टखने का गठिया
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टखने का गठिया

टखने का गठिया क्या है?

टखने का गठिया एक ऐसी स्थिति है जिसमें टखने के जोड़ में उपास्थि टूट जाती है। उपास्थि एक चिकना, फिसलन भरा ऊतक है जो हड्डियों के सिरों को ढकता है और उन्हें एक-दूसरे के खिलाफ आसानी से चलने देता है। जब उपास्थि टूट जाती है, तो हड्डियां एक-दूसरे से रगड़ सकती हैं, जिससे दर्द, सूजन और अकड़न हो सकती है।

टखने के गठिया के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • ऑस्टियोआर्थराइटिस: यह गठिया का सबसे आम प्रकार है, और यह तब होता है जब उपास्थि उम्र के साथ टूट जाती है।
  • रुमेटीइड गठिया: यह एक ऑटोइम्यून बीमारी है जो जोड़ों की परत को प्रभावित करती है, जिससे सूजन और दर्द होता है।
  • पोस्ट-ट्रॉमेटिक गठिया: यह चोट के बाद विकसित हो सकता है, जैसे कि टखने का फ्रैक्चर या मोच।
  • गाउट: यह एक प्रकार का गठिया है जो तब होता है जब शरीर में बहुत अधिक यूरिक एसिड होता है।

टखने के गठिया के लक्षणों में शामिल हो सकते हैं:

  • टखने में दर्द, जो गतिविधि के साथ खराब हो सकता है और आराम के साथ बेहतर हो सकता है
  • टखने में अकड़न, खासकर सुबह या निष्क्रियता की अवधि के बाद
  • टखने में सूजन
  • टखने को हिलाने में कठिनाई
  • टखने में एक पीसने या क्लिक करने की सनसनी

टखने के गठिया का कोई इलाज नहीं है, लेकिन ऐसे उपचार हैं जो लक्षणों को दूर करने और गतिशीलता में सुधार करने में मदद कर सकते हैं। उपचार में शामिल हो सकते हैं:

  • दवाएं, जैसे दर्द निवारक और सूजनरोधी दवाएं
  • भौतिक चिकित्सा
  • ऑर्थोटिक्स, जैसे कि आर्च सपोर्ट या ब्रेसिज़
  • इंजेक्शन, जैसे कि कॉर्टिकोस्टेरॉइड इंजेक्शन
  • सर्जरी, गंभीर मामलों में

टखने का गठिया के कारण क्या हैं?

टखने के गठिया के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • ऑस्टियोआर्थराइटिस: यह गठिया का सबसे आम प्रकार है, और यह तब होता है जब टखने के जोड़ में उपास्थि उम्र के साथ धीरे-धीरे टूट जाती है। प्राथमिक ऑस्टियोआर्थराइटिस, जिसका कोई ज्ञात कारण नहीं है, टखने में अपेक्षाकृत दुर्लभ है। टखने का ऑस्टियोआर्थराइटिस अक्सर पहले की चोटों से जुड़ा होता है।
  • रुमेटीइड गठिया: यह एक ऑटोइम्यून बीमारी है जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली गलती से जोड़ों की परत पर हमला करती है। यह सूजन और उपास्थि को नुकसान पहुंचा सकता है, जिससे टखने का गठिया हो सकता है। रुमेटीइड गठिया आमतौर पर शरीर के दोनों तरफ के जोड़ों को एक साथ प्रभावित करता है, इसलिए यदि एक टखने में गठिया है, तो दूसरे में भी होने की संभावना है।
  • पोस्ट-ट्रॉमेटिक गठिया: यह टखने में चोट लगने के बाद विकसित हो सकता है, जैसे कि फ्रैक्चर, गंभीर मोच या लिगामेंट का टूटना। चोट उपास्थि को सीधे नुकसान पहुंचा सकती है या जोड़ की स्थिरता को बदल सकती है, जिससे वर्षों बाद गठिया हो सकता है। वास्तव में, टखने के ऑस्टियोआर्थराइटिस के लगभग 90% मामले पिछले आघातों के कारण होते हैं।
  • गाउट: यह एक प्रकार का गठिया है जो तब होता है जब शरीर में बहुत अधिक यूरिक एसिड होता है। यूरिक एसिड क्रिस्टल जोड़ों में जमा हो सकते हैं, जिससे अचानक, गंभीर दर्द, लालिमा और सूजन हो सकती है। जबकि गाउट आमतौर पर बड़े पैर के अंगूठे को प्रभावित करता है, यह टखने सहित किसी भी जोड़ में हो सकता है।

अन्य कम सामान्य कारणों में शामिल हो सकते हैं:

  • अन्य प्रकार के सूजन संबंधी गठिया: जैसे कि सोरियाटिक गठिया और एंकिलोज़िंग स्पोंडिलिटिस, टखने को प्रभावित कर सकते हैं।
  • संक्रमण: दुर्लभ मामलों में, जोड़ में संक्रमण उपास्थि को नुकसान पहुंचा सकता है और गठिया का कारण बन सकता है।
  • जन्मजात विकृतियाँ: टखने की संरचना में असामान्यताएं समय के साथ गठिया के विकास के जोखिम को बढ़ा सकती हैं।

टखने का गठिया के संकेत और लक्षण क्या हैं?

