गोल्फर्स एल्बो (Golfer’s Elbow) पुल-अप्स (Pull-ups) करते समय कोहनी के अंदरूनी हिस्से में दर्द क्यों होता है?
पुल-अप्स (Pull-ups) को शरीर के ऊपरी हिस्से (upper body) की ताकत और मांसपेशियों के विकास के लिए सबसे बेहतरीन और बुनियादी एक्सरसाइज़ माना जाता है। लेकिन, कई फिटनेस एंथूसियास्ट और एथलीट्स के लिए पुल-अप्स एक दुःस्वप्न बन जाते हैं, जब उन्हें बार को पकड़ कर ऊपर खींचते ही अपनी कोहनी के अंदरूनी हिस्से में एक चुभने वाला या तेज़ दर्द महसूस होता है।
इस स्थिति को मेडिकल भाषा में मेडियल एपिकॉन्डिलाइटिस (Medial Epicondylitis) कहा जाता है, जिसे आम बोलचाल में गोल्फर्स एल्बो (Golfer’s Elbow) के नाम से जाना जाता है। नाम में भले ही “गोल्फ” जुड़ा हो, लेकिन जिम जाने वाले और कैलिस्थेनिक्स (calisthenics) करने वाले लोगों में यह समस्या बहुत आम है।
आखिर ऐसा क्यों होता है कि पीठ और बाइसेप्स की कसरत करते समय दर्द कोहनी के एक छोटे से हिस्से में उभर आता है? इसे समझने के लिए हमें अपनी कोहनी की बनावट (anatomy), पुल-अप्स की बायोमैकेनिक्स, और हमारी ग्रिप (पकड़) के काम करने के तरीके को गहराई से समझना होगा।
कोहनी और फोरआर्म की बनावट (Anatomy of the Elbow)
गोल्फर्स एल्बो के दर्द के पीछे के विज्ञान को समझने के लिए, सबसे पहले यह जानना ज़रूरी है कि हमारी कोहनी और कलाई आपस में कैसे जुड़े हुए हैं।
मेडियल एपिकॉन्डिलाइटिस (गोल्फर्स एल्बो)
आपकी बांह की ऊपरी हड्डी (Humerus) कोहनी के पास आकर चौड़ी हो जाती है। कोहनी के अंदरूनी हिस्से (शरीर की तरफ वाले हिस्से) पर हड्डी का एक छोटा सा उभार होता है, जिसे मेडियल एपिकॉन्डाइल (Medial Epicondyle) कहते हैं।
इस उभार से कई महत्वपूर्ण मांसपेशियां और टेंडन्स (मांसपेशियों को हड्डी से जोड़ने वाले मज़बूत टिश्यू) जुड़े होते हैं:
- फ्लेक्सर्स (Flexors): ये वो मांसपेशियां हैं जो आपकी कलाई को नीचे की ओर मोड़ने (flexion) और उंगलियों को बंद करके मुट्ठी बनाने का काम करती हैं।
- प्रोनेटर्स (Pronators): ये मांसपेशियां आपकी हथेली को नीचे की ओर घुमाने (pronation) में मदद करती हैं।
जब आप किसी भारी चीज़ को कसकर पकड़ते हैं (जैसे पुल-अप बार), तो ये फ्लेक्सर और प्रोनेटर मांसपेशियां पूरी तरह से सक्रिय (activate) हो जाती हैं। इन मांसपेशियों का सारा तनाव उस एक बिंदु पर पड़ता है जहाँ ये कोहनी की हड्डी (मेडियल एपिकॉन्डाइल) से जुड़ी होती हैं।
पुल-अप्स के दौरान गोल्फर्स एल्बो का दर्द क्यों होता है?
