इलेक्ट्रोथेरेपी: टेंस (TENS) मशीन का उपयोग कैसे करें।
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इलेक्ट्रोथेरेपी: टेंस (TENS) मशीन का उपयोग कैसे करें।

इलेक्ट्रोथेरेपी: टीईएनएस (TENS) मशीन का उपयोग कैसे करें? दर्द प्रबंधन के लिए एक मार्गदर्शिका ⚡🩹

टीईएनएस (TENS), जिसका पूरा नाम ट्रांसक्यूटेनियस इलेक्ट्रिकल नर्व स्टिमुलेशन (Transcutaneous Electrical Nerve Stimulation) है, एक गैर-आक्रामक (Non-Invasive) दर्द निवारण चिकित्सा पद्धति है। यह एक छोटी, बैटरी से चलने वाली मशीन है जो त्वचा के माध्यम से निम्न-वोल्टेज विद्युत धारा भेजती है, जिसका उद्देश्य मस्तिष्क तक पहुंचने वाले दर्द संकेतों को बाधित करना और प्राकृतिक दर्द निवारक एंडोर्फिन के स्राव को प्रोत्साहित करना है।

टीईएनएस मशीन का उपयोग पुराने (Chronic) और तीव्र (Acute) दोनों तरह के दर्द के प्रबंधन के लिए किया जाता है, जिसमें पीठ दर्द, गठिया (Arthritis), मासिक धर्म का दर्द और खेल की चोटें शामिल हैं। इसका उपयोग सुरक्षित और प्रभावी माना जाता है, खासकर तब जब इसे डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट की सलाह और मार्गदर्शन में किया जाता है।

इस विस्तृत लेख में, हम टीईएनएस मशीन का सही उपयोग करने के तरीके, इसके कार्य सिद्धांत और सुरक्षित उपयोग के दिशानिर्देशों पर विस्तार से चर्चा करेंगे।

1. टीईएनएस (TENS) मशीन क्या है और यह कैसे काम करती है?

टीईएनएस मशीन एक पोर्टेबल डिवाइस है जिससे लीड वायर (Lead Wires) जुड़ी होती हैं। इन वायर्स के सिरे पर चिपकने वाले पैड, जिन्हें इलेक्ट्रोड (Electrodes) कहा जाता है, लगे होते हैं।

A. कार्य सिद्धांत (Mechanism of Action)

टीईएनएस मुख्य रूप से दो सिद्धांतों पर कार्य करती है:

  1. गेट कंट्रोल थ्योरी (Gate Control Theory): जब टीईएनएस मशीन उच्च आवृत्ति (High Frequency, लगभग 50-100 Hz) पर विद्युत आवेग भेजती है, तो ये आवेग दर्द संकेतों की तुलना में तेजी से रीढ़ की हड्डी तक पहुंचते हैं। इससे ‘दर्द द्वार’ (Pain Gate) बंद हो जाता है, जिससे दर्द के संदेश मस्तिष्क तक पहुंचने से पहले ही अवरुद्ध हो जाते हैं।
  2. एंडोर्फिन रिलीज़ (Endorphin Release): जब मशीन कम आवृत्ति (Low Frequency, लगभग 2-5 Hz) पर संचालित होती है, तो यह शरीर के प्राकृतिक दर्द निवारक रसायनों, जिन्हें एंडोर्फिन (Endorphins) कहा जाता है, के उत्पादन को प्रेरित करती है। ये रसायन मॉर्फिन के समान कार्य करते हैं और दर्द को कम करते हैं।

2. टीईएनएस मशीन का उपयोग करने के चरण

टीईएनएस थेरेपी को सुरक्षित और प्रभावी ढंग से शुरू करने के लिए इन चरणों का सावधानीपूर्वक पालन करें:

चरण 1: तैयारी और मशीन सेटिंग्स

  1. चिकित्सकीय सलाह लें: मशीन का उपयोग करने से पहले हमेशा डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट से सलाह लें। वे आपकी विशिष्ट दर्द की स्थिति के लिए सर्वोत्तम प्लेसमेंट और सेटिंग्स निर्धारित करेंगे।
  2. उपकरण जांचें: सुनिश्चित करें कि मशीन में बैटरी सही है और सभी लीड वायर व इलेक्ट्रोड साफ और अच्छी स्थिति में हैं।
  3. त्वचा तैयार करें: जिस क्षेत्र पर इलेक्ट्रोड लगाने हैं, उस क्षेत्र की त्वचा साफ, सूखी और तेल मुक्त होनी चाहिए। यदि आवश्यक हो तो बालों को ट्रिम करें, लेकिन शेव न करें।
  4. इलेक्ट्रोड लगाएं: इलेक्ट्रोड पैड से सुरक्षात्मक फिल्म हटाएँ और उन्हें दर्द वाले क्षेत्र पर सीधे चिपकाएँ।
    • प्लेसमेंट: इलेक्ट्रोड को दर्द वाले स्थान के दोनों ओर (दर्द को ‘ब्रैकेट’ करते हुए) या दर्द वाली नस या ट्रिगर पॉइंट के ऊपर लगाना चाहिए। इलेक्ट्रोड के बीच पर्याप्त दूरी (कम से कम 1 इंच) होनी चाहिए।
  5. लीड वायर्स जोड़ें: इलेक्ट्रोड को मशीन से लीड वायर्स के माध्यम से जोड़ें।

