मूर्तिकारों के कंधों की ‘रोटेटर कफ’ इंजरी और उसका एर्गोनॉमिक निवारण
मूर्तिकला (Sculpting) न केवल एक उत्कृष्ट और रचनात्मक कला है, बल्कि यह अत्यधिक शारीरिक श्रम और सहनशक्ति की मांग भी करती है। एक निर्जीव पत्थर, लकड़ी या मिट्टी के लोंदे में प्राण फूंकने की प्रक्रिया में मूर्तिकार अपने शरीर का, विशेषकर अपने हाथों और कंधों का, असीमित उपयोग करते हैं। इसी निरंतर और कठोर शारीरिक…
