एकिलीस टेंडिनाइटिस (Achilles Tendinitis)
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एकिलीस टेंडिनाइटिस (Achilles Tendinitis) और योग्य व्यायाम

एकिलीस टेंडिनाइटिस (Achilles Tendinitis): कारण, लक्षण, उपचार और घर पर करने योग्य अचूक व्यायाम

आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में पैरों और एड़ियों का दर्द एक आम समस्या बन गया है। इनमें से एक सबसे प्रमुख और दर्दनाक समस्या है एकिलीस टेंडिनाइटिस (Achilles Tendinitis) यह पैरों के निचले हिस्से (पिंडली और एड़ी के बीच) में होने वाली सबसे आम चोटों में से एक है।

आमतौर पर लोगों में यह भ्रांति है कि यह समस्या केवल प्रोफेशनल धावकों (Runners), एथलीटों या जिम में भारी वजन उठाने वाले लोगों को ही होती है। लेकिन सच्चाई इसके बिल्कुल विपरीत है। यह समस्या किसी को भी अपना शिकार बना सकती है— चाहे वह घर का काम करने वाली महिलाएं (गृहिणियां) हों, दिन भर ऑफिस में कुर्सी पर बैठकर काम करने वाले लोग हों, या फिर बढ़ती उम्र के बुजुर्ग। जब भी कोई व्यक्ति अचानक अपनी शारीरिक गतिविधि (Physical activity) बढ़ा देता है या लंबे समय तक गलत और असुविधाजनक जूते पहनता है, तो उसे यह समस्या हो सकती है।

यदि इस समस्या को नजरअंदाज किया जाए और समय पर इसका सही इलाज न हो, तो यह क्रोनिक (लंबे समय तक चलने वाली या स्थायी) बन सकती है। इसके बाद रोजमर्रा के सामान्य काम— जैसे चलना, सीढ़ियां चढ़ना या थोड़ी देर तक खड़े रहना भी एक सजा के समान दर्दनाक हो सकता है।

इस विस्तृत लेख में हम एकिलीस टेंडिनाइटिस (Achilles Tendinitis) के हर पहलू पर गहराई से चर्चा करेंगे— यह क्या है, क्यों होता है, इसके लक्षण क्या हैं, इससे कैसे बचा जा सकता है और घर पर रहकर किन विशेष व्यायामों (Exercises) की मदद से आप इस दर्द से पूरी तरह छुटकारा पा सकते हैं।

एकिलीस टेंडन क्या है? (शारीरिक संरचना और कार्यप्रणाली को समझें)

एकिलीस टेंडिनाइटिस को समझने से पहले यह जानना जरूरी है कि ‘एकिलीस टेंडन’ (Achilles Tendon) आखिर होता क्या है।

एकिलीस टेंडन मानव शरीर का सबसे बड़ा, सबसे मोटा और सबसे मजबूत टेंडन (स्नायुबंधन या नसों का गुच्छा) है। यह हमारे पैरों की पिंडली (Calf) के ठीक पीछे स्थित होता है। इसे आप शरीर की एक बेहद शक्तिशाली स्प्रिंग के रूप में भी सोच सकते हैं।

इसका मुख्य कार्य:

यह टेंडन पिंडली की दो मुख्य मांसपेशियों— गैस्ट्रोक्नेमियस (Gastrocnemius) और सोलियस (Soleus)— को आपकी एड़ी की हड्डी (Calcaneus) के साथ मजबूती से जोड़ने का काम करता है। जब भी आप चलते हैं, दौड़ते हैं, कूदते हैं या अपने पंजों के बल खड़े होते हैं, तो यह टेंडन खिंचता है और आपके शरीर को आगे की ओर धकेलने (Push off) की ताकत और गति प्रदान करता है।

इस पर पड़ने वाला भारी दबाव (Load):

आप यह जानकर हैरान रह जाएंगे कि जब आप दौड़ते या कूदते हैं, तब यह एकिलीस टेंडन आपके शरीर के कुल वजन का 6 से 10 गुना अधिक दबाव (Force) सहन करता है। उदाहरण के लिए, यदि आपका वजन 70 किलो है, तो दौड़ते समय इस टेंडन पर 400 से 700 किलो तक का झटका लग सकता है। इतने भारी लोड के कारण, यदि टेंडन को पर्याप्त आराम न मिले या उसकी देखभाल न की जाए, तो उसमें चोट लगने या सूजन आने की संभावना बहुत अधिक बढ़ जाती है।

एकिलीस टेंडिनाइटिस (Achilles Tendinitis) क्या है?

