टाइट हिप फ्लेक्सर्स को ढीला करें 5 आसान स्ट्रेचिंग व्यायाम
टाइट हिप फ्लेक्सर्स को ढीला करें 5 आसान और प्रभावी स्ट्रेचिंग व्यायाम
क्या आप अपना अधिकांश दिन डेस्क पर बैठकर बिताते हैं? क्या आप दौड़ने (Running) के शौकीन हैं लेकिन अक्सर कमर के निचले हिस्से में दर्द महसूस करते हैं? या क्या आपको उठते-बैठते समय कूल्हों में अजीब सी जकड़न (Stiffness) महसूस होती है?
यदि इनमें से किसी भी सवाल का जवाब ‘हाँ’ है, तो बहुत संभव है कि आप ‘टाइट हिप फ्लेक्सर्स’ (Tight Hip Flexors) की समस्या से जूझ रहे हैं। आधुनिक जीवनशैली, जिसमें हम घंटों कुर्सियों पर बैठकर बिताते हैं, हमारे शरीर के सबसे महत्वपूर्ण जोड़ों में से एक—कूल्हों (Hips)—को नुकसान पहुँचा रही है।
इस विस्तृत गाइड में, हम टाइट हिप फ्लेक्सर्स को ढीला करें 5 आसान और प्रभावी स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज के बारे में जानेंगे। यह रूटीन विशेष रूप से डेस्क वर्कर्स, रनर्स और उन सभी लोगों के लिए डिज़ाइन किया गया है जो अपने शरीर को लचीला और दर्द-मुक्त बनाना चाहते हैं।
हिप फ्लेक्सर्स क्या हैं और ये टाइट क्यों होते हैं? (Understanding Hip Flexors)
व्यायाम शुरू करने से पहले, यह समझना महत्वपूर्ण है कि हम किस पर काम कर रहे हैं।
हिप फ्लेक्सर्स क्या हैं?
हिप फ्लेक्सर्स मांसपेशियों का एक समूह है जो आपकी जांघ (Thigh) को आपके धड़ (Torso) की ओर ऊपर उठाने में मदद करता है। इसमें मुख्य रूप से इलियोसोस (Iliopsoas) और रेक्टस फेमोरिस (Rectus Femoris) मांसपेशियां शामिल होती हैं। हर बार जब आप कदम बढ़ाते हैं, दौड़ते हैं, या कुर्सी से उठते हैं, तो ये मांसपेशियां काम करती हैं।
ये टाइट क्यों हो जाते हैं?
जब हम कुर्सी पर बैठते हैं, तो हमारे हिप्स मुड़ी हुई अवस्था (Flexed position) में होते हैं। लंबे समय तक इस स्थिति में रहने से ये मांसपेशियां “छोटी” (Shorten) हो जाती हैं और अपनी लोच खो देती हैं।
जब आप खड़े होते हैं, तो ये छोटी हो चुकी मांसपेशियां आपकी रीढ़ की हड्डी (Spine) और पेल्विस (Pelvis) को आगे की ओर खींचती हैं। इससे ‘लोअर बैक पेन’ (Lower back pain) और खराब पोस्चर की समस्या पैदा होती है।1
इस मोबिलिटी रूटीन के लाभ (Benefits of the Routine)
इस 10-15 मिनट के रूटीन को अपनी दिनचर्या में शामिल करने से आपको निम्नलिखित लाभ मिलेंगे:
- कमर और कूल्हों के तनाव से मुक्ति: जकड़ी हुई मांसपेशियों को खोलने से नसों और जोड़ों पर दबाव कम होता है।
- पोस्चर में सुधार (Better Posture): जब हिप्स खुलते हैं, तो आप बिना किसी प्रयास के सीधे खड़े हो सकते हैं।
- एथलेटिक प्रदर्शन में वृद्धि: चाहे आप जिम जाते हों या दौड़ते हों, हिप्स की अच्छी रेंज ऑफ मोशन आपको चोट से बचाती है और आपकी शक्ति (Power) बढ़ाती है।
- रक्त संचार में सुधार: स्ट्रेचिंग से पेल्विक क्षेत्र में ब्लड फ्लो बढ़ता है।
टाइट हिप फ्लेक्सर्स को ढीला करें 5 आसान और प्रभावी स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज
नीचे दिए गए 5 व्यायामों को एक क्रम में (Circuit format) करें। हर व्यायाम को 20-30 सेकंड के लिए होल्ड करें और कुल 2-3 राउंड पूरे करें।
1. लो लंज स्ट्रेच (Low Lunge Stretch / अंजनियासन)
यह हिप फ्लेक्सर्स को खोलने के लिए सबसे बुनियादी और प्रभावी स्ट्रेच है। यह सीधे इलियोसोस मांसपेशी को निशाना बनाता है।
कैसे करें (Step-by-Step):
- शुरुआती स्थिति: फर्श पर घुटनों के बल आ जाएं। अपने दाहिने पैर को आगे बढ़ाएं और इसे जमीन पर सपाट रखें, जिससे आपका घुटना 90 डिग्री के कोण पर मुड़ा हो।
- अपने बाएं घुटने को जमीन पर पीछे की ओर रखें। (घुटने के नीचे तौलिया या कुशन रखें ताकि चुभे नहीं)।
- महत्वपूर्ण स्टेप: अपने धड़ (Torso) को सीधा रखें। अपने कूल्हों (Hips) को आगे की ओर धकेलें।
- यहाँ एक छोटी सी ट्रिक है: अपनी टेलबोन (Tailbone) को नीचे की ओर टक (Tuck) करें और अपने बाएं ग्लूट (Glute) को सिकोड़ें। इससे स्ट्रेच की तीव्रता बढ़ जाएगी।
- आपको अपनी बाईं जांघ के सामने और कूल्हे के जोड़ में गहरा खिंचाव महसूस होना चाहिए।
सामान्य गलतियां:
- कमर को बहुत ज्यादा पीछे झुकाना (Arching the back)। इससे कमर दर्द हो सकता है। पेट को अंदर खींचकर रखें।
- घुटने को पंजों से बहुत आगे ले जाना।

