क्रोनिक पेल्विक दर्द (Chronic Pelvic Pain)
क्रोनिक पेल्विक दर्द (Chronic Pelvic Pain – CPP) एक ऐसी स्थिति है जिसमें पेट के निचले हिस्से (पेल्विक क्षेत्र) में लगातार या बार-बार दर्द होता है, जो छह महीने या उससे अधिक समय तक बना रहता है। यह दर्द इतना गंभीर हो सकता है कि यह व्यक्ति के दैनिक जीवन, काम, रिश्ते और भावनात्मक कल्याण को बुरी तरह प्रभावित करता है। पुरुषों और महिलाओं दोनों को प्रभावित कर सकता है, लेकिन यह महिलाओं में अधिक आम है।
CPP किसी एक बीमारी का लक्षण नहीं है, बल्कि यह अपने आप में एक जटिल स्थिति है जिसके कई संभावित कारण हो सकते हैं।
क्रोनिक पेल्विक दर्द के लक्षण
CPP के लक्षण व्यक्ति-दर-व्यक्ति भिन्न होते हैं और उनकी तीव्रता भी अलग-अलग हो सकती है। कुछ सामान्य लक्षण शामिल हैं:
- लगातार या रुक-रुक कर दर्द: दर्द हल्का, मध्यम या गंभीर हो सकता है और पूरे पेल्विक क्षेत्र में फैल सकता है।
- दर्द का स्थान: यह पेट के निचले हिस्से, कमर, जननांग क्षेत्र, पीठ के निचले हिस्से या नितंबों में महसूस हो सकता है।
- तीव्रता में भिन्नता: दर्द दिन के अलग-अलग समय पर, शारीरिक गतिविधि के दौरान, यौन संबंध बनाने पर, पेशाब या शौच के दौरान बढ़ सकता है।
- अन्य संबंधित लक्षण:
- पेशाब करने में दर्द या बार-बार पेशाब आना (मूत्राशय की समस्याओं से जुड़ा)।
- शौच के दौरान दर्द या कब्ज/दस्त (आंतों की समस्याओं से जुड़ा)।
- यौन संबंध बनाने के दौरान या बाद में दर्द (डिस्पेरुनिया)।
- मासिक धर्म के दौरान गंभीर दर्द (डिसमेनोरिया)।
- मांसपेशियों में ऐंठन या जकड़न।
- थकान, नींद की समस्या, डिप्रेशन और चिंता।
क्रोनिक पेल्विक दर्द के कारण
CPP के कई संभावित कारण हो सकते हैं, जो अक्सर एक-दूसरे से जुड़े होते हैं। इन्हें विभिन्न श्रेणियों में बांटा जा सकता है:
1. स्त्री रोग संबंधी कारण (महिलाओं में):
- एंडोमेट्रियोसिस (Endometriosis): एक ऐसी स्थिति जिसमें गर्भाशय के बाहर एंडोमेट्रियल ऊतक बढ़ता है, जिससे दर्द, सूजन और स्कार टिश्यू बनते हैं। यह CPP का एक बहुत ही आम कारण है।
- पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज (Pelvic Inflammatory Disease – PID): प्रजनन अंगों का संक्रमण जो अनुपचारित होने पर पुरानी सूजन और स्कारिंग का कारण बन सकता है।
- फाइब्रॉइड्स (Fibroids): गर्भाशय में गैर-कैंसरयुक्त वृद्धि जो दर्द, भारी रक्तस्राव और दबाव का कारण बन सकती है।
- ओवेरियन सिस्ट (Ovarian Cysts): अंडाशय पर द्रव से भरी थैली, जो कभी-कभी टूट सकती हैं या मरोड़ सकती हैं, जिससे तीव्र दर्द होता है जो क्रोनिक हो सकता है।
- पेल्विक कंजेस्शन सिंड्रोम (Pelvic Congestion Syndrome): पेल्विक क्षेत्र में शिराओं का फैलाव,
2. मूत्र संबंधी कारण:
- इंटरस्टिशियल सिस्टिटिस/ब्लैडर पेन सिंड्रोम (Interstitial Cystitis/Bladder Pain Syndrome – IC/BPS): मूत्राशय की एक क्रोनिक स्थिति जिसमें दर्द, दबाव और बार-बार पेशाब आने की इच्छा होती है।
