सबक्रोमियल बर्साइटिस
|

सबक्रोमियल बर्साइटिस

सबक्रोमियल बर्साइटिस (Subacromial Bursitis) कंधे में होने वाली एक दर्दनाक स्थिति है जिसमें सबक्रोमियल बर्सा (subacromial bursa) नामक छोटी, तरल पदार्थ से भरी थैली में सूजन आ जाती है। यह बर्सा कंधे के जोड़ में रोटेटर कफ टेंडन (rotator cuff tendons) और कंधे की हड्डी के ऊपरी हिस्से, जिसे एक्रोमियन (acromion) कहा जाता है, के बीच स्थित होती है।

सबक्रोमियल बर्साइटिस क्या है?

सबक्रोमियल बर्साइटिस (Subacromial Bursitis) कंधे में होने वाली एक सामान्य स्थिति है जिसमें सबक्रोमियल बर्सा नामक थैली में सूजन आ जाती है।

बर्सा एक छोटी, तरल पदार्थ से भरी थैली होती है जो हड्डियों, मांसपेशियों, टेंडनों और त्वचा के बीच घर्षण को कम करने के लिए कुशन का काम करती है। कंधे में कई बर्सा होते हैं, लेकिन सबक्रोमियल बर्सा विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह कंधे के ब्लेड (स्कैपुला) के एक bony प्रक्षेपण, एक्रोमियन (acromion), और रोटेटर कफ टेंडनों (rotator cuff tendons) (विशेष रूप से सुप्रास्पिनैटस टेंडन) के बीच स्थित होता है।

सबक्रोमियल बर्साइटिस क्यों होता है?

सबक्रोमियल बर्साइटिस के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • अति प्रयोग या दोहराव वाली गतिविधियाँ: ऐसी गतिविधियाँ जिनमें कंधे का बार-बार ऊपर उठाना या घुमाना शामिल होता है (जैसे पेंटिंग, फेंकना, वजन उठाना) बर्सा पर दबाव डाल सकती हैं और सूजन का कारण बन सकती हैं।
  • चोट: कंधे पर सीधी चोट, जैसे गिरना या टकराना, बर्सा में सूजन पैदा कर सकती है।
  • इम्पिंगमेंट सिंड्रोम (Impingement Syndrome): यह तब होता है जब रोटेटर कफ टेंडन एक्रोमियन और कोराकोएक्रोमियल लिगामेंट के बीच दब जाते हैं। यह बार-बार होने पर बर्सा में जलन और सूजन पैदा कर सकता है। सबक्रोमियल बर्साइटिस अक्सर इम्पिंगमेंट सिंड्रोम के साथ जुड़ा होता है।
  • रोटेटर कफ टेंडिनोपैथी: रोटेटर कफ टेंडनों में सूजन या क्षति (टेंडिनिटिस या टेंडिनोसिस) बर्सा में जलन पैदा कर सकती है।
  • गठिया: ऑस्टियोआर्थराइटिस या रुमेटॉइड आर्थराइटिस जैसे गठिया कंधे के जोड़ों और आसपास के ऊतकों को प्रभावित कर सकते हैं, जिससे बर्साइटिस हो सकता है।
  • कैल्शियम जमाव: कुछ मामलों में, बर्सा में कैल्शियम जमा हो सकता है, जिससे सूजन और दर्द हो सकता है (कैल्सीफिक बर्साइटिस)।
  • संक्रमण (सेप्टिक बर्साइटिस): हालांकि यह कम आम है, बर्सा संक्रमित हो सकता है, जिससे दर्द, लालिमा, गर्मी और बुखार हो सकता है।

सबक्रोमियल बर्साइटिस के लक्षण:

सबक्रोमियल बर्साइटिस के सामान्य लक्षणों में शामिल हैं:

