वेस्टिबुलर रिहैब वर्टिगो (चक्कर आना) के लिए ब्रांड्ट-डारॉफ (Brandt-Daroff) व्यायाम का प्रदर्शन।
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वेस्टिबुलर रिहैब: वर्टिगो (चक्कर आना) के लिए ब्रांड्ट-डारॉफ (Brandt-Daroff) व्यायाम का विस्तृत मार्गदर्शक

चक्कर आना या वर्टिगो (Vertigo) एक ऐसी स्थिति है जिसमें व्यक्ति को महसूस होता है कि वह या उसके आस-पास की दुनिया घूम रही है, जबकि वास्तव में सब कुछ स्थिर होता है। यह कोई बीमारी नहीं है, बल्कि एक लक्षण है जो मुख्य रूप से हमारे आंतरिक कान (Inner Ear) या मस्तिष्क की संतुलन प्रणाली में किसी समस्या के कारण उत्पन्न होता है। वर्टिगो के सबसे आम कारणों में से एक है BPPV (बिनाइन पैरोक्सिस्मल पोजीशनल वर्टिगो)

इस स्थिति से निपटने के लिए डॉक्टर अक्सर वेस्टिबुलर रिहैबिलिटेशन (Vestibular Rehabilitation) का सुझाव देते हैं। इसी रिहैबिलिटेशन का एक बेहद प्रभावी और घर पर किया जाने वाला हिस्सा है— ब्रांड्ट-डारॉफ (Brandt-Daroff) व्यायाम। यह लेख आपको इस व्यायाम के विज्ञान, इसके फायदे और इसे करने की सही विधि के बारे में विस्तार से बताएगा।

आंतरिक कान और वर्टिगो का विज्ञान

वर्टिगो के इलाज को समझने से पहले, यह समझना जरूरी है कि वर्टिगो होता क्यों है। हमारे कान का काम सिर्फ सुनना नहीं है; कान का सबसे अंदरूनी हिस्सा (आंतरिक कान) हमारे शरीर का मुख्य “बैलेंस सेंटर” (संतुलन केंद्र) है।

आंतरिक कान में द्रव (Fluid) से भरी कुछ नलियां होती हैं जिन्हें सेमीसर्कुलर कैनाल (Semicircular canals) कहा जाता है। जब हम अपना सिर हिलाते हैं, तो यह द्रव भी हिलता है और हमारे मस्तिष्क को बताता है कि हमारा सिर किस दिशा में जा रहा है। हमारे आंतरिक कान के एक अन्य हिस्से में छोटे-छोटे कैल्शियम कार्बोनेट के कण होते हैं, जिन्हें ओटोकोनिया (Otoconia) कहा जाता है।

कभी-कभी उम्र, सिर की चोट या अज्ञात कारणों से ये कैल्शियम के कण अपनी जगह से टूटकर सेमीसर्कुलर कैनाल में चले जाते हैं। जब आप लेटते हैं, करवट लेते हैं या सिर को किसी खास तरीके से घुमाते हैं, तो ये कण कैनाल के अंदर मौजूद द्रव को असामान्य रूप से हिला देते हैं। मस्तिष्क को अचानक ऐसा संकेत मिलता है कि शरीर तेजी से घूम रहा है, जबकि आपकी आंखें और शरीर स्थिर होते हैं। संकेतों के इस टकराव के कारण ही भयंकर चक्कर (वर्टिगो) आता है।

ब्रांड्ट-डारॉफ व्यायाम क्या है?