टखने के गठिया के संकेत और लक्षण धीरे-धीरे विकसित हो सकते हैं और समय के साथ इनकी गंभीरता भिन्न हो सकती है। कुछ सामान्य संकेत और लक्षण इस प्रकार हैं:

  • दर्द: यह टखने के गठिया का एक प्रमुख लक्षण है। दर्द आमतौर पर गतिविधि के साथ बढ़ जाता है, जैसे चलना, दौड़ना या लंबे समय तक खड़े रहना, और आराम करने पर कम हो सकता है। शुरुआती चरणों में, दर्द रुक-रुक कर हो सकता है, लेकिन जैसे-जैसे गठिया बढ़ता है, यह अधिक लगातार हो सकता है।
  • अकड़न: टखने में अकड़न महसूस हो सकती है, खासकर सुबह उठने के बाद या निष्क्रियता की अवधि के बाद। चलने या हिलने-डुलने में कुछ समय लग सकता है ताकि अकड़न कम हो जाए।
  • सूजन: टखने के जोड़ के आसपास सूजन आ सकती है। यह सूजन हल्की से लेकर काफी स्पष्ट तक हो सकती है और प्रभावित क्षेत्र को फूला हुआ महसूस करा सकती है।
  • गति की कमी: टखने को सामान्य रूप से मोड़ने या हिलाने में कठिनाई हो सकती है। ऊपर और नीचे की ओर पैर को मोड़ने (डॉर्सिफ्लेक्सन और प्लांटरफ्लेक्सन) की सीमा कम हो सकती है।
  • पीसने या क्लिक करने की सनसनी: जब आप अपने टखने को हिलाते हैं तो आपको पीसने, खरोंचने या क्लिक करने जैसी आवाजें या सनसनी महसूस हो सकती हैं। यह क्षतिग्रस्त उपास्थि की हड्डियों से रगड़ने के कारण होता है।
  • कोमलता: टखने के जोड़ को छूने पर दर्द या कोमलता महसूस हो सकती है।
  • जोड़ की विकृति: पुराने या गंभीर मामलों में, टखने के जोड़ की बनावट में बदलाव आ सकता है, जिससे यह विकृत दिखाई दे सकता है।
  • लंगड़ापन: दर्द और अकड़न के कारण चलने में कठिनाई हो सकती है, जिसके परिणामस्वरूप लंगड़ापन हो सकता है।

टखने का गठिया का खतरा किसे अधिक होता है?

टखने का गठिया किसी को भी हो सकता है, लेकिन कुछ लोगों में इसका खतरा अधिक होता है। जोखिम कारकों में शामिल हैं:

  • उम्र: उम्र बढ़ने के साथ टखने के गठिया का खतरा बढ़ जाता है, क्योंकि जोड़ों में उपास्थि समय के साथ घिस जाती है।
  • पिछली चोटें: टखने में पिछली कोई भी गंभीर चोट, जैसे कि फ्रैक्चर, मोच या लिगामेंट का टूटना, पोस्ट-ट्रॉमेटिक गठिया के विकास के जोखिम को काफी बढ़ा देती है। वास्तव में, टखने के गठिया के लगभग 70-80% मामले पिछली चोटों से जुड़े होते हैं।
  • मोटापा: अतिरिक्त वजन टखने के जोड़ों पर अधिक दबाव डालता है, जिससे उपास्थि तेजी से घिस सकती है और गठिया का खतरा बढ़ जाता है।
  • परिवार का इतिहास: यदि आपके परिवार में किसी को गठिया है, तो आपको टखने का गठिया होने का खतरा अधिक हो सकता है।
  • लिंग: महिलाओं में पुरुषों की तुलना में टखने का गठिया होने की संभावना थोड़ी अधिक होती है।
  • खेल और उच्च प्रभाव वाली गतिविधियाँ: ऐसे खेल या गतिविधियाँ जिनमें टखने पर बार-बार तनाव पड़ता है, जैसे कि बास्केटबॉल, फुटबॉल या बैले, गठिया के विकास के जोखिम को बढ़ा सकते हैं।
  • जन्मजात विकृतियाँ: पैर या टखने की संरचना में जन्मजात असामान्यताएं जोड़ पर असामान्य तनाव डाल सकती हैं और गठिया का कारण बन सकती हैं।
  • अन्य प्रकार के गठिया: यदि आपको पहले से ही रुमेटीइड गठिया या गाउट जैसे अन्य प्रकार के गठिया हैं, तो आपको टखने का गठिया होने का खतरा अधिक हो सकता है।
  • मेटाबोलिक रोग: मधुमेह जैसे कुछ मेटाबोलिक रोग टखने के गठिया के खतरे को बढ़ा सकते हैं।
  • बार-बार होने वाली मोच या अस्थिरता: जिन लोगों को बार-बार टखने में मोच आती है या जिनके टखने अस्थिर हैं, उनमें गठिया विकसित होने का खतरा अधिक होता है।

टखने का गठिया से कौन सी बीमारियां जुड़ी हैं?

