हाइपरमेसिस ग्रेविडेरम (Hyperemesis Gravidarum - गर्भावस्था में गंभीर उल्टी)
| |

हाइपरमेसिस ग्रेविडेरम (Hyperemesis Gravidarum): गर्भावस्था में गंभीर उल्टी

गर्भावस्था के शुरुआती महीनों में मतली और उल्टी होना बहुत सामान्य है। इसे आमतौर पर “मॉर्निंग सिकनेस” कहा जाता है, हालांकि यह केवल सुबह ही नहीं होती। अधिकांश गर्भवती महिलाओं में यह समस्या गर्भावस्था के शुरुआती सप्ताहों में अधिक होती है और समय के साथ कम हो जाती है। लेकिन कुछ महिलाओं में मतली और उल्टी इतनी अधिक और लगातार होती है कि वे भोजन या पानी तक ठीक से नहीं रख पातीं। इस गंभीर स्थिति को हाइपरमेसिस ग्रेविडेरम (Hyperemesis Gravidarum – HG) कहा जाता है।

हाइपरमेसिस ग्रेविडेरम केवल सामान्य गर्भावस्था की उल्टी का अधिक गंभीर रूप नहीं है, बल्कि ऐसी स्थिति है जिसमें डिहाइड्रेशन, वजन कम होना, इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन और पोषण की कमी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए इसके लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। RCOG के अनुसार HG लगभग 0.3% से 3.6% गर्भधारण को प्रभावित कर सकता है, जबकि अन्य स्वास्थ्य स्रोत लगभग 1–3% का अनुमान देते हैं।

हाइपरमेसिस ग्रेविडेरम क्या है?

हाइपरमेसिस ग्रेविडेरम गर्भावस्था के दौरान होने वाली अत्यधिक और लगातार मतली तथा उल्टी की स्थिति है, जिसके कारण महिला के लिए सामान्य रूप से खाना-पीना मुश्किल हो सकता है। इससे शरीर में पानी और जरूरी लवणों की कमी हो सकती है।

सामान्य गर्भावस्था की मतली में महिला अक्सर थोड़ी-थोड़ी मात्रा में भोजन और तरल पदार्थ ले पाती है। इसके विपरीत HG में बार-बार उल्टी होने के कारण भोजन और पानी शरीर में टिक नहीं पाता। गंभीर मामलों में अस्पताल में भर्ती होकर नस के माध्यम से तरल पदार्थ और दवाएं देने की आवश्यकता पड़ सकती है।

सामान्य मॉर्निंग सिकनेस और HG में अंतर

गर्भावस्था में हल्की या मध्यम मतली और उल्टी आम है। लेकिन निम्न स्थितियां HG की ओर संकेत कर सकती हैं:

  • दिन में बार-बार उल्टी होना
  • पानी या भोजन को रोक न पाना
  • लगातार कमजोरी और थकान
  • शरीर में पानी की कमी
  • वजन कम होना
  • बहुत कम मात्रा में पेशाब आना
  • पेशाब का गहरा पीला और अधिक गाढ़ा होना
  • चक्कर आना या बेहोशी जैसा महसूस होना
  • मुंह का सूखना और अत्यधिक प्यास लगना
  • दैनिक गतिविधियों में कठिनाई होना

कुछ चिकित्सा दिशानिर्देशों में गर्भावस्था से पहले के वजन का 5% से अधिक अनैच्छिक वजन कम होना, डिहाइड्रेशन और इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन को गंभीर HG के महत्वपूर्ण संकेतों में माना गया है।

हाइपरमेसिस ग्रेविडेरम के कारण

HG का एक निश्चित कारण अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। गर्भावस्था के दौरान होने वाले हार्मोनल बदलाव इसकी भूमिका निभा सकते हैं। गर्भावस्था में कई हार्मोन तेजी से बदलते हैं और कुछ महिलाओं में इन बदलावों के प्रति शरीर अधिक संवेदनशील प्रतिक्रिया कर सकता है।

इसके अलावा कुछ महिलाओं में HG होने की संभावना अधिक हो सकती है। उदाहरण के लिए:

  • पिछली गर्भावस्था में HG हुआ हो
  • परिवार में किसी महिला को HG रहा हो
  • एक से अधिक बच्चे वाली गर्भावस्था हो
  • कुछ गर्भावस्था संबंधी स्थितियां मौजूद हों

यदि पिछली गर्भावस्था में गंभीर उल्टी रही है, तो अगली गर्भावस्था में डॉक्टर को इसकी जानकारी देना उपयोगी होता है ताकि लक्षण शुरू होने पर जल्दी उपचार किया जा सके।

