Top 6 Spinal Extension Exercises for a Strong Back
मजबूत और लचीली रीढ़ के लिए बेहतरीन स्पाइनल एक्सटेंशन एक्सरसाइज़
आज की लाइफ़स्टाइल में ज्यादातर लोग दिनभर बैठकर काम करते हैं—डेस्क जॉब, मोबाइल का ज़्यादा इस्तेमाल, कम मूवमेंट और खराब पोस्चर। इसका सीधा असर हमारी रीढ़ (Spine), पीठ के निचले हिस्से और कोर मसल्स पर पड़ता है।
धीरे-धीरे पीठ में stiffness, कमर दर्द, पोस्चर खराब होना, और स्पाइन की natural curve का कम होना जैसे समस्याएं सामने आती हैं।
इन सभी समस्याओं को सुधारने का एक बेहद प्रभावी तरीका है—
Spinal Extension Exercises
ये एक्सरसाइज़ आपकी स्पाइन को पीछे की ओर एक्सटेंड (बेंड) कराती हैं, जिससे रीढ़ खुलती है, tight मसल्स रिलैक्स होते हैं और कमजोर मसल्स मजबूत होते हैं।
इस आर्टिकल में आप सीखेंगे:
✔ Spinal Extension क्या है और क्यों ज़रूरी है
✔ इसके फायदे
✔ 6 सबसे प्रभावी एक्सरसाइज़ — एकदम आसान भाषा में स्टेप-बाई-स्टेप
✔ रिपीटेशन, सेट और प्रैक्टिस गाइड
✔ किन लोगों को सावधानी रखनी चाहिए
Spinal Extension क्या होती है?
हमारी रीढ़ में नैचुरली 3 curves होते हैं—cervical, thoracic और lumbar curve। जब हम आगे की ओर झुकते हैं तो spine flex होती है, और जब हम छाती को खोलते हुए पीछे की ओर झुकते हैं—तो उसे extension कहते हैं।
ये मूवमेंट रोजमर्रा की लाइफ़ में बहुत कम होता है, इसलिए यहां stiffness जल्दी जमा होती है।
Spinal extension exercises करने से:
- spine की mobility बढ़ती है
- मसल्स पर blood flow बढ़ता है
- posture सुधरता है
- lower back की tightness कम होती है
- body balance और stability बढ़ती है
Spinal Extension Exercises Video in Hindi
Spinal Extension Exercises के प्रमुख फायदे
1. Lower Back Pain में राहत
Back side की मसल्स strengthen होने से back pain काफी हद तक कम होता है।
2. Core Stability बेहतर होती है
एक्सटेंशन मूवमेंट एब्डोमिनल और स्पाइनल दोनों मसल्स को सक्रिय रूप से करता है, जिससे कोर मजबूत और स्थिर बनता है।
3. बेहतर Posture
डेस्क जॉब से झुकाव (slouching) बढ़ जाता है। इन एक्सरसाइज़ से chest खुलता है, shoulders पीछे जाते हैं और spine सीधी होती है।
4. Flexibility और Mobility बढ़ती है
Hip flexors, lower back और thoracic spine में flexibility बढ़ती है, जिससे stiffness खत्म होती है।
5. Injury Prevention
मजबूत रीढ़ + लचीली पीठ = चोट लंबाई की संभावना कम।
6. Blood Circulation में सुधार
एक्सटेंशन मूवमेंट्स से स्पाइनल एरिया में सर्कुलेशन बढ़ता है, जिससे हीलिंग तेज होती है।
Top 6 Spinal Extension Exercises (Step-by-Step in Hindi)
नीचे दिए गए एक्सरसाइज़ हर उम्र के लिए सुरक्षित हैं, पर यदि किसी को तेज दर्द या डिस्क की समस्या हो तो डॉक्टर/फिजियो की सलाह ज़रूर लें।
1. Prone Hip Extension
(Face Down Lying Hip Lifts)
कैसे करें?
- पेट के बल लेट जाएं।
- हाथों को माथे के नीचे रख लें।
- एक पैर को धीरे-धीरे ऊपर उठाएं—जितना बिना दर्द के जा सके।
- 2 सेकंड रोकें और नीचे लाएं।
- फिर दूसरे पैर से दोहराएं।
ध्यान दें
- पीठ को ज़्यादा न मोड़ें
- मूवमेंट सिर्फ हिप से होना चाहिए
- कोर हल्का टाइट रखें
फायदे
- glutes मजबूत होते हैं
- lower back support बढ़ता है
- hip extension बढ़ती है (जो sitting से कम हो जाती है)