  • कंधे में दर्द: दर्द आमतौर पर कंधे के ऊपरी और बाहरी हिस्से में महसूस होता है। यह धीरे-धीरे शुरू हो सकता है और समय के साथ बढ़ सकता है।
  • गतिविधि के साथ दर्द बढ़ना: कंधे को ऊपर उठाने, घुमाने या हाथ को शरीर से दूर ले जाने (अपहरण) जैसी गतिविधियों से दर्द बढ़ सकता है।
  • रात में दर्द: प्रभावित कंधे पर सोने से दर्द और बढ़ सकता है।
  • कंधे में अकड़न: कंधे को हिलाने में कठिनाई महसूस हो सकती है, खासकर सुबह या आराम के बाद।
  • कोमलता: एक्रोमियन के नीचे के क्षेत्र को छूने पर दर्द महसूस हो सकता है।
  • कमजोरी: कंधे और हाथ में कमजोरी महसूस हो सकती है, खासकर दर्द के कारण।

सबक्रोमियल बर्साइटिस के कारण क्या हैं?

सबक्रोमियल बर्साइटिस कई कारकों के कारण हो सकता है, जिनमें कंधे के आसपास की संरचनाओं पर बार-बार पड़ने वाला दबाव, चोट या अंतर्निहित चिकित्सीय स्थितियाँ शामिल हैं। यहाँ सबक्रोमियल बर्साइटिस के कुछ मुख्य कारण दिए गए हैं:

  • अति प्रयोग या दोहराव वाली गतिविधियाँ:
    • ऐसी गतिविधियाँ जिनमें कंधे का बार-बार ऊपर उठाना (ओवरहेड मूवमेंट) या घुमाना शामिल होता है, जैसे पेंटिंग, फेंकना (जैसे क्रिकेट, बेसबॉल), तैराकी (विशेषकर फ्रीस्टाइल और बटरफ्लाई), टेनिस सर्व करना, वजन उठाना (विशेषकर ओवरहेड प्रेस), और कुछ प्रकार के मैनुअल श्रम बर्सा पर बार-बार दबाव डाल सकते हैं और सूजन का कारण बन सकते हैं।
  • कंधे पर सीधी चोट:
    • कंधे पर सीधे गिरने, टकराने या किसी बाहरी आघात लगने से सबक्रोमियल बर्सा में सूजन और जलन हो सकती है।
  • इम्पिंगमेंट सिंड्रोम (Subacromial Impingement):
    • यह एक बहुत ही सामान्य कारण है। इम्पिंगमेंट तब होता है जब रोटेटर कफ टेंडन (आमतौर पर सुप्रास्पिनैटस) एक्रोमियन (कंधे की हड्डी का ऊपरी हिस्सा) और कोराकोएक्रोमियल लिगामेंट के बीच दब जाते हैं। बार-बार होने वाला इम्पिंगमेंट बर्सा में जलन और सूजन पैदा कर सकता है, जिससे सबक्रोमियल बर्साइटिस हो जाता है। बर्साइटिस बदले में इम्पिंगमेंट को और खराब कर सकता है, जिससे एक दुष्चक्र बन जाता है।
  • रोटेटर कफ टेंडिनोपैथी:
    • रोटेटर कफ टेंडनों में सूजन (टेंडिनिटिस) या क्षति (टेंडिनोसिस) सबक्रोमियल बर्सा के पास होती है और उसमें जलन पैदा कर सकती है, जिससे बर्साइटिस हो सकता है।
  • कंधे का अस्थिरता (Shoulder Instability):
    • यदि कंधे का जोड़ अस्थिर है और बार-बार आंशिक रूप से खिसकता है (सब्लक्स होता है), तो यह आसपास के ऊतकों, जिसमें सबक्रोमियल बर्सा भी शामिल है, पर अतिरिक्त तनाव डाल सकता है और सूजन का कारण बन सकता है।
  • गठिया:
    • ऑस्टियोआर्थराइटिस: कंधे के जोड़ों में ऑस्टियोआर्थराइटिस होने से हड्डी के स्पर्स (bone spurs) विकसित हो सकते हैं जो सबक्रोमियल स्पेस में बढ़ सकते हैं और बर्सा पर दबाव डाल सकते हैं।
    • रुमेटॉइड आर्थराइटिस: यह एक सूजन संबंधी ऑटोइम्यून बीमारी है जो पूरे शरीर के जोड़ों को प्रभावित कर सकती है, जिसमें कंधा भी शामिल है, जिससे बर्साइटिस हो सकता है।
  • कैल्शियम जमाव (Calcific Bursitis):
    • कुछ मामलों में, सबक्रोमियल बर्सा में कैल्शियम क्रिस्टल जमा हो सकते हैं। यह कैल्शियम जमाव अचानक दर्दनाक सूजन का कारण बन सकता है। इसका सटीक कारण अज्ञात है, लेकिन यह टेंडन या बर्सा में पुरानी क्षति से संबंधित हो सकता है।
  • संक्रमण (Septic Bursitis):
    • हालांकि यह कम आम है, सबक्रोमियल बर्सा बैक्टीरिया के संक्रमण से संक्रमित हो सकता है। यह आमतौर पर त्वचा में कट या खरोंच के माध्यम से होता है। सेप्टिक बर्साइटिस में तेज दर्द, लालिमा, गर्मी और बुखार जैसे लक्षण होते हैं।
  • अन्य चिकित्सीय स्थितियाँ:
    • कुछ अन्य चिकित्सीय स्थितियाँ, जैसे गाउट या स्यूडोगाउट, भी बर्साइटिस के विकास के जोखिम को बढ़ा सकती हैं।

