स्लिप डिस्क में क्या खाएं क्या ना खाएं
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स्लिप डिस्क में क्या खाएं क्या ना खाएं?

स्लिप डिस्क, जिसे हर्नियेटेड डिस्क (Herniated Disc) भी कहा जाता है, रीढ़ की हड्डी से जुड़ी एक दर्दनाक समस्या है। इस स्थिति में, रीढ़ की हड्डी के बीच की डिस्क अपनी जगह से खिसक जाती है, जिससे नसों पर दबाव पड़ता है। सही उपचार के साथ-साथ, आहार और पोषण भी रिकवरी में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सही खान-पान से सूजन को कम करने, मांसपेशियों को मजबूत करने और हड्डियों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।

इस लेख में हम जानेंगे कि स्लिप डिस्क की समस्या होने पर क्या खाना चाहिए और किन चीजों से परहेज करना चाहिए।

स्लिप डिस्क में क्या खाना चाहिए? (Foods to Eat)

आपके शरीर को ठीक होने के लिए उन पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है जो सूजन को कम करें और ऊतकों (tissues) की मरम्मत में मदद करें।

1. सूजन-रोधी खाद्य पदार्थ (Anti-inflammatory Foods): स्लिप डिस्क के दर्द का एक मुख्य कारण सूजन है। अपने आहार में ऐसे खाद्य पदार्थ शामिल करें जो प्राकृतिक रूप से सूजन को कम करते हैं।

  • ओमेगा-3 फैटी एसिड: ये सबसे शक्तिशाली सूजन-रोधी पोषक तत्वों में से एक हैं।
    • स्रोत: सैल्मन, मैकेरल, और सार्डिन जैसी फैटी मछलियां, अखरोट, चिया बीज और अलसी के बीज।
  • हल्दी और अदरक: इन दोनों में करक्यूमिन (curcumin) और जिंजरॉल (gingerol) जैसे यौगिक होते हैं जो सूजन और दर्द को कम करने में मदद करते हैं।
    • उपयोग: आप इन्हें अपने खाने में शामिल कर सकते हैं, या हल्दी वाला दूध और अदरक की चाय पी सकते हैं।

2. कैल्शियम और विटामिन डी से भरपूर खाद्य पदार्थ: स्वस्थ हड्डियां और मजबूत रीढ़ की हड्डी के लिए कैल्शियम और विटामिन डी बहुत जरूरी हैं। ये पोषक तत्व हड्डियों को सहारा देते हैं और उन्हें कमजोर होने से बचाते हैं।

  • कैल्शियम के स्रोत: दूध, दही, पनीर, रागी, बादाम, हरी पत्तेदार सब्जियां (जैसे पालक) और तिल।
  • विटामिन डी के स्रोत: सुबह की धूप, अंडे की जर्दी, फोर्टिफाइड दूध और मशरूम।

3. लीन प्रोटीन (Lean Protein): मांसपेशियों की मरम्मत और विकास के लिए प्रोटीन आवश्यक है। रीढ़ की हड्डी को सहारा देने वाली मांसपेशियों को मजबूत बनाने के लिए पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन लें।

  • स्रोत: दालें, फलियां, चिकन ब्रेस्ट, मछली, अंडे और टोफू।

4. मैग्नीशियम से भरपूर खाद्य पदार्थ: मैग्नीशियम मांसपेशियों को आराम देने और नसों के कार्य को बेहतर बनाने में मदद करता है। यह मांसपेशियों में ऐंठन और दर्द को कम कर सकता है।

  • स्रोत: पालक, कद्दू के बीज, बादाम, एवोकाडो और डार्क चॉकलेट।

5. एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन से भरपूर खाद्य पदार्थ: फल और सब्जियां एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती हैं, जो कोशिका क्षति को रोकते हैं और रिकवरी में मदद करते हैं।

  • स्रोत: जामुन (ब्लूबेरी, स्ट्रॉबेरी), खट्टे फल (संतरे, नींबू), शिमला मिर्च, गाजर और ब्रोकली।

स्लिप डिस्क में क्या नहीं खाना चाहिए? (Foods to Avoid)

कुछ खाद्य पदार्थ शरीर में सूजन को बढ़ा सकते हैं और दर्द को और भी खराब कर सकते हैं। इनसे परहेज करना महत्वपूर्ण है।

1. प्रोसेस्ड और जंक फूड: इनमें ट्रांस फैट, अतिरिक्त शक्कर और सोडियम की मात्रा अधिक होती है, जो शरीर में सूजन को बढ़ाती है।

  • उदाहरण: चिप्स, कुकीज़, पैक किए गए स्नैक्स, फास्ट फूड, और डीप-फ्राइड खाद्य पदार्थ।

2. अतिरिक्त शक्कर और रिफाइंड कार्ब्स: अतिरिक्त शक्कर शरीर में सूजन को बढ़ाती है। रिफाइंड कार्ब्स भी शरीर में शक्कर की तरह कार्य करते हैं।

  • उदाहरण: सोडा, मीठे पेय, सफेद ब्रेड, पेस्ट्री, और सफेद चावल।

3. अत्यधिक नमक: ज़्यादा नमक शरीर में पानी को रोक सकता है, जिससे सूजन बढ़ सकती है।

  • उदाहरण: प्रोसेस्ड फूड, डिब्बाबंद सूप, और नमकीन स्नैक्स।

4. कुछ प्रकार के तेल: कुछ वनस्पति तेलों में ओमेगा-6 फैटी एसिड अधिक होता है, जो अत्यधिक मात्रा में लेने पर सूजन को बढ़ा सकता है।

  • उदाहरण: सोयाबीन तेल, मक्के का तेल और सूरजमुखी का तेल। इनकी जगह जैतून का तेल या तिल का तेल इस्तेमाल करें।

5. शराब और धूम्रपान: शराब शरीर में सूजन को बढ़ा सकती है और धूम्रपान रक्त संचार को बाधित करता है, जिससे रिकवरी धीमी हो सकती है।

निष्कर्ष

स्लिप डिस्क का सफल उपचार केवल मेडिकल ट्रीटमेंट पर ही निर्भर नहीं करता, बल्कि इसमें सही पोषण की भी अहम भूमिका होती है। एक सूजन-रोधी आहार, जिसमें ओमेगा-3, विटामिन डी, कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्व शामिल हों, दर्द को कम करने और रिकवरी को तेज करने में मदद कर सकता है। वहीं, प्रोसेस्ड फूड, शक्कर, और अत्यधिक नमक से परहेज करना आवश्यक है।

अपने आहार में कोई भी बड़ा बदलाव करने से पहले हमेशा अपने डॉक्टर या डाइटिशियन से सलाह लें। सही खान-पान और फिजियोथेरेपी के संयोजन से आप स्लिप डिस्क के दर्द से राहत पाकर एक स्वस्थ जीवन जी सकते हैं।

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