एंकल ऑस्टियोआर्थराइटिस
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एंकल ऑस्टियोआर्थराइटिस (टखने का गठिया): कारण और उपचार

एंकल ऑस्टियोआर्थराइटिस (Ankle Osteoarthritis), जिसे सामान्य भाषा में ‘टखने का घिसाव’ या ‘टखने का गठिया’ कहा जाता है, एक ऐसी स्थिति है जो किसी व्यक्ति की चलने-फिरने की क्षमता और जीवन की गुणवत्ता को बुरी तरह प्रभावित कर सकती है। घुटने और कूल्हे के गठिया की तुलना में यह कम सामान्य है, लेकिन जब यह होता है, तो यह अत्यधिक दर्दनाक हो सकता है।

एंकल ऑस्टियोआर्थराइटिस (टखने का गठिया) Video

यह विस्तृत लेख आपको यह समझने में मदद करेगा कि यह बीमारी क्या है, यह क्यों होती है, और इसके उपचार और प्रबंधन के लिए सर्वोत्तम विकल्प क्या हैं।

एंकल ऑस्टियोआर्थराइटिस क्या है? (What is Ankle Osteoarthritis?)

एंकल ऑस्टियोआर्थराइटिस एक प्रगतिशील (progressive) बीमारी है जो टखने के जोड़ को प्रभावित करती है। टखने का जोड़ मुख्य रूप से तीन हड्डियों से मिलकर बना होता है:

  1. टिबिया (Tibia): पैर की बड़ी हड्डी (Shinbone)।
  2. फिबुला (Fibula): पैर की छोटी बाहरी हड्डी।
  3. टैलस (Talus): पैर की वह हड्डी जो ऊपर की दोनों हड्डियों के बीच फिट होती है।

एक स्वस्थ जोड़ में, इन हड्डियों के सिरे एक चिकने, फिसलन वाले ऊतक से ढके होते हैं जिसे आर्टिकुलर कार्टिलेज (Articular Cartilage) या उपास्थि कहा जाता है। यह कार्टिलेज कुशन की तरह काम करता है, जिससे हड्डियां एक-दूसरे पर आसानी से ग्लाइड करती हैं और झटकों को सोख लेती हैं।

ऑस्टियोआर्थराइटिस में क्या होता है?

समय के साथ या चोट के कारण, यह कार्टिलेज घिसने लगता है या पतला हो जाता है। जब कार्टिलेज पूरी तरह से खराब हो जाता है, तो “हड्डी से हड्डी” (Bone-on-Bone) का घर्षण शुरू हो जाता है। इससे सूजन, दर्द, और हड्डियों के किनारों पर ‘बोन स्पर्स’ (हड्डी का बढ़ना) जैसी समस्याएं पैदा होती हैं।

एंकल ऑस्टियोआर्थराइटिस के मुख्य कारण (Main Causes)

घुटने या कूल्हे के आर्थराइटिस के विपरीत, जो अक्सर उम्र बढ़ने (wear and tear) के कारण होता है, टखने का आर्थराइटिस अक्सर पुरानी चोटों से जुड़ा होता है।

1. पोस्ट-ट्रॉमेटिक आर्थराइटिस (Post-Traumatic Arthritis)

यदि आपको अतीत में टखने में गंभीर फ्रैक्चर हुआ हो, या बार-बार गंभीर मोच (Sprain) आई हो, तो यह जोड़ के कार्टिलेज को नुकसान पहुंचा सकता है। चोट लगने के वर्षों या दशकों बाद आर्थराइटिस विकसित हो सकता है।

2. रुमेटीइड आर्थराइटिस (Rheumatoid Arthritis)

यह एक ऑटोइम्यून बीमारी है जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली अपने ही जोड़ों पर हमला करती है। हालांकि यह आमतौर पर शरीर के दोनों तरफ के जोड़ों को प्रभावित करता है, यह टखने के कार्टिलेज को नष्ट कर सकता है।

3. बायोमैकेनिक्स और पैरों की बनावट (Biomechanics)

जिन लोगों के पैर सपाट होते हैं (Flat feet) या जिनके आर्च बहुत ऊंचे होते हैं (High arches), उनके टखने के जोड़ पर असमान दबाव पड़ता है। समय के साथ, यह असमान वजन वितरण कार्टिलेज के एक विशेष हिस्से को जल्दी घिस सकता है।

4. मोटापा (Obesity)

चलते समय हमारे शरीर का वजन टखनों पर कई गुना बढ़ जाता है। अतिरिक्त वजन जोड़ों पर अतिरिक्त तनाव डालता है, जिससे कार्टिलेज के टूटने की गति तेज हो जाती है।

5. संक्रमण (Infection)

टखने के जोड़ में पिछला संक्रमण (septic arthritis) कार्टिलेज को स्थायी नुकसान पहुंचा सकता है, जिससे बाद में ऑस्टियोआर्थराइटिस हो सकता है।