2. पिजन पोज (Pigeon Pose / कपोतासन)
यह योग मुद्रा कूल्हों के बाहरी हिस्से (Outer Hips) और पाइरिफोर्मिस (Piriformis) मांसपेशी को खोलने के लिए अद्भुत है, जो अक्सर हिप फ्लेक्सर्स के साथ-साथ टाइट हो जाती है।
पिजन पोज (Pigeon Pose / कपोतासन)
कैसे करें (Step-by-Step):
- प्लैंक या डाउनवर्ड डॉग (Downward Dog) की स्थिति से शुरू करें।
- अपने दाहिने घुटने को आगे लाएं और इसे अपनी दाहिनी कलाई के पीछे रखें।
- अपने दाहिने टखने (Ankle) को अपनी बाईं कलाई की ओर ले जाने की कोशिश करें (जितना आपका शरीर अनुमति दे)।
- अपने बाएं पैर (पिछले पैर) को सीधा पीछे की ओर स्लाइड करें और उसे जमीन पर सपाट करें।
- अपने कूल्हों को जमीन की ओर दबाएं। ध्यान रखें कि आपके कूल्हे एक तरफ झुके नहीं होने चाहिए, वे जमीन के समानांतर (Square) होने चाहिए।
- यदि आप सहज हैं, तो अपनी कोहनियों को जमीन पर टिकाएं और माथा नीचे करें।
मॉडिफिकेशन (आसान तरीका):
यदि यह बहुत मुश्किल लगे, तो पीठ के बल लेटकर “फिगर-4 स्ट्रेच” (Figure-4 Stretch) करें।

3. स्टैंडिंग क्वाड्रिसेप्स स्ट्रेच (Standing Quadriceps Stretch)
अक्सर लोग भूल जाते हैं कि क्वाड्रिसेप्स (जांघ के सामने की मांसपेशी) का एक हिस्सा हिप फ्लेक्सर भी होता है। इसे स्ट्रेच करना बेहद जरूरी है।
कैसे करें (Step-by-Step):
- सीधे खड़े हो जाएं। संतुलन के लिए किसी दीवार या कुर्सी का सहारा लें।
- अपने दाहिने घुटने को मोड़ें और अपनी दाहिनी एड़ी को अपने नितंबों (Buttocks) की ओर लाएं।
- अपने दाहिने हाथ से टखने (Ankle) को पकड़ें।
- मुख्य तकनीक: अपने दोनों घुटनों को एक साथ (चिपकाकर) रखें। घुटना बाहर की तरफ नहीं भागना चाहिए।
- अब, एड़ी को ग्लूट्स की तरफ खींचते हुए, अपने कूल्हों (Hips) को हल्का सा आगे की ओर धकेलें (Push forward)।
- आपको जांघ के सामने वाले हिस्से में खिंचाव महसूस होगा।
सावधानी:
कमर को आर्च न करें। कोर (Core) को टाइट रखें।