सबक्रोमियल बर्साइटिस के संकेत और लक्षण क्या हैं?

सबक्रोमियल बर्साइटिस के संकेत और लक्षण कंधे में सूजन और जलन के कारण होते हैं। ये लक्षण धीरे-धीरे विकसित हो सकते हैं या अचानक चोट लगने के बाद तेजी से सामने आ सकते हैं। यहाँ सबक्रोमियल बर्साइटिस के कुछ सामान्य संकेत और लक्षण दिए गए हैं:

  • कंधे में दर्द: यह मुख्य लक्षण है। दर्द आमतौर पर कंधे के ऊपरी और बाहरी हिस्से में महसूस होता है।
    • दर्द सुस्त, तेज या चुभने वाला हो सकता है।
    • यह धीरे-धीरे शुरू हो सकता है और समय के साथ बढ़ सकता है।
    • कुछ मामलों में, दर्द अचानक और गंभीर हो सकता है, खासकर कैल्सीफिक बर्साइटिस में।
  • गतिविधि के साथ दर्द बढ़ना: कंधे को हिलाने या इस्तेमाल करने पर दर्द आमतौर पर बढ़ जाता है, खासकर:
    • हाथ को ऊपर उठाना (ओवरहेड मूवमेंट)।
    • हाथ को शरीर से दूर ले जाना (अपहरण)।
    • कंधे को घुमाना।
    • किसी वस्तु तक पहुंचने के लिए हाथ को आगे बढ़ाना।
  • रात में दर्द: प्रभावित कंधे पर सोने से दर्द और बढ़ सकता है, जिससे नींद में खलल पड़ सकता है।
  • कंधे में अकड़न: कंधे को हिलाने में कठिनाई महसूस हो सकती है, खासकर सुबह या आराम के बाद। यह अकड़न कंधे की गति की सीमा को सीमित कर सकती है।
  • कोमलता: एक्रोमियन (कंधे की हड्डी का ऊपरी हिस्सा) के नीचे के क्षेत्र को छूने या दबाने पर दर्द महसूस हो सकता है। बर्सा सीधे इस हड्डी के नीचे स्थित होता है।
  • कमजोरी: कंधे और हाथ में कमजोरी महसूस हो सकती है, खासकर दर्द के कारण आप कंधे का उपयोग करने से बचते हैं।
  • सूजन (कभी-कभी): कुछ मामलों में, खासकर तीव्र बर्साइटिस में, कंधे के आसपास हल्की सूजन दिखाई दे सकती है, हालांकि यह हमेशा स्पष्ट नहीं होती है क्योंकि बर्सा गहरी संरचना है।
  • गर्मी (सेप्टिक बर्साइटिस में): यदि बर्साइटिस संक्रमण के कारण होता है (सेप्टिक बर्साइटिस), तो कंधे का क्षेत्र गर्म महसूस हो सकता है।
  • लालिमा (सेप्टिक बर्साइटिस में): सेप्टिक बर्साइटिस में कंधे के आसपास की त्वचा लाल हो सकती है।
  • बुखार (सेप्टिक बर्साइटिस में): संक्रमण के कारण होने वाले बर्साइटिस में बुखार आ सकता है। यह एक गंभीर लक्षण है जिसके लिए तत्काल चिकित्सा ध्यान देने की आवश्यकता होती है।

