फ्रैक्चर (हड्डी टूटने) के बाद कैसे व्यायाम शुरू करें
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फ्रैक्चर (हड्डी टूटने) के बाद कैसे व्यायाम शुरू करें

फ्रैक्चर (हड्डी टूटने) के बाद व्यायाम कैसे शुरू करें: पुनर्वास के चरण और सुरक्षित प्रगति की रणनीति 🦴🚶‍♂️

एक फ्रैक्चर (Fracture) या हड्डी का टूटना, शरीर के लिए एक महत्वपूर्ण आघात होता है। हड्डी को ठीक होने के लिए आवश्यक आराम और स्थिरीकरण (Immobilization) एक ही समय में मांसपेशियों को कमजोर कर देता है, जोड़ों को कठोर बना देता है, और शारीरिक कार्यक्षमता (Physical Function) को कम कर देता है।

इसलिए, फ्रैक्चर के बाद व्यायाम (Exercise) और पुनर्वास (Rehabilitation) की प्रक्रिया अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। यह प्रक्रिया जल्दबाजी में नहीं की जानी चाहिए; बल्कि इसे एक योग्य फ़िज़ियोथेरेपिस्ट के मार्गदर्शन में सावधानीपूर्वक, चरणबद्ध तरीके से किया जाना चाहिए।

व्यायाम का उद्देश्य केवल ताकत वापस पाना नहीं है, बल्कि गति की सीमा (Range of Motion – ROM) को बहाल करना, चोट वाले क्षेत्र की सूजन (Swelling) को कम करना और दैनिक जीवन की गतिविधियों (ADLs) को स्वतंत्र रूप से करने की क्षमता वापस पाना है।

I. पुनर्वास का महत्व और सामान्य लक्ष्य

पुनर्वास का मुख्य लक्ष्य रोगी को उसकी चोट-पूर्व कार्यक्षमता के स्तर पर वापस लाना है, जबकि यह सुनिश्चित करना है कि हड्डी पूरी तरह से ठीक हो जाए और दोबारा चोट न लगे।

पुनर्वास के सामान्य लक्ष्य:

  1. गति की सीमा की बहाली (ROM Restoration): जोड़ की अकड़न को कम करना।
  2. मांसपेशियों की मजबूती (Muscle Strength): स्थिरीकरण (जैसे प्लास्टर) के कारण कमजोर हुई मांसपेशियों को फिर से मजबूत करना।
  3. दर्द और सूजन प्रबंधन: दर्द और स्थानीय सूजन को कम करने के लिए व्यायाम का उपयोग करना।
  4. कार्यक्षम वापसी (Functional Return): चलना, उठाना, और दैनिक कार्य करने की क्षमता वापस पाना।

II. पुनर्वास के तीन चरण (The Three Phases of Rehabilitation)

फ्रैक्चर पुनर्वास को आमतौर पर तीन क्रमिक चरणों में विभाजित किया जाता है। प्रत्येक चरण में व्यायाम का प्रकार और तीव्रता बदल जाती है।

चरण 1: स्थिरीकरण चरण (Immobilization Phase – 0 से 6 सप्ताह)

यह चरण तब तक चलता है जब तक हड्डी की शुरुआती मरम्मत नहीं हो जाती।

  • मुख्य लक्ष्य: चोट वाले जोड़ को आराम देते हुए आस-पास की मांसपेशियों की बर्बादी (Atrophy) को रोकना और रक्त संचार बनाए रखना।
  • अनुशंसित व्यायाम:
    • आइसोमेट्रिक व्यायाम (Isometric Exercises): चोट वाले जोड़ को बिना हिलाए, आस-पास की मांसपेशियों को कसना और ढीला करना (जैसे प्लास्टर में हाथ की मांसपेशी को कसना)। यह मांसपेशी के संकुचन को बनाए रखता है।
    • अप्रभावित अंग का व्यायाम: शरीर के अन्य सभी अंगों (कोर, दूसरा पैर/हाथ) को सामान्य रूप से प्रशिक्षित करना।
    • रक्त संचार व्यायाम: प्लास्टर या स्प्लिंट के ऊपर और नीचे उंगलियों/पैर की उंगलियों को हिलाना ताकि सूजन कम हो और रक्त का थक्का (Blood Clot) बनने से रोका जा सके।
  • निषेध: फ्रैक्चर साइट पर कोई गति या वज़न डालना (Weight-Bearing) सख्त मना है।

चरण 2: शुरुआती गतिशीलता और मजबूती चरण (Early Mobility & Strengthening – 6 से 12 सप्ताह)

यह चरण तब शुरू होता है जब डॉक्टर एक्स-रे के आधार पर हड्डी के कुछ हद तक ठीक होने की पुष्टि कर देते हैं और प्लास्टर हटा दिया जाता है।

