हाथ की नस दब जाए तो क्या करना चाहिए
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हाथ की नस दब जाए तो क्या करना चाहिए? – कारण और संपूर्ण इलाज

आजकल की जीवनशैली में हाथ, कलाई या बांह में नस दबना (Pinched Nerve) एक बहुत ही सामान्य समस्या बन गई है। घंटों कंप्यूटर पर काम करना, लगातार मोबाइल का इस्तेमाल, गलत तरीके से सोना या भारी वजन उठाना—ये सभी आदतें हमारी नसों पर दबाव डाल सकती हैं। जब हाथ की कोई नस दब जाती है, तो हमें झनझनाहट, सुन्नपन और तेज दर्द का अनुभव होता है।

यदि आप या आपके परिवार का कोई सदस्य इस समस्या से जूझ रहा है, तो यह लेख आपके लिए है। इसमें हम विस्तार से जानेंगे कि हाथ की नस क्यों दबती है, इसके लक्षण क्या हैं और इसे ठीक करने के लिए आप घर पर क्या उपाय कर सकते हैं।


हाथ की नस दबना क्या है? (What is a Pinched Nerve in the Hand?)

हमारे शरीर में नसों (Nerves) का एक जाल होता है जो मस्तिष्क (Brain) से संदेशों को शरीर के बाकी हिस्सों तक ले जाता है और वापस लाता है। जब किसी हड्डी, मांसपेशियों, टेंडन या कार्टिलेज द्वारा नस पर बहुत अधिक दबाव डाला जाता है, तो नस “दब” जाती है।

हाथों में मुख्य रूप से तीन प्रमुख नसें होती हैं:

  1. मीडियन नर्व (Median Nerve): यह कलाई से होकर हथेली तक जाती है। इसके दबने से अक्सर ‘कार्पल टनल सिंड्रोम’ (Carpal Tunnel Syndrome) होता है।
  2. अल्नर नर्व (Ulnar Nerve): यह कोहनी के पीछे से गुजरती है। जब हम कोहनी टकराते हैं और “करंट” लगता है, तो वह यही नस होती है।
  3. रेडियल नर्व (Radial Nerve): यह बांह के ऊपरी हिस्से से कलाई तक जाती है और उंगलियों को सीधा करने में मदद करती है।

जब इनमें से किसी भी नस पर दबाव पड़ता है, तो वह अपना काम सही ढंग से नहीं कर पाती, जिससे दर्द और कमजोरी महसूस होती है।


हाथ की नस दबने के प्रमुख लक्षण (Symptoms)

नस दबने के लक्षण हल्के से लेकर गंभीर तक हो सकते हैं। आमतौर पर लोग निम्नलिखित समस्याओं का अनुभव करते हैं:

  1. सुन्नपन (Numbness): हाथ, उंगलियों या कलाई में ऐसा महसूस होना जैसे वह हिस्सा “सो गया” हो। स्पर्श का पता कम चलना।
  2. झनझनाहट (Tingling/Pins and Needles): सुई चुभने जैसा अहसास होना, विशेष रूप से अंगूठे और पहली तीन उंगलियों में (मीडियन नर्व) या छोटी उंगली में (अल्नर नर्व)।
  3. जलन और दर्द (Burning Sensation & Pain): प्रभावित हिस्से में जलन महसूस होना या तेज दर्द जो हाथ से ऊपर कंधे या गर्दन तक जा सकता है।
  4. कमजोरी (Weakness): चीजों को पकड़ने में कठिनाई होना। हाथ से चीजें छूट जाना (जैसे कप या पेन)।
  5. मांसपेशियों का सिकुड़ना: लंबे समय तक नस दबे रहने से हाथ की मांसपेशियां पतली या कमजोर हो सकती हैं।
  6. रात में दर्द बढ़ना: अक्सर लोग शिकायत करते हैं कि रात में सोते समय हाथों में सुन्नपन और दर्द बढ़ जाता है, जिससे उनकी नींद खुल जाती है।

हाथ की नस दबने के कारण (Causes)

नस दबने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। सही इलाज के लिए कारण को समझना बहुत जरूरी है:

1. कार्पल टनल सिंड्रोम (Carpal Tunnel Syndrome – CTS)

यह सबसे सामान्य कारण है। कलाई में एक संकरी सुरंग (Tunnel) होती है जिससे मीडियन नर्व गुजरती है। जब कलाई में सूजन आ जाती है, तो यह नस दब जाती है। यह कंप्यूटर पर टाइपिंग करने वाले या सिलाई-बुनाई करने वाले लोगों में अधिक होता है।

