कामकाजी महिलाओं में ‘डबल बर्डन’ के कारण होने वाले क्रोनिक स्ट्रेस सिंड्रोम का फिजियोथेरेपी प्रबंधन
आज के आधुनिक युग में महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं। कॉर्पोरेट ऑफिस से लेकर अस्पतालों, स्कूलों और व्यवसायों तक, महिलाओं की भागीदारी अभूतपूर्व है। लेकिन इस व्यावसायिक सफलता के साथ एक अदृश्य चुनौती भी जुड़ी है, जिसे समाजशास्त्र की भाषा में ‘डबल बर्डन’ (Double Burden) या ‘दोहरा बोझ’ कहा जाता है।…