  • मुख्य लक्ष्य: जोड़ों की गति की सीमा को वापस लाना और धीरे-धीरे मांसपेशियों की ताकत बढ़ाना।
  • अनुशंसित व्यायाम:
    • निष्क्रिय और सहायक सक्रिय गतिशीलता (Passive and Assisted Active ROM): फ़िज़ियोथेरेपिस्ट की मदद से या बिना वज़न डाले स्वयं जोड़ को धीरे-धीरे हिलाना।
    • हल्का प्रतिरोध प्रशिक्षण: थेरा-बैंड (Thera-Bands) या बहुत हल्के डम्बल का उपयोग करके मांसपेशियाँ बनाना। प्रतिरोध हमेशा इतना कम होना चाहिए कि जोड़ पर तनाव न पड़े।
    • वज़न डालना (Weight Bearing – यदि अनुमति हो): डॉक्टर की अनुमति के बाद, आंशिक वज़न डालना शुरू किया जाता है (जैसे बैसाखी के सहारे)।
  • निषेध: अचानक, तीव्र या उछाल वाली (Bouncing) गति से बचना चाहिए।

चरण 3: कार्यक्षम बहाली और ताकत का निर्माण (Functional Restoration & Strength Building – 12 सप्ताह और आगे)

इस चरण में हड्डी पूरी तरह से ठीक हो चुकी होती है, और ध्यान कार्यक्षम ताकत और खेल-विशिष्ट क्षमताओं पर होता है।

  • मुख्य लक्ष्य: सामान्य शक्ति और धीरज के स्तर पर लौटना, और खेल या काम की विशिष्ट मांगों के लिए शरीर को तैयार करना।
  • अनुशंसित व्यायाम:
    • उच्च प्रतिरोध प्रशिक्षण: वज़न और दोहराव को धीरे-धीरे बढ़ाना।
    • प्लाइमेट्रिक्स और एजिलिटी (Plyometrics & Agility): कूदना, दौड़ना, और दिशा बदलना (यदि आवश्यक हो) जैसे उच्च-प्रभाव वाले व्यायामों को सावधानी से शुरू करना।
    • संतुलन और प्रोप्रियोसेप्शन: एक पैर पर खड़े होना या अस्थिर सतहों पर अभ्यास करना (टखने या पैर के फ्रैक्चर के लिए महत्वपूर्ण)।
  • निषेध: अत्यधिक दर्द को अनदेखा करना।

III. सुरक्षित शुरुआत के लिए महत्वपूर्ण सुझाव

  1. डॉक्टर की मंज़ूरी सर्वोपरि: किसी भी व्यायाम कार्यक्रम को शुरू करने से पहले, अपने ऑर्थोपेडिक सर्जन से हड्डी के ठीक होने की स्थिति की पुष्टि अवश्य करें।
  2. फ़िज़ियोथेरेपी अनिवार्य: एक योग्य फ़िज़ियोथेरेपिस्ट आपके फ्रैक्चर के प्रकार, स्थान और व्यक्तिगत रिकवरी दर के आधार पर एक अनुरूप योजना बनाएगा। गलत व्यायाम से दोबारा चोट लग सकती है।
  3. दर्द का नियम (The Pain Rule): व्यायाम के दौरान हल्का खिंचाव और बेचैनी सामान्य है, लेकिन तेज, चुभने वाला दर्द (Sharp, Stabbing Pain) एक चेतावनी है। दर्द होने पर तुरंत रुक जाएं और चिकित्सक से सलाह लें।
  4. धीमा और स्थिर: प्रगति धीरे-धीरे करें। बहुत जल्दी बहुत अधिक वज़न डालना या बहुत तीव्र गति से गति करना सबसे बड़ी गलती है।
  5. पोषण और आराम: हड्डी की मरम्मत के लिए पर्याप्त कैल्शियम, विटामिन डी और प्रोटीन आवश्यक हैं। अपने आहार पर ध्यान दें और पर्याप्त नींद लें।

निष्कर्ष

फ्रैक्चर से उबरना एक मैराथन है, न कि स्प्रिंट। यह एक व्यवस्थित, धैर्यपूर्ण प्रक्रिया है जो डॉक्टर की सलाह, एक संरचित व्यायाम कार्यक्रम, और रोगी की प्रतिबद्धता पर निर्भर करती है। फ़िज़ियोथेरेपी का मार्गदर्शन यह सुनिश्चित करता है कि आप केवल टूटी हुई हड्डी को ही नहीं, बल्कि कमजोर मांसपेशियों, कठोर जोड़ों और बाधित न्यूरोमस्कुलर समन्वय को भी ठीक कर रहे हैं, ताकि आप पूरी ताकत और आत्मविश्वास के साथ अपनी सामान्य गतिविधियों में लौट सकें।

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