साइटिका दर्द से राहत के लिए 8 सबसे अच्छी एक्सरसाइज
क्या आप साइटिका दर्द (Sciatica Pain) से परेशान हैं? क्या आपकी कमर से लेकर जांघ या पिंडली तक बिजली के करंट जैसा दर्द जाता है? अगर हाँ, तो आप अकेले नहीं हैं। बहुत सारे लोग इस समस्या से जूझते हैं, लेकिन अच्छी बात यह है कि सही फिजियोथेरेपी व्यायाम से इस दर्द को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
इस लेख में हम आपको बताएंगे:
- साइटिका क्या है और क्यों होता है
- इसके सामान्य लक्षण
- घर पर करने योग्य फिजियोथेरेपिस्ट-अप्रूव्ड 8 व्यायाम
- सावधानियाँ और उपयोगी टिप्स
साइटिका (Sciatica) क्या है?
साइटिका उस दर्द को कहा जाता है जो साइटिक नर्व (Sciatic Nerve) में दबाव या जलन होने से महसूस होता है। यह नर्व शरीर की सबसे लंबी नर्व है जो कमर (Lumbar Spine) से निकलकर कूल्हों, जांघ और पिंडली तक जाती है।
जब किसी कारण से यह नर्व दब जाती है — जैसे कि हर्निएटेड डिस्क, मसल टाइटनेस, पोस्टर खराब होना, या लम्बर स्पॉन्डायलोसिस — तब दर्द धीरे-धीरे या अचानक शुरू हो सकता है।
साइटिका दर्द के सामान्य लक्षण
✔ कमर के नीचे तेज या धीमा दर्द
✔ जांघ या पिंडली में फैलता हुआ दर्द
✔ सुन्नपन, झुनझुनी या जलन
✔ पैर में कमजोरी महसूस होना
✔ लंबे समय तक बैठने पर दर्द बढ़ जाना
✔ चलने-फिरने से दर्द में आराम मिलना
ये लक्षण हल्के से गंभीर तक हो सकते हैं। यदि दर्द लगातार बढ़ रहा हो तो डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट से सलाह लेना आवश्यक है।
साइटिका दर्द से राहत के लिए 8 सर्वश्रेष्ठ व्यायाम
ये सभी व्यायाम पूरी तरह सुरक्षित और फिजियोथेरेपिस्ट द्वारा सुझाए गए हैं। इन्हें रोज 10–15 मिनट करने से नर्व का दबाव कम होता है, मांसपेशियाँ खुलती हैं और movement बेहतर होता है।
1. Knee to Chest Stretch (घुटना छाती की ओर खींचना)
कैसे करें:
- पीठ के बल आराम से लेट जाएँ।
- एक पैर मोड़कर घुटने को दोनों हाथों से पकड़ें।
- घुटने को धीरे-धीरे छाती की ओर खींचें।
- 20–30 सेकंड होल्ड करें और छोड़ दें।
- दूसरे पैर से भी यही दोहराएँ।
फायदे:
- निचली कमर के तनाव को कम करता है
- नर्व पर दबाव घटाता है
- लम्बर स्पाइन को रिलैक्स करता है

2. Cat-Camel Stretch (कैट-कैमल स्ट्रेच)
कैसे करें:
- हाथ और घुटनों के बल टेबल पोज़ में आएँ।
- सांस छोड़ते हुए पीठ को ऊपर की ओर उठाएँ (कैट पोज़)।
- सांस लेते हुए पीठ को नीचे की ओर धकेलें और गर्दन को ऊपर उठाएँ (कैमल पोज़)।
- इस मूवमेंट को 10–15 बार दोहराएँ।
फायदे:
- रीढ़ की लचीलेपन बढ़ाता है
- मसल स्ट्रेस कम करता है
- साइटिक नर्व की गति में सुधार करता है

3. Piriformis Stretch (पिरिफॉर्मिस स्ट्रेच)
कैसे करें:
- पीठ के बल लेटें, दोनों घुटने मोड़ें।
- एक पैर को दूसरे घुटने पर रखें (फिगर-4 पोज़)।
- नीचे वाले पैर को छाती की ओर खींचें।
- 20–30 सेकंड होल्ड रखें।
- दूसरे पैर से दोहराएँ।
फायदे:
- पिरिफॉर्मिस मसल की जकड़न कम करता है
- नस पर पड़ने वाला दबाव हटाता है
- कूल्हों और नितंबों के दर्द में राहत देता है