चिकित्सीय और सरल भाषा में कहें तो, एकिलीस टेंडिनाइटिस का अर्थ है— एकिलीस टेंडन में आने वाली सूजन (Inflammation) या जलन। यह मुख्य रूप से एक “ओवरयूज़ इंजरी” (Overuse Injury) है। इसका मतलब है कि यह चोट किसी एक दिन अचानक हुए एक्सीडेंट या झटके से नहीं लगती, बल्कि टेंडन पर बार-बार पड़ने वाले अत्यधिक तनाव और लगातार हो रहे घिसाव के कारण धीरे-धीरे विकसित होती है। कई बार जब यह समस्या बहुत पुरानी हो जाती है, तो सूजन के बजाय टेंडन के रेशों (Fibers) में घिसाव (Degeneration) होने लगता है। मेडिकल भाषा में इस स्थिति को ‘एकिलीस टेंडिनोपैथी’ (Achilles Tendinopathy) कहा जाता है।

इसके मुख्य रूप से दो प्रकार होते हैं:

  1. मध्य भाग का टेंडिनाइटिस (Midportion Achilles Tendinitis):
    • इस प्रकार में दर्द एड़ी की हड्डी से लगभग 2 से 6 सेंटीमीटर ऊपर टेंडन के मध्य भाग में होता है।
    • यह समस्या युवा लोगों, सक्रिय एथलीटों और धावकों में अधिक पाई जाती है।
    • इसमें टेंडन के रेशे सूज जाते हैं और उनमें दरारें (Micro-tears) पड़ सकती हैं, जिससे वह हिस्सा मोटा महसूस होता है।
  2. इंसर्शनल टेंडिनाइटिस (Insertional Achilles Tendinitis):
    • यह समस्या ठीक उस जगह पर होती है, जहां टेंडन नीचे जाकर एड़ी की हड्डी (Heel Bone) से जुड़ता है।
    • यह समस्या किसी भी उम्र में हो सकती है, लेकिन यह उन बुजुर्गों में या कम सक्रिय लोगों में अधिक आम है, जिनका वजन अधिक हो।
    • अक्सर इस स्थिति में एड़ी की हड्डी के पास एक अतिरिक्त हड्डी (Heel Spur या Bone spur) भी उग आती है, जो टेंडन में और ज्यादा चुभन पैदा करती है।

लक्षण (Symptoms): आपको कैसे पता चलेगा कि आपको यह समस्या है?

एकिलीस टेंडिनाइटिस का दर्द अचानक शुरू नहीं होता (जब तक कि टेंडन पूरी तरह से फट न जाए)। इसके लक्षण बहुत धीरे-धीरे और संकेत देते हुए उभरते हैं:

  • एड़ी के पीछे दर्द: शुरुआत में एड़ी के ठीक पीछे या थोड़ा ऊपर एक हल्का दर्द महसूस होता है। यह दर्द खेलकूद, दौड़ने या कोई भी शारीरिक श्रम करने के बाद काफी बढ़ जाता है।
  • सुबह की जकड़न (Morning Stiffness): यह इस बीमारी का सबसे मुख्य और क्लासिक लक्षण है। जब आप सुबह बिस्तर से उठकर जमीन पर पहला कदम रखते हैं, तो एड़ी और पिंडली में भयंकर जकड़न और दर्द महसूस होता है। थोड़ा चलने-फिरने के बाद जब मांसपेशियां गर्म होती हैं, तब यह दर्द थोड़ा कम हो जाता है।
  • स्पर्श करने पर दर्द (Tenderness): अगर आप टेंडन को अपनी उंगलियों से दबाएंगे या छुएंगे, तो आपको तेज दर्द महसूस होगा।
  • सूजन और मोटाई: कई बार टेंडन पर गांठ (Nodule) जैसा महसूस होता है या वह सामान्य टेंडन (दूसरे पैर) की तुलना में अधिक मोटा और लाल दिखाई देता है।
  • सीढ़ी चढ़ने में तकलीफ: पैरों के पंजों पर वजन डालकर सीढ़ियां चढ़ते समय एड़ी के पिछले हिस्से में बहुत तेज खिंचाव और दर्द होता है।
  • गंभीर मामलों में: यदि शुरुआत में ही इसका इलाज न किया जाए, तो स्थिति इतनी बिगड़ सकती है कि आराम करते समय या कुर्सी पर बैठे-बैठे भी आपको दर्द का अहसास होता रहेगा।

