मिथक: “अगर एक्स-रे नॉर्मल है, तो दर्द मन का वहम है” (सॉफ्ट टिश्यू इंजरी की सच्चाई)
कल्पना कीजिए: आप सीढ़ियों से गिर जाते हैं, या खेलते समय आपका टखना बुरी तरह मुड़ जाता है। दर्द इतना भयंकर होता है कि आपसे पैर जमीन पर रखा नहीं जाता। आप किसी तरह लंगड़ाते हुए अस्पताल पहुंचते हैं। डॉक्टर आपका एक्स-रे (X-Ray) करवाते हैं। आप सांस रोककर रिपोर्ट का इंतजार करते हैं, यह सोचकर…
