गर्भावस्था के दौरान पीठ/ पेल्विस दर्द और फिजियोथेरेपी
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गर्भावस्था के दौरान पीठ/ पेल्विस दर्द और फिजियोथेरेपी

गर्भावस्था के दौरान पीठ और पेल्विस का दर्द: कारण, प्रबंधन और फिजियोथेरेपी का सहारा🤰

गर्भावस्था एक अद्भुत शारीरिक और भावनात्मक यात्रा है, लेकिन यह अक्सर कुछ असहजताओं के साथ आती है, जिनमें पीठ का दर्द (Back Pain) और पेल्विक गर्डल पेन (Pelvic Girdle Pain – PGP) सबसे आम हैं। अध्ययनों के अनुसार, लगभग 70% गर्भवती महिलाएं किसी न किसी रूप में पीठ दर्द का अनुभव करती हैं, और लगभग 20% महिलाएं पी.जी.पी. से पीड़ित होती हैं।

यह दर्द न केवल दैनिक गतिविधियों को प्रभावित करता है, बल्कि नींद और जीवन की समग्र गुणवत्ता को भी बिगाड़ सकता है। फिजियोथेरेपी (Physiotherapy) गर्भावस्था के दौरान इन दर्दों के प्रबंधन के लिए सबसे सुरक्षित, प्रभावी और गैर-औषधीय (Non-Pharmacological) समाधानों में से एक है।

दर्द के मुख्य कारण (Main Causes of Pain)

गर्भावस्था के दौरान पीठ और पेल्विस में दर्द के मुख्य कारण जटिल होते हैं और आमतौर पर कई कारकों का मेल होते हैं:

1. हार्मोनल परिवर्तन (Hormonal Changes)

  • रिलैक्सिन हार्मोन: गर्भावस्था के दौरान शरीर रिलैक्सिन (Relaxin) हार्मोन का उत्पादन बढ़ाता है। यह हार्मोन प्रसव (Delivery) के लिए श्रोणि (Pelvis) के स्नायुबंधन (Ligaments) और जोड़ों को ढीला और लचीला बनाता है। हालांकि, यह ढीलापन (Laxity) पीठ और पेल्विस के जोड़ों की स्थिरता (Stability) को कम कर देता है, जिससे दर्द होता है।

2. यांत्रिक परिवर्तन (Mechanical Changes)

  • बढ़ता वजन: जैसे-जैसे गर्भ में बच्चा बढ़ता है, शरीर का कुल वजन और गर्भ का वजन तेजी से बढ़ता है, जिससे पीठ और पेल्विस पर दबाव बढ़ जाता है।
  • आसन में परिवर्तन (Change in Posture): पेट आगे बढ़ने के कारण शरीर का गुरुत्वाकर्षण केंद्र (Center of Gravity) बदल जाता है। इसे संतुलित करने के लिए महिलाएं अनायास ही अपनी पीठ को अधिक झुकाती हैं (लम्बर लॉर्डोसिस), जिससे रीढ़ की हड्डी के निचले हिस्से (Lower Back) और पेल्विस के जोड़ों पर अत्यधिक तनाव पड़ता है।

3. मांसपेशियों में कमजोरी

  • कोर की कमजोरी: गर्भाशय के खिंचाव के कारण पेट (Core) के गहरे स्नायु (Deep Abdominal Muscles) कमजोर और खिंच जाते हैं। ये स्नायु सामान्य रूप से रीढ़ की हड्डी को स्थिर रखते हैं। इनकी कमजोरी दर्द का कारण बनती है।

फिजियोथेरेपी का दृष्टिकोण (Physiotherapy Approach)

फिजियोथेरेपी गर्भावस्था के दौरान होने वाले दर्द के प्रबंधन में एक सक्रिय और निवारक भूमिका निभाती है।