टखने का गठिया अक्सर अन्य बीमारियों से जुड़ा होता है, जिनमें शामिल हैं:

  • अन्य प्रकार के गठिया:
    • रुमेटीइड गठिया: यह एक ऑटोइम्यून बीमारी है जो जोड़ों की परत को प्रभावित करती है, जिससे सूजन और दर्द होता है। यह अक्सर टखनों सहित कई जोड़ों को एक साथ प्रभावित करता है।
    • गाउट: यह एक प्रकार का गठिया है जो शरीर में यूरिक एसिड के जमा होने के कारण होता है। हालांकि यह आमतौर पर बड़े पैर के अंगूठे को प्रभावित करता है, लेकिन यह टखनों में भी हो सकता है।
    • सोरायटिक गठिया: यह गठिया का एक प्रकार है जो सोरायसिस नामक त्वचा की स्थिति वाले कुछ लोगों में विकसित होता है। यह टखनों सहित किसी भी जोड़ को प्रभावित कर सकता है।
    • पोस्ट-ट्रॉमेटिक गठिया: जैसा कि पहले उल्लेख किया गया है, टखने में पिछली चोटें, जैसे कि फ्रैक्चर या मोच, बाद में गठिया का कारण बन सकती हैं।
  • मेटाबोलिक रोग:
    • मधुमेह: मधुमेह वाले लोगों में कुछ प्रकार के गठिया विकसित होने का खतरा अधिक होता है, हालांकि सीधे तौर पर टखने के गठिया से इसका सीधा संबंध स्पष्ट नहीं है। मधुमेह तंत्रिका क्षति (न्यूरोपैथी) और रक्त परिसंचरण की समस्याओं का कारण बन सकता है, जो जोड़ों को अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित कर सकता है।
  • अन्य स्थितियाँ:
    • मोटापा: अतिरिक्त वजन टखने के जोड़ों पर अधिक दबाव डालता है, जिससे गठिया का खतरा बढ़ सकता है।
    • जन्मजात विकृतियाँ: पैर या टखने की संरचना में असामान्यताएं समय के साथ गठिया के विकास के जोखिम को बढ़ा सकती हैं।

टखने का गठिया का निदान कैसे करें?

टखने के गठिया का निदान आमतौर पर एक शारीरिक परीक्षा, चिकित्सा इतिहास की समीक्षा और इमेजिंग परीक्षणों के संयोजन के माध्यम से किया जाता है। निदान प्रक्रिया में शामिल चरण इस प्रकार हैं:

  • चिकित्सा इतिहास: आपका डॉक्टर आपके लक्षणों के बारे में विस्तार से पूछेगा, जिसमें दर्द कब शुरू हुआ, यह कहाँ स्थित है, यह कितना गंभीर है, और क्या कोई ऐसी गतिविधियाँ हैं जो इसे बेहतर या बदतर बनाती हैं। वे आपकी पिछली चोटों, अन्य चिकित्सा स्थितियों (जैसे रुमेटीइड गठिया या गाउट), और आपके परिवार के गठिया के इतिहास के बारे में भी पूछेंगे।
  • शारीरिक परीक्षा: आपका डॉक्टर आपके टखने की सावधानीपूर्वक जांच करेगा। इसमें शामिल हो सकता है:
    • दृश्य निरीक्षण: सूजन, लालिमा या किसी भी दृश्य विकृति की जांच करना।
    • स्पर्श (Palpation): दर्द या कोमलता के क्षेत्रों को महसूस करना।
    • गति की सीमा का आकलन: यह देखना कि आप अपने टखने को कितनी दूर तक मोड़ और घुमा सकते हैं।
    • स्थिरता परीक्षण: यह जांचना कि क्या आपके टखने के लिगामेंट कमजोर हैं।
    • चाल का अवलोकन: यह देखना कि आप कैसे चलते हैं और क्या कोई लंगड़ापन है।
  • इमेजिंग परीक्षण: ये परीक्षण आपके टखने के अंदर की संरचनाओं की तस्वीरें प्रदान करते हैं और गठिया के संकेतों को दिखाने में मदद कर सकते हैं:
    • एक्स-रे: यह टखने की हड्डियों की तस्वीरें लेता है और हड्डी पर हड्डी के संपर्क, हड्डी के स्पर्स (अतिरिक्त हड्डी का बढ़ना), और जोड़ों की जगह के संकुचन जैसे गठिया के विशिष्ट परिवर्तनों को दिखा सकता है। एक्स-रे अक्सर पहला इमेजिंग परीक्षण होता है जो किया जाता है।
    • एमआरआई (चुंबकीय अनुनाद इमेजिंग): यह नरम ऊतकों, जैसे उपास्थि, लिगामेंट और टेंडन की विस्तृत छवियां बनाने के लिए रेडियो तरंगों और एक शक्तिशाली चुंबक का उपयोग करता है। एमआरआई उपास्थि क्षति, लिगामेंट की चोटों और अन्य असामान्यताओं को दिखाने में मदद कर सकता है जो एक्स-रे पर स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देती हैं।
    • सीटी स्कैन (कंप्यूटेड टोमोग्राफी): यह हड्डियों और नरम ऊतकों की क्रॉस-सेक्शनल छवियां बनाने के लिए एक्स-रे और कंप्यूटर तकनीक को जोड़ता है। सीटी स्कैन जटिल फ्रैक्चर या हड्डी की संरचना में बदलावों का आकलन करने में उपयोगी हो सकता है।
  • प्रयोगशाला परीक्षण: कुछ मामलों में, आपका डॉक्टर अन्य प्रकार के गठिया से इंकार करने के लिए रक्त परीक्षण का आदेश दे सकता है, जैसे कि रुमेटीइड गठिया या गाउट। उदाहरण के लिए:
    • रुमेटीइड फैक्टर (RF) और एंटी-साइक्लिक सिट्रुलिनेटेड पेप्टाइड (anti-CCP) एंटीबॉडी परीक्षण: रुमेटीइड गठिया के निदान में मदद कर सकते हैं।
    • यूरिक एसिड का स्तर: गाउट का निदान करने में मदद कर सकता है।
  • जोड़ का द्रव विश्लेषण (आर्थ्रोसेंटेसिस): कुछ स्थितियों में, आपका डॉक्टर सुई का उपयोग करके आपके टखने के जोड़ से थोड़ा सा द्रव निकाल सकता है। इस द्रव का विश्लेषण संक्रमण, गाउट क्रिस्टल या सूजन के अन्य कारणों की जांच के लिए किया जा सकता है।

टखने का गठिया का इलाज क्या है?

टखने के गठिया का कोई इलाज नहीं है, जिसका अर्थ है कि क्षतिग्रस्त उपास्थि को पूरी तरह से ठीक नहीं किया जा सकता है। हालांकि, ऐसे कई उपचार उपलब्ध हैं जिनका उद्देश्य दर्द को कम करना, सूजन को नियंत्रित करना, गतिशीलता में सुधार करना और जीवन की गुणवत्ता को बढ़ाना है। उपचार के विकल्प गठिया की गंभीरता, आपके लक्षणों और आपकी समग्र स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करते हैं। टखने के गठिया के इलाज में शामिल हो सकते हैं:

गैर-सर्जिकल उपचार: ये उपचार अक्सर पहले आजमाए जाते हैं और हल्के से मध्यम गठिया वाले लोगों के लिए प्रभावी हो सकते हैं।

  • दवाएं:
    • दर्द निवारक (Pain relievers): ओवर-द-काउंटर दवाएं जैसे एसिटामिनोफेन (पैरासिटामोल) या गैर-स्टेरायडल एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग्स (NSAIDs) जैसे इबुप्रोफेन और नेप्रोक्सन दर्द को कम करने में मदद कर सकते हैं। अधिक गंभीर दर्द के लिए डॉक्टर मजबूत दर्द निवारक दवाएं लिख सकते हैं।
    • सूजनरोधी दवाएं (Anti-inflammatory drugs): NSAIDs सूजन और दर्द दोनों को कम करते हैं। इन्हें मौखिक रूप से या सामयिक क्रीम या जैल के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।
    • कॉर्टिकोस्टेरॉइड इंजेक्शन (Corticosteroid injections): ये शक्तिशाली सूजनरोधी दवाएं सीधे टखने के जोड़ में इंजेक्ट की जा सकती हैं। वे दर्द और सूजन से त्वरित राहत प्रदान कर सकते हैं, लेकिन इनके बार-बार उपयोग से उपास्थि को नुकसान हो सकता है, इसलिए इनका उपयोग सीमित होता है।
    • हयालुरोनिक एसिड इंजेक्शन (Hyaluronic acid injections): हयालुरोनिक एसिड एक प्राकृतिक पदार्थ है जो जोड़ों के द्रव में पाया जाता है और उपास्थि को चिकनाई देने में मदद करता है। इन इंजेक्शनों को जोड़ों में इंजेक्ट किया जा सकता है ताकि चिकनाई बढ़ाई जा सके और दर्द कम किया जा सके। हालांकि, टखने के गठिया में इनकी प्रभावशीलता पर मिश्रित परिणाम मिले हैं।
    • रोग-संशोधक एंटीरूमेटिक दवाएं (DMARDs): ये दवाएं रुमेटीइड गठिया जैसे सूजन संबंधी गठिया के लिए उपयोग की जाती हैं। वे प्रतिरक्षा प्रणाली को दबाकर जोड़ों को और अधिक नुकसान होने से बचाने में मदद करती हैं।
  • भौतिक चिकित्सा (Physical therapy): एक भौतिक चिकित्सक आपको विशिष्ट व्यायाम सिखा सकता है जो टखने के आसपास की मांसपेशियों को मजबूत करने, लचीलापन बढ़ाने और गति की सीमा में सुधार करने में मदद करते हैं। वे दर्द को कम करने के लिए हीट, कोल्ड थेरेपी या अल्ट्रासाउंड जैसे तौर-तरीकों का भी उपयोग कर सकते हैं।
  • ऑर्थोटिक्स और सहायक उपकरण (Orthotics and assistive devices):
    • आर्च सपोर्ट और इंसोल (Arch supports and insoles): ये जूते के अंदर रखे जाते हैं और टखने पर पड़ने वाले तनाव को कम करने में मदद कर सकते हैं।
    • टखने के ब्रेसिज़ (Ankle braces): ये टखने को सहारा और स्थिरता प्रदान कर सकते हैं, दर्द को कम कर सकते हैं और आगे की क्षति को रोक सकते हैं। विभिन्न प्रकार के ब्रेसिज़ उपलब्ध हैं, हल्के सपोर्ट से लेकर अधिक स्थिर करने वाले ब्रेसिज़ तक।
    • छड़ी या वॉकर (Cane or walker): ये चलते समय टखने पर पड़ने वाले वजन को कम करने में मदद कर सकते हैं।
  • जीवनशैली में बदलाव:
    • वजन कम करना: यदि आप अधिक वजन वाले या मोटे हैं, तो वजन कम करने से आपके टखने के जोड़ों पर पड़ने वाला दबाव कम हो सकता है और दर्द कम हो सकता है।
    • गतिविधि में बदलाव: उच्च प्रभाव वाली गतिविधियों से बचें जो आपके टखने पर अधिक तनाव डालती हैं, जैसे दौड़ना या कूदना। तैराकी या साइकिल चलाना जैसी कम प्रभाव वाली गतिविधियाँ अधिक उपयुक्त हो सकती हैं।

सर्जिकल उपचार: यदि गैर-सर्जिकल उपचार से पर्याप्त राहत नहीं मिलती है और दर्द और विकलांगता बनी रहती है, तो सर्जरी एक विकल्प हो सकता है।

  • आर्थ्रोस्कोपी (Arthroscopy): यह एक न्यूनतम इनवेसिव प्रक्रिया है जिसमें छोटे चीरों के माध्यम से एक छोटा कैमरा और उपकरण डाला जाता है। सर्जन क्षतिग्रस्त उपास्थि को हटा सकता है, हड्डी के स्पर्स को चिकना कर सकता है, या ढीले ऊतक को निकाल सकता है। यह हल्के से मध्यम गठिया वाले कुछ लोगों के लिए एक विकल्प हो सकता है।
  • टखने का फ्यूजन (Ankle fusion – आर्थ्रोडेसिस): इस प्रक्रिया में टखने की हड्डियों को एक साथ जोड़ा जाता है, जिससे जोड़ में गति समाप्त हो जाती है। यह दर्द को काफी हद तक कम कर सकता है लेकिन टखने की गतिशीलता को भी सीमित करता है। यह गंभीर गठिया वाले लोगों के लिए एक विकल्प हो सकता है जब अन्य उपचार विफल हो जाते हैं।
  • टखने का प्रतिस्थापन (Ankle replacement – आर्थ्रोप्लास्टी): इस प्रक्रिया में क्षतिग्रस्त टखने के जोड़ को कृत्रिम जोड़ (प्रोस्थेसिस) से बदल दिया जाता है। इसका लक्ष्य दर्द से राहत देना और टखने की गति और कार्य को बनाए रखना है। टखने का प्रतिस्थापन कूल्हे या घुटने के प्रतिस्थापन जितना आम नहीं है, लेकिन यह गंभीर गठिया वाले कुछ लोगों के लिए एक प्रभावी विकल्प हो सकता है।

टखने का गठिया का घरेलू इलाज क्या है?

