सबराचनोइड हेमरेज (Subarachnoid Hemorrhage)
सबराचनोइड हेमरेज (Subarachnoid Hemorrhage) मस्तिष्क और उसकी सतह को ढकने वाली झिल्लियों (arachnoid और pia mater) के बीच के स्थान में खून बहने की स्थिति है। यह अक्सर फटी हुई धमनी (aneurysm rupture) या सिर में गंभीर चोट के कारण होता है और अचानक तेज सिरदर्द, उल्टी, चेतना में कमी जैसे लक्षण उत्पन्न कर सकता है।
यह जगह सेरेब्रोस्पाइनल फ्लूइड (Cerebrospinal Fluid – CSF) से भरी होती है, जो दिमाग और रीढ़ की हड्डी को बाहरी झटकों से बचाता है. इस हिस्से में खून बहने से दिमाग पर दबाव पड़ता है, जिससे दिमाग के टिशू को गंभीर नुकसान हो सकता है.
यह एक मेडिकल इमरजेंसी है, जिसमें तुरंत इलाज की ज़रूरत होती है. अगर समय पर इलाज न मिले तो यह स्थिति विकलांगता या मौत का कारण बन सकती है.
सबराचनोइड हेमरेज के लक्षण
इस स्थिति का सबसे मुख्य लक्षण अचानक, बहुत तेज़ सिरदर्द है, जिसे अक्सर लोग “जीवन का सबसे बुरा सिरदर्द” कहते हैं. यह दर्द कुछ सेकंड में ही चरम पर पहुँच जाता है. अन्य लक्षण इस प्रकार हैं:
- गर्दन में अकड़न: खून बहने के कारण गर्दन की मांसपेशियों में खिंचाव और दर्द महसूस होना.
- मतली और उल्टी: दिमाग पर दबाव बढ़ने के कारण यह लक्षण अक्सर दिखाई देते हैं.
- प्रकाश के प्रति संवेदनशीलता (फोटोफोबिया): तेज रोशनी से आंखों में दर्द होना.
- धुंधला दिखना या दोहरी दृष्टि: आँखों की नसों पर दबाव पड़ने से नज़र में बदलाव आना.
- बेहोशी या कोमा: गंभीर मामलों में व्यक्ति बेहोश हो सकता है.
- दौरे पड़ना (सीज़र्स): दिमाग में अचानक बिजली की तरंगों का प्रवाह होने से दौरे पड़ सकते हैं.
- दिमागी संतुलन में कमी: चलने-फिरने में परेशानी या दिमागी संतुलन बनाए रखने में मुश्किल होना.
सबराचनोइड हेमरेज के कारण
आमतौर पर सबराचनोइड हेमरेज के दो मुख्य कारण होते हैं:
- मस्तिष्क धमनी विस्फार (Cerebral Aneurysm): यह SAH का सबसे आम कारण है. इसमें दिमाग की धमनी की दीवार कमज़ोर हो जाती है और एक गुब्बारे की तरह फूल जाती है. जब यह धमनी विस्फार फटता है, तो खून सबराचनोइड स्पेस में बहने लगता है.
- आघात (Trauma): सिर में गंभीर चोट लगने, जैसे कि किसी दुर्घटना में, से भी दिमाग की रक्त वाहिकाएं टूट सकती हैं और खून बहने लगता है.
इनके अलावा, कुछ दुर्लभ कारण भी हो सकते हैं, जैसे:
- खून पतला करने वाली दवाओं का ज़्यादा सेवन.
- ब्रेन ट्यूमर या रक्त विकार.
सबराचनोइड हेमरेज का निदान
चूंकि यह एक आपातकालीन स्थिति है, इसलिए डॉक्टर लक्षणों को पहचान कर तुरंत निदान के लिए जाँच कराते हैं:
- सीटी स्कैन (CT Scan): यह सबसे आम और तेज़ जाँच है. यह दिमाग के अंदर खून की मौजूदगी का पता लगाता है.
- स्पाइनल टैप (Lumbar Puncture): अगर सीटी स्कैन में खून का पता नहीं चलता लेकिन लक्षण SAH जैसे ही हैं, तो स्पाइनल टैप किया जाता है. इसमें सेरेब्रोस्पाइनल फ्लूइड का नमूना लेकर खून की जाँच की जाती है.
- सेरेब्रल एंजियोग्राम (Cerebral Angiogram): इसमें रक्त वाहिकाओं में डाई डालकर एक्स-रे किया जाता है, जिससे फटी हुई धमनी विस्फार का पता चलता है.
सबराचनोइड हेमरेज का इलाज
SAH का इलाज जितना जल्दी हो, उतना ही प्रभावी होता है. इसका मुख्य लक्ष्य खून के बहाव को रोकना, दिमाग पर दबाव को कम करना और दोबारा हेमरेज को रोकना है.
- सर्जरी: अगर धमनी विस्फार फट गया है, तो सर्जन इसे ठीक करने के लिए सर्जरी कर सकते हैं.
- क्लिपिंग (Clipping): इसमें फटी हुई धमनी के आधार पर एक छोटा धातु का क्लिप लगाया जाता है, ताकि खून का बहाव रुक जाए.
- कॉइलिंग (Coiling): इस प्रक्रिया में एक पतली नली (कैथेटर) को धमनी के रास्ते से गुज़ारा जाता है और धमनी विस्फार में एक कॉइल (तार जैसी संरचना) डाली जाती है, जिससे खून का बहाव रुक जाता है.
- दवाएँ:
- ब्लड प्रेशर कंट्रोल: दिमाग पर दबाव कम करने के लिए ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करना ज़रूरी है.
- निमोडिपाइन (Nimodipine): यह दवा दिमाग की रक्त वाहिकाओं को संकुचित होने से रोकती है, जिससे दिमाग के टिशू को होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है.
- दर्द निवारक: सिरदर्द और अन्य लक्षणों को कम करने के लिए दवाएँ दी जाती हैं.
- जीवनशैली में बदलाव: इलाज के बाद, मरीज़ को पूरी तरह से ठीक होने के लिए डॉक्टर की सलाह का पालन करना चाहिए, जैसे- धूम्रपान छोड़ना, ज़्यादा तनाव न लेना और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखना.
