रोकथाम (Prehabilitation) – सर्जरी से पहले फिजियोथेरेपी
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रोकथाम (Prehabilitation) – सर्जरी से पहले फिजियोथेरेपी

रोकथाम (Prehabilitation): सर्जरी से पहले फ़िज़ियोथेरेपी क्यों महत्वपूर्ण है? 🩺💪

रोकथाम (Prehabilitation) एक संरचित फ़िज़ियोथेरेपी कार्यक्रम है जो किसी बड़ी शल्य चिकित्सा (Major Surgery) या आक्रामक चिकित्सा उपचार (Invasive Medical Treatment) से ठीक पहले किया जाता है। यह सर्जरी के बाद होने वाली संभावित जटिलताओं के जोखिम को कम करने और पुनर्प्राप्ति (Recovery) प्रक्रिया को गति देने के लिए मरीज़ के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को इष्टतम (Optimize) बनाने पर केंद्रित है।

पारंपरिक रूप से, चिकित्सा ध्यान केवल सर्जरी के बाद की पुनर्वास (Rehabilitation) पर केंद्रित रहा है। हालाँकि, आधुनिक चिकित्सा विज्ञान ने सिद्ध किया है कि जिस तरह एक लंबी दौड़ से पहले एथलीट प्रशिक्षण लेता है, उसी तरह सर्जरी से पहले मरीज़ को तैयार करने से परिणाम नाटकीय रूप से बेहतर हो सकते हैं। इसे अक्सर “सर्जरी के लिए प्रशिक्षण” (Training for Surgery) कहा जाता है।

I. प्रीहैब (Prehab) का वैज्ञानिक आधार

सर्जरी शरीर पर एक बड़ा तनाव (Stress) है। सर्जरी से पहले रोगी की शारीरिक फिटनेस जितनी बेहतर होगी, वह इस तनाव को उतनी ही बेहतर ढंग से सहन कर पाएगा और तेजी से ठीक हो पाएगा।

१. शारीरिक आरक्षित क्षमता (Physiological Reserve): प्रीहैब का मुख्य उद्देश्य रोगी की शारीरिक आरक्षित क्षमता को बढ़ाना है। यह क्षमता सर्जरी के बाद होने वाले शारीरिक गिरावट (जैसे मांसपेशियों का नुकसान और हृदय-श्वसन क्षमता में कमी) को झेलने में मदद करती है। उच्च आरक्षित क्षमता वाले मरीज़ जटिलताओं के बावजूद तेजी से सामान्य जीवन में लौटते हैं।

२. मांसपेशी हानि को कम करना (Minimizing Muscle Loss): सर्जरी के बाद, सूजन (Inflammation) और निष्क्रियता के कारण मांसपेशियों का नुकसान तेजी से होता है (जिसे कैटोबोलिज़्म कहते हैं)। सर्जरी से पहले शक्ति प्रशिक्षण द्वारा मांसपेशियों को मजबूत करने से इस नुकसान की दर कम हो जाती है।

३. मनोवैज्ञानिक तैयारी: प्रीहैब मरीज़ों को यह जानने में मदद करता है कि सर्जरी के बाद क्या उम्मीद करनी है। यह आत्मविश्वास (Confidence) बढ़ाता है, चिंता (Anxiety) कम करता है और दर्द प्रबंधन के लिए मरीज़ को बेहतर ढंग से तैयार करता है।

II. प्रीहैब के प्रमुख घटक और प्रोटोकॉल

एक सफल रोकथाम कार्यक्रम को केवल शारीरिक व्यायाम तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि एक बहु-विषयक दृष्टिकोण (Multidisciplinary Approach) अपनाना चाहिए:

१. कार्यात्मक प्रशिक्षण और शक्ति (Functional Training and Strength)

  • लक्ष्य: उन मांसपेशियों को मजबूत करना जो सर्जरी के बाद दैनिक कार्यों (जैसे उठना, चलना) के लिए आवश्यक होंगी।
  • रणनीति: फ़िज़ियोथेरेपिस्ट रोगी की ज़रूरतों के अनुसार व्यक्तिगत व्यायाम योजनाएँ विकसित करते हैं, जिसमें अक्सर हल्के वज़न के साथ शक्ति प्रशिक्षण और सहनशक्ति (Endurance) व्यायाम शामिल होते हैं।
  • उदाहरण: यदि घुटने की सर्जरी होने वाली है, तो जांघ की मांसपेशियों (Quadriceps) को मजबूत करने पर ध्यान दिया जाता है।