लक्षणों की गंभीरता:

लक्षणों की गंभीरता व्यक्ति से व्यक्ति में और बर्साइटिस के कारण के आधार पर भिन्न हो सकती है। हल्के मामलों में, दर्द केवल कुछ विशिष्ट गतिविधियों के दौरान महसूस हो सकता है, जबकि गंभीर मामलों में दर्द लगातार बना रह सकता है और दैनिक जीवन की गतिविधियों को करना मुश्किल बना सकता है।

सबक्रोमियल बर्साइटिस के  का खतरा किसे अधिक होता है?

सबक्रोमियल बर्साइटिस का खतरा कुछ विशेष समूहों और कारकों वाले लोगों में अधिक होता है। इनमें शामिल हैं:

  • ऐसे व्यक्ति जो दोहराव वाली ओवरहेड गतिविधियाँ करते हैं:
    • एथलीट: बेसबॉल पिचर, टेनिस खिलाड़ी (सर्व करने वाले), तैराक (फ्रीस्टाइल और बटरफ्लाई), वॉलीबॉल खिलाड़ी, बास्केटबॉल खिलाड़ी (बार-बार शूटिंग करने वाले)।
    • व्यवसायिक कामगार: पेंटर, बढ़ई, निर्माण श्रमिक (जो बार-बार ऊपर की ओर काम करते हैं), गोदाम कर्मचारी (जो ऊपर शेल्फ पर सामान रखते हैं)।
  • कंधे पर सीधी चोट लगने वाले व्यक्ति:
    • गिरने या सीधे आघात के कारण कंधे में चोट लगने से बर्सा में सूजन आ सकती है।
  • इम्पिंगमेंट सिंड्रोम वाले व्यक्ति:
    • जिन लोगों के कंधे में रोटेटर कफ टेंडन का इम्पिंगमेंट होता है, उनमें सबक्रोमियल बर्साइटिस विकसित होने की संभावना अधिक होती है क्योंकि बार-बार होने वाला घर्षण बर्सा में जलन पैदा करता है।
  • रोटेटर कफ टेंडिनोपैथी वाले व्यक्ति:
    • रोटेटर कफ टेंडन में सूजन (टेंडिनिटिस) या क्षति (टेंडिनोसिस) बर्सा के पास होती है और उसमें जलन पैदा कर सकती है, जिससे बर्साइटिस हो सकता है।
  • कंधे की अस्थिरता वाले व्यक्ति:
    • जिन लोगों के कंधे का जोड़ अस्थिर होता है और बार-बार आंशिक रूप से खिसकता है, उनमें आसपास के ऊतकों पर अतिरिक्त तनाव के कारण बर्साइटिस का खतरा बढ़ सकता है।
  • गठिया से पीड़ित व्यक्ति:
    • ऑस्टियोआर्थराइटिस: कंधे के जोड़ों में ऑस्टियोआर्थराइटिस होने से हड्डी के स्पर्स बन सकते हैं जो बर्सा पर दबाव डाल सकते हैं।
    • रुमेटॉइड आर्थराइटिस: यह सूजन संबंधी गठिया शरीर के कई जोड़ों को प्रभावित कर सकता है, जिसमें कंधा भी शामिल है, जिससे बर्साइटिस हो सकता है।
  • कैल्शियम जमाव वाले व्यक्ति:
    • जिन लोगों के कंधे के टेंडनों या बर्सा में पहले से कैल्शियम जमाव है, उनमें कैल्सीफिक बर्साइटिस होने का खतरा अधिक होता है।
  • खराब मुद्रा वाले व्यक्ति:
    • खराब मुद्रा कंधे के जोड़ पर असामान्य दबाव डाल सकती है, जिससे इम्पिंगमेंट और बर्साइटिस का खतरा बढ़ सकता है।
  • बढ़ती उम्र के व्यक्ति:
    • उम्र बढ़ने के साथ कंधे के टेंडन और बर्सा कमजोर हो सकते हैं और क्षति के प्रति अधिक संवेदनशील हो सकते हैं।
  • मोटापे से ग्रस्त व्यक्ति:
    • अतिरिक्त वजन जोड़ों पर अधिक दबाव डाल सकता है, जिससे बर्साइटिस का खतरा बढ़ सकता है।
  • कुछ चिकित्सीय स्थितियों वाले व्यक्ति:
    • गाउट, स्यूडोगाउट और कुछ अन्य चिकित्सीय स्थितियाँ बर्साइटिस के विकास के जोखिम को बढ़ा सकती हैं।