पुल-अप्स करते समय हम अपनी मांसपेशियों पर अपने पूरे शरीर का वज़न डालते हैं। यदि आप 75 किलो के हैं, तो आपकी उंगलियों, कलाई, और कोहनी के छोटे टेंडन्स को 75 किलो का भार संभालना पड़ता है। यहाँ मुख्य रूप से 4 कारण हैं जिनकी वजह से पुल-अप्स के दौरान गोल्फर्स एल्बो ट्रिगर होता है:
1. ग्रिप (पकड़) का ओवरलोड
पुल-अप्स मुख्य रूप से पीठ (Latissimus dorsi) की एक्सरसाइज़ है। हमारी पीठ की मांसपेशियां बहुत बड़ी और ताकतवर होती हैं, लेकिन हमारे फोरआर्म्स (forearms) और टेंडन्स छोटे होते हैं। जब आप बार पर लटकते हैं, तो आपकी उंगलियां बार को कसकर पकड़ने की कोशिश करती हैं। इससे फोरआर्म के फ्लेक्सर्स पर भारी तनाव पड़ता है। जब ये छोटे टेंडन्स अपनी क्षमता से ज़्यादा लोड झेलते हैं, तो उनमें माइक्रो-टियर्स (सूक्ष्म दरारें) आ जाती हैं। इन्ही दरारों और सूजन के कारण कोहनी के अंदरूनी हिस्से में दर्द होता है।
2. चिन-अप्स (Chin-ups) और ग्रिप का प्रकार
पुल-अप्स और चिन-अप्स में हाथ रखने के तरीके का सीधा असर आपकी कोहनी पर पड़ता है।
चिन-अप्स (अंडरहैंड ग्रिप) बनाम पुल-अप्स (ओवरहैंड ग्रिप)
- चिन-अप्स (सुपिनेटेड ग्रिप / Supinated Grip): इसमें आपकी हथेलियां आपके चेहरे की तरफ होती हैं। यह ग्रिप आपके बाइसेप्स और फोरआर्म के अंदरूनी हिस्से (फ्लेक्सर्स) पर सीधा और बहुत भारी तनाव डालती है। गोल्फर्स एल्बो के ज़्यादातर मामले चिन-अप्स करने वालों में ही देखे जाते हैं।
- पुल-अप्स (प्रोनेटेड ग्रिप / Pronated Grip): इसमें हथेलियां बाहर की तरफ होती हैं। यह गोल्फर्स एल्बो के लिए थोड़ी सुरक्षित होती है, लेकिन अगर टेंडन पहले से डैमेज है, तो इसमें भी दर्द होगा।
3. गलत तकनीक (Poor Biomechanics)
कई बार लोग पुल-अप्स करते समय अपनी कलाई को सीधा रखने के बजाय उसे अंदर की तरफ मोड़ (flex) लेते हैं। ऐसा अक्सर तब होता है जब पीठ की मांसपेशियां थक जाती हैं और शरीर मूवमेंट को पूरा करने के लिए हाथों और कलाई की ताकत का इस्तेमाल करने लगता है। कलाई को मोड़ने से कोहनी के मेडियल एपिकॉन्डाइल पर तनाव कई गुना बढ़ जाता है।
4. टेंडन्स की कमज़ोरी (Lack of Tendon Conditioning)
मांसपेशियों में खून का बहाव (blood flow) तेज़ होता है, इसलिए वो जल्दी रिकवर और मज़बूत हो जाती हैं। इसके विपरीत, टेंडन्स में खून का बहाव बहुत कम होता है। इसलिए, जब आप तेज़ी से अपने पुल-अप्स के रेपेटिशन्स (reps) बढ़ाते हैं या वज़न (weighted pull-ups) जोड़ते हैं, तो मांसपेशियां तो उसे झेल लेती हैं, लेकिन टेंडन्स उस रफ्तार से मज़बूत नहीं हो पाते और चोटिल हो जाते हैं।
गोल्फर्स एल्बो के मुख्य लक्षण (Symptoms)
अगर आपको पुल-अप्स करते समय दर्द हो रहा है, तो यह पहचानना ज़रूरी है कि क्या यह वाकई गोल्फर्स एल्बो है:
- दर्द की जगह: कोहनी के ठीक अंदरूनी हिस्से की हड्डी वाले उभार पर छूने से दर्द होना।
- दर्द का फैलाव: यह दर्द कोहनी से शुरू होकर कलाई की तरफ फोरआर्म (नीचे के हाथ) के अंदरूनी हिस्से में फैल सकता है।
- ग्रिप की कमज़ोरी: किसी से हाथ मिलाते समय, दरवाज़े का हैंडल घुमाते समय, या डंबल/बारबेल पकड़ते समय दर्द महसूस होना और पकड़ कमज़ोर लगना।
- जकड़न (Stiffness): सुबह उठने पर कोहनी और कलाई में जकड़न महसूस होना।
ध्यान दें: अगर दर्द कोहनी के बाहरी हिस्से में है, तो उसे ‘टेनिस एल्बो’ (Tennis Elbow) कहते हैं। अगर दर्द कोहनी के ठीक सामने (क्रीज़ पर) है, तो वह बाइसेप्स टेंडिनाइटिस (Biceps Tendinitis) हो सकता है।
रिकवरी और बचाव: दर्द से कैसे छुटकारा पाएं?