२. हृदय-श्वसन फिटनेस (Cardiorespiratory Fitness)

  • लक्ष्य: फेफड़ों की क्षमता (Lung Capacity) और ऑक्सीजन उपयोग की दक्षता बढ़ाना।
  • रणनीति: एरोबिक व्यायाम (जैसे चलना, साइकिल चलाना) को शामिल करना। फेफड़ों की कसरत (जैसे डीप ब्रीदिंग एक्सरसाइज) सर्जरी के बाद निमोनिया जैसी श्वसन जटिलताओं के जोखिम को कम करने में मदद करती है।

३. पोषण और जीवनशैली का अनुकूलन

  • लक्ष्य: घाव भरने (Wound Healing) और प्रतिरक्षा प्रणाली (Immune System) को मजबूत करने के लिए शरीर को आवश्यक पोषण प्रदान करना।
  • रणनीति: चिकित्सक या पोषण विशेषज्ञ यह सुनिश्चित करते हैं कि मरीज़ पर्याप्त प्रोटीन और सूक्ष्म पोषक तत्वों का सेवन कर रहा है। शराब और धूम्रपान छोड़ने की सलाह दी जाती है।

४. दर्द और गति प्रबंधन (Pain and Mobility Management)

  • लक्ष्य: सर्जरी से पहले ही जोड़ों की गति (Range of Motion) को अधिकतम करना।
  • रणनीति: सर्जरी से पहले ही कुछ स्ट्रेचिंग और मोबिलिटी एक्सरसाइज शुरू की जाती हैं, जिससे सर्जरी के बाद जकड़न (Stiffness) को कम करने में मदद मिलती है।

III. प्रीहैब के विशिष्ट लाभ (Specific Benefits of Prehabilitation)

रोकथाम के लाभ कई अध्ययनों में सिद्ध हुए हैं, जिनमें शामिल हैं:

लाभप्रभाव
अस्पताल में कम रहनाप्रीहैब से ठीक हुए मरीज़ औसतन कम समय के लिए अस्पताल में रहते हैं, जिससे स्वास्थ्य लागत कम होती है।
पुनर्प्राप्ति में तेजीमरीज़ सर्जरी के बाद अपनी सामान्य दैनिक गतिविधियों को तेजी से फिर से शुरू करने में सक्षम होते हैं।
कम जटिलताएँश्वसन (जैसे निमोनिया) और हृदय संबंधी जटिलताओं (Cardiovascular Complications) का जोखिम काफी कम हो जाता है।
बेहतर परिणामघुटने या कूल्हे के प्रतिस्थापन (Joint Replacement) जैसी सर्जरी के बाद दीर्घकालिक कार्यात्मक परिणाम (Long-term Functional Outcomes) बेहतर होते हैं।
दर्द का बेहतर प्रबंधनमरीज़ सर्जरी के बाद दर्द को बेहतर ढंग से सहन करने और प्रबंधित करने के लिए मानसिक रूप से अधिक तैयार होते हैं।

IV. निष्कर्ष

रोकथाम (Prehabilitation) चिकित्सा देखभाल का भविष्य है। यह सर्जरी को एक अप्रत्याशित घटना मानने के बजाय, इसे एक ऐसी घटना के रूप में देखता है जिसके लिए प्रशिक्षण लिया जा सकता है। फ़िज़ियोथेरेपी की यह अग्रगामी (Proactive) रणनीति न केवल शारीरिक तैयारी सुनिश्चित करती है, बल्कि रोगी को मानसिक रूप से भी सशक्त बनाती है। प्रीहैब कार्यक्रम में निवेश करना सर्जरी की सफलता और पुनर्प्राप्ति की गुणवत्ता दोनों के लिए एक सीधा निवेश है। किसी भी बड़ी सर्जरी की तैयारी करने वाले मरीज़ों के लिए, प्रीहैब अब एक विकल्प नहीं, बल्कि एक आवश्यकता है।

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