4. Hamstring Stretch with Theraband (थेरा-बैंड से हैमस्ट्रिंग स्ट्रेच)
कैसे करें:
- पीठ के बल लेटें और एक पैर सीधा करें।
- थेरा-बैंड को पैर के पंजे के नीचे लपेटें।
- पैर को धीरे-धीरे ऊपर उठाएँ और स्ट्रेच दें।
- 20–30 सेकंड तक होल्ड करें।
- दूसरे पैर से भी दोहराएँ।
फायदे:
- हैमस्ट्रिंग की टाइटनेस कम करता है
- साइटिका की वजह बनने वाले मसल इम्बैलेंस को घटाता है
- चाल और लचीलापन बढ़ाता है

5. Glute Bridge (ग्लूट ब्रिज)
कैसे करें:
- पीठ के बल लेटें और घुटने मोड़ें।
- दोनों हाथ शरीर के पास रखें।
- कूल्हों को ऊपर उठाएँ और शरीर को कंधे से घुटनों तक सीधी लाइन में लाएँ।
- 2–3 सेकंड होल्ड करें और नीचे आएँ।
- 10–12 रेप्स करें।
फायदे:
- ग्लूट मसल मजबूत करता है
- लम्बर स्पाइन को सपोर्ट देता है
- नर्व कम्प्रेशन में राहत देता है

6. Bird Dog (बर्ड डॉग)
कैसे करें:
- टेबल पोज़ में आएँ।
- दाहिने हाथ और बाएँ पैर को सीधा आगे-पीछे फैलाएँ।
- 2–3 सेकंड होल्ड करें।
- दूसरी साइड से दोहराएँ।
- कुल 10–12 रेप्स करें।
फायदे:
- कोर मसल्स को मजबूत करता है
- स्पाइन की स्थिरता बढ़ाता है
- कमर दर्द और साइटिका दोनों में राहत देता है

7. Cobra Pose (भुजंगासन)
कैसे करें:
- पेट के बल लेटें।
- सांस लेते हुए ऊपरी शरीर को धीरे-धीरे उठाएँ।
- कंधे रिलैक्स रखें और कोहनी हल्की मुड़ी रहे।
- 10–15 सेकंड होल्ड करें।
- 8–10 बार दोहराएँ।
फायदे:
- हर्निएटेड डिस्क से दबे नर्व प्रेशर को कम करता है
- लम्बर एक्सटेंशन बढ़ाता है
- साइटिका के तीखे दर्द में जल्दी राहत देता है

8. Supine Twist (स्पाइन ट्विस्ट)
कैसे करें:
- पीठ के बल लेटें और दोनों हाथ साइड में फैलाएँ।
- घुटनों को मोड़ें और एक तरफ गिरने दें।
- 20–30 सेकंड होल्ड करें।
- दूसरी साइड से दोहराएँ।
फायदे:
- कमर के नीचे की मांसपेशियों को रिलैक्स करता है
- स्पाइनल मोबिलिटी बढ़ाता है
- नर्व स्ट्रेस कम करता है

इन एक्सरसाइज को करते समय महत्वपूर्ण सावधानियाँ
✔ दर्द बहुत तेज हो जाए तो एक्सरसाइज तुरंत रोक दें
✔ हर मूवमेंट धीरे और कंट्रोल में करें
✔ सुबह के समय यह रूटीन ज्यादा असरदार होता है
✔ स्ट्रेचिंग के दौरान सांस न रोकें
✔ हर्निएटेड डिस्क गंभीर हो तो विशेषज्ञ की निगरानी में करें
✔ नियमितता सबसे महत्वपूर्ण है—कम से कम 3–4 सप्ताह तक लगातार करें
कब डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट से मिलना चाहिए?
यदि आपके साथ ये लक्षण हों, तो तुरंत विशेषज्ञ से सलाह लें:
- लगातार बढ़ता हुआ दर्द
- पैर में कमजोरी या गिरने जैसा महसूस होना
- पेशाब/मल पर नियंत्रण में समस्या
- सुन्नपन जो दिनों तक बना रहे
निष्कर्ष (Conclusion)
साइटिका दर्द भले ही परेशान करने वाला हो, लेकिन सही व्यायाम, नियमित स्ट्रेचिंग और उचित पोस्टर से इसे काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। यह 8-एक्सरसाइज रूटीन आपकी नर्व की जकड़न को कम करता है, मांसपेशियों की मजबूती बढ़ाता है और मूवमेंट में आराम लाता है।