अगर आपको गोल्फर्स एल्बो हो गया है, तो दर्द के साथ लगातार कसरत करने की गलती कभी न करें। टेंडन की चोटें अगर क्रॉनिक (पुरानी) हो जाएं, तो उन्हें ठीक होने में महीनों लग सकते हैं। रिकवरी के लिए इन वैज्ञानिक और प्रभावी तरीकों को अपनाएं:
पहला चरण: आराम और सूजन कम करना (Acute Phase)
- ब्रेक लें: उन सभी एक्सरसाइज़ को तुरंत रोक दें जिनसे दर्द ट्रिगर होता है (जैसे चिन-अप्स, भारी बाइसेप्स कर्ल, और भारी डेडलिफ्ट)।
- आइसिंग (Icing): दिन में 2-3 बार 15 मिनट के लिए दर्द वाली जगह पर बर्फ की सिकाई करें। इससे सूजन (inflammation) कम होगी।
- सपोर्ट का इस्तेमाल: एक ‘एल्बो स्लीव’ (Elbow sleeve) या ‘काउंटर-फोर्स ब्रेस’ (Counter-force brace) पहनें। यह ब्रेस टेंडन पर पड़ने वाले सीधे तनाव को कम करता है।
दूसरा चरण: स्ट्रेचिंग और मोबिलिटी (Stretching)
जब तेज़ दर्द कम हो जाए, तो मांसपेशियों को रिलैक्स करना ज़रूरी है।
- रिस्ट फ्लेक्सर स्ट्रेच: अपना दर्द वाला हाथ सीधा सामने की ओर फैलाएं (हथेली ऊपर की ओर)। दूसरे हाथ से अपनी उंगलियों को पकड़ें और धीरे-धीरे नीचे और अपनी तरफ खींचें। आपको अपने फोरआर्म के निचले हिस्से में खिंचाव महसूस होना चाहिए। इसे 30 सेकंड तक रोकें और 3 बार दोहराएं।
- सॉफ्ट टिश्यू मसाज: दर्द वाले टेंडन के आस-पास (हड्डी के ठीक नीचे) हल्के हाथों से क्रॉस-फ्रिक्शन मसाज करें। इससे वहां रक्त संचार बढ़ता है और हीलिंग तेज़ होती है।
तीसरा चरण: टेंडन को मज़बूत करना (Strengthening – The Cure)
गोल्फर्स एल्बो का स्थायी इलाज केवल आराम नहीं है, बल्कि उस टेंडन को मजबूत (load) करना है। इसके लिए एक्सेंट्रिक ट्रेनिंग (Eccentric Training) सबसे कारगर है।
1
पोज़िशन लें
हल्का डंबल चुनें (1 से 2 किलो)
1.पोज़िशन लें:हल्का डंबल चुनें (1 से 2 किलो).