ब्रांड्ट-डारॉफ व्यायाम (Brandt-Daroff Exercises) को 1980 के दशक में डॉ. थॉमस ब्रांड्ट (Dr. Thomas Brandt) और डॉ. रॉबर्ट डारॉफ (Dr. Robert Daroff) द्वारा विकसित किया गया था। यह वेस्टिबुलर रिहैबिलिटेशन थेरेपी (VRT) का एक प्रमुख हिस्सा है।

यह व्यायाम मुख्य रूप से दो सिद्धांतों पर काम करता है:

  1. कणों को विस्थापित करना (Dispersion of Crystals): बार-बार सिर और शरीर की स्थिति बदलने से, आंतरिक कान की नलियों में फंसे कैल्शियम के कण (क्रिस्टल) वहां से निकलकर उस जगह पर वापस चले जाते हैं जहां वे कोई परेशानी पैदा नहीं करते।
  2. हैबिचुएशन (Habituation): यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें मस्तिष्क धीरे-धीरे चक्कर आने की भावना का आदी हो जाता है और उस पर प्रतिक्रिया देना बंद कर देता है। जब आप बार-बार चक्कर पैदा करने वाली गतिविधियां (सुरक्षित तरीके से) करते हैं, तो आपका मस्तिष्क उस गलत संकेत को नजरअंदाज करना सीख जाता है।

यह व्यायाम किसके लिए फायदेमंद है?

यह व्यायाम उन लोगों के लिए सबसे अधिक अनुशंसित है जो निम्नलिखित समस्याओं से जूझ रहे हैं:

  • BPPV: जिनका वर्टिगो बिस्तर पर करवट लेने, ऊपर देखने या नीचे झुकने पर ट्रिगर होता है।
  • वेस्टिबुलर न्यूराइटिस (Vestibular Neuritis) या लेब्रिंथाइटिस (Labyrinthitis): आंतरिक कान में संक्रमण या सूजन के बाद बचा हुआ हल्का चक्कर।
  • अवशिष्ट चक्कर (Residual Dizziness): ‘एप्ली मैनूवर’ (Epley Maneuver) जैसे क्लिनिकल उपचार के बाद भी अगर हल्का चक्कर बना रहे।

व्यायाम शुरू करने से पहले की तैयारी

यह व्यायाम आपके आंतरिक कान को चुनौती देने के लिए डिज़ाइन किया गया है, इसलिए इसे करते समय चक्कर आना स्वाभाविक है। इसे शुरू करने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखें:

  • सुरक्षित स्थान चुनें: इस व्यायाम को फर्श पर न करें। इसे हमेशा अपने बिस्तर (बेड) या किसी सोफे के किनारे पर बैठकर करें ताकि चक्कर आने पर आप गिरें नहीं।
  • आरामदायक कपड़े: ऐसे कपड़े पहनें जिनमें गर्दन और कमर को मोड़ने में आसानी हो।
  • खाली पेट: व्यायाम करने से ठीक पहले भारी भोजन न करें, क्योंकि चक्कर आने से मतली (Nausea) या उल्टी हो सकती है।
  • डॉक्टरी सलाह: यह व्यायाम तभी करें जब किसी ईएनटी (ENT) विशेषज्ञ या फिजियोथेरेपिस्ट ने आपके वर्टिगो के कारण की पुष्टि BPPV या वेस्टिबुलर कमजोरी के रूप में की हो।

ब्रांड्ट-डारॉफ व्यायाम करने की चरण-दर-चरण विधि

इस व्यायाम में समय और सिर के कोण (Angle) का बहुत महत्व है। नीचे दिए गए चरणों का क्रमपूर्वक पालन करें:

1.सीधे बैठें:शुरुआती स्थिति.

बिस्तर के किनारे पर अपने पैरों को नीचे लटकाकर बिल्कुल सीधे (Upright) बैठ जाएं। अपनी रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें और कुछ सेकंड तक सामान्य रूप से सांस लें।

2.सिर को बाईं ओर घुमाएं:45 डिग्री का कोण.

अपने सिर को अपनी बाईं (Left) ओर 45 डिग्री (आधा-मोड़) घुमाएं। कल्पना करें कि आप अपनी बाईं ओर बैठे किसी व्यक्ति के कंधे की ओर देख रहे हैं।

3.दाईं ओर लेटें:तेजी से करें.

