रिसपेरीडोन
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रिसपेरीडोन (Risperidone)

रिसपेरीडोन (Risperidone): मानसिक स्वास्थ्य के लिए एक महत्वपूर्ण दवा

रिसपेरीडोन एक एंटीसाइकोटिक दवा है जो मुख्य रूप से विभिन्न मानसिक स्वास्थ्य विकारों के उपचार के लिए उपयोग की जाती है। यह “एटिपिकल एंटीसाइकोटिक्स” नामक दवाओं के समूह से संबंधित है

रिसपेरीडोन का उपयोग किन स्थितियों में किया जाता है?

रिसपेरीडोन का उपयोग कई मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के प्रबंधन में किया जाता है:

  • सिज़ोफ्रेनिया (Schizophrenia): यह एक गंभीर मानसिक विकार है जिसमें व्यक्ति को भ्रम (गलत धारणाएं), मतिभ्रम (ऐसी चीजें देखना या सुनना जो वास्तविक नहीं हैं) और अव्यवस्थित सोच का अनुभव हो सकता है। रिसपेरीडोन इन लक्षणों को कम करने में मदद करती है।
  • बाइपोलर डिसऑर्डर:
    • रिसपेरीडोन उन्मत्त एपिसोड को नियंत्रित करने और मूड को स्थिर करने में मदद करती है।
  • ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर से जुड़ी चिड़चिड़ापन (Irritability associated with Autism Spectrum Disorder): 5 से 16 वर्ष की आयु के बच्चों और किशोरों में ऑटिज्म से जुड़े चिड़चिड़ापन, आक्रामक व्यवहार, आत्म-चोट और मूड में बदलाव जैसे व्यवहार संबंधी लक्षणों को प्रबंधित करने के लिए भी इसका उपयोग किया जाता है।
  • मनोविकृति (Psychosis): यह व्यापक शब्द है जिसमें व्यक्ति वास्तविकता से संपर्क खो देता है। विभिन्न कारणों से होने वाली मनोविकृति के लक्षणों को प्रबंधित करने में भी यह सहायक हो सकती है।

कुछ मामलों में, डॉक्टर इसे उपचार-प्रतिरोधी अवसाद के लिए एक अतिरिक्त चिकित्सा के रूप में या मनोवैज्ञानिक लक्षणों और बॉर्डरलाइन पर्सनालिटी डिसऑर्डर के इलाज के लिए भी लिख सकते हैं, हालांकि ये “ऑफ-लेबल” उपयोग होते हैं।

रिसपेरीडोन कैसे काम करती है?

रिसपेरीडोन मस्तिष्क में कुछ न्यूरोट्रांसमीटर (रासायनिक संदेशवाहक), मुख्य रूप से डोपामाइन और सेरोटोनिन की गतिविधि को प्रभावित करके काम करती है।

  • डोपामाइन (Dopamine): सिज़ोफ्रेनिया जैसी स्थितियों में डोपामाइन की अत्यधिक गतिविधि देखी जाती है। रिसपेरीडोन डोपामाइन रिसेप्टर्स को अवरुद्ध करके इस अत्यधिक गतिविधि को कम करती है, जिससे मानसिक लक्षणों में सुधार होता है।
  • सेरोटोनिन (Serotonin): यह मूड, नींद और भूख को प्रभावित करने वाला एक और महत्वपूर्ण न्यूरोट्रांसमीटर है। रिसपेरीडोन सेरोटोनिन रिसेप्टर्स पर भी कार्य करती है, जो इसके एंटीसाइकोटिक और मूड-स्थिर करने वाले प्रभावों को बढ़ाती है।

इन रसायनों के संतुलन को बहाल करके, रिसपेरीडोन सोच की स्पष्टता को बढ़ाती है, मतिभ्रम को कम करती है, और व्यक्ति के व्यवहार और मनोदशा में सुधार करती है।

रिसपेरीडोन की खुराक और सेवन का तरीका

रिसपेरीडोन की खुराक व्यक्ति की स्थिति, आयु, वजन और चिकित्सीय प्रतिक्रिया के आधार पर चिकित्सक द्वारा निर्धारित की जाती है। यह दवा विभिन्न रूपों में उपलब्ध है, जिनमें गोलियाँ, मुंह में घुलने वाली गोलियाँ (ओडीटी) और तरल घोल शामिल हैं। कुछ मामलों में इंजेक्शन योग्य रूप भी उपलब्ध होता है।

  • सेवन का समय: इसे आमतौर पर दिन में एक बार लिया जाता है, भोजन के साथ या बिना भोजन के। इसे रोज़ाना एक ही समय पर लेने की सलाह दी जाती है ताकि शरीर में दवा का एक समान स्तर बना रहे।
  • गोली/कैप्सूल: इसे पानी के साथ पूरा निगल लेना चाहिए। इसे चबाएं या कुचलें नहीं।
  • मुंह में घुलने वाली गोली (ओडीटी): इस गोली को जीभ पर रखकर घुलने देना चाहिए। इसे चबाएं या कुचलें नहीं।
  • तरल घोल/सिरप: प्रत्येक उपयोग से पहले बोतल को अच्छी तरह से हिलाएं और मापने वाले कप/खुराक सिरिंज/ड्रॉपर का उपयोग करके निर्धारित खुराक लें।
  • दवा बंद करना: रिसपेरीडोन को अचानक बंद नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे लक्षणों की वापसी या स्थिति बिगड़ सकती है। खुराक को धीरे-धीरे कम करने के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।
  • भूली हुई खुराक: यदि आप एक खुराक लेना भूल जाते हैं, तो याद आने पर इसे जल्द से जल्द लें। यदि अगली खुराक का समय हो गया है, तो भूली हुई खुराक को छोड़ दें और अगली खुराक अपने नियमित समय पर लें। खुराक को दोगुना न करें

रिसपेरीडोन के संभावित दुष्प्रभाव

रिसपेरीडोन के कुछ सामान्य और कुछ दुर्लभ लेकिन गंभीर दुष्प्रभाव हो सकते हैं:

सामान्य दुष्प्रभाव:

  • नींद आना / सुस्ती:
  • वजन बढ़ना: खासकर युवा वयस्कों में यह प्रवृत्ति देखी जाती है।
  • भूख में वृद्धि
  • चक्कर आना: खासकर जब आप बैठने या लेटने की स्थिति से उठते हैं।
  • कब्ज
  • मुंह सूखना
  • मांसपेशियों में अकड़न, कंपन (tremors) या बेचैनी (akathisia)
  • सिरदर्द
  • थकान या ऊर्जा की कमी
  • रक्त में प्रोलैक्टिन का स्तर बढ़ना: इससे पुरुषों और महिलाओं दोनों में स्तन में सूजन या दूध उत्पादन हो सकता है, और महिलाओं में मासिक धर्म अनियमित हो सकते हैं।

दुर्लभ लेकिन गंभीर दुष्प्रभाव:

  • अनियंत्रित मांसपेशी क्षण
  • उच्च रक्त शर्करा (Hyperglycemia) / मधुमेह (Diabetes): यह रक्त शर्करा के स्तर को बढ़ा सकती है, खासकर मधुमेह वाले या मधुमेह के जोखिम वाले व्यक्तियों में।
  • उच्च कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स: रक्त में वसा के स्तर को बढ़ा सकती है।
  • लिवर की समस्याएं
  • रक्तचाप में अचानक कमी: खासकर उपचार की शुरुआत में।
  • रक्त विकार: जैसे श्वेत रक्त कोशिकाओं की कमी।
  • दौरे (Seizures)

सावधानियां और चेतावनी

रिसपेरीडोन लेते समय कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना चाहिए:

  • डॉक्टर को सूचित करें: अपने डॉक्टर को अपने सभी चिकित्सीय स्थितियों, एलर्जी, और आप जो भी अन्य दवाएं (पर्चे वाली, बिना पर्चे वाली, हर्बल सप्लीमेंट) ले रहे हैं, उनके बारे में बताएं।
  • गर्भावस्था और स्तनपान: गर्भावस्था के दौरान रिसपेरीडोन का उपयोग केवल तभी करना चाहिए जब यह बिल्कुल आवश्यक हो और डॉक्टर की सलाह पर। यह गर्भावस्था के बाद के चरणों में शिशु में कुछ आंदोलनों के विकार का कारण बन सकती है। स्तनपान कराते समय यह दवा लेने से बचें, क्योंकि यह स्तन के दूध में जा सकती है और शिशु को नुकसान पहुंचा सकती है।
  • शराब: रिसपेरीडोन लेते समय शराब के सेवन से बचें, क्योंकि इससे सुस्ती और अन्य दुष्प्रभाव बढ़ सकते हैं।
  • वाहन चलाना और मशीनरी चलाना: रिसपेरीडोन के कारण नींद या चक्कर आ सकते हैं, इसलिए दवा के आपके शरीर पर पड़ने वाले प्रभावों को जानने तक वाहन चलाने या मशीनरी चलाने से बचें।
  • बुजुर्ग मरीज: मनोभ्रंश-संबंधी मनोविकृति वाले बुजुर्ग रोगियों में रिसपेरीडोन का उपयोग सावधानी से किया जाना चाहिए, क्योंकि इससे मृत्यु का खतरा बढ़ सकता है।
  • अन्य स्वास्थ्य स्थितियां
  • नियमित निगरानी: उपचार के दौरान, डॉक्टर आपके रक्त शर्करा, कोलेस्ट्रॉल के स्तर और वजन की नियमित निगरानी कर सकते हैं।

रिसपेरीडोन एक प्रभावी दवा है जो मानसिक स्वास्थ्य स्थितियों के प्रबंधन में मदद कर सकती है। इसे हमेशा डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन और उनकी देखरेख में ही लेना चाहिए।

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