कारण और जोखिम कारक (Causes and Risk Factors)

यह दर्द किसी एक गलती का परिणाम नहीं होता, बल्कि कई छोटे-छोटे कारणों के आपस में मिलने से होता है:

मुख्य कारण:

  1. शारीरिक गतिविधि में अचानक वृद्धि: यदि आप सालों से व्यायाम नहीं कर रहे और अचानक एक दिन जोश में आकर 5 किलोमीटर दौड़ने लगें, या कोई ऐसा नया खेल खेलना शुरू कर दें जिसके लिए आपका शरीर तैयार नहीं है, तो टेंडन पर अचानक बहुत अधिक लोड आ जाता है।
  2. जकड़ी हुई पिंडली की मांसपेशियां (Tight Calf Muscles): जो लोग दिन भर ऑफिस में कुर्सी पर बैठे रहते हैं या महिलाएं जो नियमित रूप से हाई हील्स (High Heels) पहनती हैं, उनकी पिंडली की मांसपेशियां (Calves) सिकुड़ कर छोटी और सख्त हो जाती हैं। इससे टेंडन पर हर समय एक अतिरिक्त खिंचाव बना रहता है।
  3. खराब या घिसे हुए जूते (Poor Footwear): घिस चुके रनिंग शूज, बिल्कुल सपाट चप्पलें, या बिना ‘आर्च सपोर्ट’ (Arch support) वाले जूते पहनने से पैर का अलाइनमेंट (संतुलन) बिगड़ जाता है और सारा जोर टेंडन को झेलना पड़ता है।
  4. बायोमैकेनिकल समस्याएं: यदि आपके पैर पूरी तरह से सपाट हैं (Flat feet) या पैर के तलवे की कमान बहुत अधिक ऊंची है (High arches), तो आपके चलने का तरीका टेंडन पर असामान्य दबाव डालता है।
  5. सख्त सतह (Hard Surface): पक्की सड़क, कंक्रीट या सीमेंट के फर्श पर लंबे समय तक नंगे पैर चलने या दौड़ने से टेंडन को काफी नुकसान पहुँचता है।

जोखिम बढ़ाने वाले कारक (Risk Factors):

  • उम्र: 30 से 50 वर्ष की आयु के लोगों में टेंडन में रक्त संचार कम होने लगता है, इसलिए इस उम्र में यह चोट सबसे अधिक लगती है।
  • मोटापा: शरीर का वजन जितना अधिक होगा, चलने-फिरने पर टेंडन को उतना ही अधिक लोड उठाना पड़ेगा।
  • दवाइयां: कुछ विशेष प्रकार की एंटीबायोटिक दवाइयां (जैसे— Fluoroquinolones) टेंडन को अंदर से कमजोर बना सकती हैं।
  • मौसम का प्रभाव: ठंडे वातावरण में मांसपेशियां अधिक जकड़ जाती हैं, जिससे चोट लगने का खतरा बढ़ जाता है।

निदान (Diagnosis)

इस समस्या का निदान बहुत आसान है और आमतौर पर एक हड्डी रोग विशेषज्ञ (Orthopedic) या फिजियोथेरेपिस्ट केवल लक्षणों को सुनकर और पैरों की शारीरिक जांच करके ही बीमारी पकड़ लेते हैं।

  • फिजिकल टेस्ट: डॉक्टर आपके टेंडन को उंगलियों से दबाकर दर्द और सूजन का सटीक स्थान पता लगाते हैं। वे आपको पंजों के बल खड़े होने या चलने के लिए कह सकते हैं ताकि टेंडन की ताकत जांची जा सके।
  • अल्ट्रासाउंड (Ultrasound): इसके माध्यम से टेंडन में आई सूजन और उसके रेशों की स्थिति को स्क्रीन पर स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।
  • एमआरआई (MRI Scan): यदि दर्द बहुत पुराना है या टेंडन के फटने (Rupture) का अंदेशा है, तब एमआरआई करवाई जाती है। इससे टेंडन के भीतर के घिसाव की एकदम सटीक तस्वीर मिल जाती है।