टखने के गठिया के लिए कई घरेलू उपचार हैं जो लक्षणों को प्रबंधित करने और राहत प्रदान करने में मदद कर सकते हैं। ये उपचार चिकित्सा उपचारों के पूरक के रूप में उपयोग किए जा सकते हैं, लेकिन उन्हें डॉक्टर द्वारा निर्धारित उपचार योजनाओं को प्रतिस्थापित नहीं करना चाहिए। टखने के गठिया के लिए कुछ आजमाए गए घरेलू उपचार इस प्रकार हैं:

  • आराम: दर्द होने पर अपने टखने को आराम देना महत्वपूर्ण है। ऐसी गतिविधियों से बचें जो आपके दर्द को बढ़ाती हैं। हालांकि, लंबे समय तक निष्क्रियता से अकड़न हो सकती है, इसलिए हल्के आंदोलन महत्वपूर्ण हैं जब दर्द अनुमति दे।
  • बर्फ: सूजन और दर्द को कम करने के लिए दिन में कई बार 15-20 मिनट के लिए प्रभावित टखने पर बर्फ लगाएं। बर्फ को सीधे त्वचा पर न लगाएं; इसे तौलिये में लपेटें।
  • गर्मी: अकड़न को कम करने और मांसपेशियों को आराम देने के लिए गर्मी का उपयोग किया जा सकता है। आप गर्म पानी की बोतल, हीटिंग पैड या गर्म स्नान का उपयोग कर सकते हैं। कुछ लोगों को बर्फ और गर्मी के बीच बारी-बारी से उपयोग करने से राहत मिलती है।
  • संपीड़न: सूजन को कम करने के लिए एक लोचदार पट्टी का उपयोग करके टखने को धीरे से बांधें। सुनिश्चित करें कि पट्टी बहुत तंग न हो, क्योंकि इससे परिसंचरण बाधित हो सकता है।
  • ऊंचाई: जब आप बैठे या लेटे हों तो अपने टखने को हृदय स्तर से ऊपर उठाकर सूजन को कम करने में मदद करें। आप तकियों का उपयोग कर सकते हैं।
  • हल्के व्यायाम: जब दर्द कम हो जाए, तो अपने टखने की गति की सीमा और लचीलेपन को बनाए रखने के लिए कोमल व्यायाम करें। इसमें टखने को ऊपर और नीचे, और अंदर और बाहर घुमाना शामिल हो सकता है। अपने डॉक्टर या भौतिक चिकित्सक से विशिष्ट व्यायामों के बारे में सलाह लें।
  • वजन प्रबंधन: यदि आप अधिक वजन वाले या मोटे हैं, तो वजन कम करने से आपके टखने के जोड़ों पर पड़ने वाला दबाव कम हो सकता है और दर्द कम हो सकता है।
  • पौष्टिक आहार: एक संतुलित आहार लें जिसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण वाले खाद्य पदार्थ शामिल हों, जैसे कि फल, सब्जियां, साबुत अनाज और ओमेगा-3 फैटी एसिड (मछली, अलसी के बीज)। प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों और उच्च चीनी वाले खाद्य पदार्थों से बचें, जो सूजन को बढ़ा सकते हैं।
  • हर्बल उपचार और पूरक: कुछ लोगों को अदरक, हल्दी या विलो छाल जैसे हर्बल उपचारों से राहत मिलती है, जिनमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। ग्लूकोसामाइन और कोंड्रोइटिन जैसे पूरक भी कुछ लोगों द्वारा उपयोग किए जाते हैं, हालांकि वैज्ञानिक प्रमाण मिश्रित हैं। किसी भी हर्बल उपचार या पूरक का उपयोग करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें, खासकर यदि आप अन्य दवाएं ले रहे हैं।
  • एक्यूपंक्चर: कुछ लोगों को एक्यूपंक्चर से टखने के गठिया के दर्द में राहत मिलती है। यह एक पारंपरिक चीनी चिकित्सा तकनीक है जिसमें शरीर के विशिष्ट बिंदुओं पर पतली सुइयां डाली जाती हैं।
  • मालिश: टखने के आसपास की कोमल मालिश मांसपेशियों को आराम देने और परिसंचरण में सुधार करने में मदद कर सकती है, जिससे दर्द और अकड़न कम हो सकती है।

टखने का गठिया में क्या खाएं और क्या न खाएं?

टखने के गठिया के लिए कोई विशिष्ट आहार नहीं है जो सीधे तौर पर इसका इलाज कर सके। हालांकि, कुछ खाद्य पदार्थ सूजन को कम करने और हड्डियों के स्वास्थ्य का समर्थन करने में मदद कर सकते हैं, जबकि अन्य सूजन को बढ़ा सकते हैं या दवा के साथ हस्तक्षेप कर सकते हैं। यहां एक सामान्य मार्गदर्शन दिया गया है कि टखने के गठिया में क्या खाएं और क्या न खाएं:

क्या खाएं (ऐसे खाद्य पदार्थ जो सहायक हो सकते हैं):