अपने सिर को 45 डिग्री बाईं ओर मुड़ा हुआ ही रखें और तेजी से अपने शरीर को अपनी दाईं (Right) करवट पर बिस्तर पर गिरा लें (लेट जाएं)। इस समय आपकी नाक छत की ओर 45 डिग्री के कोण पर होनी चाहिए।

4.30 सेकंड तक प्रतीक्षा करें:

इस स्थिति में तब तक लेटे रहें जब तक कि चक्कर आना पूरी तरह से बंद न हो जाए। यदि आपको चक्कर आ रहा है, तो घबराएं नहीं। चक्कर रुकने के बाद, 30 सेकंड तक उसी स्थिति में रहें। (यदि चक्कर बिल्कुल नहीं आता, तो भी 30 सेकंड तक रुकें)।

5.वापस सीधे बैठ जाएं:

तेजी से उठें और वापस अपनी शुरुआती स्थिति में (बिस्तर के किनारे) सीधे बैठ जाएं। अपने सिर को वापस सीधा (सामने की ओर) कर लें। 30 सेकंड तक इसी स्थिति में बैठकर प्रतीक्षा करें।

6.सिर को दाईं ओर घुमाएं:दूसरी तरफ की तैयारी.

अब अपने सिर को अपनी दाईं (Right) ओर 45 डिग्री घुमाएं।

7.बाईं ओर लेटें:तेजी से करें.

सिर को दाईं ओर मुड़ा हुआ रखते हुए, तेजी से अपनी बाईं (Left) करवट पर लेट जाएं। आपकी नाक अब भी छत की ओर 45 डिग्री ऊपर होनी चाहिए।

8.फिर से 30 सेकंड प्रतीक्षा करें:

चक्कर आने का इंतज़ार करें। जब चक्कर आना बंद हो जाए, तो उसके बाद 30 सेकंड तक उसी स्थिति में लेटे रहें।

9.वापस बैठ जाएं:एक चक्र (Set) पूरा हुआ.

वापस सीधे बैठ जाएं और सिर को सीधा कर लें। 30 सेकंड तक रुकें। यह पूरा क्रम ब्रांड्ट-डारॉफ व्यायाम का एक “रेपिटेशन” (Repetition) या दोहराव कहलाता है।

व्यायाम की आवृत्ति और अवधि (Dosage and Schedule)

व्यायाम का पूरा लाभ उठाने के लिए इसे एक अनुशासित शेड्यूल के साथ करना आवश्यक है:

समयकितने दोहराव (Repetitions)अनुमानित समय
सुबह (Morning)5 बार (ऊपर दिए गए पूरे चक्र को लगातार 5 बार करें)लगभग 10 मिनट
दोपहर (Afternoon)5 बारलगभग 10 मिनट
शाम/रात (Evening)5 बार (सोने से पहले)लगभग 10 मिनट

कितने दिनों तक करें?

डॉक्टर आमतौर पर इसे लगातार 14 दिनों (2 सप्ताह) तक करने की सलाह देते हैं। यदि आपको लगातार 2 दिनों तक व्यायाम करते समय बिल्कुल भी चक्कर महसूस न हो, तो आप व्यायाम रोक सकते हैं। इसका मतलब है कि समस्या हल हो गई है।

व्यायाम के दौरान होने वाले अनुभव और दुष्प्रभाव

  • चक्कर आना (Dizziness): व्यायाम के दौरान चक्कर आना इस बात का संकेत है कि आप सही व्यायाम कर रहे हैं और यह आपके रोगग्रस्त कान को लक्षित कर रहा है। समय के साथ (कुछ दिनों में) यह चक्कर आना कम हो जाएगा।
  • मतली (Nausea): वर्टिगो के कारण उल्टी जैसा महसूस होना आम है। यदि आपको बहुत अधिक मतली हो रही है, तो व्यायाम रोक दें, थोड़ा पानी पिएं और डॉक्टर से एंटी-एमेटिक (उल्टी रोकने वाली) दवा के बारे में पूछें।
  • गर्दन में दर्द: यदि आपको सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस (Cervical Spondylosis) या गर्दन की समस्या है, तो इस व्यायाम को करते समय झटके से लेटने से बचें। धीरे-धीरे लेटें, हालांकि इसका प्रभाव थोड़ा कम हो सकता है, लेकिन यह आपकी गर्दन के लिए सुरक्षित रहेगा।