4. बटरफ्लाई स्ट्रेच (Butterfly Stretch / बद्ध कोणासन)
हिप फ्लेक्सर्स के अलावा, इनर थाई (Inner Thighs/Adductors) की जकड़न भी कूल्हों की गति को सीमित करती है।2 बटरफ्लाई स्ट्रेच इसे खोलता है।
कैसे करें (Step-by-Step):
- फर्श पर बैठ जाएं और अपनी रीढ़ की हड्डी को बिल्कुल सीधा रखें।
- अपने दोनों पैरों को मोड़ें और पैरों के तलवों (Soles) को एक-दूसरे से मिलाएं।
- अपने हाथों से पंजों को पकड़ें और एड़ियों को जितना हो सके अपने शरीर (Groin area) के करीब लाएं।
- अब धीरे से अपने घुटनों को जमीन की ओर दबाएं। आप अपनी कोहनियों का उपयोग करके जांघों पर हल्का दबाव डाल सकते हैं।
- लंबी गहरी सांस लें और हर सांस छोड़ते हुए घुटनों को थोड़ा और नीचे जाने दें।
प्रो टिप:
अपनी पीठ को गोल (Round) न करें। छाती को ऊपर और बाहर की ओर रखें।

5. लंज विद स्पाइनल ट्विस्ट (Lunge with Spinal Twist / World’s Greatest Stretch)
इसे अक्सर “दुनिया का सबसे महान स्ट्रेच” कहा जाता है क्योंकि यह एक ही समय में हिप्स, थोरैसिक स्पाइन (ऊपरी पीठ) और हैमस्ट्रिंग पर काम करता है।
कैसे करें (Step-by-Step):
- एक पुश-अप या हाई प्लैंक की स्थिति से शुरू करें।
- अपने दाहिने पैर को आगे बढ़ाएं और उसे अपने दाहिने हाथ के बाहरी हिस्से के पास रखें (लंज पोजीशन)।
- अपने बाएं घुटने को हवा में सीधा रखें (या अगर मुश्किल हो तो जमीन पर टिका दें)।
- अपना बायां हाथ जमीन पर टिका रहने दें।
- अब अपने दाहिने हाथ को छत की ओर उठाएं और अपनी छाती को दाहिनी ओर घुमाएं (Twist)।
- अपनी नज़र को दाहिने हाथ के अंगूठे पर रखें।
- इस स्थिति में आपको हिप्स में गहरा स्ट्रेच और पीठ में अच्छा ट्विस्ट महसूस होगा।

रूटीन को कैसे फॉलो करें (How to perform the routine)
सर्वोत्तम परिणामों के लिए, इस योजना का पालन करें:
- समय: यह रूटीन सुबह सोकर उठने के बाद या शाम को वर्कआउट के बाद सबसे अच्छा काम करता है।
- अवधि: प्रत्येक स्ट्रेच को 20 से 30 सेकंड तक होल्ड करें।
- सेट्स: पूरे सर्किट को 2 से 3 बार दोहराएं।
- सांस: पूरे व्यायाम के दौरान गहरी सांस (Deep Breathing) लेना न भूलें। सांस रोकने से मांसपेशियां तनाव में आ जाती हैं।
जीवनशैली में बदलाव और सुझाव (Lifestyle Tips)
केवल स्ट्रेचिंग ही काफी नहीं है, आपको अपनी आदतों में भी थोड़ा बदलाव लाना होगा:
- हर 30 मिनट में ब्रेक लें: अगर आपका काम बैठने का है, तो हर आधे घंटे में उठकर 2 मिनट चलें।
- हाइड्रेटेड रहें: मांसपेशियों के लचीलेपन के लिए पानी बहुत जरूरी है।
- स्टैंडिंग डेस्क का प्रयोग: यदि संभव हो, तो दिन का कुछ समय खड़े होकर काम करें।
- सोने की स्थिति: अगर आपके हिप्स बहुत टाइट हैं, तो सोते समय घुटनों के बीच तकिया रखकर सोने से हिप्स एलाइनमेंट में रहते हैं।
निष्कर्ष (Conclusion)
टाइट हिप फ्लेक्सर्स कोई बीमारी नहीं है, बल्कि यह एक संकेत है कि आपके शरीर को ‘मूवमेंट’ की जरूरत है। ऊपर बताए गए “लो लंज, पिजन पोज, क्वाड स्ट्रेच, बटरफ्लाई और स्पाइनल ट्विस्ट” का यह कॉम्बिनेशन आपके कूल्हों के लिए एक जादू की तरह काम करेगा।
इसे आज ही अपनी दिनचर्या में शामिल करें। पहले हफ्ते में ही आप महसूस करेंगे कि आपकी कमर का दर्द कम हो रहा है, चलने में हल्कापन आ रहा है और आप पहले से अधिक ऊर्जावान महसूस कर रहे हैं।
याद रखें, “Motion is Lotion” (गति ही दवा है)। रुकिए मत, बस चलते रहिए!
