रनर की घुटने की समस्या

रनर की घुटने की समस्या (Runner’s knee)

रनर का घुटना (Runner’s knee), जिसे चिकित्सकीय भाषा में पेटेलोफेमोरल पेन सिंड्रोम (Patellofemoral Pain Syndrome – PFPS) कहा जाता है, एथलीटों, विशेषकर धावकों और साइकिल चालकों में होने वाली एक आम समस्या है। यह घुटने के आगे, घुटने के नीचे या घुटने के चारों ओर दर्द से जुड़ी एक स्थिति है। यह दर्द अक्सर तब होता है जब घुटने पर बार-बार दबाव पड़ता है, जैसे दौड़ते समय या सीढ़ियाँ चढ़ते-उतरते समय।

यह कोई गंभीर स्थिति नहीं है, लेकिन अगर इसका सही तरीके से इलाज न किया जाए तो यह किसी व्यक्ति की खेल गतिविधियों को बाधित कर सकती है।

इस लेख में, हम रनर के घुटने के दर्द के कारणों, लक्षणों, रोकथाम के उपायों और इसके प्रभावी उपचार पर विस्तार से चर्चा करेंगे, जिसमें फिजियोथेरेपी की महत्वपूर्ण भूमिका भी शामिल है।

रनर के घुटने के दर्द के कारण

रनर के घुटने का दर्द आमतौर पर एक ही कारण से नहीं होता, बल्कि यह कई कारकों के संयोजन से विकसित होता है। मुख्य कारणों में शामिल हैं:

  1. अत्यधिक उपयोग (Overuse): यह सबसे आम कारण है। जब घुटने के जोड़ पर बार-बार तनाव पड़ता है, तो घुटने की हड्डी (पटेला) और जांघ की हड्डी (फीमर) के बीच का कार्टिलेज घिसने लगता है। लंबी दूरी तक दौड़ना या अचानक प्रशिक्षण की तीव्रता बढ़ाना इसे ट्रिगर कर सकता है।
  2. गलत बायोमैकेनिक्स (Poor Biomechanics): दौड़ते समय शरीर की संरचना और गति का तरीका।
    • मांसपेशियों का असंतुलन: जांघ की मजबूत मांसपेशियां (क्वाड्रिसेप्स) और कमजोर मांसपेशियां (हैमस्ट्रिंग और ग्लूट्स) घुटने पर अतिरिक्त दबाव डालती हैं।
    • गलत चलने की शैली: पैर को गलत तरीके से मोड़ना (overpronation) या पैर को अंदर की ओर रखना।
  3. गलत जूते: दौड़ने के लिए ऐसे जूते पहनना जो घुटने को सही सहारा न दें या घिस चुके हों, जिससे घुटने पर तनाव बढ़ता है।
  4. शरीर रचना (Anatomical Factors): कुछ लोगों की शारीरिक संरचना उन्हें इस समस्या के प्रति अधिक संवेदनशील बनाती है, जैसे सपाट पैर (flat feet) या चौड़ा कूल्हा (wide hips)।
  5. कमजोरी: घुटने के आसपास की मांसपेशियों, विशेष रूप से क्वाड्रिसेप्स और हिप फ्लेक्सर्स, की कमजोरी घुटने को अस्थिर कर सकती है।

रनर के घुटने के लक्षण

रनर के घुटने का दर्द धीरे-धीरे विकसित होता है और इसके लक्षण निम्नलिखित हैं:

  • घुटने के आगे या आसपास दर्द: यह दर्द हल्का, तेज या जलन जैसा हो सकता है।
  • गतिविधि से बढ़ता दर्द: दौड़ने, कूदने, सीढ़ियाँ चढ़ने या उतरने पर दर्द का बढ़ना।
  • लंबे समय तक बैठने के बाद दर्द: घुटने को मोड़ने की स्थिति में लंबे समय तक बैठने के बाद उठने पर दर्द महसूस होना।
  • क्रैकिंग या पॉपिंग की आवाज: घुटने को हिलाते समय अजीब सी आवाज आना।
  • सूजन: कभी-कभी घुटने के जोड़ में हल्की सूजन हो सकती है।

