सर्वाइकल स्पॉन्डिलोसिस
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सर्वाइकल स्पॉन्डिलोसिस: कारण, लक्षण, निदान, उपचार

परिचय

सर्वाइकल स्पॉन्डिलोसिस (Cervical Spondylosis) गर्दन की हड्डियों, डिस्क और जोड़ों में होने वाला एक प्रकार का अपक्षयी (degenerative) परिवर्तन है। यह आमतौर पर उम्र बढ़ने के साथ होने वाली सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसमें गर्दन के जोड़ और हड्डियाँ कमजोर हो जाती हैं। इस स्थिति को “गर्दन का गठिया” (Neck Arthritis) भी कहा जाता है।


सर्वाइकल स्पॉन्डिलोसिस के कारण

  1. उम्र बढ़ना (Aging): उम्र के साथ हड्डियों और डिस्क में लचीलापन कम हो जाता है, जिससे घिसाव शुरू होता है।
  2. गलत बैठने या सोने की मुद्रा: लंबे समय तक कंप्यूटर, मोबाइल या किताब पढ़ते समय गलत मुद्रा अपनाने से दबाव बढ़ता है।
  3. चोट या दुर्घटना: गर्दन में चोट लगने से रीढ़ की हड्डी पर असर पड़ सकता है।
  4. वजन उठाना या दोहराए जाने वाले कार्य: भारी वस्तुएँ उठाने या लगातार एक ही तरह की गतिविधियाँ करने से गर्दन पर दबाव बढ़ता है।
  5. विरासत में मिलना (Genetic Factors): परिवार में किसी को यह समस्या होने पर जोखिम बढ़ जाता है।

सर्वाइकल स्पॉन्डिलोसिस के लक्षण

  • गर्दन में दर्द या जकड़न
  • कंधे, बाहों या पीठ तक फैलने वाला दर्द
  • सिरदर्द (विशेष रूप से पीछे के हिस्से में)
  • चक्कर आना या संतुलन बिगड़ना
  • हाथों या उंगलियों में झुनझुनी या सुन्नपन
  • गर्दन घुमाने में कठिनाई

निदान (Diagnosis)

डॉक्टर लक्षणों के आधार पर प्रारंभिक जांच करते हैं और आवश्यकतानुसार निम्नलिखित परीक्षण कर सकते हैं:

  • एक्स-रे (X-Ray): हड्डियों में बदलाव का पता लगाने के लिए।
  • एमआरआई (MRI): नसों या डिस्क पर दबाव का पता लगाने के लिए।
  • सीटी स्कैन (CT Scan): विस्तृत हड्डी संरचना देखने के लिए।
  • नर्व कंडक्शन स्टडी (Nerve Conduction Study): नसों के कार्य की जांच के लिए।

उपचार (Treatment)

सर्वाइकल स्पॉन्डिलोसिस का उपचार रोग की गंभीरता पर निर्भर करता है। आमतौर पर निम्नलिखित तरीके अपनाए जाते हैं:

  1. दवाएँ (Medications):
  • दर्द और सूजन कम करने के लिए नॉन-स्टेरॉयडल दवाएँ (NSAIDs)
  • मांसपेशियों को आराम देने वाली दवाएँ
  • विटामिन B कॉम्प्लेक्स या कैल्शियम सप्लीमेंट
  1. फिजियोथेरेपी (Physiotherapy):
  • गर्दन और कंधे की एक्सरसाइज
  • मांसपेशियों की स्ट्रेचिंग और मजबूती
  • अल्ट्रासाउंड या ट्रैक्शन थेरेपी
  1. सर्जरी (Surgery):
    बहुत गंभीर मामलों में, जब नसों पर अत्यधिक दबाव होता है या दर्द असहनीय हो जाता है, तब सर्जरी की सलाह दी जा सकती है।

घरेलू उपाय (Home Remedies)

  • गर्म या ठंडी सिकाई: दर्द और सूजन में राहत देती है।
  • हल्की मालिश: ब्लड सर्कुलेशन बेहतर करती है।
  • सही तकिया और बैठने की मुद्रा: गर्दन पर दबाव कम करती है।
  • हल्की योग और प्राणायाम: जैसे ताड़ासन, भुजंगासन, और मकरासन।

रोकथाम (Prevention)

  • मोबाइल और लैपटॉप का उपयोग सीमित समय तक करें।
  • हर 30 मिनट में गर्दन को हल्का घुमाएँ।
  • वजन को नियंत्रित रखें।
  • संतुलित आहार लें जिसमें कैल्शियम और विटामिन D पर्याप्त मात्रा में हों।
  • नियमित व्यायाम और योग करें।

निष्कर्ष

सर्वाइकल स्पॉन्डिलोसिस एक सामान्य लेकिन असुविधाजनक स्थिति है जो जीवनशैली और उम्र दोनों से जुड़ी है। सही निदान, नियमित व्यायाम, और उचित मुद्रा अपनाने से इस समस्या को नियंत्रित किया जा सकता है और जीवन को दर्दमुक्त बनाया जा सकता है।

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