ज़हरीली दवाएँ और मांसपेशियों पर प्रभाव
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ज़हरीली दवाएँ और मांसपेशियों पर प्रभाव

“ज़हरीली दवाएँ” (स्टेरॉयड और अन्य) और मांसपेशियों पर उनका विनाशकारी प्रभाव

आधुनिक समाज में, जहाँ त्वरित परिणाम (Quick Results) और आदर्श शारीरिक बनावट (Ideal Physique) की चाहत चरम पर है, वहाँ कई लोग ज़हरीली दवाओं (Toxic Drugs), विशेष रूप से अनाबॉलिक-एंड्रोजेनिक स्टेरॉयड (Anabolic-Androgenic Steroids – AAS), का सहारा लेते हैं।

ये दवाएँ, जो अक्सर चिकित्सा कारणों के लिए निर्धारित की जाती हैं, जब प्रदर्शन बढ़ाने (Performance Enhancement) या बॉडीबिल्डिंग के लिए अत्यधिक मात्रा में और बिना डॉक्टर की सलाह के ली जाती हैं, तो शरीर, विशेष रूप से मांसपेशियों पर, अल्पकालिक लाभ के साथ-साथ गंभीर और अपरिवर्तनीय (Irreversible) दुष्प्रभाव डालती हैं।

एनाबॉलिक स्टेरॉयड क्या हैं और वे कैसे काम करते हैं?

एनाबॉलिक स्टेरॉयड पुरुष हार्मोन टेस्टोस्टेरोन (Testosterone) के सिंथेटिक (Synthetic) रूप हैं। ‘एनाबॉलिक’ शब्द का अर्थ है “निर्माण से संबंधित”। ये दवाएँ शरीर में मांसपेशियों के ऊतकों (Muscle Tissues) के निर्माण की प्रक्रिया को तेज करती हैं।

मांसपेशियों पर त्वरित प्रभाव: जब स्टेरॉयड शरीर में प्रवेश करते हैं, तो वे मांसपेशियों की कोशिकाओं के भीतर रिसेप्टर्स (Receptors) से जुड़ जाते हैं। इससे दो मुख्य प्रभाव होते हैं:

  1. प्रोटीन संश्लेषण में वृद्धि (Increased Protein Synthesis): यह मांसपेशियों के तंतुओं (Muscle Fibers) को तेजी से मरम्मत और मोटा होने में मदद करता है, जिसके परिणामस्वरूप मांसपेशियों का आकार (Muscle Size) और ताकत (Strength) बहुत जल्दी बढ़ जाती है।
  2. कैटोबॉलिज्म में कमी (Reduced Catabolism): स्टेरॉयड कॉर्टिसोल जैसे प्राकृतिक हॉर्मोन के प्रभाव को अवरुद्ध करते हैं, जो मांसपेशियों को तोड़ते हैं। इस प्रकार, ये मांसपेशी हानि (Muscle Loss) को रोकते हैं।

ये त्वरित और नाटकीय परिणाम ही अनाबॉलिक स्टेरॉयड के दुरुपयोग का मुख्य कारण हैं। हालांकि, यह लाभ एक भारी कीमत पर आता है।

मांसपेशियों और मस्कुलोस्केलेटल सिस्टम पर विनाशकारी प्रभाव

स्टेरॉयड, विशेष रूप से उच्च खुराक में, मांसपेशियों को बढ़ाते हैं लेकिन उन्हें आंतरिक रूप से कमजोर करते हैं और कई गंभीर शारीरिक समस्याएं पैदा करते हैं:

१. टेंडन और लिगामेंट की क्षति (Tendon and Ligament Damage)

मांसपेशियाँ तेज़ी से बढ़ती हैं, लेकिन उनके सहायक ऊतक—टेंडन (Tendons) जो मांसपेशियों को हड्डियों से जोड़ते हैं, और लिगामेंट्स (Ligaments) जो हड्डियों को हड्डियों से जोड़ते हैं—को इस बढ़ी हुई ताकत को संभालने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिलता।

  • असंतुलन: मांसपेशियों की ताकत और सहायक ऊतकों की सहनशक्ति के बीच असंतुलन पैदा होता है।
  • फ्रैजिलिटी (Fragility): इससे टेंडन और लिगामेंट कमजोर हो जाते हैं और जरा से तनाव में भी टूटने (Rupture) का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। कंधे, बाइसेप्स और Achilles टेंडन सबसे अधिक प्रभावित होते हैं।

२. कंकाल प्रणाली पर प्रभाव (Effect on Skeletal System)

किशोरों और युवा वयस्कों में स्टेरॉयड का उपयोग हड्डियों पर गंभीर प्रभाव डालता है।

  • विकास प्लेटों का शीघ्र बंद होना: स्टेरॉयड, यौवन (Puberty) से पहले या उसके दौरान, विकास प्लेटों (Growth Plates) को समय से पहले बंद कर सकते हैं। इसका परिणाम अवरुद्ध विकास (Stunted Growth) और छोटी कद-काठी हो सकता है।

