रनर्स नी (Runner’s Knee) या पटेला का दर्द: कारण और इलाज
रनर्स नी (Runner’s Knee) या पटेला का दर्द: कारण, लक्षण और प्रभावी इलाज 🏃♀️😥
रनर्स नी (Runner’s Knee), जिसे चिकित्सकीय भाषा में पेटेलोफेमोरल पेन सिंड्रोम (Patellofemoral Pain Syndrome – PFPS) कहा जाता है, घुटने के दर्द के सबसे आम कारणों में से एक है। यह स्थिति घुटने की कटोरी (Kneecap या पटेला) के नीचे या उसके चारों ओर दर्द पैदा करती है। यह दर्द अक्सर तब बढ़ जाता है जब आप दौड़ते हैं, सीढ़ियाँ चढ़ते या उतरते हैं, या लंबे समय तक घुटनों को मोड़कर बैठते हैं।
नाम से पता चलता है कि यह धावकों (Runners) को प्रभावित करता है, लेकिन यह किसी को भी हो सकता है जो अपने घुटनों पर दोहराव वाला तनाव डालता है, जैसे साइकिल चालक, पर्वतारोही, या जो लोग बहुत अधिक कूदने वाले खेल खेलते हैं। यह समस्या घुटने की कटोरी (पटेला) और जांघ की हड्डी (फीमर) के बीच के जोड़ (पेटेलोफेमोरल जोड़) में अनुचित ट्रैकिंग (गलत गति) के कारण उत्पन्न होती है।
यह लेख रनर्स नी के मुख्य कारणों, इसके लक्षणों और दर्द से राहत तथा दीर्घकालिक समाधान के लिए फिजियोथेरेपी-निर्देशित व्यायामों और उपचार रणनीतियों पर विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान करता है।
१. रनर्स नी के मुख्य कारण (Primary Causes of Runner’s Knee)
रनर्स नी का कारण शायद ही कभी सिर्फ घुटने में होता है; यह आमतौर पर घुटने के ऊपर या नीचे की मांसपेशियों के असंतुलन से जुड़ा होता है।
क. बायोमेकेनिकल समस्याएँ (Biomechanical Issues)
- कमजोर कूल्हे की मांसपेशियाँ (Weak Hip Muscles): कूल्हे के अपहरणकर्ता (Hip Abductors) और बाहरी रोटेटर (External Rotators), विशेष रूप से ग्लूटियस मेडियस (Gluteus Medius) का कमजोर होना। जब ये मांसपेशियाँ कमजोर होती हैं, तो दौड़ते समय घुटना अंदर की ओर झुक जाता है, जिससे पटेला पर अनुचित बल पड़ता है।
- टाइट या कमजोर जाँघ की मांसपेशियाँ: जांघ की मांसपेशियाँ (क्वाड्रिसेप्स और हैमस्ट्रिंग) या पिंडली (Calf) की मांसपेशियाँ बहुत अधिक कस जाने पर भी पटेला की सामान्य गति बाधित होती है।
- पैर की समस्याएँ: फ्लैट फीट (Flat Feet) या अत्यधिक अंदर की ओर पैर घूमना (Pronation) घुटने की यांत्रिकी को प्रभावित करता है।
- ओवरयूज: प्रशिक्षण की तीव्रता या अवधि में बहुत तेजी से वृद्धि करना।
ख. पटेला ट्रैकिंग समस्या (Patella Tracking Issue)
पटेला के नीचे का कार्टिलेज क्षतिग्रस्त या घिसा हुआ हो सकता है (चोंड्रोमलेशिया पटेला), लेकिन अक्सर दर्द तब होता है जब जांघ की मांसपेशियाँ (विशेष रूप से क्वाड्रिसेप्स) असंतुलित रूप से खींचती हैं, जिससे पटेला सामान्य मार्ग से हट जाता है।
२. रनर्स नी के लक्षण (Symptoms of Runner’s Knee)
- दर्द: घुटने की कटोरी के नीचे या चारों ओर एक मंद, दर्द भरा अहसास।
- गति-आधारित दर्द: सीढ़ियाँ चढ़ते या उतरते समय, पहाड़ी पर दौड़ते समय, या कूदते समय दर्द बढ़ना।
- लंबे समय तक बैठने पर दर्द: सिनेमाघर का चिन्ह (Theater Sign) – घुटनों को मोड़कर लंबे समय तक बैठने के बाद दर्द होना या अकड़न महसूस होना।
- क्लिकिंग/क्रैकिंग: घुटने को मोड़ते या सीधा करते समय पीसने या क्लिक करने जैसी ध्वनि (Crepitus) आना।
३. रनर्स नी का प्रभावी इलाज और पुनर्वास रणनीति
रनर्स नी का उपचार आमतौर पर गैर-सर्जिकल होता है और इसका केंद्र बिंदु कारण को ठीक करने पर होता है, न कि केवल दर्द को।
चरण १: दर्द और सूजन नियंत्रण (Acute Phase Management)