चरण 2: मशीन सेट करना और चालू करना

  1. आवृत्ति और पल्स की चौड़ाई: थेरेपिस्ट द्वारा अनुशंसित आवृत्ति (Hz) और पल्स चौड़ाई (Pulse Width) सेटिंग्स चुनें।
    • तीव्र, स्थानीयकृत दर्द: हाई फ्रीक्वेंसी (50-100 Hz)।
    • पुराना, गहरा दर्द: लो फ्रीक्वेंसी (2-5 Hz)।
  2. तीव्रता समायोजित करें (Adjust Intensity): मशीन को धीरे-धीरे चालू करें और धीरे-धीरे तीव्रता (Intensity) बढ़ाना शुरू करें।
    • लक्ष्य: आपको एक मजबूत, झुनझुनी (Tingling) या गुदगुदी वाली सनसनी महसूस होनी चाहिए, लेकिन यह दर्दनाक या असुविधाजनक नहीं होनी चाहिए। मांसपेशी में मरोड़ (Twitch) नहीं होनी चाहिए (जब तक कि थेरेपिस्ट द्वारा विशेष रूप से निर्देशित न किया जाए)।
  3. उपचार शुरू करें: एक बार आरामदायक स्तर निर्धारित हो जाने पर, सत्र शुरू करें।

चरण 3: उपचार की अवधि

  • सत्र की अवधि: आमतौर पर एक टीईएनएस सत्र 30 से 60 मिनट तक चलता है।
  • सत्रों की आवृत्ति: इसे दिन में आवश्यकतानुसार कई बार दोहराया जा सकता है। इसका उपयोग तब भी किया जा सकता है जब आप सक्रिय हों, जैसे कि काम करना या घर के आस-पास घूमना।

चरण 4: सत्र के बाद

  • बंद करें: सत्र पूरा होने पर, पहले तीव्रता को शून्य पर लाएं और फिर मशीन को बंद करें।
  • इलेक्ट्रोड हटाएँ: इलेक्ट्रोड को धीरे-धीरे त्वचा से हटाएँ। उनके चिपकने वाले जेल को सूखने से बचाने के लिए उन्हें वापस प्लास्टिक लाइनर पर रखें।
  • रखरखाव: मशीन और वायर्स को साफ और सुरक्षित रखें।

3. टीईएनएस थेरेपी के लाभ

  • गैर-आक्रामक: इसमें इंजेक्शन या सर्जरी शामिल नहीं है।
  • नॉन-एडिक्टिव: दवाओं के विपरीत, इसका कोई आदी बनाने वाला प्रभाव नहीं होता है।
  • व्यापक अनुप्रयोग: पीठ दर्द, गर्दन दर्द, जोड़ों के दर्द, फाइब्रोमायल्जिया और न्यूरोपैथिक दर्द सहित विभिन्न प्रकार के दर्द के लिए प्रभावी।
  • पोर्टेबल: मशीनें छोटी और पोर्टेबल होती हैं, जिससे उपयोगकर्ता चलते-फिरते भी दर्द का प्रबंधन कर सकते हैं।

4. सुरक्षा और सावधानियां (Safety and Precautions)

टीईएनएस मशीन का उपयोग करते समय कुछ महत्वपूर्ण सावधानियां बरतनी चाहिए:

  • उपयोग न करें:
    • पेसमेकर (Pacemaker) या डीफिब्रिलेटर (Defibrillator) वाले लोग: विद्युत धारा इन उपकरणों के कार्य में बाधा डाल सकती है।
    • गर्भवती महिलाएं: पेट या पीठ के निचले हिस्से पर उपयोग से बचें।
    • मिर्गी (Epilepsy) के रोगी: सिर या गर्दन पर उपयोग से बचें।
  • इलेक्ट्रोड प्लेसमेंट से बचें:
    • आँखों के पास या मुँह पर।
    • टूटी हुई त्वचा, घावों या चकत्तों पर।
    • गले के सामने (कैरोटिड धमनियों के पास), क्योंकि यह रक्तचाप को प्रभावित कर सकता है।
    • रीढ़ की हड्डी के केंद्र (मिडलाइन) पर सीधे नहीं लगाना चाहिए।
  • पानी से दूर रखें: टीईएनएस मशीन जलरोधी (Waterproof) नहीं होती है। स्नान करते समय या अत्यधिक नमी वाले वातावरण में इसका उपयोग न करें।
  • वाहन चलाते समय उपयोग न करें: मशीन की सेटिंग्स बदलते समय विचलित होने का खतरा रहता है।

निष्कर्ष

टीईएनएस मशीन एक मूल्यवान उपकरण है जो दर्द से जूझ रहे कई लोगों के लिए एक प्रभावी, दवा-मुक्त विकल्प प्रदान करता है। इसका सही ढंग से उपयोग करने के लिए इलेक्ट्रोड के सही प्लेसमेंट और तीव्रता को धीरे-धीरे समायोजित करने पर ध्यान देना आवश्यक है। हालांकि इसका उपयोग सुरक्षित है, अधिकतम प्रभावशीलता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हमेशा अपने स्वास्थ्य सेवा प्रदाता (फिजियोथेरेपिस्ट या डॉक्टर) के निर्देशों का पालन करना महत्वपूर्ण है। टीईएनएस आपको अपनी दर्द प्रबंधन की योजना को नियंत्रित करने और जीवन की गुणवत्ता में सुधार करने में मदद कर सकती है।

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