हील स्पर
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हील स्पर

हील स्पर (Heel Spur), मेडिकल भाषा में “कैल्केनियल स्पर” भी कहा जाता है। यह स्थिति धीरे-धीरे विकसित होती है और जब यह सूजन या दर्द का कारण बनने लगती है, तब व्यक्ति को इसका अहसास होता है।

हील स्पर खुद कोई गंभीर बीमारी नहीं है, लेकिन यह चलने-फिरने और दैनिक गतिविधियों में कष्ट पैदा कर सकती है।

हील स्पर क्या है?

हील स्पर वास्तव में एक हड्डीनुमा उभार होता है, जो एड़ी की हड्डी पर बनता है। यह उभार 0.5 से 1 सेंटीमीटर तक लंबा हो सकता है और X-ray में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।

यह स्पर प्लांटर फेशियाइटिस नामक स्थिति के साथ अक्सर जुड़ा होता है, जिसमें एड़ी से पैर के पंजे तक फैली एक मोटी संयोजी ऊतक (plantar fascia) में सूजन आ जाती है।

हील स्पर के कारण

हील स्पर का मुख्य कारण एड़ी की हड्डी पर अत्यधिक दबाव, तनाव और खिंचाव होता है। यह निम्नलिखित कारणों से हो सकता है:

  1. प्लांटर फेशियाइटिस का दीर्घकालिक प्रभाव
  2. अत्यधिक दौड़ना या चलना, खासकर कठोर सतह पर
  3. गलत आकार या सपोर्ट रहित जूते पहनना
  4. मोटापा या अत्यधिक वजन
  5. फ्लैट फीट (पैर की आर्च का अभाव) या अत्यधिक ऊँची आर्च
  6. खेल गतिविधियाँ या दौड़ते समय एड़ी पर बार-बार दबाव
  7. बुढ़ापे में हड्डियों में बदलाव

लक्षण

हील स्पर हर व्यक्ति में लक्षण नहीं दिखाता। कुछ लोगों को यह बिना किसी दर्द के होता है, जबकि अन्य में यह तीव्र असुविधा पैदा कर सकता है।

प्रमुख लक्षणों में शामिल हैं:

  • सुबह उठते ही एड़ी में तीव्र दर्द
  • लंबे समय तक बैठने के बाद खड़े होते समय दर्द
  • सीढ़ियाँ चढ़ते या दौड़ते समय एड़ी में जलन या चुभन
  • एड़ी के नीचे सूजन या कठोरता
  • दिनभर चलने के बाद दर्द का बढ़ जाना

निदान (Diagnosis)

हील स्पर की पुष्टि निम्नलिखित तरीकों से की जाती है:

  1. शारीरिक परीक्षण: डॉक्टर आपके पैर की संरचना और दर्द की स्थिति की जाँच करते हैं।
  2. X-ray: एड़ी की हड्डी में हड्डीनुमा उभार की उपस्थिति X-ray से स्पष्ट हो जाती है।
  3. MRI या अल्ट्रासाउंड: यदि प्लांटर फेशियाइटिस या अन्य ऊतकों की सूजन का संदेह हो तो MRI करवाया जा सकता है।

इलाज (Treatment)

हील स्पर के अधिकांश मामलों में सर्जरी की जरूरत नहीं होती। यह आमतौर पर जीवनशैली में बदलाव और घरेलू उपायों से नियंत्रित किया जा सकता है।

1. आराम और गतिविधि में कमी:

  • एड़ी पर दबाव कम करना और अत्यधिक चलने या दौड़ने से बचना चाहिए।

2. दवाएँ:

  • NSAIDs (जैसे आइबुप्रोफेन या डाइक्लोफेनाक) दर्द और सूजन को कम करने में सहायक होते हैं।

3. हील पैड्स और ऑर्थोटिक्स:

  • विशेष हील कुशन या इनसोल्स एड़ी के दबाव को कम करने में मदद करते हैं।

4. स्ट्रेचिंग और फिजिकल थेरेपी:

  • प्लांटर फेशिया और एड़ी की मांसपेशियों को खींचने वाले व्यायाम लाभकारी होते हैं।

5. स्टेरॉयड इंजेक्शन:

  • यदि दर्द अत्यधिक हो तो डॉक्टर स्टेरॉयड इंजेक्शन की सलाह दे सकते हैं।

6. एक्स्ट्राकोर्पोरियल शॉक वेव थेरेपी (ESWT):

  • एक नई तकनीक जिसमें एड़ी पर शॉक वेव्स दी जाती हैं ताकि रक्त संचार बढ़े और दर्द कम हो।

सर्जरी

जब सभी गैर-सर्जिकल उपाय विफल हो जाते हैं और दर्द लगातार बना रहता है, तो डॉक्टर सर्जरी की सलाह दे सकते हैं। सर्जरी द्वारा हड्डीनुमा उभार को हटाया जाता है, और प्लांटर फेशिया को आंशिक रूप से काटा जाता है।

घरेलू उपाय

हील स्पर से राहत पाने के लिए कुछ घरेलू उपाय अपनाए जा सकते हैं:

  • गर्म पानी में सेंधा नमक डालकर पैरों को डुबाना
  • हल्दी का सेवन या हल्दी लेप लगाना (प्राकृतिक सूजनरोधी)
  • एप्पल साइडर विनेगर का इस्तेमाल (सूजन में मददगार)
  • कैस्टर ऑयल से मालिश

बचाव के उपाय (Prevention)

हील स्पर को पूरी तरह रोका नहीं जा सकता, लेकिन निम्नलिखित उपाय अपनाकर जोखिम को कम किया जा सकता है:

  1. सही आकार और गद्देदार जूते पहनें।
  2. वजन को नियंत्रित रखें।
  3. व्यायाम से पहले वार्म-अप और स्ट्रेचिंग करें।
  4. नरम सतह पर दौड़ें या व्यायाम करें।
  5. लंबे समय तक खड़े रहने से बचें।

हील स्पर बनाम प्लांटर फेशियाइटिस

विशेषताहील स्परप्लांटर फेशियाइटिस
कारणहड्डी का उभारसंयोजी ऊतक की सूजन
लक्षणएड़ी में तेज दर्द, खासकर सुबहपंजे के नीचे दर्द
X-ray में दिखता हैहांनहीं
उपचारसमानसमान

निष्कर्ष

जीवनशैली में बदलाव के माध्यम से इससे राहत पाई जा सकती है। यदि आप लंबे समय से एड़ी में दर्द महसूस कर रहे हैं, तो इसे नजरअंदाज न करें और एक विशेषज्ञ से परामर्श जरूर लें।

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