2. गलत पोस्चर (Poor Posture)

गर्दन (Cervical Spine) में नस दबने के कारण भी दर्द हाथों में आ सकता है। जिसे ‘सर्वाइकल रेडिकुलोपैथी’ (Cervical Radiculopathy) कहते हैं। लगातार गर्दन झुकाकर मोबाइल देखने से यह समस्या होती है।

3. चोट या आघात (Injury or Trauma)

हाथ पर गिरने, फ्रैक्चर होने या मोच आने से नसों पर अचानक दबाव पड़ सकता है।

4. दोहराव वाली गतिविधियाँ (Repetitive Motion)

एक ही काम को बार-बार करना, जैसे—टाइपिंग, हथौड़ा चलाना, वाइब्रेटिंग टूल्स का उपयोग करना या पियानो बजाना। इससे कलाई और कोहनी के ऊतकों में सूजन आ जाती है।

5. गठिया (Arthritis)

रूमेटाइड आर्थराइटिस या ऑस्टियोआर्थराइटिस के कारण जोड़ों में सूजन आ जाती है, जो पास की नसों को दबा सकती है।

6. अन्य चिकित्सीय स्थितियां

  • डायबिटीज (Diabetes): हाई ब्लड शुगर नसों को नुकसान पहुंचा सकता है (न्यूरोपैथी), जिससे वे दबाव के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाती हैं।
  • मोटापा: अधिक वजन नसों पर अतिरिक्त दबाव डालता है।
  • गर्भावस्था: गर्भावस्था के दौरान शरीर में पानी जमा होने (Fluid Retention) से ऊतकों में सूजन आ जाती है, जिससे नसें दब सकती हैं।

घरेलू उपाय और तुरंत राहत (Home Remedies & Immediate Relief)

अगर लक्षण बहुत गंभीर नहीं हैं, तो आप घर पर ही कुछ आसान उपाय करके राहत पा सकते हैं।

1. आराम (Rest is Best)

सबसे पहला और सबसे महत्वपूर्ण कदम है उस गतिविधि को रोकना जिससे दर्द हो रहा है। अगर टाइपिंग या भारी वजन उठाने से दर्द बढ़ता है, तो कुछ दिनों के लिए हाथ को पूरा आराम दें।

2. स्प्लिंट या ब्रेस पहनें (Use a Splint or Brace)

खासकर ‘कार्पल टनल सिंड्रोम’ के लिए, कलाई का ब्रेस (Wrist Splint) बहुत फायदेमंद होता है।

  • रात को पहनें: सोते समय हम अक्सर अपनी कलाइयां मोड़ लेते हैं, जिससे नस और दब जाती है। ब्रेस कलाई को सीधा रखता है और नस पर दबाव कम करता है। इसे कम से कम 2-3 हफ्ते तक रात में पहनें।

3. बर्फ और गर्म सिकाई (Ice and Heat Therapy)

  • बर्फ (Ice): अगर दर्द नया है और सूजन है, तो दिन में 3-4 बार 15-20 मिनट के लिए बर्फ की सिकाई करें। यह सूजन कम करके नस से दबाव हटाता है।
  • गर्म सिकाई (Heat): अगर दर्द पुराना है और जकड़न महसूस हो रही है, तो गर्म पानी की थैली या हीटिंग पैड का उपयोग करें। इससे ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है और मांसपेशियों को आराम मिलता है।

4. कार्यस्थल में बदलाव (Ergonomic Changes)

  • माउस और कीबोर्ड: अगर आप कंप्यूटर पर काम करते हैं, तो एर्गोनोमिक माउस और कीबोर्ड का इस्तेमाल करें। अपनी कलाई को टेबल के किनारे पर टिकाने से बचें।
  • कुर्सी की ऊंचाई: अपनी कुर्सी को इस तरह adjust करें कि आपकी कोहनी 90 डिग्री के कोण पर हो और कलाई सीधी रहे।

5. सोने की स्थिति (Sleeping Position)

अगर कोहनी की नस (अल्नर नर्व) दबी है, तो कोशिश करें कि हाथ को सिर के नीचे दबाकर न सोएं। कोहनी को सीधा रखने की कोशिश करें।

6. मालिश (Gentle Massage)

हाथ और कलाई की हल्के हाथों से मालिश करने से मांसपेशियों का तनाव कम होता है। आप जैतून के तेल, सरसों के तेल या किसी दर्द निवारक तेल का उपयोग कर सकते हैं। ध्यान रहे, बहुत जोर से न दबाएं।


हाथ की नस खोलने के लिए कसरत (Exercises for Pinched Nerve)