- आराम और गतिविधि संशोधन: दर्द पैदा करने वाली उच्च-प्रभाव वाली गतिविधियों (दौड़ना, कूदना) को अस्थायी रूप से रोक दें या उन्हें निम्न-प्रभाव वाली गतिविधियों (जैसे तैराकी या साइकिल चलाना) से बदल दें।
- बर्फ की सिकाई (Ice Therapy): दर्द और सूजन वाले क्षेत्र पर (पटेला के चारों ओर) १५ मिनट के लिए बर्फ लगाएं, दिन में ३-४ बार।
- स्ट्रेचिंग (Stretching): कोमल स्ट्रेचिंग शुरू करें: क्वाड्रिसेप्स, हैमस्ट्रिंग और पिंडली की मांसपेशियों को कसने से बचें।
चरण २: कोर और कूल्हे की मजबूती (Core and Hip Strengthening)
यह चरण रनर्स नी के उपचार का सबसे महत्वपूर्ण भाग है। घुटने की अनुचित ट्रैकिंग को ठीक करने के लिए मजबूत कूल्हे की मांसपेशियां महत्वपूर्ण हैं।
सर्वश्रेष्ठ कूल्हे की मजबूती के व्यायाम
- साइड लेग लिफ्ट्स (Side Leg Lifts / Hip Abduction):
- अपने शरीर के बल पर लेट जाएं, निचला घुटना मोड़कर सहारा दें।
- ऊपर वाले पैर को सीधा रखें और पैर के अंगूठे को थोड़ा नीचे की ओर झुकाएं।
- पैर को धीरे-धीरे ऊपर उठाएं और नियंत्रित तरीके से नीचे लाएं।
- लक्ष्य: १५ दोहराव के ३ सेट।
- क्लैमशेल्स (Clamshells):
- अपने शरीर के बल पर लेट जाएं, दोनों घुटनों को एक साथ मोड़ें।
- कूल्हों को स्थिर रखते हुए, ऊपर वाले घुटने को ऊपर उठाएं (जैसे सीप खुल रहा हो)।
- यह सीधे ग्लूटियस मेडियस को लक्षित करता है।
- लक्ष्य: १५ दोहराव के ३ सेट।
- ब्रिजिंग (Bridging):
- पीठ के बल लेट जाएं, घुटने मोड़ें और पैर ज़मीन पर सपाट रखें।
- कूल्हों को ऊपर उठाएं, ग्लूट्स को कसें, और शरीर को कंधे से घुटने तक सीधी रेखा में लाएं।
- लक्ष्य: १५ दोहराव के ३ सेट।
चरण ३: क्वाड्रिसेप्स और स्थिरता (Quadriceps and Stability)
- सीधे पैर उठाना (Straight Leg Raise – SLR): यह क्वाड्रिसेप्स को मजबूत करने का एक सुरक्षित तरीका है, खासकर जब घुटने को मोड़ना दर्दनाक हो।
- पार्शियल/मिनी स्क्वैट्स (Partial/Mini Squats): सहारे के लिए दीवार या कुर्सी का उपयोग करें। केवल १५-३० डिग्री तक घुटनों को मोड़ें, सुनिश्चित करें कि घुटना पैर के अंगूठे की सीध में रहे और अंदर की ओर न झुके।
- प्रोप्रियोसेप्शन (Proprioception): एक पैर पर संतुलन बनाना (शुरुआत में सहारे के साथ)। यह शरीर और घुटने के जोड़ के बीच समन्वय को बेहतर बनाता है।
४. अन्य उपचार और निवारण के सुझाव
- सही जूते: सुनिश्चित करें कि आपके दौड़ने वाले जूते आपके पैर के प्रकार (Pronation/Supination) के लिए सही समर्थन प्रदान करते हैं और बहुत पुराने नहीं हैं।
- ट्रेनिंग में बदलाव: धीरे-धीरे अपनी दौड़ने की दूरी या गति बढ़ाएँ (प्रति सप्ताह १०% से अधिक नहीं)।
- ऑर्थोटिक्स (Orthotics): यदि आपके पास फ्लैट फीट या पैर में अत्यधिक प्रोनेशन है, तो डॉक्टर या पोडियाट्रिस्ट कस्टम ऑर्थोटिक्स (जूते के इंसर्ट) की सलाह दे सकते हैं।
- पटेला ब्रेसिंग/टेपिंग: फिजियोथेरेपिस्ट पटेला को सही दिशा में खींचने के लिए विशिष्ट कायन्सियोलॉजी टेप (Kinesiology Tape) लगा सकते हैं, जो दर्द से तुरंत राहत प्रदान कर सकता है।
निष्कर्ष
रनर्स नी एक संकेत है कि घुटने पर पड़ने वाले बल का प्रबंधन करने में शरीर की कुछ मांसपेशियाँ विफल हो रही हैं। इसका सफल इलाज घुटने की कटोरी के बजाय कूल्हे और कोर की मांसपेशियों को मजबूत करने में निहित है। धैर्य, सही व्यायाम तकनीक, और निरंतरता के साथ, अधिकांश लोग रनर्स नी के दर्द से पूरी तरह से उबर सकते हैं और दौड़ने या अपनी पसंद की गतिविधियों में बिना दर्द के लौट सकते हैं। यदि दर्द बना रहता है या बिगड़ जाता है, तो हमेशा एक स्पोर्ट्स फिजियोथेरेपिस्ट या ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ से परामर्श लें।