उपचार की विधियां (Treatment Methods)

एकिलीस टेंडिनाइटिस के इलाज का मुख्य लक्ष्य दर्द को कम करना और टेंडन की खोई हुई ताकत और लचीलेपन को वापस लाना है। इसमें धैर्य रखना सबसे ज्यादा जरूरी है, क्योंकि टेंडन में रक्त का प्रवाह कम होता है, इसलिए इसे पूरी तरह ठीक होने में समय लगता है।

१. R.I.C.E. प्रोटोकॉल (शुरुआती इलाज)

  • Rest (आराम): जो काम दर्द बढ़ा रहा है (जैसे दौड़ना या उछलना), उसे तुरंत रोक दें। फिट रहने के लिए आप तैराकी (Swimming) या साइकिलिंग जैसे लो-इम्पैक्ट व्यायाम कर सकते हैं।
  • Ice (बर्फ): सूजन और तेज दर्द कम करने के लिए दिन में 3-4 बार 15 से 20 मिनट तक प्रभावित जगह पर बर्फ की सिकाई करें। (बर्फ को सीधे त्वचा पर न लगाएं, इसे किसी तौलिये या कपड़े में लपेट कर ही इस्तेमाल करें)।
  • Compression (दबाव): सूजन को फैलने से रोकने के लिए टेंडन के चारों ओर क्रैप बैंडेज (Crepe Bandage) बांधें। बहुत कसकर न बांधें, अन्यथा रक्त संचार रुक सकता है।
  • Elevation (ऊंचाई): लेटते या सोते समय अपने पैर के नीचे एक या दो तकिये रखकर उसे दिल के स्तर से थोड़ा ऊंचा रखें।

२. दवाइयां (Medications)

डॉक्टर दर्द और सूजन कम करने के लिए कुछ एंटी-इंफ्लेमेटरी दवाएं (NSAIDs जैसे इबुप्रोफेन) लिख सकते हैं। लेकिन याद रहे, यह केवल दर्द दबाने का काम करती हैं, यह टेंडन को अंदर से ठीक नहीं करतीं। डॉक्टर की सलाह के बिना इन्हें लंबे समय तक नहीं खाना चाहिए।

३. जूतों में बदलाव (Orthotics / Heel Lifts)

जूते के अंदर एड़ी के नीचे सिलिकॉन का ‘हील पैड’ (Heel pad/lift) लगाने से एड़ी थोड़ी उठ जाती है। इससे चलते समय एकिलीस टेंडन पर पड़ने वाला तनाव और खिंचाव काफी हद तक कम हो जाता है और उसे ठीक होने का समय मिलता है।

४. फिजियोथेरेपी (सबसे महत्वपूर्ण और स्थायी इलाज)

दवाओं से कहीं ज्यादा असरदार इस बीमारी में व्यायाम (Exercises) है। सही कसरत टेंडन को फिर से मजबूत बनाती है और दर्द को जड़ से खत्म करती है।

घर पर करने के लिए सर्वश्रेष्ठ व्यायाम (Best Exercises for Recovery)

नोट: ये व्यायाम तभी शुरू करें जब तेज दर्द और सूजन थोड़ी कम हो गई हो। इन्हें करते समय हल्का खिंचाव महसूस होना सामान्य है, लेकिन अगर तेज दर्द हो तो तुरंत रोक दें।

१. काफ स्ट्रेच – दीवार के सहारे (Calf Stretch)

यह जकड़ी हुई मांसपेशियों को खोलने और टेंडन से दबाव हटाने का सबसे बेहतरीन तरीका है।

  • कैसे करें: दीवार की ओर मुंह करके खड़े हो जाएं। अपने दोनों हाथों को दीवार पर टिकाएं। जिस पैर की एड़ी में दर्द है, उसे पीछे रखें और दूसरे (सही) पैर को आगे रखें। पीछे वाले पैर का घुटना बिल्कुल सीधा रखें और एड़ी को जमीन से चिपका कर रखें। अब धीरे-धीरे आगे वाले घुटने को मोड़ें और अपने कूल्हों को दीवार की तरफ ले जाएं।
  • प्रभाव: आपको पीछे वाले पैर की पिंडली (Calf) में एक बेहतरीन खिंचाव महसूस होगा।
  • कितनी देर: इसे 30 सेकंड तक रोक कर रखें (Hold) और 3 बार दोहराएं। दिन में 2-3 बार करें।
Wall Calf Stretch
Wall Calf Stretch

