कोर स्टेबिलिटी बढ़ाने के लिए 10 बेहतरीन ऑब्लिक एक्सरसाइज
कोर स्टेबिलिटी बढ़ाने और कमर दर्द से राहत के लिए 10 बेहतरीन ऑब्लिक एक्सरसाइज
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में, हम अक्सर अपने ‘कोर’ (Core) या पेट की मांसपेशियों के बारे में बात करते हैं, तो हमारा ध्यान सिर्फ सामने के ‘सिक्स-पैक एब्स’ (Rectus Abdominis) पर होता है। लेकिन, एक मजबूत, संतुलित और दर्द-मुक्त शरीर के लिए जो मांसपेशियां सबसे ज्यादा मायने रखती हैं, वे हैं आपकी ‘ऑब्लिक्स’ (Obliques)।
ऑब्लिक्स आपके पेट के किनारों (Side Abs) पर स्थित मांसपेशियां हैं। ये न केवल आपको एक सुडौल कमर (Waistline) देती हैं, बल्कि शरीर को घुमाने (Twisting), झुकने और सबसे महत्वपूर्ण—आपकी रीढ़ की हड्डी (Spine) को स्थिर रखने में मदद करती हैं। यदि आप कमर दर्द से परेशान हैं या अपने पोस्चर (Posture) को सुधारना चाहते हैं, तो ऑब्लिक एक्सरसाइज करना अनिवार्य है।
इस लेख में, हम कोर स्टेबिलिटी बढ़ाने और कमर दर्द से राहत के लिए 10 बेहतरीन ऑब्लिक एक्सरसाइज के बारे में विस्तार से जानेंगे। अच्छी खबर यह है कि ये सभी व्यायाम ‘इक्विपमेंट-फ्री’ हैं, यानी आप इन्हें घर पर, पार्क में या कहीं भी कर सकते हैं।
ऑब्लिक्स को मजबूत करना क्यों जरूरी है?
व्यायाम शुरू करने से पहले, यह समझना जरूरी है कि हम यह क्यों कर रहे हैं:
- कमर दर्द में कमी: कमजोर कोर मसल्स कमर दर्द का मुख्य कारण हैं। मजबूत ऑब्लिक्स रीढ़ की हड्डी पर पड़ने वाले दबाव को कम करते हैं।
- बेहतर संतुलन (Core Stability): चाहे आप चल रहे हों, दौड़ रहे हों या भारी सामान उठा रहे हों, ऑब्लिक्स आपके शरीर को स्थिर रखते हैं।
- आकर्षक कमर (Sculpted Waistline): ये व्यायाम साइड फैट या ‘लव हैंडल्स’ को कम करके कमर को पतला और टोंड बनाने में मदद करते हैं।
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कोर स्टेबिलिटी बढ़ाने और कमर दर्द से राहत के लिए 10 बेहतरीन ऑब्लिक एक्सरसाइज
नीचे दिए गए व्यायामों को अपने रूटीन में शामिल करें। हर व्यायाम को ध्यानपूर्वक और सही फॉर्म के साथ करें।
1. साइड प्लैंक वेरिएशन (Side Plank Variations)
यह एक क्लासिक व्यायाम है जो कोर की स्थिरता के लिए सबसे अच्छा माना जाता है। यह आपकी रीढ़ को न्यूट्रल रखते हुए ऑब्लिक्स को आइसोमेट्रिक (बिना हिलाए) रूप से मजबूत करता है।
कैसे करें:
- करवट लेकर लेट जाएं। अपनी कोहनी को सीधे अपने कंधे के नीचे रखें।
- अपने पैरों को एक के ऊपर एक रखें (शुरुआत में आप घुटनों को मोड़कर भी रख सकते हैं)।
- सांस छोड़ते हुए अपने कूल्हों (Hips) को जमीन से ऊपर उठाएं ताकि आपका शरीर सिर से एड़ी तक एक सीधी रेखा में हो।
- इस स्थिति को 30-45 सेकंड तक होल्ड करें।
- वेरिएशन: इसे कठिन बनाने के लिए, ऊपर वाले पैर को हवा में उठाएं या कूल्हों को धीरे-धीरे नीचे लाकर फिर ऊपर उठाएं (Hip Dips)।
लाभ: यह कमर के निचले हिस्से (Quadratus Lumborum) को मजबूत करता है और स्लिप डिस्क जैसी समस्याओं को रोकने में मदद करता है।