एक बेंच या टेबल के किनारे अपना फोरआर्म ऐसे रखें कि आपकी कलाई हवा में हो और हथेली ऊपर की ओर (छत की तरफ) हो।
2
वज़न उठाएं (Concentric phase)
2.वज़न उठाएं (Concentric phase):
अपने दूसरे (स्वस्थ) हाथ की मदद से डंबल वाले हाथ की कलाई को ऊपर की ओर मोड़ें। (दर्द वाले हाथ की मांसपेशियों का ज़ोर न लगाएं)।
3
धीरे-धीरे नीचे लाएं (Eccentric phase – सबसे महत्वपूर्ण)
3.धीरे-धीरे नीचे लाएं (Eccentric phase – सबसे महत्वपूर्ण):
अब स्वस्थ हाथ को हटा लें। केवल दर्द वाले हाथ का उपयोग करते हुए, डंबल को बहुत धीरे-धीरे (3 से 5 सेकंड का समय लेते हुए) नीचे की तरफ जाने दें।
4
दोहराएं
4.दोहराएं:
इस प्रक्रिया को 10-15 बार दोहराएं। दिन में इसके 3 सेट करें। इससे टेंडन में नए और मज़बूत कोलेजन फाइबर बनते हैं।
पुल-अप्स पर सुरक्षित वापसी कैसे करें?
जब दर्द पूरी तरह खत्म हो जाए और आपकी पकड़ मज़बूत हो जाए, तो सीधे पुराने रूटीन पर वापस न जाएं। इन बदलावों के साथ शुरुआत करें:
- न्यूट्रल ग्रिप (Neutral Grip) का प्रयोग करें: ऐसी बार का इस्तेमाल करें जिसमें आपकी हथेलियां एक-दूसरे के आमने-सामने हों (जैसे ताली बजाते समय होती हैं)। इसे न्यूट्रल ग्रिप कहते हैं। यह ग्रिप फोरआर्म्स के फ्लेक्सर्स और मेडियल एपिकॉन्डाइल से तनाव हटाकर, लोड को ब्रेकियोरेडियलिस (Brachioradialis) और बाइसेप्स पर डाल देती है।
- जिम्नास्टिक रिंग्स (Gymnastic Rings): अगर संभव हो तो बार की जगह जिम्नास्टिक रिंग्स पर पुल-अप्स करें। फिक्स्ड बार आपकी कलाई और कोहनी को एक ही पोज़िशन में लॉक कर देती है। रिंग्स आपके शरीर के प्राकृतिक मूवमेंट के साथ घूमती हैं (हथेलियां बाहर से अंदर की तरफ रोटेट होती हैं), जिससे जोड़ों पर बिल्कुल तनाव नहीं पड़ता।
- लिफ्टिंग स्ट्रैप्स (Lifting Straps): जब आप पुल-अप्स पर वापस आएं, तो कुछ हफ्तों के लिए लिफ्टिंग स्ट्रैप्स का उपयोग करें। स्ट्रैप्स आपकी ग्रिप का काम खुद ले लेते हैं, जिससे आपको अपनी उंगलियों से बार को बहुत कसकर नहीं पकड़ना पड़ता और टेंडन्स सुरक्षित रहते हैं।
- वॉल्यूम कंट्रोल: शुरुआत में कम रेपेटिशन्स करें और बीच में रेस्ट के दिन (rest days) बढ़ा दें ताकि टेंडन्स को रिकवर होने का समय मिल सके।
निष्कर्ष
पुल-अप्स करते समय कोहनी के अंदरूनी हिस्से में दर्द होना (गोल्फर्स एल्बो) एक संकेत है कि आपके फोरआर्म के टेंडन्स उस भार को नहीं संभाल पा रहे हैं जो आप उन पर डाल रहे हैं। यह कोई ऐसी चोट नहीं है जिसके लिए आपको पुल-अप्स हमेशा के लिए छोड़ने पड़ें। अपनी ग्रिप को समझकर, चिन-अप्स (अंडरहैंड) की जगह न्यूट्रल ग्रिप अपनाकर, और एक्सेंट्रिक कलाई की कसरतों के ज़रिए टेंडन्स को मज़बूत करके आप इस दर्द को पूरी तरह से हरा सकते हैं।
याद रखें, दर्द के साथ लड़ना बहादुरी नहीं है; सही तकनीक और रिकवरी के साथ वापसी करना समझदारी है।
