गलत तरीके से सोने से गर्दन दर्द: कारण, तुरंत राहत और बचाव
गलत तरीके से सोने के कारण गर्दन दर्द: कारण, राहत और बचाव के उपाय
सुबह जागने पर गर्दन दर्द या अकड़न होना एक आम समस्या है। अक्सर हम इसे ‘गलत तरीके से सोना’ कहकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन इसके पीछे के विज्ञान और शरीर की कार्यप्रणाली को समझना जरूरी है।
गर्दन के दर्द के पीछे का विज्ञान (समझें कि दर्द क्यों होता है)
हमारी गर्दन (Cervical Spine) सात छोटी हड्डियों (vertebrae) से बनी होती है, जिन्हें मांसपेशियों, स्नायुबंधन (ligaments) और जोड़ों का सहारा मिलता है। आपकी गर्दन का मुख्य काम आपके सिर का वजन संभालना है, जो औसतन 4.5 से 5 किलोग्राम होता है।
जब आप सोते हैं, तो आपकी गर्दन और रीढ़ की हड्डी एक सीधी रेखा (Neutral Alignment) में होनी चाहिए। लेकिन जब आप घंटों तक गर्दन को टेढ़ा करके या बिना सही सहारे के सोते हैं, तो:
- मांसपेशियों में खिंचाव (Muscle Strain): मांसपेशियां एक ही स्थिति में रहने के कारण थक जाती हैं और उनमें लैक्टिक एसिड जमा होने लगता है।
- जोड़ों पर दबाव: गर्दन के छोटे जोड़ (Facet Joints) संकुचित हो जाते हैं, जिससे सूजन आ सकती है।
- नसों पर दबाव: गलत अलाइनमेंट के कारण कभी-कभी गर्दन की नसें दब जाती हैं, जिससे दर्द हाथों तक फैल सकता है।
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गर्दन दर्द के सबसे आम कारण
अ. पेट के बल सोना (Sleeping on Stomach)
यह गर्दन के लिए सबसे खराब स्थिति मानी जाती है। जब आप पेट के बल सोते हैं, तो सांस लेने के लिए आपको अपना सिर घंटों तक एक तरफ मोड़कर रखना पड़ता है। यह गर्दन के जोड़ों पर अत्यधिक तनाव पैदा करता है।
ब. तकिए का गलत चुनाव
तकिया न तो बहुत ऊंचा होना चाहिए और न ही बहुत नीचा।
- बहुत ऊंचा तकिया: गर्दन को आगे की तरफ झुकाता है।
- बहुत नीचा तकिया: गर्दन को पीछे की तरफ लटका देता है।दोनों ही स्थितियों में गर्दन की मांसपेशियों को रात भर काम करना पड़ता है, जिससे सुबह दर्द होता है।
स. अचानक झटका लगना
नींद में अचानक करवट बदलते समय या किसी सपने के दौरान झटके से हिलने पर गर्दन की नस खिंच सकती है।
द. “टेक नेक” (Tech Neck) का प्रभाव
यदि आप दिन भर मोबाइल या लैपटॉप पर झुककर काम करते हैं, तो आपकी गर्दन की मांसपेशियां पहले से ही कमजोर और तनावपूर्ण होती हैं। ऐसी स्थिति में सोने की मामूली गलती भी बड़े दर्द का कारण बन जाती है।
गर्दन के दर्द से तुरंत राहत पाने के प्रभावी तरीके
यदि आप आज सुबह गर्दन के दर्द के साथ जगे हैं, तो इन उपायों को अपनाएं:
१. बर्फ या सिकाई का सही उपयोग
- कोल्ड थेरेपी (पहले 24-48 घंटे): अगर दर्द बिल्कुल नया है और सूजन महसूस हो रही है, तो आइस पैक का उपयोग करें। यह नसों को सुन्न करता है और सूजन कम करता है।
- हीट थेरेपी (पुरानी अकड़न के लिए): यदि गर्दन पूरी तरह जाम हो गई है, तो गर्म पानी की थैली या हीटिंग पैड का उपयोग करें। गर्मी रक्त के प्रवाह को बढ़ाती है और मांसपेशियों को आराम देती है।
२. हल्की मालिश
गुनगुने तिल या जैतून के तेल से गर्दन के पीछे और कंधों पर हल्के हाथों से गोलाकार (circular) मालिश करें। मालिश से मांसपेशियों की गांठें (knots) खुलती हैं।
३. हाइड्रेटेड रहें
हमारी रीढ़ की हड्डियों के बीच की डिस्क मुख्य रूप से पानी से बनी होती है। पर्याप्त पानी पीने से ये डिस्क लचीली रहती हैं और झटकों को बेहतर तरीके से सोख पाती हैं।
राहत के लिए सर्वोत्तम व्यायाम और स्ट्रेचिंग
अकड़न कम करने के लिए इन सुरक्षित व्यायामों को धीरे-धीरे करें:
अ. चिन टक्स (Chin Tucks)
यह गर्दन के अलाइनमेंट को सही करने के लिए सबसे अच्छा व्यायाम है।
- सीधे बैठें और सामने देखें।
- बिना सिर झुकाए अपनी ठुड्डी (chin) को पीछे की ओर धकेलें जैसे ‘डबल चिन’ बना रहे हों।
- 5 सेकंड रुकें और छोड़ दें। 10 बार दोहराएं।