२. हील रेज (Heel Raises) – एड़ी उठाना

यह टेंडन को मजबूती (Strengthening) देने के लिए सबसे प्रभावी व्यायाम है।

  • कैसे करें: सीढ़ी के किनारे या किसी समतल जमीन पर सीधे खड़े हो जाएं (संतुलन के लिए रेलिंग या कुर्सी पकड़ लें)। अब धीरे-धीरे अपने दोनों पैरों की एड़ियों को ऊपर उठाएं और पंजों के बल आ जाएं। इसके बाद, सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा— बहुत ही धीमे-धीमे (3 से 5 सेकंड का समय लेते हुए) अपनी एड़ियों को वापस नीचे लाएं।
  • प्रभाव: यह ‘इसेन्ट्रिक लोडिंग’ (Eccentric loading) टेंडन के तंतुओं को फिर से सही अलाइनमेंट में जोड़ती है।
  • कितनी बार: 10 से 15 बार के 3 सेट करें। (जब दर्द बिल्कुल कम हो जाए, तो इसे सिर्फ एक पैर पर करने का प्रयास करें)।
Heel Raise
Heel Raise

३. बैठकर एड़ी उठाना (Seated Heel Raise)

  • कैसे करें: एक कुर्सी पर सीधे बैठें ताकि आपके घुटने 90 डिग्री के कोण पर हों। अब पैरों के पंजों को जमीन पर टिकाए रखते हुए एड़ियों को ऊपर उठाएं और फिर नीचे लाएं। प्रभाव बढ़ाने के लिए आप अपने घुटनों पर कोई वजन (जैसे पानी से भरी भारी बोतल या डंबल) रख सकते हैं।
  • प्रभाव: यह विशेष रूप से पिंडली की निचली मांसपेशी ‘सोलियस’ (Soleus) को मजबूत करता है।
Seated Heel Raise
Seated Heel Raise

४. एंकल सर्कल (Ankle Circles)

  • कैसे करें: जमीन या बिस्तर पर पैर सीधे फैलाकर बैठ जाएं। अब अपने पैर के पंजे को हवा में गोल-गोल घुमाएं। पहले 10 बार घड़ी की दिशा में (Clockwise) और फिर 10 बार उल्टी दिशा में (Anti-clockwise)।
  • प्रभाव: इससे टखने (Ankle) के जोड़ की जकड़न दूर होती है और रक्त संचार (Blood flow) बढ़ता है।
ankle circle
ankle circle

५. टो कर्ल्स (Toe Curls – तौलिया पकड़ना)

  • कैसे करें: कुर्सी पर बैठ जाएं और जमीन पर एक छोटा तौलिया या रुमाल बिछा दें। अब अपने पैर की उंगलियों (पंजों) की मदद से उस तौलिये को पकड़कर अपनी ओर इकट्ठा करने (खेंचने) की कोशिश करें।
  • प्रभाव: यह पैर के तलवे (Plantar fascia) और पैरों की छोटी मांसपेशियों को मजबूत बनाता है, जिससे पूरे पैर को एक अच्छा आर्च सपोर्ट मिलता है।
Toe Towel Curl
Toe Towel Curl

क्या करें और क्या न करें? (Do’s and Don’ts)

क्या बिल्कुल न करें (Strict NO):

  • दर्द की अनदेखी (Ignoring Pain): “नो पेन, नो गेन” (No pain, no gain) का नियम यहाँ बिल्कुल लागू नहीं होता। यदि दौड़ते या चलते समय दर्द बढ़ रहा है, तो तुरंत रुक जाएं। दर्द सहकर काम करने से टेंडन फट सकता है।
  • स्टेरॉयड के इंजेक्शन (Cortisone Injections): टेंडन के आसपास सीधे स्टेरॉयड का इंजेक्शन लगवाने से बचें। यह दर्द तो तुरंत गायब कर देता है, लेकिन टेंडन को अंदर से गला कर इतना कमजोर कर देता है कि भविष्य में उसके पूरी तरह टूटने (Rupture) का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
  • नंगे पैर चलना: घर के अंदर भी सख्त फर्श पर नंगे पैर या बिल्कुल फ्लैट (सपाट) चप्पल पहनकर न चलें। थोड़ी हील वाले मुलायम फुटवियर पहनें।

रिकवरी में कितना समय लगता है?

  • हल्का दर्द: 2 से 4 सप्ताह।
  • मध्यम स्थिति: 6 से 12 सप्ताह।
  • क्रोनिक (पुरानी) स्थिति: 3 से 6 महीने या उससे अधिक।(अतः रिकवरी धीमी हो सकती है, इसलिए निराश हुए बिना नियमित व्यायाम जारी रखें)।

डॉक्टर (ऑर्थोपेडिक) के पास तुरंत कब जाएं?

यदि आपको निम्नलिखित में से कोई भी चेतावनी संकेत (Red flags) दिखाई दे, तो घरेलू उपचार छोड़कर तुरंत डॉक्टर से मिलें:

  1. एड़ी के पीछे अचानक कोई तेज आवाज़ (“पॉप” या “कड़क” की आवाज़) आए— यह टेंडन के फटने का सीधा संकेत है।
  2. आप पैर के पंजे पर बिल्कुल भी वजन न डाल पा रहे हों या चलना पूरी तरह असंभव हो जाए।
  3. रात को सोते समय दर्द इतना भयंकर हो कि आपकी नींद खुल जाए।
  4. एड़ी के आस-पास का हिस्सा बहुत ज्यादा सूज गया हो, छूने पर बहुत गर्म लगे और त्वचा लाल हो जाए (यह इन्फेक्शन का संकेत हो सकता है)।

बचाव और रोकथाम (Prevention): भविष्य में इस दर्द से कैसे बचें?

कहावत है कि “आग लगने पर कुआं नहीं खोदा जाता।” चोट लगने के बाद इलाज करने से बेहतर है कि ऐसी आदतें अपनाई जाएं जिससे चोट लगे ही नहीं।

  • वार्म-अप (Warm-up): जिम जाने, दौड़ने या कोई भी खेल खेलने से पहले 5-10 मिनट तक शरीर को वार्म-अप जरूर करें। सीधे भारी वजन न उठाएं।
  • स्ट्रेचिंग की आदत: वर्कआउट या लंबी सैर के बाद हमेशा अपनी पिंडली और पैरों की मांसपेशियों को स्ट्रेच करें।
  • धीरे-धीरे प्रगति (10% Rule): यदि आप अपनी फिटनेस रूटीन बढ़ाना चाहते हैं, तो एक सप्ताह में अपनी गति या दूरी को 10% से ज्यादा न बढ़ाएं।
  • सही और अच्छे जूते: दौड़ने और चलने के लिए हमेशा कुशन और सपोर्ट वाले ‘रनिंग शूज’ का इस्तेमाल करें। जब जूतों का सोल घिस जाए (लगभग 500-800 किमी के इस्तेमाल के बाद), तो उन्हें बदल लें।
  • क्रॉस-ट्रेनिंग (Cross Training): रोज-रोज एक ही तरह की एक्सरसाइज (जैसे सिर्फ दौड़ना) न करें। बीच-बीच में तैराकी, योग या साइकिलिंग करें ताकि टेंडन को आराम करने और खुद को रिपेयर करने का समय मिल सके।

निष्कर्ष (Conclusion)

एकिलीस टेंडिनाइटिस निश्चित रूप से एक बहुत ही कष्टदायक और परेशान करने वाली समस्या है। यह आपकी दैनिक स्वतंत्रता को छीन सकती है। लेकिन अच्छी बात यह है कि यह कोई लाइलाज बीमारी नहीं है। सही आराम, बर्फ की सिकाई, जूतों में बदलाव और सबसे महत्वपूर्ण— नियमित स्ट्रेचिंग और स्ट्रेंथनिंग व्यायाम की मदद से आप इस समस्या को पूरी तरह से मात दे सकते हैं।

उतावलापन दिखाकर जल्दी खेल या काम में वापस लौटने की गलती न करें; अपने शरीर को ठीक होने का पूरा समय दें। याद रखें, एक मजबूत और लचीला एकिलीस टेंडन ही आपको जीवन भर सक्रिय, स्वस्थ और दर्द-मुक्त बनाए रख सकता है।

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