सबक्रोमियल बर्साइटिस से कौन सी बीमारियां जुड़ी हैं?

सबक्रोमियल बर्साइटिस स्वयं एक बीमारी है, लेकिन यह अक्सर कंधे के आसपास की अन्य चिकित्सीय स्थितियों और बीमारियों से जुड़ी होती है। इन संबंधित स्थितियों के कारण या परिणाम के रूप में सबक्रोमियल बर्साइटिस विकसित हो सकता है। यहाँ कुछ प्रमुख बीमारियाँ और स्थितियाँ दी गई हैं जो सबक्रोमियल बर्साइटिस से जुड़ी हैं:

  • रोटेटर कफ टेंडिनोपैथी (Rotator Cuff Tendinopathy): यह रोटेटर कफ टेंडनों में सूजन (टेंडिनिटिस) या क्षति (टेंडिनोसिस) को संदर्भित करता है। ये टेंडन सबक्रोमियल बर्सा के ठीक नीचे स्थित होते हैं, और उनकी सूजन या क्षति बर्सा में जलन और बर्साइटिस का कारण बन सकती है। इसके विपरीत, बर्साइटिस भी रोटेटर कफ टेंडनों को प्रभावित कर सकता है।
  • इम्पिंगमेंट सिंड्रोम (Subacromial Impingement): यह तब होता है जब रोटेटर कफ टेंडन और सबक्रोमियल बर्सा एक्रोमियन और कोराकोएक्रोमियल लिगामेंट के बीच दब जाते हैं। बार-बार होने वाला इम्पिंगमेंट बर्सा में सूजन और जलन पैदा करता है, जिससे सबक्रोमियल बर्साइटिस विकसित होता है। वास्तव में, बर्साइटिस अक्सर इम्पिंगमेंट सिंड्रोम का एक घटक होता है।
  • कंधे की अस्थिरता (Shoulder Instability): यदि कंधे का जोड़ अस्थिर है और बार-बार आंशिक रूप से खिसकता है (सब्लक्स होता है), तो यह आसपास के ऊतकों, जिसमें सबक्रोमियल बर्सा भी शामिल है, पर अतिरिक्त तनाव डाल सकता है और सूजन का कारण बन सकता है।
  • कंधे का ऑस्टियोआर्थराइटिस (Shoulder Osteoarthritis): कंधे के जोड़ों में ऑस्टियोआर्थराइटिस होने से हड्डी के स्पर्स (bone spurs) विकसित हो सकते हैं जो सबक्रोमियल स्पेस में बढ़ सकते हैं और बर्सा पर दबाव डाल सकते हैं, जिससे बर्साइटिस हो सकता है।
  • कंधे का रुमेटॉइड आर्थराइटिस (Shoulder Rheumatoid Arthritis): रुमेटॉइड आर्थराइटिस एक सूजन संबंधी ऑटोइम्यून बीमारी है जो पूरे शरीर के जोड़ों को प्रभावित कर सकती है, जिसमें कंधा भी शामिल है, जिससे बर्सा में सूजन (बर्साइटिस) हो सकती है।
  • कैल्सीफिक टेंडिनिटिस (Calcific Tendinitis): यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें रोटेटर कफ टेंडनों में कैल्शियम जमा हो जाता है। यह कैल्शियम जमाव सबक्रोमियल स्पेस में फैल सकता है और बर्सा में जलन पैदा कर सकता है, जिससे कैल्सीफिक बर्साइटिस हो सकता है।
  • सेप्टिक आर्थराइटिस (Septic Arthritis): हालांकि कम आम है, यदि कंधे का जोड़ संक्रमित हो जाता है, तो संक्रमण आसपास के ऊतकों, जिसमें सबक्रोमियल बर्सा भी शामिल है, तक फैल सकता है और सेप्टिक बर्साइटिस का कारण बन सकता है।
  • सिस्टमिक इंफ्लेमेटरी बीमारियाँ: गाउट, स्यूडोगाउट और अन्य सिस्टमिक इंफ्लेमेटरी बीमारियाँ शरीर के विभिन्न बर्सा को प्रभावित कर सकती हैं, जिसमें सबक्रोमियल बर्सा भी