एप्ली मैनूवर (Epley Maneuver) बनाम ब्रांड्ट-डारॉफ

अक्सर लोगों के मन में यह सवाल आता है कि कौन सा व्यायाम बेहतर है।

विशेषताएप्ली मैनूवर (Epley Maneuver)ब्रांड्ट-डारॉफ व्यायाम (Brandt-Daroff)
उद्देश्यक्रिस्टल्स (कणों) को एक विशिष्ट कैनाल से तुरंत बाहर निकालना।क्रिस्टल्स को बिखेरना और मस्तिष्क को चक्कर का आदी बनाना (Habituation)।
कौन करता है?आमतौर पर पहली बार डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट क्लिनिक में करते हैं।मरीज इसे घर पर खुद कर सकता है।
प्रभावयह अक्सर 1 या 2 बार करने पर ही 80% मामलों में ठीक कर देता है।इसके परिणाम दिखने में 1 से 2 सप्ताह का समय लग सकता है।
कब उपयोगी है?जब यह स्पष्ट हो कि क्रिस्टल किस कान की किस नली में फंसा है।जब यह स्पष्ट न हो कि कौन सा कान प्रभावित है या अवशिष्ट चक्कर के लिए।

विशेषज्ञ सलाह: कई मामलों में, डॉक्टर पहले क्लिनिक में एप्ली मैनूवर करते हैं और फिर घर जाकर रिकवरी को पक्का करने के लिए ब्रांड्ट-डारॉफ व्यायाम करने की सलाह देते हैं।

सफलता के लिए महत्वपूर्ण टिप्स

  1. निरंतरता (Consistency): वेस्टिबुलर रिहैबिलिटेशन में निरंतरता सबसे महत्वपूर्ण है। व्यायाम छोड़ देने से मस्तिष्क को फिर से उसी पुरानी स्थिति में जाने का मौका मिल जाता है।
  2. हाइड्रेशन: शरीर में पानी की कमी (Dehydration) चक्कर को बढ़ा सकती है। दिन भर में पर्याप्त पानी पिएं।
  3. झटकेदार हरकतों से बचें: व्यायाम के अलावा दिन भर में ऊपर की ओर देखने (जैसे शेल्फ से कुछ निकालना) या झटके से सिर घुमाने से बचें।
  4. विटामिन डी (Vitamin D): हाल के शोध बताते हैं कि शरीर में विटामिन डी की कमी BPPV के बार-बार वापस आने का कारण बन सकती है। डॉक्टर की सलाह पर विटामिन डी की जांच कराएं।

निष्कर्ष

ब्रांड्ट-डारॉफ व्यायाम वर्टिगो और BPPV के लिए एक सुरक्षित, दवा-रहित और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित उपचार है। शुरुआत में इस व्यायाम को करने से आपको चक्कर आ सकता है और यह डरावना लग सकता है, लेकिन यह इस बात का संकेत है कि व्यायाम काम कर रहा है। धैर्य रखें, निर्देशों का सही ढंग से पालन करें और अपने शरीर को ठीक होने का समय दें। यदि 2 सप्ताह के निरंतर व्यायाम के बाद भी कोई सुधार नहीं होता है, तो अपने ईएनटी (ENT) विशेषज्ञ या न्यूरोलॉजिस्ट से दोबारा संपर्क करें।

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