- मूत्र पथ का संक्रमण (Urinary Tract Infection – UTI): बार-बार होने वाले या अनुपचारित UTI भी CPP का कारण बन सकते हैं।
3. गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल कारण:
4. मस्कुलोस्केलेटल कारण:
- इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (Irritable Bowel Syndrome – IBS): एक आंतों का विकार जिसमें पेट में दर्द, ऐंठन, सूजन और दस्त या कब्ज होते हैं,
- पेल्विक फ्लोर डिस्फंक्शन (Pelvic Floor Dysfunction): पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों में अत्यधिक तनाव या ऐंठन, जिससे दर्द और अन्य लक्षण हो सकते हैं।
- कोक्सीडाइनिया (Coccydynia): टेलबोन (रीढ़ की हड्डी के अंत में स्थित हड्डी) में दर्द।
- फाइब्रोमायल्जिया (Fibromyalgia): एक क्रोनिक दर्द सिंड्रोम जिसमें शरीर में व्यापक दर्द, कोमलता और थकान होती है।
5. तंत्रिका संबंधी कारण:
- प्युडेंडल न्यूराल्जिया (Pudendal Neuralgia): प्युडेंडल तंत्रिका में जलन या क्षति के कारण जननांग क्षेत्र में गंभीर दर्द।
- पेट की दीवार का तंत्रिका संपीड़न: पेट की दीवार में तंत्रिकाओं का फंसना या संपीड़न।
6. मनोवैज्ञानिक कारण:
- क्रोनिक दर्द शारीरिक कारणों के साथ-साथ तनाव, चिंता, डिप्रेशन, और शारीरिक या यौन शोषण के इतिहास से भी जुड़ा हो सकता है। ये कारक दर्द की धारणा को बढ़ा सकते हैं और उपचार को जटिल बना सकते हैं।
क्रोनिक पेल्विक दर्द का निदान
CPP का निदान करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है क्योंकि इसके कई संभावित कारण होते हैं। एक व्यापक निदान प्रक्रिया में शामिल हैं:
- विस्तृत चिकित्सा इतिहास: डॉक्टर आपके लक्षणों, उनकी तीव्रता, कब शुरू हुए, क्या उन्हें कम या ज्यादा करता है, और आपके स्वास्थ्य इतिहास के बारे में विस्तृत जानकारी लेंगे।
- शारीरिक परीक्षण: पेल्विक परीक्षा (महिलाओं में), पेट और मलाशय की जांच मांसपेशियों की कोमलता या असामान्यताएं देखने के लिए।
- प्रयोगशाला परीक्षण:
- मूत्र परीक्षण (UTI की जांच के लिए)।
- रक्त परीक्षण (सूजन के निशान, एनीमिया या संक्रमण की जांच के लिए)।
- यौन संचारित संक्रमण (STI) की जांच।
- इमेजिंग परीक्षण:
- अल्ट्रासाउंड (Ultrasound): गर्भाशय, अंडाशय और मूत्राशय की समस्याओं का पता लगाने के लिए।
- सीटी स्कैन (CT Scan) या एमआरआई (MRI): अंगों और सॉफ्ट टिश्यू की विस्तृत छवियां देखने के लिए।
- लेप्रोस्कोपी (Laparoscopy): कुछ मामलों में, एक छोटा चीरा लगाकर पेट में एक पतला कैमरा (लेप्रोस्कोप) डाला जाता है ताकि एंडोमेट्रियोसिस, स्कार टिश्यू या अन्य समस्याओं को सीधे देखा जा सके।
- अन्य विशेषज्ञ परामर्श: गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट (पाचन संबंधी समस्याओं के लिए), यूरोलॉजिस्ट (मूत्र संबंधी समस्याओं के लिए), फिजियोथेरेपिस्ट या मनोचिकित्सक से परामर्श।
क्रोनिक पेल्विक दर्द का उपचार