लक्षण (Symptoms)

एंकल ऑस्टियोआर्थराइटिस के लक्षण धीरे-धीरे विकसित होते हैं और समय के साथ खराब हो सकते हैं:

  • दर्द: चलने, दौड़ने या वजन उठाने पर टखने में तेज दर्द। आराम करने पर भी हल्का दर्द बना रह सकता है।
  • सूजन: जोड़ के आसपास लगातार सूजन रहना।
  • अकड़न (Stiffness): सुबह उठने पर या लंबे समय तक बैठने के बाद टखने में जकड़न महसूस होना।
  • अस्थिरता: चलते समय ऐसा महसूस होना कि टखना “मुड़” जाएगा या वह शरीर का वजन नहीं संभाल पा रहा है।
  • ध्वनि: चलते समय टखने से कट-कट की आवाज या पीसने (Grinding) का अहसास होना।

उपचार के विकल्प (Treatment Options)

इलाज का मुख्य उद्देश्य दर्द को कम करना और मरीज को फिर से चलने-फिरने में सक्षम बनाना है। उपचार को दो श्रेणियों में बांटा गया है: गैर-सर्जिकल और सर्जिकल।

1. गैर-सर्जिकल उपचार (Conservative Treatment)

ज्यादातर मामलों में, डॉक्टर सबसे पहले बिना सर्जरी वाले विकल्पों की सलाह देते हैं:

  • दवाएं (Medications): दर्द और सूजन को कम करने के लिए नॉन-स्टेरायडल एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग्स (NSAIDs) जैसे इबुप्रोफेन या नेप्रोक्सन दी जाती हैं।
  • जूते और ऑर्थोटिक्स (Shoe Modifications):
    • कुशन वाले जूते (Cushioned shoes) झटकों को कम करने में मदद करते हैं।
    • ‘रॉकर बॉटम’ (Rocker bottom) वाले जूते टखने की गति को कम करके दर्द में राहत देते हैं।
    • कस्टम-मेड इनसोल (Insoles) पैरों के संतुलन को सुधारते हैं।
  • ब्रेसिंग (Bracing): एंकल ब्रेस (Ankle brace) या AFO (Ankle-Foot Orthosis) पहनने से जोड़ को सहारा मिलता है और गति सीमित होती है, जिससे दर्द कम होता है।
  • इंजेक्शन (Injections):
    • कॉर्टिकोस्टेरॉइड इंजेक्शन: यह गंभीर सूजन और दर्द को कम करने के लिए सीधे जोड़ में लगाया जाता है।
    • हाइलूरोनिक एसिड: यह जोड़ को लुब्रिकेट (चिकना) करने में मदद करता है।
  • वजन प्रबंधन: वजन कम करने से टखने पर पड़ने वाला दबाव काफी कम हो जाता है।

2. सर्जिकल उपचार (Surgical Treatment)

जब गैर-सर्जिकल उपचार विफल हो जाते हैं और दर्द असहनीय हो जाता है, तो सर्जरी पर विचार किया जाता है:

  • आर्थ्रोस्कोपिक डिब्राइडमेंट (Arthroscopic Debridement): यह एक छोटी सर्जरी है जिसमें कैमरे की मदद से जोड़ के अंदर से खराब ऊतकों और हड्डी के टुकड़ों (bone spurs) को साफ किया जाता है। यह शुरुआती आर्थराइटिस के लिए है।
  • एंकल आर्थ्रोडिसिस/फ्यूजन (Ankle Fusion): यह एंकल आर्थराइटिस के लिए गोल्ड स्टैंडर्ड माना जाता है। इसमें सर्जन टखने की हड्डियों को धातु की प्लेटों और पेंचों (screws) से आपस में जोड़ देते हैं।
    • लाभ: दर्द पूरी तरह खत्म हो जाता है।
    • नुकसान: टखने की ऊपर-नीचे की गति खत्म हो जाती है (मरीज लंगड़ा कर नहीं चलता, लेकिन दौड़ना मुश्किल हो सकता है)।
  • एंकल रिप्लेसमेंट (Total Ankle Replacement): घुटने के रिप्लेसमेंट की तरह, इसमें खराब जोड़ को हटाकर धातु और प्लास्टिक से बना कृत्रिम जोड़ लगाया जाता है। यह गति को बनाए रखता है लेकिन यह हर मरीज के लिए उपयुक्त नहीं होता।

एंकल आर्थराइटिस के लिए कसरत (Exercises for Ankle Arthritis)

व्यायाम टखने के आसपास की मांसपेशियों को मजबूत करने और जोड़ की गतिशीलता (Range of Motion) को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

(सावधानी: कोई भी व्यायाम शुरू करने से पहले अपने फिजियोथेरेपिस्ट से सलाह अवश्य लें।)

1. एंकल सर्कल्स (Ankle Circles)