  • एंटी-इंफ्लेमेटरी खाद्य पदार्थ:
    • फल और सब्जियां: जामुन (जैसे स्ट्रॉबेरी, ब्लूबेरी, रास्पबेरी), चेरी, संतरा, पत्तेदार साग (पालक, केल), ब्रोकली, फूलगोभी, शिमला मिर्च। ये एंटीऑक्सिडेंट और फाइटोकेमिकल्स से भरपूर होते हैं जो सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं।
    • ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर खाद्य पदार्थ: वसायुक्त मछली (जैसे सैल्मन, मैकेरल, सार्डिन), अलसी के बीज, चिया बीज, अखरोट। ओमेगा-3 फैटी एसिड में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं।
    • जैतून का तेल: स्वस्थ वसा का एक अच्छा स्रोत जिसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं।
    • हल्दी: इसमें करक्यूमिन नामक एक यौगिक होता है जिसमें शक्तिशाली एंटी-इंफ्लेमेटरी प्रभाव होते हैं। इसे भोजन में शामिल करें या हल्दी की चाय पिएं।
    • अदरक: इसमें भी एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं और यह दर्द को कम करने में मदद कर सकता है। इसे भोजन में या चाय के रूप में इस्तेमाल करें।
    • लहसुन और प्याज: इनमें ऐसे यौगिक होते हैं जो सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं।
  • हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण खाद्य पदार्थ:
    • कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थ: डेयरी उत्पाद (दूध, दही, पनीर), हरी पत्तेदार सब्जियां, फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थ (जैसे संतरे का रस, अनाज)।
    • विटामिन डी युक्त खाद्य पदार्थ: वसायुक्त मछली, अंडे की जर्दी, फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थ (जैसे दूध, अनाज)। विटामिन डी कैल्शियम के अवशोषण में मदद करता है।
  • हाइड्रेटेड रहें: पर्याप्त मात्रा में पानी पीना जोड़ों को चिकनाई देने और समग्र स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है।

क्या न खाएं (ऐसे खाद्य पदार्थ जो लक्षणों को बढ़ा सकते हैं या दवाओं के साथ हस्तक्षेप कर सकते हैं):

  • प्रोसेस्ड और जंक फूड: इनमें अक्सर अस्वास्थ्यकर वसा, अतिरिक्त चीनी और कृत्रिम तत्व होते हैं जो सूजन को बढ़ा सकते हैं।
  • अतिरिक्त चीनी: मीठे पेय, कैंडी और बेक्ड सामान सूजन को बढ़ावा दे सकते हैं।
  • अत्यधिक संतृप्त और ट्रांस वसा: लाल मांस, प्रोसेस्ड मीट और तले हुए खाद्य पदार्थों में पाए जाते हैं। ये सूजन को बढ़ा सकते हैं।
  • अत्यधिक ओमेगा-6 फैटी एसिड: मकई का तेल, सूरजमुखी का तेल और सोयाबीन तेल में पाए जाते हैं। इनका सेवन ओमेगा-3 के साथ संतुलन में होना चाहिए।
  • परिष्कृत कार्बोहाइड्रेट: सफेद ब्रेड, पास्ता और चावल जैसे खाद्य पदार्थ सूजन को बढ़ा सकते हैं। साबुत अनाज चुनें।
  • नाइटशेड सब्जियां (कुछ लोगों में): टमाटर, बैंगन, आलू और शिमला मिर्च कुछ संवेदनशील लोगों में सूजन को बढ़ा सकते हैं। यदि आपको लगता है कि ये आपके लक्षणों को प्रभावित कर रहे हैं तो इनका सेवन सीमित करें।
  • अल्कोहल: कुछ प्रकार की गठिया में लक्षणों को बढ़ा सकता है और कुछ दवाओं के साथ प्रतिक्रिया कर सकता है। अपने डॉक्टर से सलाह लें।
  • उच्च प्यूरिन वाले खाद्य पदार्थ (गाउट वाले लोगों के लिए): रेड मीट, ऑर्गन मीट, शेलफिश और कुछ प्रकार की मछली में प्यूरिन अधिक होता है, जो यूरिक एसिड के स्तर को बढ़ा सकता है और गाउट के दौरे को ट्रिगर कर सकता है।
  • कुछ खाद्य पदार्थ जो दवाओं के साथ हस्तक्षेप कर सकते हैं: यदि आप वारफेरिन जैसी रक्त पतला करने वाली दवाएं ले रहे हैं, तो विटामिन के से भरपूर खाद्य पदार्थों (जैसे हरी पत्तेदार सब्जियां) का सेवन स्थिर रखें। अपनी दवाओं के बारे में अपने डॉक्टर से बात करें और क्या कोई विशिष्ट खाद्य पदार्थ हैं जिनसे आपको बचना चाहिए या जिनका सेवन सीमित करना चाहिए।

टखने का गठिया के जोखिम को कैसे कम करें?