2. Superman Exercise
Superman Exercise कैसे करें?
- मैट पर पेट के बल लेटें।
- हाथ आगे फैला लें।
- हाथ, छाती और पैरों को एक साथ ऊपर उठाएं।
- गर्दन neutral रखें।
- 3–4 सेकंड रोकें और वापस नीचे आएं।
ध्यान दें
- उछाल न मारें
- मूवमेंट कंट्रोल में हो
फायदे
- पूरे back chain को मजबूत करता है
- posture सुधारता है
- spinal extensors activate करता है

3. Cobra Stretch (Bhujangasana Inspired)
(Beginner Friendly Back Extension Stretch)
कैसे करें?
- पेट के बल लेटें और हाथों को छाती के पास रखें।
- सांस लेते हुए धीरे-धीरे छाती ऊपर उठाएं।
- कोहनियां हल्की मुड़ी रहें।
- कंधे रिलैक्स रखें।
- 10–20 सेकंड होल्ड करें।
ध्यान दें
- कमर में pinch जैसा दर्द नहीं होना चाहिए
- सिर्फ comfort zone तक ही उठें
फायदे
- spine की mobility बढ़ाता है
- abdominal muscles stretch करता है
- बैक stiffness कम करता है

4. Bird-Dog Exercise
(Ultimate Core + Back Stability Exercise)
कैसे करें?
- हाथों और घुटनों पर टेबल-टॉप पोजिशन में आएं।
- दाहिना हाथ आगे और बायां पैर पीछे सीधा करें।
- कोर टाइट रखें।
- 3–4 सेकंड रोकें।
- साइड बदलें।
ध्यान दें
- पीठ को झुकने न दें
- हिप्स एक लाइन में रहें
फायदे
- core stability बढ़ती है
- spinal muscles को सुरक्षित तरीके से मजबूत करता है
- balance और coordination सुधारता है

5. Bridge Pose
Bridge Pose कैसे करें?
- पीठ के बल लेटें, घुटने मोड़ें।
- कमर को ऊपर उठाएं।
- glutes को squeeze करके 3–5 सेकंड hold करें।
- धीरे से वापस नीचे आएं।
ध्यान दें
- शरीर को एक सीधी लाइन में रख.
- गर्दन पर दबाव न डालें
फायदे
- glutes और lower back मजबूत होते हैं
- pelvic stability बढ़ती है
- spinal extension और flexibility बेहतर होती है

6. Standing Back Extensions
कैसे करें?
- सीधे खड़े हों, हाथ कमर पर रखें।
- धीरे-धीरे पीछे की ओर lean करें।
- 2–3 सेकंड hold करें।
- वापस आराम से आएं।
- 8–10 बार दोहराएं।
ध्यान दें
- jerk न लगाएं
- सांस सामान्य रखें
फायदे
- जल्दी राहत देने वाला stretch
- sitting stiffness तुरंत कम करता है
- office में भी आसानी से किया जा सकता है

Complete Routine Guide
Reps & Hold
- 8–12 repetitions
- या 30–45 seconds hold (stretch variations)
Sets
- 2–3 sets
- सप्ताह में 2–3 बार
Beginner Tips
- शुरुआत में कम reps करें
- मूवमेंट कंट्रोल में रखें
- दर्द होने पर तुरंत रोकें
किसे सावधानी रखनी चाहिए?
इन एक्सरसाइज़ को ध्यान से करें यदि आपको:
- डिस्क बुल्ज/हर्निएशन (back bending से दर्द बढ़ता हो)
- spondylolisthesis
- तीखा shooting pain
- हाल ही में चोट लगी हो
ऐसे मामलों में एक्सरसाइज़ शुरू करने से पहले फिजियोथेरेपिस्ट की सलाह ज़रूर लें।
निष्कर्ष
Spinal Extension Exercises ना सिर्फ आपकी spine को मजबूत बनाती हैं बल्कि posture सुधारने, stiffness कम करने और lower back pain से राहत देने का एक प्रभावी तरीका हैं।
इस रूटीन में सिर्फ 6 एक्सरसाइज़ हैं—लेकिन ये पूरी back chain को activate करती हैं और आपकी spine को flexible और healthy रखती हैं।
अगर आप इन्हें सप्ताह में 2–3 बार नियमित रूप से करते हैं, तो आप बेहतर mobility, कम stiffness, सुधरा हुआ posture और एक मजबूत, दर्द-मुक्त पीठ का अनुभव करेंगे।