2. रशियन ट्विस्ट्स (Russian Twists)
यह व्यायाम रोटेशनल स्ट्रेंथ (घूमने की शक्ति) को बढ़ाता है और पेट की सारी मांसपेशियों को एक साथ निशाना बनाता है।
कैसे करें:
- फर्श पर बैठें और अपने घुटनों को मोड़ लें।
- अपनी पीठ को सीधा रखते हुए थोड़ा पीछे झुकें (लगभग 45 डिग्री के कोण पर), ताकि आपके पेट पर तनाव महसूस हो।
- अपने दोनों हाथों को छाती के सामने जोड़ लें।
- अब, अपने धड़ (Torso) को दाईं ओर घुमाएं और हाथों से जमीन को छूने की कोशिश करें, फिर बाईं ओर घुमाएं।
- ध्यान रहे कि सिर्फ हाथ नहीं, बल्कि पूरा ऊपरी शरीर घूमना चाहिए।
सावधानी: अगर आपको कमर में तेज दर्द है, तो पैरों को जमीन पर ही रखें, हवा में न उठाएं। पीठ को गोल (round) न होने दें।

3. बाइसिकल क्रंचेस (Bicycle Crunches)
यह एब्स और ऑब्लिक्स दोनों के लिए सबसे प्रभावी व्यायामों में से एक माना जाता है। यह दौड़ने की गति की नकल करता है लेकिन लेटी हुई स्थिति में।
कैसे करें:
- पीठ के बल लेट जाएं और अपने हाथों को सिर के पीछे रखें (गर्दन को न खींचें)।
- अपने दोनों पैरों को हवा में उठाएं और घुटनों को 90 डिग्री पर मोड़ें।
- अब, अपने दाहिने घुटने को छाती की तरफ लाएं और साथ ही अपनी बाईं कोहनी को उस घुटने की तरफ ले जाएं। इस दौरान सीधा पैर आगे की तरफ सीधा करें।
- फिर यही प्रक्रिया दूसरी तरफ दोहराएं (दाहिनी कोहनी, बायां घुटना)।
- इसे साइकिल चलाने जैसी लय में करें।
लाभ: यह रेक्टस एब्डोमिनिस (सामने के एब्स) और एक्सटर्नल ऑब्लिक्स को गहराई से टारगेट करता है।

4. हील टच / पेंगुइन क्रंच (Heel Touches)
यह व्यायाम साइड एब्स को आइसोलेट करने (अलग से निशाना बनाने) के लिए बहुत अच्छा है। इसे अक्सर ‘पेंगुइन’ भी कहा जाता है क्योंकि इसमें आप पेंगुइन की तरह डोलते हैं।
कैसे करें:
- पीठ के बल लेटें, घुटने मोड़ें और पैर जमीन पर सपाट रखें।
- अपने हाथों को शरीर के बगल में सीधा रखें।
- अपने सिर को थोड़ा ऊपर उठाएं।
- अब, अपने दाहिने हाथ से दाहिनी एड़ी को छूने के लिए दाईं ओर झुकें (Crunch sideways)।
- वापस बीच में आएं और फिर बाईं ओर झुककर बाईं एड़ी को छुएं।
- इसे लगातार करते रहें।
टिप: ध्यान दें कि गर्दन पर जोर न पड़े, जोर आपके साइड एब्स से आना चाहिए।

5. बर्ड डॉग विद एल्बो टू नी (Bird Dog with Elbow to Knee)
यह व्यायाम संतुलन और स्थिरता का सबसे अच्छा उदाहरण है। यह न केवल ऑब्लिक्स बल्कि पूरी रीढ़ की हड्डी को मजबूत करता है।
कैसे करें:
- चौपायों की तरह (हाथों और घुटनों के बल) टेबल-टॉप स्थिति में आ जाएं।
- अपने दाहिने हाथ को सामने और बाएं पैर को पीछे की ओर सीधा करें। शरीर एक सीधी रेखा में होना चाहिए।
- अब सांस छोड़ते हुए, अपनी दाहिनी कोहनी और बाएं घुटने को पेट के नीचे एक-दूसरे से मिलाएं।
- फिर से उन्हें बाहर की ओर सीधा करें।
- 10-12 बार करने के बाद दूसरी तरफ (बायां हाथ, दायां पैर) से करें।
लाभ: यह ‘एंटी-रोटेशन’ एक्सरसाइज है जो कमर दर्द के रोगियों के लिए बहुत सुरक्षित और फायदेमंद मानी जाती है।