ब. लेटरल नेक स्ट्रेच (Lateral Stretch)
- अपने दाहिने कान को दाहिने कंधे की ओर ले जाएं (कंधा ऊपर न उठाएं)।
- 15-20 सेकंड तक रुकें। यही प्रक्रिया बाईं ओर दोहराएं।

स. स्कैपुलर स्क्वीज (Scapular Squeeze)
- अपने दोनों कंधों के ब्लेड को पीछे की ओर आपस में सिकोड़ें।
- इससे गर्दन के निचले हिस्से और ऊपरी पीठ को सहारा मिलता है।

बचाव: सोने की सही स्थिति क्या है?
भविष्य में इस दर्द से बचने के लिए अपनी ‘स्लीपिंग पोजीशन’ बदलें:
| स्थिति | प्रभाव | सुझाव |
| पीठ के बल सोना | सबसे अच्छा | गर्दन के नीचे एक छोटा रोल किया हुआ तौलिया रखें ताकि प्राकृतिक वक्र बना रहे। |
| करवट लेकर सोना | अच्छा | एक ऐसा तकिया लें जो आपके कान और कंधे के बीच की दूरी को भर सके। |
| पेट के बल सोना | सबसे बुरा | इस आदत को छोड़ने की कोशिश करें। यदि मजबूरी हो, तो बिना तकिए के सोएं। |
सही तकिए का चुनाव कैसे करें?
तकिया आपकी पसंद नहीं, बल्कि आपकी शारीरिक बनावट (Body Frame) के अनुसार होना चाहिए:
- मेमोरी फोम (Memory Foam): यह गर्दन के आकार के अनुसार ढल जाता है और अच्छा सपोर्ट देता है।
- सर्वाइकल पिलो: इसमें बीच में एक गड्ढा और किनारों पर उभार होता है जो गर्दन की हड्डी को सहारा देता है।
- ऊंचाई का नियम: जब आप करवट लेकर सोएं, तो आपकी नाक आपकी छाती की हड्डी (sternum) के बिल्कुल सीध में होनी चाहिए।
डॉक्टर को कब दिखाएं?
ज्यादातर गर्दन का दर्द 2-3 दिनों में घरेलू उपचार से ठीक हो जाता है। लेकिन यदि:
- दर्द हाथों या उंगलियों तक जा रहा हो।
- हाथों में झुनझुनी या कमजोरी महसूस हो।
- दर्द के साथ तेज बुखार या सिरदर्द हो।
- दर्द 1 हफ्ते से ज्यादा बना रहे।
ऐसी स्थिति में किसी फिजियोथेरेपिस्ट या ऑर्थोपेडिक डॉक्टर से संपर्क करना अनिवार्य है।
निष्कर्ष
गर्दन का दर्द अक्सर इस बात का संकेत होता है कि आपका शरीर आपके सोने के तरीके या दिनचर्या से खुश नहीं है। अपनी ‘पोस्चर’ (मुद्रा) पर ध्यान देकर, सही तकिए का उपयोग करके और नियमित स्ट्रेचिंग को जीवन का हिस्सा बनाकर आप इस समस्या से पूरी तरह मुक्ति पा सकते हैं।
