अस्थि घनत्व टेस्ट— क्यों और कैसे
|

अस्थि घनत्व टेस्ट— क्यों और कैसे

अस्थि घनत्व टेस्ट (Bone Density Test): क्यों और कैसे: ऑस्टियोपोरोसिस का निदान और निवारण 🦴🔬

अस्थि घनत्व टेस्ट (Bone Density Test), जिसे आमतौर पर डेक्सा स्कैन (DEXA Scan – Dual-Energy X-ray Absorptiometry) के नाम से जाना जाता है, एक सरल, त्वरित और गैर-आक्रामक प्रक्रिया है जो यह मापती है कि आपकी हड्डियों में कितना खनिज (Minerals) मौजूद है।

यह टेस्ट आपकी हड्डियों की मजबूती का आकलन करने और ऑस्टियोपोरोसिस (Osteoporosis) नामक गंभीर स्थिति का निदान करने के लिए एक महत्वपूर्ण उपकरण है।

जैसे-जैसे हमारी उम्र बढ़ती है, खासकर महिलाओं में रजोनिवृत्ति (Menopause) के बाद, हड्डियां कमजोर होने लगती हैं। ऑस्टियोपोरोसिस एक ऐसी स्थिति है जिसमें हड्डियां इतनी भंगुर (Brittle) हो जाती हैं कि सामान्य गिरावट या तनाव से भी फ्रैक्चर (Fracture) होने का खतरा बढ़ जाता है। इस टेस्ट का उद्देश्य इस बीमारी का शुरुआती चरण में पता लगाना है, इससे पहले कि कोई फ्रैक्चर हो।

I. अस्थि घनत्व टेस्ट क्यों करवाना चाहिए? (Why Get a Bone Density Test?)

डेक्सा स्कैन करवाना क्यों महत्वपूर्ण है, इसके कई कारण हैं, खासकर यदि आप उच्च जोखिम वाली श्रेणी में आते हैं:

1. ऑस्टियोपोरोसिस का शुरुआती निदान:

यह टेस्ट ऑस्टियोपोरोसिस का पता लगाने का सबसे प्रभावी तरीका है। जल्दी पता चलने पर उपचार शुरू किया जा सकता है, जिससे फ्रैक्चर के जोखिम को काफी कम किया जा सकता है।

2. फ्रैक्चर जोखिम का आकलन:

टेस्ट के परिणाम से डॉक्टर यह अनुमान लगा सकते हैं कि आपको अगले 10 वर्षों में हिप या रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर होने का कितना खतरा है।

3. उपचार की निगरानी:

यदि आप पहले से ही ऑस्टियोपोरोसिस का इलाज करा रहे हैं, तो यह टेस्ट यह जांचने में मदद करता है कि उपचार आपकी हड्डियों के घनत्व को प्रभावी ढंग से बढ़ा रहा है या नहीं।

4. उच्च जोखिम वाले समूह:

निम्नलिखित लोगों को डेक्सा स्कैन करवाने की सलाह दी जाती है:

  • महिलाएं: 65 वर्ष और उससे अधिक उम्र की सभी महिलाएं।
  • पुरुष: 70 वर्ष और उससे अधिक उम्र के सभी पुरुष।
  • कम उम्र: 50 वर्ष से अधिक उम्र के ऐसे लोग जिन्हें मामूली चोट लगने पर फ्रैक्चर हुआ हो।
  • चिकित्सा इतिहास: रूमेटाइड आर्थराइटिस, क्रोहन रोग, या हाइपरथायरायडिज्म जैसी कुछ बीमारियों से पीड़ित लोग।
  • दवाएं: लंबे समय तक स्टेरॉयड (Steroids) या कुछ अन्य दवाएं लेने वाले लोग।

II. अस्थि घनत्व टेस्ट कैसे किया जाता है? (How is the Bone Density Test Performed?)

डेक्सा स्कैन एक सरल, दर्दरहित और तेज प्रक्रिया है।

1. तैयारी:

  • टेस्ट से 24 घंटे पहले कैल्शियम सप्लीमेंट्स लेना बंद कर दें।
  • टेस्ट के दिन कोई भी धातु की वस्तु (बेल्ट, जिपर, गहने) पहनकर न आएं, क्योंकि ये एक्स-रे को बाधित कर सकते हैं।
  • यदि हाल ही में कोई अन्य एक्स-रे या बेरियम (Barium) परीक्षण हुआ है, तो इसकी सूचना डॉक्टर को दें।