CPP का उपचार इसके अंतर्निहित कारणों और लक्षणों की गंभीरता पर निर्भर करता है। अक्सर, एक बहु-विषयक दृष्टिकोण की आवश्यकता होती है जिसमें विभिन्न विशेषज्ञ शामिल होते हैं।
- कारण-विशिष्ट उपचार:
- एंडोमेट्रियोसिस: हार्मोनल थेरेपी (जैसे जन्म नियंत्रण की गोलियाँ, GnRH एगोनिस्ट), दर्द निवारक या सर्जरी (लेप्रोस्कोपिक एक्सिशन)।
- PID: एंटीबायोटिक्स।
- फाइब्रॉइड्स: दवाएं, यूटेराइन आर्टरी एम्बोलाइजेशन (UAE) या सर्जरी (मायोमेक्टोमी/हिस्टेरेक्टॉमी)।
- IC/BPS: आहार संशोधन, दवाएं (जैसे पेंटोसेन पॉलीसल्फेट सोडियम), मूत्राशय की सिंचाई या फिजियोथेरेपी।
- IBS: आहार संशोधन, तनाव प्रबंधन, और दवाएं।
- दर्द प्रबंधन:
- ओवर-द-काउंटर दर्द निवारक: NSAIDs (जैसे इबुप्रोफेन, नेप्रोक्सन) हल्के से मध्यम दर्द के लिए।
- प्रिस्क्रिप्शन दर्द निवारक: अधिक गंभीर दर्द के लिए न्यूरोपैथिक दवाएं (जैसे गैबापेंटिन, प्रेगाबालिन), ट्राइसाइक्लिक एंटीडिप्रेसेंट (जो दर्द को कम करने में भी मदद करते हैं), या मांसपेशियों को आराम देने वाली दवाएं।
- क्षेत्रीय ब्लॉक: तंत्रिका ब्लॉक इंजेक्शन जो विशिष्ट नसों को सुन्न करते हैं।
- ट्रांसक्युटेनियस इलेक्ट्रिकल नर्व स्टिमुलेशन (TENS): दर्द वाले क्षेत्र में हल्की विद्युत धारा भेजना।
- शारीरिक थेरेपी (Physical Therapy):
- पेल्विक फ्लोर फिजियोथेरेपी: पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों में तनाव या डिस्फंक्शन को दूर करने के लिए विशेष व्यायाम और तकनीकें।
- मायोसैपशियल रिलीज: मांसपेशियों और प्रावरणी में तनाव और दर्द को कम करने के लिए।
- मनोवैज्ञानिक और व्यवहारिक थेरेपी:
- संज्ञानात्मक व्यवहार थेरेपी (CBT): यह दर्द से निपटने की रणनीतियों को सीखने, नकारात्मक विचारों को बदलने और दर्द के कारण होने वाले तनाव, चिंता या डिप्रेशन को प्रबंधित करने में मदद करती है।
- तनाव कम करने की तकनीकें: योग, ध्यान, गहरी सांस लेने के व्यायाम, माइंडफुलनेस।
- जीवनशैली में बदलाव:
- नियमित व्यायाम: हल्का व्यायाम जैसे चलना, योग, या तैराकी मांसपेशियों को मजबूत करने और मूड को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।
- संतुलित आहार: एक स्वस्थ आहार बनाए रखना और उन खाद्य पदार्थों से बचना जिनसे लक्षण बिगड़ते हैं (खासकर IBS वाले लोगों के लिए)।
- पर्याप्त नींद: पर्याप्त नींद लेना दर्द की धारणा को कम करने में मदद कर सकता है।
निष्कर्ष
क्रोनिक पेल्विक दर्द एक जटिल और अक्सर निराशाजनक स्थिति हो सकती है, लेकिन उचित निदान और एक व्यापक उपचार योजना के साथ, कई लोग अपने लक्षणों का प्रबंधन कर सकते हैं और जीवन की गुणवत्ता में सुधार कर सकते हैं।
यदि आप लंबे समय से पेल्विक दर्द का अनुभव कर रहे हैं, तो चिकित्सा सहायता लेना महत्वपूर्ण है ताकि अंतर्निहित कारण का पता लगाया जा सके और एक प्रभावी उपचार शुरू किया जा सके। एक डॉक्टर जो क्रोनिक दर्द या पेल्विक स्वास्थ्य में विशेषज्ञ है, इस स्थिति के प्रबंधन में सबसे अच्छा मार्गदर्शन प्रदान कर सकता है।