6. माउंटेन क्लाइम्बर्स (Mountain Climbers)
यह एक कार्डियो और कोर एक्सरसाइज का मिश्रण है। यह फैट बर्न करने के साथ-साथ कोर को मजबूत बनाता है।
कैसे करें:
- हाई प्लैंक (पुश-अप) स्थिति में आ जाएं। हाथ सीधे कंधों के नीचे होने चाहिए।
- अपने दाहिने घुटने को तेजी से अपनी छाती या दाहिनी कोहनी की तरफ लाएं।
- इसे वापस रखें और तुरंत बाएं घुटने को लाएं।
- ऑब्लिक वेरिएशन: सामान्य माउंटेन क्लाइम्बर की जगह, अपने दाहिने घुटने को ‘बाईं’ कोहनी की तरफ (Cross body) ले जाएं। यह क्रॉस-बॉडी मूवमेंट ऑब्लिक्स पर ज्यादा असर डालता है।
लाभ: यह दिल की धड़कन बढ़ाता है, जिससे कैलोरी बर्न होती है और पेट की चर्बी कम होती है।

7. सिज़र किक्स (Scissor Kicks)
यह व्यायाम निचले पेट (Lower Abs) और ऑब्लिक्स को स्थिर रखने की चुनौती देता है।
कैसे करें:
- पीठ के बल लेट जाएं। हाथों को कूल्हों के नीचे रख सकते हैं ताकि कमर को सहारा मिले।
- अपने दोनों पैरों को जमीन से कुछ इंच ऊपर उठाएं।
- अब पैरों को कैंची (Scissor) की तरह चलाएं—एक पैर ऊपर, दूसरा नीचे, फिर उन्हें क्रॉस करें (दायां पैर बाएं के ऊपर, फिर बायां दाएं के ऊपर)।
- पैरों को जमीन से छूने न दें।
सावधानी: इस दौरान आपकी पीठ जमीन से चिपक कर रहनी चाहिए। अगर पीठ उठ रही है, तो पैरों को थोड़ा और ऊपर उठाएं।

8. स्टारफिश क्रंचेस (Starfish Crunches)
यह एक पूर्ण-शरीर (Full body) व्यायाम है जो कोर के हर हिस्से को सक्रिय करता है।
कैसे करें:
- जमीन पर स्टारफिश (तारा मछली) की तरह हाथ और पैर फैलाकर लेट जाएं। हाथ सिर के पीछे ‘X’ आकार में फैले हों।
- सांस छोड़ते हुए, अपने दाहिने हाथ और बाएं पैर को हवा में ऊपर उठाएं और एक-दूसरे को छूने की कोशिश करें। इस दौरान थोड़ा ट्विस्ट करें।
- धीरे-धीरे नीचे आएं और फिर बाएं हाथ और दाएं पैर के साथ यही करें।
लाभ: यह को-ऑर्डिनेशन (तालमेल) सुधारता है और डीप कोर मसल्स पर काम करता है।

9. ट्विस्टिंग सिट-अप्स (Twisting Sit Ups)
यह पारंपरिक सिट-अप्स का एक एडवांस रूप है जिसमें रोटेशन शामिल है।
कैसे करें:
- पीठ के बल लेटें, घुटने मुड़े हुए और पैर जमीन पर। हाथ सिर के पीछे रखें।
- सांस छोड़ते हुए ऊपर उठें (सिट-अप), और ऊपर आते ही अपने धड़ को दाईं ओर घुमाएं ताकि बाईं कोहनी दाहिने घुटने की तरफ जाए।
- सांस लेते हुए नीचे आएं।
- अगली बार ऊपर आते ही बाईं ओर घुमाएं।
टिप: झटके से ऊपर न उठें। अपनी मांसपेशियों की ताकत का इस्तेमाल करें, गति (Momentum) का नहीं।