2. प्रक्रिया:

  • स्थिति: आपको एक गद्देदार प्लेटफॉर्म पर पीठ के बल लेटने के लिए कहा जाएगा।
  • स्कैनिंग: एक मशीन (स्कैनर आर्म) आपके शरीर के ऊपर से धीरे-धीरे गुजरती है। यह आपके शरीर के लक्ष्यों वाले हिस्सों (आमतौर पर निचली रीढ़ की हड्डी और हिप्स) पर निम्न-खुराक वाले एक्स-रे भेजती है।
  • समय: यह पूरी प्रक्रिया आमतौर पर 10 से 20 मिनट तक चलती है।
  • एक्स-रे की खुराक: डेक्सा स्कैन में एक्स-रे की खुराक बहुत कम होती है (छाती के एक्स-रे से भी कम)।

III. अस्थि घनत्व टेस्ट के परिणाम और उनका अर्थ

डेक्सा स्कैन के परिणाम को T-स्कोर (T-Score) और Z-स्कोर (Z-Score) के रूप में व्यक्त किया जाता है:

1. T-स्कोर (T-Score):

यह आपके अस्थि घनत्व की तुलना 30 वर्षीय स्वस्थ वयस्क के अधिकतम अस्थि घनत्व से करता है। यह ऑस्टियोपोरोसिस का निदान करने के लिए मुख्य माप है।

T-स्कोर की सीमापरिणामस्थिति का अर्थ
+1.0 से -1.0सामान्य (Normal)आपकी हड्डियां सामान्य रूप से स्वस्थ हैं।
-1.0 से -2.5ऑस्टियोपीनिया (Osteopenia)हड्डियां सामान्य से कम घनी हैं (ऑस्टियोपोरोसिस के अग्रदूत)।
-2.5 या उससे कमऑस्टियोपोरोसिसआपको ऑस्टियोपोरोसिस है, फ्रैक्चर का खतरा अधिक है।

2. Z-स्कोर (Z-Score):

यह आपके अस्थि घनत्व की तुलना आपकी ही उम्र और लिंग के स्वस्थ लोगों के अस्थि घनत्व से करता है। यह आमतौर पर बच्चों और युवा वयस्कों में इस्तेमाल किया जाता है। यदि Z-स्कोर -2.0 से कम है, तो यह संकेत दे सकता है कि ऑस्टियोपोरोसिस का कारण केवल उम्र नहीं है, बल्कि कोई अंतर्निहित चिकित्सीय स्थिति है।

IV. अस्थि स्वास्थ्य का प्रबंधन

यदि आपके टेस्ट के परिणाम ऑस्टियोपीनिया या ऑस्टियोपोरोसिस दिखाते हैं, तो आपका डॉक्टर फ्रैक्चर के जोखिम को कम करने के लिए उपचार की सिफारिश करेगा:

  • आहार: कैल्शियम (दूध, पनीर, दही) और विटामिन डी (सूर्य का प्रकाश, मछली, सप्लीमेंट्स) से भरपूर आहार लें।
  • व्यायाम: वजन उठाने वाले व्यायाम (Weight-Bearing Exercises) जैसे चलना, दौड़ना या डांसिंग, और प्रतिरोध प्रशिक्षण (Resistance Training) हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करते हैं।
  • दवाएं: डॉक्टर बिस्फोस्फोनेट्स (Bisphosphonates) जैसे दवाएं लिख सकते हैं जो हड्डियों के नुकसान को धीमा करती हैं या नए हड्डी के निर्माण में मदद करती हैं।

निष्कर्ष

अस्थि घनत्व टेस्ट एक शक्तिशाली नैदानिक ​​उपकरण है जो आपकी हड्डियों के भविष्य को समझने में मदद करता है। यदि आप उच्च जोखिम वाली श्रेणी में हैं, तो डॉक्टर से बात करें और समय पर डेक्सा स्कैन करवाएं। ऑस्टियोपोरोसिस एक इलाज योग्य स्थिति है, और शुरुआती हस्तक्षेप से आप फ्रैक्चर के दर्द और विकलांगता से बच सकते हैं, जिससे आप एक स्वस्थ और सक्रिय जीवन जी सकते हैं।

Similar Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *