मलासन (Garland Pose - गहरा उकड़ू बैठना/Squat hold)
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मलासन (Garland Pose): फायदे, करने का सही तरीका और सावधानियों पर विस्तृत गाइड

योग केवल एक शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह शरीर, मन और आत्मा को जोड़ने का एक प्राचीन विज्ञान है। योगासनों की विस्तृत श्रृंखला में, मलासन (Malasana) एक बेहद महत्वपूर्ण और शक्तिशाली मुद्रा है। इसे अंग्रेजी में Garland Pose या Deep Squat Hold कहा जाता है, और आम बोलचाल में इसे “गहरा उकड़ू बैठना” भी कहते हैं।

आधुनिक जीवनशैली में जहाँ हम अपना अधिकांश समय कुर्सियों पर बैठकर बिताते हैं, मलासन हमारे शरीर के निचले हिस्से को खोलने और उसे उसकी प्राकृतिक अवस्था में वापस लाने का एक बेहतरीन तरीका है। इस लेख में हम मलासन के बारे में विस्तार से जानेंगे—इसके फायदे, करने की सही विधि, सावधानियां और बहुत कुछ।


मलासन का अर्थ और महत्व (Meaning and Significance)

मलासन संस्कृत के दो शब्दों से मिलकर बना है:

  • मल (Mala): जिसका अर्थ है ‘माला’ (Garland)।
  • आसन (Asana): जिसका अर्थ है ‘मुद्रा’ या ‘बैठने का तरीका’ (Pose)।

जब हम इस मुद्रा में बैठते हैं और अपने हाथों को प्रार्थना की मुद्रा (अंजलि मुद्रा) में हृदय के पास रखते हैं, तो हमारे हाथ और कंधे गले में पड़ी हुई एक माला के समान प्रतीत होते हैं। ऐतिहासिक रूप से देखा जाए तो उकड़ू बैठना (Squatting) मानव शरीर के लिए सबसे प्राकृतिक मुद्राओं में से एक है। पुराने समय में भारत और अन्य एशियाई देशों में खाना पकाने, खाने और यहाँ तक कि शौच के लिए भी इसी मुद्रा का उपयोग किया जाता था। हालांकि, पश्चिमी जीवनशैली और कुर्सियों के अत्यधिक उपयोग ने हमारी इस प्राकृतिक क्षमता को कम कर दिया है, जिससे कूल्हों और पीठ के निचले हिस्से में अकड़न की समस्या आम हो गई है।


मलासन के अद्भुत फायदे (Health Benefits of Malasana)

मलासन का नियमित अभ्यास शरीर के विभिन्न अंगों पर सकारात्मक प्रभाव डालता है। इसके प्रमुख फायदे निम्नलिखित हैं:

1. कूल्हों और श्रोणि (Hips and Pelvis) को खोलता है लंबे समय तक कुर्सी पर बैठे रहने से हमारे कूल्हे (Hip flexors) और ग्रोइन (Groin) की मांसपेशियां सिकुड़ जाती हैं और कठोर हो जाती हैं। मलासन इन मांसपेशियों में गहरा खिंचाव पैदा करता है, जिससे कूल्हों की गतिशीलता (Mobility) बढ़ती है और श्रोणि क्षेत्र में रक्त का प्रवाह बेहतर होता है।

2. पाचन तंत्र (Digestive System) में सुधार मलासन को अक्सर “अपशिष्ट निष्कासन” की मुद्रा के रूप में भी जाना जाता है। जब आप गहरे उकड़ू बैठते हैं, तो आपके पेट के निचले हिस्से और आंतों पर हल्का दबाव पड़ता है। यह दबाव पाचन अंगों की मालिश करता है, कब्ज दूर करने में मदद करता है और मल त्याग की प्रक्रिया को प्राकृतिक और आसान बनाता है।

3. टखनों और घुटनों को मजबूत बनाता है इस मुद्रा में शरीर का पूरा भार पैरों पर होता है, जिससे टखनों (Ankles), घुटनों (Knees) और पिंडलियों (Calves) की मांसपेशियों को मजबूती मिलती है। यह पैरों के निचले हिस्से में लचीलापन भी बढ़ाता है।

4. रीढ़ की हड्डी और पोस्चर (Spine and Posture) के लिए फायदेमंद मलासन में पीठ को सीधा रखने पर जोर दिया जाता है। यह रीढ़ की हड्डी को लंबा करने और उसे सीधा रखने में मदद करता है। नियमित अभ्यास से पीठ के निचले हिस्से (Lower back) का दर्द कम होता है और शरीर का पोस्चर सुधरता है।

5. पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों को मजबूती विशेषकर महिलाओं के लिए मलासन बहुत लाभकारी है। यह पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों को टोन करता है और मजबूत बनाता है। प्रसव पूर्व (Prenatal) योग में भी इसे शामिल किया जाता है क्योंकि यह सामान्य डिलीवरी के लिए शरीर को तैयार करने में मदद करता है।

6. मानसिक शांति और ग्राउंडिंग (Mental Grounding) योग में माना जाता है कि मलासन ‘मूलाधार चक्र’ (Root Chakra) को सक्रिय करता है। यह चक्र हमें पृथ्वी से जोड़े रखने, सुरक्षा की भावना और मानसिक स्थिरता प्रदान करने से संबंधित है। मलासन करने से तनाव और चिंता कम होती है।


मलासन करने की सही विधि (Step-by-Step Guide to Malasana)

मलासन का पूरा लाभ उठाने के लिए इसे सही तरीके से करना बेहद जरूरी है। यहाँ इसे करने की चरण-दर-चरण विधि दी गई है:

  1. शुरुआती स्थिति: अपनी योग मैट पर ताड़ासन (Mountain Pose) में सीधे खड़े हो जाएं। अपने पैरों के बीच कूल्हों की चौड़ाई से थोड़ा अधिक (लगभग 2 से 2.5 फीट) फासला रखें। अपने पंजों को हल्का सा बाहर की ओर (लगभग 45 डिग्री के कोण पर) मोड़ लें।
  2. सांस लें और झुकें: गहरी सांस लें और सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे अपने घुटनों को मोड़ें और कूल्हों को नीचे की ओर ले जाएं, जैसे कि आप किसी गहरी कुर्सी पर बैठ रहे हों।
  3. उकड़ू बैठें: पूरी तरह से नीचे उकड़ू बैठ जाएं (Deep Squat)। ध्यान रहे कि आपकी एड़ियां जमीन से पूरी तरह सटी होनी चाहिए।
  4. हाथों की स्थिति: अब अपने दोनों हाथों को छाती के सामने लाकर नमस्कार (अंजलि मुद्रा) की स्थिति में जोड़ लें।
  5. कोहनियों का उपयोग: अपनी दोनों कोहनियों को अपने दोनों घुटनों के अंदरूनी हिस्से पर टिकाएं। कोहनियों से घुटनों को धीरे-धीरे बाहर की ओर धकेलें। इससे आपके कूल्हों और छाती को और अधिक खोलने में मदद मिलेगी।
  6. रीढ़ को सीधा रखें: अपनी रीढ़ की हड्डी को बिल्कुल सीधा रखें। कंधों को आराम दें और उन्हें कानों से दूर रखें। अपनी गर्दन को सीधा रखते हुए सामने की ओर देखें।
  7. सांसों पर ध्यान: इस मुद्रा में 30 सेकंड से लेकर 1 मिनट (या 5 से 10 गहरी सांसों) तक रुकें। अपनी सांसों को सामान्य और गहरा रखें।
  8. वापस आएं: मुद्रा से बाहर आने के लिए, अपने हाथों को जमीन पर टिकाएं, गहरी सांस लें और धीरे-धीरे अपने पैरों को सीधा करते हुए वापस खड़े हो जाएं। आप चाहें तो रिलैक्स करने के लिए उत्तानासन (Standing Forward Bend) कर सकते हैं।

शुरुआती लोगों के लिए बदलाव और प्रॉप्स (Modifications for Beginners)

अगर आप पहली बार मलासन कर रहे हैं, तो हो सकता है कि आपके लिए इसे पूर्ण रूप से करना मुश्किल हो। आप निम्नलिखित बदलावों (Modifications) का सहारा ले सकते हैं:

  • एड़ियां हवा में होना: अगर आपकी एड़ियां जमीन तक नहीं पहुंच पाती हैं और हवा में उठ जाती हैं, तो आप अपनी एड़ियों के नीचे एक मुड़ी हुई तौलिया, कंबल या अपनी योग मैट को रोल करके रख सकते हैं। इससे घुटनों पर अनावश्यक दबाव नहीं पड़ेगा।
  • संतुलन बनाने में मुश्किल: यदि आपको बिना गिरे उकड़ू बैठने में परेशानी होती है, तो आप अपने कूल्हों (Hips) के नीचे एक या दो योगा ब्लॉक (Yoga Blocks) रख सकते हैं और उन पर बैठ सकते हैं। धीरे-धीरे जब आपका लचीलापन बढ़ेगा, तब आप ब्लॉक हटा सकते हैं।
  • दीवार का सहारा: अपनी पीठ को दीवार से लगाकर मलासन का अभ्यास करने से रीढ़ को सीधा रखने में मदद मिलती है और संतुलन भी बना रहता है।

मलासन करते समय सामान्य गलतियां (Common Mistakes to Avoid)

अभ्यास के दौरान इन गलतियों से बचना चाहिए:

  • पीठ को गोल करना (Rounding the back): मलासन में छाती चौड़ी और रीढ़ की हड्डी सीधी होनी चाहिए। झुककर या पीठ को गोल करके बैठने से बचें।
  • घुटनों का अंदर की ओर गिरना: सुनिश्चित करें कि आपके घुटने आपके पंजों की दिशा में ही हों। घुटनों को अंदर की ओर न झुकने दें; कोहनियों से उन्हें बाहर की ओर धकेलते रहें।
  • सांस रोकना: किसी भी योगासन की तरह, मलासन में भी अपनी सांस को न रोकें। गहरी और लयबद्ध सांसें लेते रहें।

सावधानियां और मतभेद (Precautions and Contraindications)

हालांकि मलासन एक बहुत ही सुरक्षित और लाभकारी आसन है, लेकिन कुछ स्थितियों में इसे करने से बचना चाहिए या किसी विशेषज्ञ की देखरेख में करना चाहिए:

  1. घुटनों की चोट: यदि आपको हाल ही में घुटने में चोट लगी है, गठिया (Arthritis) की गंभीर समस्या है, या घुटने की सर्जरी हुई है, तो मलासन न करें।
  2. पीठ के निचले हिस्से में चोट: स्लिप डिस्क (Slip Disc) या पीठ के निचले हिस्से में गंभीर दर्द होने पर इस आसन का अभ्यास करने से बचें।
  3. टखनों में खिंचाव: जिन लोगों के टखनों में या एच्लीस टेंडन (Achilles tendon) में चोट या बहुत अधिक जकड़न है, उन्हें सावधानी बरतनी चाहिए।
  4. गर्भावस्था के दौरान: वैसे तो मलासन गर्भवती महिलाओं के लिए अच्छा है, लेकिन गर्भावस्था के अंतिम महीनों में इसे करते समय किसी योगा टीचर की सलाह जरूर लें और दीवार या कुर्सी का सहारा लें।

आधुनिक जीवनशैली में मलासन का महत्व

आजकल ‘Sitting is the new smoking’ (बैठना नई धूम्रपान की आदत है) यह वाक्य बहुत प्रचलित है। हम ऑफिस डेस्क, कार, सोफे और डाइनिंग टेबल पर दिन के 10-12 घंटे बैठे रहते हैं। कुर्सियों पर बैठने से हमारे कूल्हे 90 डिग्री के कोण पर लॉक हो जाते हैं, जिससे ग्लूट्स (Glutes) कमजोर हो जाते हैं और हिप फ्लेक्सर्स छोटे हो जाते हैं।

मलासन हमारी इस आधुनिक समस्या का एक प्राकृतिक “एंटीडोट” (उपचार) है। दिन में केवल 2 से 3 मिनट मलासन में बैठने से आपके शरीर का निचला हिस्सा रीसेट होता है, रक्त संचार तेजी से बढ़ता है और सुस्त पड़ी मांसपेशियां फिर से सक्रिय हो जाती हैं। आप इसे टीवी देखते हुए, सुबह पानी पीते हुए या अपने वर्कआउट रूटीन के वार्म-अप या कूल-डाउन के रूप में आसानी से कर सकते हैं।


निष्कर्ष (Conclusion)

मलासन (Garland Pose) योग की एक ऐसी बुनियादी और शक्तिशाली मुद्रा है जो हमारे शरीर को उसकी जड़ों और प्राकृतिक बनावट की ओर वापस ले जाती है। यह न केवल हमारे शरीर के निचले हिस्से को लचीला और मजबूत बनाता है, बल्कि हमारे मन को भी शांत करता है। शुरुआत में भले ही यह मुद्रा थोड़ी चुनौतीपूर्ण लगे, लेकिन नियमित अभ्यास और सही प्रॉप्स के उपयोग से कोई भी इसे आसानी से कर सकता है। अपने दैनिक जीवन में थोड़ा समय निकालकर मलासन का अभ्यास करें और इसके बेहतरीन स्वास्थ्य लाभों का अनुभव करें।

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