व्यायाम नसों को ‘ग्लाइड’ (Glide) या स्लाइड करने में मदद करते हैं, जिससे वे फंसी हुई जगह से मुक्त हो सकें। इसे “नर्व ग्लाइडिंग एक्सरसाइज” (Nerve Gliding Exercises) कहते हैं।

नोट: कोई भी व्यायाम धीरे-धीरे करें। अगर दर्द बढ़े, तो तुरंत रोक दें।

1. कलाई का खिंचाव (Wrist Flexor Stretch)

  • अपना सीधा हाथ सामने की ओर फैलाएं (हथेली बाहर की तरफ और उंगलियां ऊपर की तरफ)।
  • दूसरे हाथ से अपनी उंगलियों को धीरे से अपनी ओर (पीछे की तरफ) खींचें।
  • इस खिंचाव को 15-30 सेकंड तक रोकें।
  • अब हथेली को नीचे की तरफ करें और उंगलियों को अपनी ओर खींचें।
  • यह मीडियन नर्व को खोलने में मदद करता है।

2. प्रार्थना खिंचाव (Prayer Stretch)

  • अपने दोनों हाथों को छाती के सामने नमस्ते की मुद्रा में जोड़ें।
  • धीरे-धीरे अपने हाथों को नीचे की ओर (कमर की तरफ) ले जाएं, लेकिन हथेलियां एक-दूसरे से जुड़ी रहनी चाहिए।
  • आपको कलाई के निचले हिस्से में हल्का खिंचाव महसूस होगा।
  • 15-30 सेकंड तक रुकें और 3-4 बार दोहराएं।

3. कोहनी का व्यायाम (Elbow Flexion – Ulnar Nerve Glide)

  • सीधे खड़े हो जाएं और अपनी बांह को बगल में उठाएं।
  • अपनी कोहनी को मोड़ें ताकि आपका हाथ आपके कान को छूने की कोशिश करे।
  • ऐसा करते समय आपकी हथेली उल्टी (छत की तरफ) होनी चाहिए।
  • यह कोहनी के पास दबी नस को खोलने में मदद करता है।

4. मुट्ठी भींचना और खोलना (Fist Clench and Fan)

  • हाथ को सामने फैलाएं।
  • जोर से मुट्ठी भींचें।
  • फिर अचानक उंगलियों को पूरी तरह खोलें और तानें (Fan out)।
  • इसे 10-15 बार दोहराएं। इससे ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है।

5. गर्दन की स्ट्रेचिंग (Neck Stretches)

चूंकि हाथ की नसें गर्दन से आती हैं, इसलिए गर्दन को लचीला रखना जरूरी है।

  • अपने दायें कान को दायें कंधे की ओर झुकाएं। 10 सेकंड रुकें।
  • फिर बायें कान को बायें कंधे की ओर झुकाएं।
  • गर्दन को धीरे-धीरे गोलाकार (Clockwise और Anti-clockwise) घुमाएं।

आहार और पोषण (Diet and Nutrition)

नस दबने की समस्या में आपके खान-पान का भी बड़ा योगदान होता है। नसों की मरम्मत के लिए कुछ विटामिन बहुत जरूरी हैं।

  1. विटामिन B12: नसों के स्वास्थ्य (Nerve Health) के लिए यह सबसे महत्वपूर्ण विटामिन है। इसकी कमी से नसों में कमजोरी आती है। दूध, दही, पनीर, अंडे और फिश में यह पाया जाता है। शाकाहारी लोग सप्लीमेंट्स ले सकते हैं।
  2. मैग्नीशियम (Magnesium): यह मांसपेशियों को रिलैक्स करने में मदद करता है। हरी पत्तेदार सब्जियां, केले, बादाम और डार्क चॉकलेट मैग्नीशियम के अच्छे स्रोत हैं।
  3. ओमेगा-3 फैटी एसिड: यह सूजन (Inflammation) को कम करता है। अलसी के बीज (Flaxseeds), अखरोट और फैटी फिश का सेवन करें।
  4. हल्दी और अदरक: इनमें प्राकृतिक सूजन-रोधी (Anti-inflammatory) गुण होते हैं। हल्दी वाला दूध पीने से आंतरिक सूजन कम होती है।

चिकित्सीय उपचार (Medical Treatment)

यदि घरेलू उपायों और व्यायाम से 2-3 सप्ताह में आराम नहीं मिलता है, तो आपको डॉक्टर (ऑर्थोपेडिक या न्यूरोलॉजिस्ट) को दिखाना चाहिए। डॉक्टर निम्नलिखित उपचार दे सकते हैं:

1. दवाइयां (Medications)