सबक्रोमियल बर्साइटिस का इलाज क्या है?

सबक्रोमियल बर्साइटिस का इलाज दर्द और सूजन को कम करने, कंधे की कार्यक्षमता को बहाल करने और भविष्य में होने वाली समस्याओं को रोकने पर केंद्रित होता है। उपचार आमतौर पर गैर-सर्जिकल तरीकों से शुरू होता है, और सर्जरी केवल कुछ विशिष्ट मामलों में ही आवश्यक होती है। यहाँ सबक्रोमियल बर्साइटिस के इलाज के विभिन्न तरीके दिए गए हैं:

गैर-सर्जिकल उपचार:

  • आराम (Rest): प्रभावित कंधे को आराम देना महत्वपूर्ण है। ऐसी गतिविधियों से बचें जो दर्द को बढ़ाती हैं।
  • बर्फ (Ice): दिन में कई बार 15-20 मिनट के लिए कंधे पर बर्फ लगाएं। यह सूजन और दर्द को कम करने में मदद करता है।
  • दबाव (Compression): हल्की सपोर्ट के लिए इलास्टिक बैंडेज का उपयोग किया जा सकता है, लेकिन इसे बहुत टाइट न बांधें।
  • ऊंचाई (Elevation): जब भी संभव हो, अपने हाथ को हृदय स्तर से ऊपर रखें, खासकर आराम करते समय।
  • दर्द निवारक दवाएं (Pain Medications):
    • ओवर-द-काउंटर दर्द निवारक: आइबुप्रोफेन (Ibuprofen) या नेप्रोक्सन (Naproxen) जैसे नॉनस्टेरॉइडल एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग्स (NSAIDs) दर्द और सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं।
    • प्रिस्क्रिप्शन दर्द निवारक: अधिक गंभीर दर्द के लिए, डॉक्टर मजबूत NSAIDs या अन्य प्रकार की दर्द निवारक दवाएं लिख सकते हैं।
  • कॉर्टिकोस्टेरॉइड इंजेक्शन (Corticosteroid Injections): डॉक्टर सबक्रोमियल बर्सा में कॉर्टिकोस्टेरॉइड दवा इंजेक्ट कर सकते हैं। यह सूजन को तेजी से कम करने और दर्द से राहत दिलाने में मदद करता है। हालांकि, कॉर्टिकोस्टेरॉइड इंजेक्शन दीर्घकालिक समाधान नहीं हैं और इनके बार-बार उपयोग से टेंडन कमजोर हो सकते हैं, इसलिए इनका उपयोग सीमित होता है।
  • शारीरिक चिकित्सा (Physical Therapy): एक भौतिक चिकित्सक आपको ऐसे व्यायाम सिखा सकता है जो:
    • कंधे की गति की सीमा को बहाल करते हैं।
    • कंधे और आसपास की मांसपेशियों (रोटेटर कफ, स्कैपुला स्टेबलाइजर्स) को मजबूत करते हैं।
    • कंधे की स्थिरता और कार्यक्षमता में सुधार करते हैं।
    • दर्द को कम करने के लिए उचित मुद्रा और शरीर यांत्रिकी सिखाते हैं।
    • स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज अकड़न को कम करने में मदद कर सकती हैं।
  • गतिविधि संशोधन (Activity Modification): अपनी गतिविधियों को इस तरह से समायोजित करना सीखें कि कंधे पर कम दबाव पड़े। उन गतिविधियों से बचें जो आपके लक्षणों को बढ़ाती हैं।
  • अल्ट्रासाउंड थेरेपी और ट्रांसक्यूटेनियस इलेक्ट्रिकल नर्व स्टिमुलेशन (TENS): ये थेरेपी दर्द और सूजन को कम करने में मदद कर सकती हैं।

