
  • इसका नतीजा यह होता है कि मरीज का हाथ या पैर हमेशा के लिए टेढ़ा हो जाता है। उसकी चाल बिगड़ जाती है और उसे जीवन भर दर्द का सामना करना पड़ता है। बाद में इसे ठीक करने के लिए डॉक्टरों को हड्डी को दोबारा तोड़कर प्लेट या रॉड लगानी पड़ती है, जो बहुत दर्दनाक और खर्चीली प्रक्रिया है।

5. रक्त संचार रुकना और एवस्कुलर नेक्रोसिस (Avascular Necrosis – AVN)

हमारे शरीर की हड्डियों को भी जीवित रहने के लिए खून की जरूरत होती है। जब जोड़ खिसक जाता है (जैसे कूल्हे या कंधे का जोड़), तो उसकी खून की नसें बहुत नाजुक स्थिति में होती हैं।

  • गलत तरीके से झटके देकर जोड़ को बैठाने की कोशिश में ये खून की नसें टूट सकती हैं।
  • खून न मिलने के कारण हड्डी अंदर ही अंदर मरने लगती है और गल जाती है। इस बीमारी को एवस्कुलर नेक्रोसिस (AVN) कहते हैं। अंततः मरीज को जॉइंट रिप्लेसमेंट (Joint Replacement Surgery) करवानी पड़ती है।

6. गंभीर संक्रमण (Infection) का खतरा

मालिश वाले अक्सर जड़ी-बूटियों, गंदे तेल, हल्दी, या जानवरों की चर्बी का लेप लगाते हैं।

  • अगर त्वचा पर कोई छोटा सा घाव, खरोंच या कट है, तो इन अशुद्ध चीजों के कारण वहां भयंकर बैक्टीरियल इन्फेक्शन हो सकता है।
  • यह इन्फेक्शन हड्डी तक पहुंच सकता है (Osteomyelitis), जिसका इलाज सालों तक चलता है और यह हड्डी को अंदर से खोखला कर देता है।

7. रीढ़ की हड्डी (Spine) और गर्दन के मामलों में मौत का खतरा

यह सबसे खौफनाक स्थिति है। कई लोग गर्दन में दर्द या कमर में मोच आने पर भी मालिश वालों से झटके (Neck manipulation) लगवाते हैं।

  • गर्दन की हड्डियों (Cervical spine) के बीच से स्पाइनल कॉर्ड (मेरुदंड) गुजरती है, जो दिमाग को पूरे शरीर से जोड़ती है।
  • गर्दन में गलत झटका लगने से स्पाइनल कॉर्ड डैमेज हो सकती है, जिससे मरीज के चारों हाथ-पैर तुरंत काम करना बंद कर सकते हैं (Quadriplegia) या मरीज की मौके पर ही मौत हो सकती है।

8. मायोसिटिस ओसिफिकन्स (Myositis Ossificans)

जब कोहनी या घुटने के आसपास चोट लगती है, तो वहां मालिश करना सख्त मना होता है।

  • लेकिन देसी वैद्य जोर-जोर से तेल मलते हैं। इस भयंकर रगड़ के कारण मांसपेशियों के अंदर ब्लीडिंग होती है और खून जमा हो जाता है।
  • कुछ समय बाद यह जमा हुआ खून हड्डी (Bone tissue) में बदल जाता है। इसे ‘मायोसिटिस ओसिफिकन्स’ कहते हैं। इससे जोड़ पूरी तरह जाम हो जाता है और हाथ या पैर का मुड़ना हमेशा के लिए बंद हो सकता है।

9. आंतरिक रक्तस्राव (Internal Bleeding)

हड्डियां जब टूटती हैं, तो उनके किनारे ब्लेड या चाकू की तरह तेज और धारदार हो सकते हैं।

  • झटका देने पर यह धारदार हड्डी किसी बड़ी रक्त वाहिका (Artery) को चीर सकती है।
  • इससे शरीर के अंदर भारी मात्रा में खून बहने लगता है (Internal Bleeding), जिससे मरीज की जान जा सकती है।

10. पैसे और समय की भारी बर्बादी

लोग सस्ते इलाज के चक्कर में मालिश वाले के पास जाते हैं, लेकिन जब स्थिति बिगड़ जाती है, तो उन्हें बड़े अस्पताल भागना पड़ता है।

  • जो फ्रैक्चर केवल एक साधारण से प्लास्टर (जिसकी कीमत बहुत कम होती है) से ठीक हो सकता था, वह मालिश वाले की गलती के कारण एक जटिल सर्जरी में बदल जाता है, जिसमें लाखों रुपये खर्च होते हैं। सही इलाज में हुई यह देरी जीवन भर का पछतावा बन जाती है।

डॉक्टर (Orthopedic Surgeon) और मालिश वाले के इलाज में क्या अंतर है?

एक योग्य डॉक्टर सबसे पहले एक्स-रे (X-Ray) या एमआरआई (MRI) करवाता है ताकि यह देखा जा सके कि असल में डैमेज क्या हुआ है। डॉक्टर दर्द कम करने के लिए एनेस्थीसिया या पेनकिलर देते हैं, ताकि मरीज की मांसपेशियां रिलैक्स हो जाएं और हड्डी को बिना जोर लगाए अपनी सही जगह पर लाया जा सके।

डॉक्टर जो प्लास्टर या स्प्लिंट लगाते हैं, वह वैज्ञानिक तरीके से लगाया जाता है। इसमें सूजन के बढ़ने और कम होने की गुंजाइश रखी जाती है और नसों पर कोई अनुचित दबाव नहीं पड़ता। इसके विपरीत, मालिश वाला अंधेरे में तीर चलाता है, जो 100 में से 99 बार मरीज के लिए खतरनाक साबित होता है।


निष्कर्ष और सलाह

“हड्डी बिठाने वाले या मालिश वाले के पास जाना अपने शरीर के साथ रूसी रूले (Russian Roulette) खेलने जैसा है।” हड्डियों की चोट कोई मजाक नहीं है। यह हमारे शरीर का ढांचा है। अगर कभी आपको, आपके परिवार में किसी को, या किसी पड़ोसी को मोच आए, हड्डी खिसक जाए या टूटने का शक हो, तो तुरंत इन बातों का पालन करें:

  1. बिल्कुल न छुएं: चोटिल हिस्से को बिल्कुल भी मालिश न करें और न ही किसी को उसे खींचने दें।
  2. सहारा दें: किसी गत्ते या लकड़ी के फट्टे से उस हिस्से को सीधा रखने का सहारा (Splint) दें और हल्के हाथ से पट्टी बांधें (कसकर बिल्कुल नहीं)।
  3. बर्फ लगाएं: सूजन कम करने के लिए बर्फ की सिकाई करें, गर्म सिंकाई या गर्म तेल की मालिश भूलकर भी न करें।
  4. तुरंत अस्पताल जाएं: बिना समय बर्बाद किए किसी योग्य हड्डी रोग विशेषज्ञ (Orthopedist) के पास जाएं और एक्स-रे करवाएं।

याद रखें, चंद रुपयों बचाने का लालच या अज्ञानता किसी व्यक्ति को जीवन भर के लिए बैसाखियों या व्हीलचेयर का मोहताज बना सकती है। स्वास्थ्य के मामले में शॉर्टकट कभी न अपनाएं, वैज्ञानिक और सुरक्षित चिकित्सा पद्धति पर ही भरोसा करें।

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