३. मांसपेशियों में इंजेक्शन स्थल की समस्याएँ (Injection Site Issues)

अक्सर, स्टेरॉयड इंजेक्शन के रूप में लिए जाते हैं।

  • संक्रमण और फोड़े (Infection and Abscesses): बाँझपन (Sterility) की कमी के कारण इंजेक्शन वाले स्थानों पर गंभीर संक्रमण, फोड़े और सिस्ट हो सकते हैं।
  • तंत्रिका क्षति (Nerve Damage): गलत तरीके से दिए गए इंजेक्शन तंत्रिकाओं को स्थायी रूप से क्षतिग्रस्त कर सकते हैं, जिससे मांसपेशियों में लकवा या गंभीर दर्द हो सकता है।

स्टेरॉयड के अन्य ज़हरीले और व्यापक दुष्प्रभाव

मांसपेशियों के अलावा, स्टेरॉयड शरीर की लगभग हर प्रणाली को नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे उन्हें “ज़हरीली दवाएँ” कहा जाता है:

१. हृदय प्रणाली (Cardiovascular System) 💔

यह सबसे खतरनाक दुष्प्रभाव है, जो अचानक मृत्यु का कारण बन सकता है।

  • हृदय की अतिवृद्धि (Cardiac Hypertrophy): स्टेरॉयड हृदय की मांसपेशियों को भी बढ़ाते हैं, जिससे हृदय का आकार असामान्य रूप से बड़ा हो जाता है। यह हृदय की पंप करने की क्षमता को कम कर देता है (पम्पिंग एफिशिएंसी कम होती है)।
  • दिल का दौरा और स्ट्रोक: स्टेरॉयड कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) के स्तर को बिगाड़ते हैं (खराब LDL बढ़ाते हैं और अच्छा HDL घटाते हैं), जिससे धमनियों में रुकावट (Plaque Buildup) आती है। यह दिल का दौरा (Heart Attack) और स्ट्रोक (Stroke) के जोखिम को बढ़ाता है, अक्सर कम उम्र में ही।

२. यकृत (Liver) की क्षति

मुंह से लिए जाने वाले (Oral) स्टेरॉयड विशेष रूप से यकृत के लिए विषैले होते हैं।

  • यकृत कैंसर और पीलिया: स्टेरॉयड का दीर्घकालिक उपयोग यकृत क्षति, पीलिया (Jaundice) और कुछ प्रकार के यकृत कैंसर (Liver Cancer) का कारण बन सकता है।

३. मानसिक और व्यवहारिक प्रभाव

स्टेरॉयड मूड और व्यवहार को गंभीर रूप से प्रभावित करते हैं।

  • स्टेरॉयड रेज (Steroid Rage): अचानक, बेकाबू आक्रामकता, हिंसक व्यवहार और उन्माद (Mania) के एपिसोड।
  • अवसाद और आत्मघाती विचार: स्टेरॉयड चक्र बंद करने के बाद गंभीर अवसाद (Depression), थकान और आत्मघाती विचार आ सकते हैं।
  • साइकोसिस (Psychosis): उच्च खुराक के उपयोग से वास्तविकता से संपर्क टूटना (Psychosis) और भ्रम (Delusions) हो सकता है।

४. हार्मोनल असंतुलन

स्टेरॉयड शरीर की प्राकृतिक हार्मोन उत्पादन प्रणाली को बाधित करते हैं।

  • पुरुषों में: अंडकोष का सिकुड़ना, शुक्राणुओं की संख्या में कमी (बांझपन), और गाइनेकोमैस्टिया (Gynecomastia) – पुरुषों में स्तनों का विकास।
  • महिलाओं में: चेहरे के बालों का बढ़ना, आवाज का गहरा होना, मासिक धर्म में अनियमितता, और भगशेफ (Clitoris) का बड़ा होना।

निष्कर्ष: प्राकृतिक बनाम कृत्रिम विकास

अनाबॉलिक स्टेरॉयड जैसे ‘ज़हरीली दवाएँ’ मांसपेशियों के विकास का भ्रम पैदा करती हैं। वे शरीर को अपनी सीमा से परे धकेलते हैं, लेकिन यह विकास अस्थायी और अस्वस्थ होता है। त्वरित और कृत्रिम रूप से बढ़ी हुई मांसपेशियाँ अंदर से क्षतिग्रस्त और हृदय प्रणाली के लिए खतरनाक होती हैं।

एक स्वस्थ और दीर्घकालिक शारीरिक विकास केवल कड़ी मेहनत, उचित पोषण, पर्याप्त आराम, और धैर्य के माध्यम से ही प्राप्त किया जा सकता है। स्टेरॉयड का उपयोग किसी भी एथलेटिक उपलब्धि को धोखाधड़ी बनाता है और व्यक्ति के स्वास्थ्य को स्थायी रूप से नष्ट कर देता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों और एथलेटिक संगठनों द्वारा इसके दुरुपयोग को रोकने के लिए निरंतर जागरूकता और सख्त नियम आवश्यक हैं। 💪❌💊

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