रोटेटर कफ टेंडिनाइटिस
भूमिका:
रोटेटर कफ टेंडिनाइटिस (Rotator Cuff Tendinitis) एक सामान्य कंधे की समस्या है जो विशेष रूप से उन लोगों में देखी जाती है जो कंधे का बार-बार उपयोग करते हैं, जैसे – खिलाड़ी, श्रमिक, बढ़ई, या बार-बार भारी वस्तुएं उठाने वाले लोग। यह स्थिति तब होती है जब कंधे की मांसपेशियों और टेंडन (जोड़ने वाली रेशेदार पट्टियाँ) में सूजन या जलन हो जाती है।
रोटेटर कफ क्या है?
रोटेटर कफ चार मांसपेशियों और उनके टेंडन का समूह होता है जो कंधे के जोड़ को स्थिरता प्रदान करता है और हाथ को ऊपर उठाने व घुमाने की क्रिया में सहायता करता है। ये चार प्रमुख मांसपेशियाँ हैं:
- सुप्रास्पिनेटस (Supraspinatus)
- इंफ्रास्पिनेटस (Infraspinatus)
- टेरेस माइनर (Teres Minor)
- सबस्कैपुलरिस (Subscapularis)
इन मांसपेशियों के टेंडन कंधे की हड्डी से जुड़ते हैं और जब इनमें सूजन आ जाती है, तो इसे टेंडिनाइटिस कहा जाता है।
रोटेटर कफ टेंडिनाइटिस के कारण:
- ओवरयूज़ (अत्यधिक उपयोग): खेल या काम के दौरान बार-बार कंधे का प्रयोग।
- बुढ़ापा: उम्र के साथ टिशूज़ की लचीलापन कम हो जाती है।
- ग़लत मुद्रा (Poor Posture): लंबे समय तक ग़लत तरीके से बैठना या खड़े रहना।
- सीढ़ी से गिरना या झटका लगना।
- कंधे की पहले की चोट या फ्रैक्चर।
- डायबिटीज़ या थायरॉइड जैसी बीमारियाँ।
लक्षण (Symptoms):
- कंधे में हल्का या तेज़ दर्द
- हाथ ऊपर उठाने में कठिनाई
- रात में दर्द बढ़ जाना, विशेष रूप से उसी ओर सोते समय
- कंधे में अकड़न या जकड़न
- कंधे की गति सीमित होना
- मांसपेशियों में कमजोरी महसूस होना
निदान (Diagnosis):
रोटेटर कफ टेंडिनाइटिस का निदान एक डॉक्टर शारीरिक परीक्षण और लक्षणों के आधार पर करता है। इसके लिए कुछ जांचें की जा सकती हैं:
- X-ray.
- MRI (Magnetic Resonance Imaging) – मांसपेशियों और टेंडन की सूजन या फाड़ देखने के लिए
- अल्ट्रासाउंड – सूजन या तरल पदार्थ के संचय की जांच के लिए
उपचार (Treatment):
1. आराम और गतिविधि में संशोधन:
- कंधे को अधिक उपयोग से बचाएं।
- भारी वजन उठाने या ऊपर की ओर हाथ उठाने वाली गतिविधियों से बचें।
2. बर्फ और गर्म सिकाई:
- सूजन कम करने के लिए बर्फ सेक।
- दर्द कम करने और रक्त प्रवाह बढ़ाने के लिए गर्म सिकाई।
3. दवाइयाँ:
- NSAIDs (Non-Steroidal Anti-Inflammatory Drugs) जैसे आइबुप्रोफेन या नैप्रोक्सेन सूजन और दर्द कम करने में सहायक होती हैं।
4. फिजियोथेरेपी:
- व्यायाम और स्ट्रेचिंग से कंधे की ताकत और लचीलापन बढ़ता है।
- फिजियोथेरेपिस्ट की देखरेख में विशेष एक्सरसाइज़ कराना उपयोगी होता है।
5. स्टेरॉयड इंजेक्शन:
- गंभीर दर्द या सूजन में राहत के लिए उपयोग किए जाते हैं, लेकिन इनका दीर्घकालिक प्रयोग उचित नहीं होता।
6. सर्जरी:
- जब सभी गैर-सर्जिकल उपाय विफल हो जाएं या टेंडन में आंशिक/पूर्ण फटाव हो, तब आर्थोस्कोपिक सर्जरी की आवश्यकता पड़ सकती है।
घरेलू उपाय:
- हल्के कंधे व्यायाम नियमित करें (फिजियोथेरेपिस्ट की सलाह से)
- सही मुद्रा बनाए.
- भरपूर नींद और पोषक आहार लें जिससे टिशूज़ जल्दी ठीक हों
संभावित जटिलताएं:
- क्रॉनिक दर्द
- फ्रोज़न शोल्डर
- टेंडन का फटना
- कंधे की स्थायी कमजोरी
रोकथाम के उपाय:
- व्यायाम के पहले वार्मअप करें
- कंधे की मांसपेशियों को स्ट्रॉन्ग और लचीला बनाए रखें
- दोहराव वाली गतिविधियों से बचें या उनमें विराम लें
- भारी वजन उठाने से पहले सही तकनीक अपनाएं
- सही पोस्चर रखें, विशेषकर डेस्क वर्क करते समय
निष्कर्ष:
रोटेटर कफ टेंडिनाइटिस एक सामान्य लेकिन परेशान करने वाली समस्या है, जो समय रहते उचित देखभाल और उपचार से पूरी तरह ठीक की जा सकती है। यदि कंधे में बार-बार दर्द होता है या सामान्य गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं, तो किसी आर्थोपेडिक या फिजियोथेरेपिस्ट से परामर्श लेना ज़रूरी है।