टखने के गठिया के जोखिम को पूरी तरह से खत्म करना संभव नहीं है, खासकर यदि आपके जोखिम कारक जैसे कि उम्र या परिवार का इतिहास हैं। हालांकि, कुछ कदम उठाकर आप इसके विकास की संभावना को कम कर सकते हैं या इसकी शुरुआत को धीमा कर सकते हैं:

  • चोटों से बचाव: टखने के गठिया का एक प्रमुख कारण पिछली चोटें हैं। इसलिए, टखने की चोटों से बचाव करना महत्वपूर्ण है:
    • खेलों के दौरान उचित सुरक्षात्मक उपकरण पहनें: यदि आप ऐसे खेल खेलते हैं जिनमें टखने में चोट लगने का खतरा होता है, तो उचित सपोर्ट वाले जूते और टखने के ब्रेसिज़ का उपयोग करें।
    • खेलने या व्यायाम करने से पहले वार्म-अप करें: अपनी मांसपेशियों को तैयार करने से चोट लगने का खतरा कम हो सकता है।
    • अत्यधिक गतिविधियों से बचें: धीरे-धीरे अपनी गतिविधि के स्तर को बढ़ाएं और अचानक या अत्यधिक तनाव से बचें।
    • सतर्क रहें: असमान सतहों पर चलते समय या सीढ़ियां चढ़ते समय सावधानी बरतें ताकि गिरने से बचा जा सके।
  • स्वस्थ वजन बनाए रखें: अतिरिक्त वजन आपके टखने के जोड़ों पर अधिक दबाव डालता है, जिससे उपास्थि तेजी से घिस सकती है। स्वस्थ वजन बनाए रखने से इस तनाव को कम करने में मदद मिलती है।
  • नियमित व्यायाम करें: कम प्रभाव वाले व्यायाम, जैसे तैराकी, साइकिल चलाना या चलना, आपके टखने के आसपास की मांसपेशियों को मजबूत करने और जोड़ों को स्थिर रखने में मदद कर सकते हैं। लचीलापन बनाए रखने के लिए स्ट्रेचिंग भी महत्वपूर्ण है।
  • अच्छी मुद्रा बनाए रखें: चलने और खड़े होने के दौरान अच्छी मुद्रा बनाए रखने से आपके जोड़ों पर समान रूप से वजन वितरित करने में मदद मिलती है।
  • संतुलित आहार लें: एक स्वस्थ आहार जो एंटीऑक्सिडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर हो, समग्र जोड़ों के स्वास्थ्य का समर्थन कर सकता है। कैल्शियम और विटामिन डी जैसे पोषक तत्व हड्डियों को मजबूत रखने में मदद करते हैं।
  • उच्च प्रभाव वाली गतिविधियों से बचें या उनमें बदलाव करें: यदि आप ऐसी गतिविधियों में शामिल हैं जो आपके टखनों पर बहुत अधिक तनाव डालती हैं, तो कम प्रभाव वाले विकल्पों पर स्विच करने या अपनी तकनीक में बदलाव करने पर विचार करें।
  • पहले से मौजूद टखने की समस्याओं का प्रबंधन करें: यदि आपको पहले से ही टखने में दर्द, अस्थिरता या कोई अन्य समस्या है, तो उचित निदान और उपचार के लिए डॉक्टर से मिलें। इन समस्याओं का प्रभावी ढंग से प्रबंधन करने से भविष्य में गठिया के विकास के जोखिम को कम किया जा सकता है।
  • धूम्रपान छोड़ें: धूम्रपान रक्त परिसंचरण को खराब कर सकता है और जोड़ों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।

सारांश

टखने का गठिया एक ऐसी स्थिति है जिसमें टखने के जोड़ में उपास्थि टूट जाती है, जिससे दर्द, सूजन और अकड़न होती है। इसके मुख्य कारणों में ऑस्टियोआर्थराइटिस (उम्र से संबंधित घिसाव), रुमेटीइड गठिया (एक ऑटोइम्यून बीमारी), और पिछली टखने की चोटें शामिल हैं। लक्षणों में दर्द, अकड़न, सूजन, गति की कमी और पीसने की सनसनी शामिल हैं।

कुछ लोगों में टखने के गठिया का खतरा अधिक होता है, जैसे कि वृद्ध लोग, पिछली टखने की चोट वाले व्यक्ति, अधिक वजन वाले लोग और जिनके परिवार में गठिया का इतिहास है। निदान शारीरिक परीक्षा, चिकित्सा इतिहास और एक्स-रे जैसे इमेजिंग परीक्षणों के माध्यम से किया जाता है।

टखने के गठिया का कोई इलाज नहीं है, लेकिन उपचार का उद्देश्य दर्द को कम करना, सूजन को नियंत्रित करना और गतिशीलता में सुधार करना है। उपचार में दवाएं, भौतिक चिकित्सा, ऑर्थोटिक्स और जीवनशैली में बदलाव शामिल हो सकते हैं। गंभीर मामलों में सर्जरी (आर्थ्रोस्कोपी, फ्यूजन या प्रतिस्थापन) एक विकल्प हो सकता है। घरेलू उपचार, जैसे आराम, बर्फ, गर्मी और हल्के व्यायाम, लक्षणों को प्रबंधित करने में मदद कर सकते हैं। स्वस्थ वजन बनाए रखना और टखने की चोटों से बचाव करना जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है।

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