रनर के घुटने का उपचार

रनर के घुटने का उपचार आमतौर पर गैर-शल्य चिकित्सा (non-surgical) होता है और इसमें निम्नलिखित शामिल हैं:

1. आर.आई.सी.ई. (R.I.C.E.) विधि: यह प्रारंभिक उपचार का सबसे प्रभावी तरीका है।

  • आराम (Rest): उन गतिविधियों से बचें जो दर्द को बढ़ाती हैं।
  • बर्फ (Ice): घुटने पर 15-20 मिनट के लिए बर्फ लगाएँ ताकि सूजन और दर्द कम हो।
  • संपीड़न (Compression): घुटने को एक इलास्टिक पट्टी से लपेटें।
  • ऊँचाई पर रखना (Elevation): बैठते या लेटते समय घुटने को ऊँचाई पर रखें।

2. दवाएं: डॉक्टर दर्द और सूजन को कम करने के लिए गैर-स्टेरायडल एंटी-इंफ्लेमेटरी दवाएं (NSAIDs) लिख सकते हैं।

3. फिजियोथेरेपी और कसरत: यह रनर के घुटने के दीर्घकालिक उपचार का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। एक योग्य फिजियोथेरेपिस्ट आपके लिए एक व्यक्तिगत कसरत योजना तैयार करता है।

  • स्ट्रेचिंग कसरत: जांघ के आगे (क्वाड्रिसेप्स) और पीछे (हैमस्ट्रिंग) की मांसपेशियों को स्ट्रेच करने से घुटने पर तनाव कम होता है।
  • मजबूती वाली कसरत (Strengthening Exercises): जांघ, हिप और नितंब की मांसपेशियों को मजबूत बनाने से घुटने को अधिक सहारा मिलता है और गलत बायोमैकेनिक्स को ठीक करने में मदद मिलती है।
  • संतुलन और समन्वय कसरत: संतुलन को सुधारने से शरीर का भार घुटने पर समान रूप से वितरित होता है।
  • सही चलने की शैली: फिजियोथेरेपिस्ट आपको दौड़ने और चलने का सही तरीका सिखाते हैं।

4. एर्गोनॉमिक्स और जूते:

  • दौड़ने के लिए सही जूते चुनें।
  • घिसे हुए जूतों को बदल दें।
  • कुछ मामलों में, डॉक्टर ऑर्थोटिक्स (insoles) का सुझाव दे सकते हैं।

रनर के घुटने का दर्द रोकने के उपाय

  • धीरे-धीरे शुरुआत करें: यदि आप एक नए धावक हैं, तो धीरे-धीरे शुरू करें और धीरे-धीरे अपने प्रशिक्षण की दूरी और तीव्रता बढ़ाएं।
  • वार्म-अप और कूल-डाउन: दौड़ने से पहले वार्म-अप और बाद में कूल-डाउन करना न भूलें।
  • सही जूते चुनें: अच्छे कुशन वाले और सही फिटिंग वाले जूते पहनें।
  • मांसपेशियों को मजबूत रखें: जांघ, कूल्हों और कोर की मांसपेशियों को मजबूत करने के लिए नियमित कसरत करें।
  • सही सतह पर दौड़ें: कंक्रीट की बजाय घास या ट्रैक जैसी मुलायम सतह पर दौड़ने की कोशिश करें।
  • शरीर के संकेतों पर ध्यान दें: यदि दर्द महसूस हो तो रुकें और आराम करें। दर्द में दौड़ना स्थिति को और खराब कर सकता है।

निष्कर्ष

रनर का घुटना एक आम समस्या है जो किसी भी धावक को प्रभावित कर सकती है। हालांकि, यह पूरी तरह से रोकी जा सकती है और इसका प्रभावी ढंग से इलाज भी किया जा सकता है। दर्द के कारणों को समझना, सही प्रशिक्षण तकनीक अपनाना और नियमित कसरत करना इस स्थिति को प्रबंधित करने की कुंजी है। यदि आप घुटने के दर्द से पीड़ित हैं, तो एक योग्य फिजियोथेरेपिस्ट से परामर्श करें। सही मार्गदर्शन और धैर्य के साथ, आप दर्द से छुटकारा पा सकते हैं और अपनी दौड़ को फिर से शुरू कर सकते हैं।

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