10. स्टैंडिंग ऑब्लिक क्रंच (Standing Oblique Crunch)
यह उन लोगों के लिए बेहतरीन है जिन्हें जमीन पर लेटने में दिक्कत होती है या जो ऑफिस में ब्रेक के दौरान व्यायाम करना चाहते हैं।
कैसे करें:
- सीधे खड़े हो जाएं।
- पैर कंधे की चौड़ाई पर।
- अपने दाहिने हाथ को सिर के पीछे रखें।
- अब अपने दाहिने घुटने को बगल की तरफ से ऊपर उठाएं और दाहिनी कोहनी को नीचे लाकर घुटने से मिलाने की कोशिश करें।
- ध्यान रहे कि आपको बगल में झुकना है (Side crunch), आगे नहीं।
- एक तरफ 15 रेप्स करें फिर दूसरी तरफ बदलें।
लाभ: यह बैलेंस सुधारता है और इसे कहीं भी किया जा सकता है।

व्यायाम के लिए महत्वपूर्ण टिप्स (Pro-Tips)
इन व्यायामों का अधिकतम लाभ उठाने के लिए निम्नलिखित बातों का ध्यान रखें:
- सांस लेना न भूलें (Breathing is Key):अक्सर लोग मुश्किल व्यायाम करते समय सांस रोक लेते हैं। नियम याद रखें: जब आप जोर लगा रहे हों (Exertion), तब सांस छोड़ें (Exhale), और जब वापस आ रहे हों, तब सांस लें (Inhale)। सही सांस लेने से कोर मसल्स अधिक सक्रिय होती हैं।
- गुणवत्ता पर ध्यान दें, मात्रा पर नहीं (Quality over Quantity):50 गलत क्रंचेस करने से बेहतर है कि आप 15 सही तरीके से करें। हर मूवमेंट को धीरे और नियंत्रण (Control) के साथ करें। तेज गति से करने पर अक्सर चोट लगने का डर रहता है।
- धीरे-धीरे शुरुआत करें (Progression):अगर आप शुरुआती (Beginner) हैं, तो हर व्यायाम के 10-12 रेप्स के 2 सेट से शुरुआत करें। धीरे-धीरे जब आपकी ताकत बढ़े, तो रेप्स बढ़ाकर 20 करें और 3 सेट तक जाएं।
- दर्द और थकान में अंतर समझें:व्यायाम के बाद मांसपेशियों में हल्का दर्द (Soreness) होना सामान्य है और यह बताता है कि व्यायाम काम कर रहा है। लेकिन अगर आपको व्यायाम करते समय रीढ़ की हड्डी या जोड़ों में तेज चुभने वाला दर्द हो, तो तुरंत रुक जाएं।
- निरंतरता (Consistency):हफ्ते में कम से कम 3 से 4 बार इन व्यायामों को करें। परिणाम एक रात में नहीं मिलते, लेकिन 4-6 सप्ताह में आपको अपनी ताकत और शरीर के आकार में बदलाव महसूस होगा।
निष्कर्ष
मजबूत ऑब्लिक्स केवल सौंदर्य की दृष्टि से ही महत्वपूर्ण नहीं हैं, बल्कि ये एक स्वस्थ और दर्द-मुक्त जीवन की नींव हैं। ऊपर बताए गए 10 व्यायाम—साइड प्लैंक से लेकर स्टैंडिंग क्रंच तक—आपके कोर को चारों तरफ से मजबूत बनाएंगे।
यदि आप कमर दर्द से जूझ रहे हैं, तो ‘बर्ड डॉग’ और ‘साइड प्लैंक’ जैसे व्यायामों पर अधिक ध्यान दें जो रीढ़ को स्थिर करते हैं। आज ही इन व्यायामों को अपनी दिनचर्या में शामिल करें और एक बेहतर पोस्चर और मजबूत कोर की ओर कदम बढ़ाएं। याद रखें, एक मजबूत कोर का मतलब है एक मजबूत आप!