1. सही आसन और बॉडी मैकेनिक्स प्रशिक्षण

  • जागरूकता: फिजियोथेरेपिस्ट गर्भवती महिलाओं को खड़े होने, बैठने, चलने और सोने के सही तरीके सिखाते हैं ताकि रीढ़ और पेल्विस पर अनावश्यक तनाव न पड़े।
  • उठने-बैठने की तकनीक: उन्हें बैठने से उठते समय या बिस्तर पर करवट लेते समय पैरों और बांहों का उपयोग करना सिखाया जाता है, जिससे पेल्विक गर्डल पर तनाव कम हो।

2. स्थिरता और शक्ति प्रशिक्षण

  • कोर स्थिरीकरण (Core Stabilization): फिजियोथेरेपी विशेष व्यायाम (जैसे केगेल व्यायाम और हल्के ट्रांसवर्सस एब्डोमिनिस सक्रियण) सिखाती है जो श्रोणि और रीढ़ की हड्डी को सहारा देने वाली आंतरिक मांसपेशियों को मजबूत करते हैं।
  • श्रोणि गर्डल स्थिरीकरण: वे ग्लूटियल (Gluteal) और हिप की मांसपेशियों को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करते हैं, जो पेल्विक जोड़ों की स्थिरता में सुधार करते हैं।

3. दर्द प्रबंधन तकनीक

  • मैनुअल थेरेपी: फिजियोथेरेपिस्ट ढीले हुए जोड़ों और कठोर स्नायुओं को आराम देने के लिए कोमल मैनुअल तकनीक (Manual Techniques) का उपयोग करते हैं।
  • हीट और कोल्ड थेरेपी: दर्द और सूजन कम करने के लिए सुरक्षित रूप से गर्म या ठंडे पैक का उपयोग करने की सलाह देते हैं।
  • बेल्ट और सपोर्ट: गंभीर पी.जी.पी. के मामलों में, श्रोणि बेल्ट (Pelvic Support Belt) या मैटरनिटी बेल्ट का उपयोग करने की सलाह दी जाती है जो जोड़ों को बाहरी सहारा प्रदान करते हैं।

घर पर किए जाने वाले सुरक्षित व्यायाम (Safe Home Exercises)

फिजियोथेरेपिस्ट की देखरेख में निम्नलिखित व्यायाम गर्भावस्था के दौरान सुरक्षित रूप से किए जा सकते हैं:

  1. पेल्विक टिल्ट्स (Pelvic Tilts – कैट-काऊ): रीढ़ की हड्डी के लचीलेपन को बनाए रखने और पीठ के निचले हिस्से को मजबूत करने में मदद करता है।
  2. हिप स्ट्रेच और क्लैमशेल्स (Clamshells): हिप की बाहरी मांसपेशियों को मजबूत करते हैं, जो श्रोणि की स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण हैं।
  3. जल चिकित्सा (Aquatic Therapy): पानी में चलना या व्यायाम करना बहुत फायदेमंद है क्योंकि पानी में शरीर का वजन कम महसूस होता है, जिससे जोड़ों पर दबाव कम होता है।
  4. तैराकी (Swimming) और चलना (Walking): ये कम-प्रभाव वाले एरोबिक व्यायाम हैं जो समग्र फिटनेस और रक्त परिसंचरण को बनाए रखने में मदद करते हैं।

निष्कर्ष

गर्भावस्था के दौरान पीठ और पेल्विस का दर्द आम है, लेकिन यह असहनीय नहीं होना चाहिए। फिजियोथेरेपी एक सुरक्षित और प्रभावी हस्तक्षेप प्रदान करती है जो न केवल दर्द से राहत दिलाता है, बल्कि गर्भवती महिला को उसकी गर्भावस्था को अधिक सहजता और शक्ति के साथ पूरा करने के लिए भी तैयार करता है। एक व्यक्तिगत उपचार योजना के लिए हमेशा एक प्रसूति फिजियोथेरेपिस्ट (Obstetric Physiotherapist) से परामर्श करना सबसे अच्छा है।

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