  • NSAIDs: इबुप्रोफेन (Ibuprofen) या नेप्रोक्सन जैसी दर्द निवारक दवाएं सूजन और दर्द को कम करती हैं।
  • Corticosteroids: गंभीर सूजन होने पर डॉक्टर स्टेरॉयड की गोलियां दे सकते हैं।

2. स्टेरॉयड इंजेक्शन (Steroid Injections)

अगर दवाइयों से असर नहीं होता, तो डॉक्टर सीधे प्रभावित क्षेत्र (जैसे कलाई के टनल में) में कॉर्टिकोस्टेरॉयड का इंजेक्शन लगा सकते हैं। यह सूजन को तुरंत कम करके नस पर से दबाव हटा देता है।

3. फिजियोथेरेपी (Physiotherapy)

एक फिजियोथेरेपिस्ट आपको विशेष मशीन (जैसे अल्ट्रासाउंड थेरेपी या TENS मशीन) और कस्टमाइज्ड एक्सरसाइज के जरिए नस को खोलने में मदद करेगा। यह सबसे सुरक्षित और प्रभावी तरीकों में से एक है।

4. सर्जरी (Surgery)

यह अंतिम विकल्प होता है। अगर नस बहुत बुरी तरह दबी हुई है और हाथ की ताकत कम हो रही है (मांसपेशियां गल रही हैं), तो सर्जरी की सलाह दी जाती है।

  • Carpal Tunnel Release: इसमें कलाई के लिगामेंट को काटकर नस के लिए जगह बनाई जाती है। यह एक छोटी सर्जरी है और मरीज जल्दी ठीक हो जाते हैं।

डॉक्टर को कब दिखाएं? (When to See a Doctor)

घरेलू उपचार का इंतजार न करें और तुरंत डॉक्टर के पास जाएं यदि:

  • हाथ की पकड़ (Grip) बहुत कमजोर हो गई हो और चीजें हाथ से छूट रही हों।
  • दर्द, सुन्नपन या झनझनाहट लगातार बनी रहे और बढ़ती जाए।
  • हाथ की मांसपेशियां सिकुड़ने या पतली होने लगी हों (Atrophy)।
  • दर्द छाती की तरफ बढ़ रहा हो (यह दिल की समस्या का संकेत भी हो सकता है)।
  • चोट लगने के बाद अचानक सुन्नपन आ गया हो।

बचाव के तरीके (Prevention Tips)

“इलाज से बेहतर बचाव है।” अपनी दिनचर्या में छोटे-छोटे बदलाव करके आप नस दबने की समस्या से बच सकते हैं:

  1. ब्रेक लें: अगर आप टाइपिंग या लिखने का काम करते हैं, तो हर 30-45 मिनट में 5 मिनट का ब्रेक लें और हाथों को स्ट्रेच करें।
  2. सही वजन बनाए रखें: मोटापा कम करने से शरीर की नसों पर दबाव कम होता है।
  3. सही पोस्चर: बैठते और चलते समय अपनी गर्दन और कंधों को सीधा रखें।
  4. पकड़ ढीली रखें: पेन पकड़ते समय या कीबोर्ड पर टाइप करते समय बहुत ज्यादा जोर न लगाएं। सॉफ्ट टच का इस्तेमाल करें।
  5. व्यायाम करें: योग और स्ट्रेचिंग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। सूर्य नमस्कार पूरे शरीर की नसों को खींचने और खोलने के लिए बेहतरीन है।

निष्कर्ष (Conclusion)

हाथ की नस दबना एक कष्टदायक अनुभव हो सकता है, लेकिन अच्छी बात यह है कि अधिकांश मामलों में यह सर्जरी के बिना ठीक हो जाता है। शुरुआती दौर में ही आराम, बर्फ की सिकाई, कलाई का ब्रेस और सही स्ट्रेचिंग से इसे पूरी तरह ठीक किया जा सकता है।

अपने शरीर के संकेतों को नजरअंदाज न करें। अगर आपको लगता है कि सुन्नपन बढ़ रहा है, तो तुरंत किसी अच्छे फिजियोथेरेपिस्ट या ऑर्थोपेडिक डॉक्टर से सलाह लें। याद रखें, नसों की समस्या में जितनी जल्दी इलाज शुरू होगा, रिकवरी उतनी ही तेज होगी।

स्वस्थ रहें, सतर्क रहें!


(अस्वीकरण: यह लेख केवल सामान्य जानकारी और जागरूकता के लिए है। इसे किसी भी चिकित्सीय सलाह का विकल्प न मानें। किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट से परामर्श अवश्य करें।)

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