सीबीटी (CBT) और फिजियोथेरेपी: आधुनिक फिजियोथेरेपिस्ट दर्द प्रबंधन के लिए संज्ञानात्मक व्यवहार थेरेपी का उपयोग कैसे करते हैं
दशकों से, जब भी किसी व्यक्ति को शारीरिक दर्द, चोट या मांसपेशियों में खिंचाव का अनुभव होता था, तो इलाज का पारंपरिक दृष्टिकोण पूरी तरह से ‘बायोमैकेनिकल’ (biomechanical) होता था। यानी, अगर आपके घुटने या कमर में दर्द है, तो इसका मतलब है कि वहां कोई संरचनात्मक खराबी है, और फिजियोथेरेपी का काम केवल उस…
