हार्ट अटैक में कौन से हाथ में दर्द होता है
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हार्ट अटैक में कौन से हाथ में दर्द होता है?

हार्ट अटैक (Heart Attack) एक गंभीर स्थिति है जिसमें समय पर लक्षणों को पहचानना और तुरंत कार्रवाई करना बहुत ज़रूरी होता है। सीने में दर्द या दबाव इसका सबसे आम लक्षण है, लेकिन कई लोगों को यह नहीं पता होता कि हार्ट अटैक के दौरान दर्द शरीर के अन्य हिस्सों, खासकर हाथों में भी फैल सकता है।

हार्ट अटैक के दौरान हाथ में दर्द: एक महत्वपूर्ण संकेत

हार्ट अटैक में दर्द आमतौर पर बाएं हाथ में महसूस होता है, लेकिन यह दाहिने हाथ या दोनों हाथों में भी हो सकता है। यह दर्द अक्सर सीने से शुरू होकर गर्दन, जबड़े, पीठ और फिर हाथ में फैलता है। इसे “रेफरर्ड पेन” (Referred Pain) कहा जाता है, जिसका मतलब है कि दर्द शरीर के एक हिस्से में उत्पन्न होता है लेकिन महसूस किसी दूसरे हिस्से में होता है।

रेफरर्ड पेन क्यों होता है? जब दिल की मांसपेशियों को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलती, तो नसें दिमाग को दर्द का संकेत भेजती हैं। दिल की नसें और बांह की नसें एक ही तंत्रिका पथ (nerve pathway) से जुड़ी होती हैं। इसलिए, दिमाग कभी-कभी दिल के दर्द को बांह का दर्द समझ लेता है। यही कारण है कि हार्ट अटैक का दर्द सिर्फ सीने तक सीमित नहीं रहता।

हाथ में दर्द कैसा महसूस होता है?

हार्ट अटैक के दौरान हाथ में होने वाला दर्द सामान्य मांसपेशियों के दर्द से अलग होता है। इसके कुछ खास लक्षण हैं:

  • चुभन या भारीपन: यह दर्द चुभने वाले दर्द की बजाय, हाथ में भारीपन, दबाव या जकड़न जैसा महसूस होता है।
  • अचानक दर्द: दर्द अचानक शुरू हो सकता है और कुछ मिनटों तक रह सकता है, फिर चला जाता है और वापस आ सकता है।
  • बांह के अंदरूनी हिस्से में दर्द: दर्द अक्सर बांह के अंदरूनी हिस्से से शुरू होकर कलाई और उंगलियों तक फैलता है।
  • अन्य लक्षणों के साथ: हाथ का दर्द अक्सर अन्य लक्षणों के साथ होता है, जैसे:
    • सीने में बेचैनी, दबाव या भारीपन।
    • सांस लेने में तकलीफ।
    • ठंडा पसीना आना।
    • मतली या उल्टी।
    • चक्कर आना

अगर आपको अचानक, बिना किसी कारण के बाएं या दोनों हाथों में भारीपन या दर्द महसूस हो और साथ ही ये लक्षण भी हों, तो यह हार्ट अटैक का संकेत हो सकता है।

क्या हर हाथ का दर्द हार्ट अटैक का संकेत होता है?

नहीं, हर हाथ का दर्द हार्ट अटैक का संकेत नहीं होता। हाथ में दर्द के कई अन्य कारण भी हो सकते हैं, जैसे:

  • मांसपेशियों में खिंचाव: भारी सामान उठाने या व्यायाम करने से मांसपेशियों में खिंचाव आ सकता है।
  • जोड़ों का दर्द (Arthritis): गठिया के कारण जोड़ों में दर्द हो सकता है।
  • कार्पल टनल सिंड्रोम (Carpal Tunnel Syndrome): कलाई की नस पर दबाव पड़ने से हाथ में दर्द और सुन्नपन हो सकता है।
  • गर्दन की नस दबना (Pinched Nerve): गर्दन में नस दबने से दर्द बांह तक फैल सकता है।

इन स्थितियों में दर्द आमतौर पर किसी खास गतिविधि से जुड़ा होता है और आराम करने पर कम हो जाता है। हार्ट अटैक का दर्द अचानक होता है और आराम करने पर भी कम नहीं होता।

हार्ट अटैक के संकेत महिलाओं में

महिलाओं में हार्ट अटैक के लक्षण पुरुषों से अलग हो सकते हैं। उन्हें सीने में तेज दर्द के बजाय अक्सर हल्के लक्षण महसूस होते हैं, जैसे:

  • पीठ, गर्दन या जबड़े में दर्द।
  • दोनों हाथों में दर्द।
  • असामान्य थकान।
  • सांस फूलना
  • मतली या उल्टी।

महिलाओं को अक्सर लगता है कि ये लक्षण तनाव या अन्य सामान्य समस्याओं के कारण हैं, जिससे वे ज़रूरी इलाज में देरी कर देती हैं।

हार्ट अटैक के दौरान क्या करें?

यह समझना बहुत महत्वपूर्ण है कि हार्ट अटैक के लक्षण हर व्यक्ति में अलग हो सकते हैं। यदि आपको कोई भी लक्षण महसूस हो जो असामान्य लगे या आपको चिंतित करे, तो डॉक्टर से संपर्क करना सबसे सुरक्षित है। समय पर पहचान और उपचार से जान बचाई जा सकती है।

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