हाइपरमेसिस ग्रेविडेरम के प्रमुख लक्षण

HG के लक्षण महिला से महिला में अलग हो सकते हैं। आम लक्षणों में शामिल हैं:

1. लगातार मतली

महिला को दिन के अधिकांश समय उल्टी जैसा महसूस हो सकता है। कुछ महिलाओं में किसी विशेष भोजन, गंध या वातावरण से मतली और बढ़ सकती है।

2. बार-बार उल्टी

उल्टी इतनी अधिक हो सकती है कि सामान्य भोजन और तरल पदार्थ भी शरीर में न टिकें।

3. डिहाइड्रेशन

लगातार उल्टी के कारण शरीर से पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स निकलते रहते हैं। इससे प्यास, मुंह सूखना, कमजोरी, चक्कर और कम पेशाब जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

4. वजन कम होना

यदि महिला कई दिनों या सप्ताहों तक पर्याप्त भोजन नहीं ले पाती, तो वजन कम हो सकता है।

5. कमजोरी और चक्कर

पानी, कैलोरी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी के कारण अत्यधिक थकान, कमजोरी और खड़े होने पर चक्कर आ सकते हैं।

6. मानसिक और भावनात्मक प्रभाव

लगातार उल्टी के कारण महिला की नींद, काम, दैनिक गतिविधियां और मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित हो सकते हैं। इसलिए परिवार और स्वास्थ्य विशेषज्ञों का भावनात्मक सहयोग भी उपचार का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

इसका निदान कैसे किया जाता है?

HG का निदान केवल उल्टी की संख्या देखकर नहीं किया जाता। डॉक्टर महिला के लक्षणों, गर्भावस्था की अवधि, वजन, पानी की स्थिति और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का मूल्यांकन करते हैं।

जांच में निम्न शामिल हो सकते हैं:

  • वजन की जांच
  • ब्लड प्रेशर और नाड़ी की जांच
  • डिहाइड्रेशन के संकेतों की जांच
  • पेशाब की जांच
  • रक्त में इलेक्ट्रोलाइट्स और अन्य आवश्यक जांच
  • रक्त शर्करा की जांच
  • आवश्यकता के अनुसार अल्ट्रासाउंड
  • अन्य कारणों को बाहर करने के लिए अतिरिक्त जांच

क्योंकि उल्टी केवल HG के कारण ही नहीं होती, डॉक्टर संक्रमण, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्या, थायरॉयड संबंधी समस्या या अन्य संभावित कारणों को भी ध्यान में रखते हैं।

हाइपरमेसिस ग्रेविडेरम का उपचार

उपचार का मुख्य उद्देश्य डिहाइड्रेशन रोकना, उल्टी नियंत्रित करना, पोषण बनाए रखना और मां तथा बच्चे के स्वास्थ्य की निगरानी करना है।

1. तरल पदार्थ

यदि महिला पानी या अन्य तरल पदार्थ नहीं रोक पा रही है, तो डॉक्टर नस के माध्यम से IV fluids दे सकते हैं। इससे शरीर में पानी और आवश्यक इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी को सुधारा जा सकता है।

2. एंटी-सिकनेस दवाएं

गर्भावस्था में उपयोग की जा सकने वाली विभिन्न antiemetic दवाएं उपलब्ध हैं। डॉक्टर लक्षणों की गंभीरता और महिला की स्थिति के अनुसार दवा का चुनाव करते हैं। कुछ महिलाओं को एक से अधिक दवाओं की आवश्यकता हो सकती है।

बिना डॉक्टर की सलाह के कोई दवा शुरू या बंद नहीं करनी चाहिए।

3. थायमिन और विटामिन

लंबे समय तक उल्टी और कम भोजन लेने से कुछ विटामिनों की कमी हो सकती है। विशेष रूप से थायमिन (Vitamin B1) की कमी गंभीर जटिलताओं का कारण बन सकती है। इसलिए गंभीर या लंबे समय तक चलने वाले HG में डॉक्टर थायमिन की पूर्ति कर सकते हैं।

4. एसिड कम करने वाली दवाएं

लगातार उल्टी के कारण सीने में जलन या एसिडिटी हो सकती है। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर पेट का एसिड कम करने वाली दवाएं दे सकते हैं।

5. पोषण संबंधी सहायता

यदि महिला लंबे समय तक पर्याप्त भोजन नहीं ले पा रही है, तो डॉक्टर और डाइटिशियन पोषण संबंधी योजना बना सकते हैं। बहुत गंभीर मामलों में अस्पताल में विशेष पोषण सहायता की आवश्यकता पड़ सकती है।

घर पर किन बातों का ध्यान रखें?