यह व्यायाम जकड़न को कम करने और गतिशीलता बढ़ाने के लिए बहुत अच्छा है।

  • विधि: कुर्सी पर आराम से बैठें और अपने एक पैर को जमीन से थोड़ा ऊपर उठाएं। अब अपने अंगूठे से हवा में एक बड़ा गोला बनाने की कोशिश करें।
  • दोहराव: 10 बार घड़ी की दिशा में (clockwise) और 10 बार विपरीत दिशा में (counter-clockwise) घुमाएं। फिर दूसरे पैर से करें।
ankle circle
ankle circle

2. काफ़ स्ट्रेच (Calf Stretch)

पिंडली (Calf) की मांसपेशियां अगर टाइट हों, तो वे टखने पर अधिक दबाव डालती हैं। उन्हें स्ट्रेच करना दर्द निवारण के लिए जरूरी है।

  • विधि: एक दीवार के सामने खड़े हो जाएं। अपने हाथों को दीवार पर रखें। जिस पैर में दर्द है उसे पीछे रखें और एड़ी को जमीन पर मजबूती से टिकाए रखें। आगे वाले घुटने को तब तक मोड़ें जब तक कि आपको पिछले पैर की पिंडली में खिंचाव महसूस न हो।
  • समय: इस स्थिति को 20-30 सेकंड तक होल्ड करें। 3 बार दोहराएं।
Wall Calf Stretch
Wall Calf Stretch

3. एंकल अल्फाबेट (Ankle Alphabet)

यह सूक्ष्म गतिविधियों और नियंत्रण के लिए एक मजेदार और प्रभावी व्यायाम है।

  • विधि: बैठें या लेट जाएं और पैर को हवा में उठाएं। अपने बड़े पैर के अंगूठे का उपयोग “पेन” के रूप में करें और हवा में A से Z तक वर्णमाला (Alphabet) लिखें।
  • लाभ: यह टखने को हर संभव दिशा में घुमाता है, जिससे अकड़न कम होती है।
Ankle Alphabets Exercise
Ankle Alphabets Exercise

4. हील रेज़ (Heel Raises)

यह व्यायाम टखने को सहारा देने वाली मांसपेशियों को मजबूत करता है।

  • विधि: एक कुर्सी या दीवार का सहारा लेकर सीधे खड़े हो जाएं। धीरे-धीरे अपने पंजों के बल ऊपर उठें (एड़ियों को जमीन से ऊपर उठाएं)। 2 सेकंड रुकें और फिर धीरे-धीरे एड़ियों को नीचे लाएं।
  • दोहराव: 10-15 के 2 सेट करें।
Calf Raises
Heel Raises

5. रेजिस्टेंस बैंड कसरत (Resistance Band Exercises)

यह स्ट्रेंथ ट्रेनिंग (मजबूती) के लिए सबसे महत्वपूर्ण है।

  • डॉर्सिफ्लेक्सन (Dorsiflexion): फर्श पर बैठकर पैर सीधे करें। रेजिस्टेंस बैंड को पंजे के चारों ओर लपेटें और बैंड के सिरों को हाथ से पकड़ें या किसी भारी चीज (जैसे टेबल के पाये) से बांध दें। अब अपने पंजे को अपनी तरफ (चेहरे की तरफ) खींचें। धीरे-धीरे वापस ले जाएं।
  • प्लांटरफ्लेक्सन (Plantarflexion): बैंड को हाथ में पकड़ें और पंजे के तलवे के नीचे से निकालें। अब पंजे को बैंड के विरोध में नीचे की तरफ (गैस पेडल दबाने जैसा) दबाएं।
  • दोहराव: 10-15 बार करें।
Resisted Band Ankle Flexion
Resisted Band Ankle Flexion

सारांश और निष्कर्ष (Conclusion)

एंकल ऑस्टियोआर्थराइटिस (टखने का घिसाव) एक चुनौतीपर्ण स्थिति है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आपको दर्द में ही जीना होगा। सही निदान और शुरुआती हस्तक्षेप से आप अपनी जीवनशैली को सक्रिय रख सकते हैं।

मुख्य बिंदु:

  • अगर आपको पुरानी चोट है, तो टखने के दर्द को नजरअंदाज न करें।
  • वजन को नियंत्रित रखना सबसे बड़ा बचाव है।
  • जूतों में बदलाव और फिजियोथेरेपी (कसरत) शुरुआती उपचार की पहली पंक्ति होनी चाहिए।
  • सर्जरी (फ्यूजन या रिप्लेसमेंट) अंतिम विकल्प है, लेकिन इसके परिणाम बहुत सफल होते हैं।

यदि आप टखने में लगातार दर्द, सूजन या जकड़न का अनुभव कर रहे हैं, तो किसी ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ (हड्डी रोग विशेषज्ञ) से परामर्श करें। एक व्यक्तिगत उपचार योजना ही आपको दर्द मुक्त जीवन की ओर ले जा सकती है।

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