मांसपेशियों में दर्द किसकी वजह से होता है?
मांसपेशियों में दर्द, जिसे मायल्जिया (Myalgia) भी कहा जाता है, एक सामान्य समस्या है जो हर उम्र के व्यक्ति को प्रभावित कर सकती है। यह दर्द हल्का या बहुत गंभीर हो सकता है और यह कुछ मिनटों से लेकर कई दिनों या हफ्तों तक रह सकता है।
मांसपेशियों में दर्द के कारण बहुत विविध होते हैं, जिनमें सामान्य शारीरिक थकान से लेकर गंभीर बीमारियाँ तक शामिल हैं। सही उपचार के लिए दर्द के मूल कारण को समझना बहुत महत्वपूर्ण है। इस लेख में, हम मांसपेशियों में दर्द के विभिन्न कारणों पर विस्तार से चर्चा करेंगे।
सामान्य कारण
मांसपेशियों में दर्द के अधिकांश मामले सामान्य कारणों से होते हैं और इनका इलाज आसानी से घर पर किया जा सकता है।
- अत्यधिक शारीरिक गतिविधि: जब आप कोई नई या कठिन एक्सरसाइज करते हैं, तो मांसपेशियों पर जोर पड़ता है। इससे मांसपेशियों में सूक्ष्म स्तर पर टूट-फूट होती है, जिससे दर्द और जकड़न महसूस होती है। इसे विलंबित-शुरुआत मांसपेशियों का दर्द (Delayed-Onset Muscle Soreness – DOMS) कहते हैं, जो अक्सर एक्सरसाइज के 12 से 48 घंटे बाद होता है।
- मांसपेशियों में खिंचाव (Muscle Strain): अचानक या अत्यधिक बल लगाने से मांसपेशी या उसके टेंडन में खिंचाव आ सकता है। यह खेल-कूद के दौरान या भारी सामान उठाते समय हो सकता है।
- चोट या आघात: किसी दुर्घटना, गिरने, या सीधे प्रहार के कारण मांसपेशियों में चोट लग सकती है, जिससे दर्द और सूजन हो सकती है।
- तनाव और चिंता: तनाव से शरीर की मांसपेशियां सिकुड़ जाती हैं, खासकर गर्दन, कंधे और पीठ की। यह लगातार सिकुड़न मांसपेशियों में दर्द और ऐंठन का कारण बनती है।
मेडिकल कारण
जब मांसपेशियों का दर्द सामान्य उपायों से ठीक नहीं होता या उसके साथ अन्य लक्षण भी होते हैं, तो यह किसी अंतर्निहित (underlying) चिकित्सा स्थिति का संकेत हो सकता है।
- फाइब्रोमायल्जिया (Fibromyalgia): यह एक क्रोनिक (लंबे समय तक रहने वाला) विकार है जिसके कारण शरीर के कई हिस्सों में मांसपेशियों और कोमल ऊतकों में दर्द होता है। इस दर्द के साथ थकान, नींद की समस्या और मूड संबंधी विकार भी होते हैं।
- संक्रमण (Infections):
- वायरल संक्रमण: फ्लू (Influenza), सामान्य सर्दी, COVID-19, और एचआईवी (HIV) जैसे वायरल संक्रमण मांसपेशियों में दर्द और बदन दर्द का कारण बन सकते हैं।
- बैक्टीरियल संक्रमण: लाइम रोग (Lyme disease) और टिटनेस (Tetanus) जैसे जीवाणु संक्रमण भी मांसपेशियों में दर्द पैदा कर सकते हैं।
- तंत्रिका संबंधी विकार:
- पेरिफेरल न्यूरोपैथी (Peripheral Neuropathy): मधुमेह (Diabetes) जैसी बीमारियों के कारण नसों को नुकसान पहुँचता है, जिससे मांसपेशियों में दर्द, झुनझुनी और सुन्नपन हो सकता है।
- साइटिका (Sciatica): रीढ़ की हड्डी से निकलने वाली साइटिक तंत्रिका पर दबाव पड़ने से पीठ के निचले हिस्से और पैर में तेज दर्द होता है, जो मांसपेशियों के दर्द जैसा महसूस हो सकता है।
- दवाओं का दुष्प्रभाव: कुछ दवाएं, जैसे कि कोलेस्ट्रॉल कम करने वाली स्टैटिन (Statins) दवाएं और कुछ ब्लड प्रेशर की दवाएं, मांसपेशियों में दर्द का कारण बन सकती हैं।
- विटामिन और खनिज की कमी: विटामिन डी, पोटेशियम, और मैग्नीशियम जैसे आवश्यक पोषक तत्वों की कमी से भी मांसपेशियों में ऐंठन और दर्द हो सकता है।
मांसपेशियों के दर्द का निदान और उपचार
मांसपेशियों के दर्द का सही निदान करने के लिए डॉक्टर आपके लक्षणों, मेडिकल हिस्ट्री और शारीरिक जांच का मूल्यांकन करते हैं। इसके अलावा, वे कुछ परीक्षण भी करा सकते हैं:
- रक्त परीक्षण: संक्रमण, सूजन या विटामिन और खनिजों की कमी का पता लगाने के लिए।
- इमेजिंग टेस्ट: जैसे कि एक्स-रे या एमआरआई, यदि दर्द का कारण चोट या हड्डी की समस्या मानी जाती है।
उपचार दर्द के मूल कारण पर निर्भर करता है।
- सामान्य दर्द के लिए: आराम, गर्म या ठंडी सिकाई, और ओवर-द-काउंटर दर्द निवारक (जैसे इबुप्रोफेन या पैरासिटामोल)।
- क्रोनिक दर्द के लिए: फिजियोथेरेपी, योग, मालिश और डॉक्टर द्वारा सुझाई गई विशिष्ट दवाएं।
निष्कर्ष
मांसपेशियों में दर्द एक सामान्य समस्या है, लेकिन इसे कभी-कभी किसी गंभीर बीमारी का लक्षण भी हो सकता है। हल्के दर्द को अक्सर घरेलू उपायों से ठीक किया जा सकता है, लेकिन अगर दर्द गंभीर है, लंबे समय तक बना रहता है, या अन्य लक्षणों के साथ होता है, तो डॉक्टर से सलाह लेना आवश्यक है। सही निदान और उपचार से न केवल दर्द से राहत मिलती है, बल्कि जीवन की गुणवत्ता में भी सुधार होता है।