हल्के या नियंत्रित लक्षणों में कुछ उपाय मददगार हो सकते हैं:

  • दिन में कई बार थोड़ी-थोड़ी मात्रा में भोजन करें।
  • पेट को लंबे समय तक खाली न रखें।
  • जो भोजन आसानी से सहन हो, उसे प्राथमिकता दें।
  • बहुत मसालेदार, तैलीय या तेज गंध वाले भोजन से बचें यदि वे उल्टी बढ़ाते हों।
  • पानी एक साथ ज्यादा पीने के बजाय थोड़ी-थोड़ी मात्रा में लेते रहें।
  • ठंडे खाद्य पदार्थ या पेय कुछ महिलाओं को बेहतर सहन हो सकते हैं।
  • सुबह बिस्तर से उठने से पहले हल्का सूखा भोजन जैसे क्रैकर या टोस्ट लेना कुछ महिलाओं के लिए उपयोगी हो सकता है।
  • पर्याप्त आराम करें।
  • तेज गंध और अन्य व्यक्तिगत triggers से बचें।
  • परिवार के सदस्यों से भोजन तैयार करने और दैनिक कामों में सहायता लें।

छोटे और बार-बार भोजन तथा पर्याप्त तरल पदार्थ लेने की सलाह कई अस्पतालों की HG dietary guidance में भी दी जाती है।

कब तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें?

यदि गर्भवती महिला:

  • 24 घंटे तक भोजन या पानी नहीं रोक पा रही है
  • बहुत कम या बिल्कुल पेशाब नहीं कर रही है
  • पेशाब बहुत गहरा हो गया है
  • लगातार चक्कर या बेहोशी महसूस कर रही है
  • तेजी से वजन कम हो रहा है
  • अत्यधिक कमजोरी महसूस कर रही है
  • बार-बार उल्टी के कारण दैनिक गतिविधियां नहीं कर पा रही है
  • उल्टी में खून दिखाई देता है
  • पेट में तेज दर्द या अन्य चिंताजनक लक्षण हैं

तो जल्द से जल्द चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए। जल्दी उपचार मिलने से डिहाइड्रेशन और अन्य जटिलताओं को रोकने में मदद मिल सकती है।

क्या हाइपरमेसिस ग्रेविडेरम बच्चे को प्रभावित कर सकता है?

हल्की गर्भावस्था की मतली और उल्टी आमतौर पर बच्चे के लिए समस्या नहीं होती। लेकिन गंभीर और लंबे समय तक चलने वाले HG में मां के शरीर में डिहाइड्रेशन, पोषण की कमी और वजन कम होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए गंभीर HG में मां और भ्रूण की उचित चिकित्सकीय निगरानी जरूरी है।

उपचार का उद्देश्य मां को पर्याप्त तरल, पोषण और आवश्यक चिकित्सा सहायता देना है ताकि गर्भावस्था को सुरक्षित रूप से आगे बढ़ाने में मदद मिल सके।

क्या HG दोबारा हो सकता है?

यदि किसी महिला को पिछली गर्भावस्था में HG हुआ था, तो भविष्य की गर्भावस्था में इसके दोबारा होने की संभावना बढ़ सकती है। इसलिए अगली गर्भावस्था की शुरुआत में ही डॉक्टर को पिछली समस्या के बारे में बताना उपयोगी है। इससे लक्षण गंभीर होने से पहले निगरानी और उपचार की योजना बनाई जा सकती है।

निष्कर्ष

हाइपरमेसिस ग्रेविडेरम गर्भावस्था में होने वाली गंभीर और लगातार मतली-उल्टी की स्थिति है। यह सामान्य मॉर्निंग सिकनेस से अलग है क्योंकि इसमें महिला के लिए पर्याप्त भोजन और तरल पदार्थ लेना मुश्किल हो सकता है और डिहाइड्रेशन, वजन कम होना तथा इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

समय पर चिकित्सकीय सलाह, पर्याप्त तरल पदार्थ, उचित पोषण, डॉक्टर द्वारा निर्धारित antiemetic दवाएं और आवश्यकता पड़ने पर अस्पताल में उपचार से HG को नियंत्रित किया जा सकता है। लगातार उल्टी को “गर्भावस्था में सामान्य” मानकर सहते रहना उचित नहीं है। यदि पानी नहीं रुक रहा, पेशाब कम हो रहा है, वजन घट रहा है या चक्कर/बेहोशी जैसी समस्या हो रही है, तो तुरंत डॉक्टर या अस्पताल से संपर्क करें।

Similar Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *