एंजियोटेन्सिन II रिसेप्टर ब्लॉकर्स (ARBs)
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एंजियोटेन्सिन II रिसेप्टर ब्लॉकर्स (ARBs)

एंजियोटेन्सिन II रिसेप्टर ब्लॉकर्स (Angiotensin II Receptor Blockers – ARBs), जिन्हें सार्टन्स (Sartans) के नाम से भी जाना जाता है, दवाओं का एक वर्ग है जो मुख्य रूप से उच्च जो रक्तचाप को विनियमित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

एंजियोटेन्सिन II रिसेप्टर ब्लॉकर्स कैसे काम करते हैं?

समझने के लिए कि ARBs कैसे काम करते हैं, RAAS को समझना महत्वपूर्ण है:

  1. रेनिन का स्राव: जब रक्तचाप कम होता है या शरीर में सोडियम का स्तर कम होता है, तो गुर्दे रेनिन नामक एक एंजाइम जारी करते हैं।
  2. एंजियोटेन्सिनोजेन से एंजियोटेन्सिन I: रेनिन रक्त में एंजियोटेन्सिनोजेन नामक प्रोटीन को एंजियोटेन्सिन I में परिवर्तित करता है।
  3. एंजियोटेन्सिन I से एंजियोटेन्सिन II: एंजियोटेन्सिन-परिवर्तित एंजाइम (Angiotensin-Converting Enzyme – ACE) नामक एक और एंजाइम एंजियोटेन्सिन I को एंजियोटेन्सिन II में परिवर्तित करता है।
  4. एंजियोटेन्सिन II के प्रभाव: एंजियोटेन्सिन II एक शक्तिशाली हार्मोन है जो कई तरह से रक्तचाप को बढ़ाता है:
    • यह रक्त वाहिकाओं को संकुचित (संकुचित) करता है, जिससे रक्तचाप बढ़ता है।
    • यह गुर्दे को पानी और सोडियम को बनाए रखने के लिए उत्तेजित करता है, जिससे रक्त की मात्रा और रक्तचाप बढ़ता है।
    • यह हृदय पर काम का बोझ बढ़ाता है।

ARBs एंजियोटेन्सिन II के प्रभावों को अवरुद्ध करते हैं: ARBs सीधे एंजियोटेन्सिन II रिसेप्टर्स (AT1 रिसेप्टर्स) से जुड़ते हैं और एंजियोटेन्सिन II को इन रिसेप्टर्स से जुड़ने से रोकते हैं। इससे एंजियोटेन्सिन II रक्त वाहिकाओं को संकुचित नहीं कर पाता है और न ही गुर्दे को पानी और सोडियम बनाए रखने के लिए उत्तेजित कर पाता है।

परिणामस्वरूप:

  • रक्त वाहिकाएं शिथिल (चौड़ी) हो जाती हैं, जिससे रक्तचाप कम होता है।
  • गुर्दे अधिक पानी और सोडियम को बाहर निकालते हैं, जिससे रक्त की मात्रा और रक्तचाप कम होता है।
  • हृदय पर काम का बोझ कम होता है।

एंजियोटेन्सिन II रिसेप्टर ब्लॉकर्स के उपयोग

ARBs का उपयोग विभिन्न चिकित्सीय स्थितियों के इलाज के लिए किया जाता है:

  • उच्च रक्तचाप (High Blood Pressure / Hypertension): यह ARBs का सबसे आम उपयोग है। ये रक्तचाप को प्रभावी ढंग से कम करते हैं और हृदय रोग, स्ट्रोक और गुर्दे की बीमारी के जोखिम को कम करने में मदद करते हैं।
  • हृदय विफलता (Heart Failure): ARBs हृदय की पंपिंग क्षमता में सुधार करके और हृदय पर काम का बोझ कम करके हृदय विफलता के लक्षणों को बेहतर बनाने और जीवन प्रत्याशा बढ़ाने में मदद करते हैं।
  • दिल का दौरा (Heart Attack) के बाद: कुछ ARBs का उपयोग दिल के दौरे के बाद किया जाता है, खासकर जब रोगियों को ACE इनहिबिटर बर्दाश्त नहीं होते हैं। ये हृदय की कार्यप्रणाली को सुधारने और अगले हृदय संबंधी घटनाओं के जोखिम को कम करने में मदद करते हैं।
  • स्ट्रोक का जोखिम कम करना: उच्च रक्तचाप वाले रोगियों में स्ट्रोक के जोखिम को कम करने के लिए भी ARBs का उपयोग किया जाता है।

सामान्य एंजियोटेन्सिन II रिसेप्टर ब्लॉकर्स के उदाहरण

कुछ सामान्य रूप से निर्धारित ARBs में शामिल हैं:

  • लोसार्टन (Losartan)
  • वल्सार्टन (Valsartan)
  • इर्बेसार्टन (Irbesartan)
  • कैंडेसार्टन (Candesartan)
  • ओल्मेसार्टन (Olmesartan)
  • टेल्मिसार्टन (Telmisartan)
  • एप्रोवेल्मिसार्टन (Eprosartan)

एंजियोटेन्सिन II रिसेप्टर ब्लॉकर्स के दुष्प्रभाव

किसी भी दवा की तरह, ARBs के भी दुष्प्रभाव हो सकते हैं, हालांकि ये सभी को नहीं होते हैं। सामान्य दुष्प्रभावों में शामिल हैं:

  • चक्कर आना या हल्कापन महसूस होना (विशेषकर पहली खुराक के बाद या खड़े होने पर)
  • निम्न रक्तचाप (हाइपोटेंशन)
  • थकान
  • दस्त
  • पीठ या पैर में दर्द

कम सामान्य लेकिन अधिक गंभीर दुष्प्रभाव:

  • गुर्दे की समस्याएं: ARBs गुर्दे के कार्य को प्रभावित कर सकते हैं, खासकर यदि गुर्दे की कोई मौजूदा बीमारी हो। नियमित रक्त परीक्षण के माध्यम से गुर्दे के कार्य की निगरानी आवश्यक है।
  • उच्च पोटेशियम स्तर (हाइपरकलेमिया): ARBs शरीर में पोटेशियम के स्तर को बढ़ा सकते हैं, जो हृदय ताल के लिए खतरनाक हो सकता है। पोटेशियम-बचत मूत्रवर्धक या पोटेशियम सप्लीमेंट के साथ सावधानी बरतनी चाहिए।
  • एलर्जी प्रतिक्रियाएं: इसमें पित्ती, खुजली या चेहरे, होंठ, जीभ और गले की सूजन (एंजियोएडेमा) शामिल हो सकती है। यदि एंजियोएडेमा होता है, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें।
  • गर्भावस्था में उपयोग: गर्भावस्था के दौरान ARBs का उपयोग नहीं करना चाहिए क्योंकि वे भ्रूण को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं या मौत का कारण बन सकते हैं।
  • एसीई इनहिबिटर के साथ खांसी: ACE इनहिबिटर के विपरीत, ARBs आमतौर पर सूखी खांसी का कारण नहीं बनते हैं। यह उन रोगियों के लिए एक फायदा है जो ACE इनहिबिटर से खांसी का अनुभव करते हैं।

सावधानियां और विचार

  • गुर्दे की बीमारी: गुर्दे की बीमारी वाले रोगियों में ARBs का उपयोग सावधानी से किया जाना चाहिए और गुर्दे के कार्य की नियमित निगरानी की जानी चाहिए।
  • निम्न रक्तचाप: यदि आपका रक्तचाप पहले से ही कम है, तो ARBs का उपयोग सावधानी से करना चाहिए।
  • अन्य दवाएं: ARBs अन्य दवाओं के साथ परस्पर क्रिया कर सकते हैं, जैसे कि मूत्रवर्धक (diuretics), पोटेशियम सप्लीमेंट, NSAIDs (नॉन-स्टेरायडल एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग्स), और लिथियम। अपने डॉक्टर को उन सभी दवाओं
  • अचानक बंद न करें: ARBs को अचानक बंद नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे रक्तचाप में तेजी से वृद्धि हो सकती है। दवा बंद करने या खुराक बदलने से पहले हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।

निष्कर्ष:

एंजियोटेन्सिन II रिसेप्टर ब्लॉकर्स (ARBs) उच्च रक्तचाप और हृदय रोग के प्रबंधन में महत्वपूर्ण दवाएं हैं। वे रेनिन-एंजियोटेन्सिन-एल्डोस्टेरोन प्रणाली को लक्षित करके रक्तचाप को कम करने और हृदय पर काम का बोझ कम करने में मदद करते हैं। ये दवाएं आमतौर पर उन रोगियों द्वारा अच्छी तरह से सहन की जाती हैं जिन्हें ACE इनहिबिटर से खांसी होती है। हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह का पालन करें और किसी भी चिंता या दुष्प्रभाव के बारे में उनसे बात करें।

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