सर्जिकल उपचार:

सर्जरी आमतौर पर तभी आवश्यक होती है जब गैर-सर्जिकल उपचार कई महीनों तक लक्षणों को कम करने में विफल रहे हों या यदि कोई विशिष्ट संरचनात्मक समस्या हो (जैसे बड़े हड्डी स्पर्स)। सर्जिकल विकल्पों में शामिल हैं:

  • सबक्रोमियल डेकंप्रेशन (Subacromial Decompression): यह एक सामान्य सर्जिकल प्रक्रिया है जिसका उद्देश्य सबक्रोमियल स्पेस में दबाव को कम करना है। इसे आर्थ्रोस्कोपिक (छोटे चीरों के माध्यम से कैमरे और उपकरणों का उपयोग करके) या ओपन सर्जरी के माध्यम से किया जा सकता है। प्रक्रिया में शामिल हो सकता है:
    • बर्सेक्टॉमी: सूजन वाले बर्सा को हटाना।
    • एक्रोमियोप्लास्टी: एक्रोमियन के निचले हिस्से को शेव करना या चपटा करना ताकि रोटेटर कफ टेंडनों के लिए अधिक जगह बन सके और इम्पिंगमेंट कम हो।
    • कोराकोएक्रोमियल लिगामेंट को रिलीज करना: कभी-कभी इस लिगामेंट को काटकर सबक्रोमियल स्पेस को बढ़ाया जाता है।
  • रोटेटर कफ रिपेयर: यदि बर्साइटिस रोटेटर कफ टियर से जुड़ा है, तो सर्जरी में टियर की मरम्मत भी शामिल हो सकती है।

सर्जरी के बाद:

सर्जरी के बाद, आपको दर्द और सूजन को प्रबंधित करने के लिए दवाएं दी जाएंगी। शारीरिक चिकित्सा पुनर्वास प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है ताकि आप अपनी ताकत, गति की सीमा और कार्य को वापस पा सकें।

उपचार का चुनाव:

आपके लिए सबसे अच्छा उपचार विकल्प आपकी व्यक्तिगत स्थिति, लक्षणों की गंभीरता और बर्साइटिस के कारण पर निर्भर करेगा। आपके डॉक्टर आपकी पूरी तरह से जांच करेंगे और आपके साथ उपचार के विकल्पों पर विस्तार से चर्चा करेंगे ताकि आपकी आवश्यकताओं के अनुसार एक योजना विकसित की जा सके। यह महत्वपूर्ण है कि आप अपने डॉक्टर के साथ सक्रिय रूप से संवाद करें और अपने किसी भी प्रश्न या चिंता पर चर्चा करें।

सबक्रोमियल बर्साइटिस का घरेलू इलाज क्या है?

सबक्रोमियल बर्साइटिस के लिए कुछ घरेलू उपचार लक्षणों को प्रबंधित करने और आराम प्रदान करने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि ये उपचार चिकित्सा देखभाल का विकल्प नहीं हैं, खासकर यदि दर्द गंभीर है या सुधार नहीं हो रहा है। यदि आपको लगातार या गंभीर कंधे का दर्द है, तो सटीक निदान और उचित उपचार के लिए डॉक्टर से सलाह लेना महत्वपूर्ण है।

यहाँ कुछ घरेलू उपचार दिए गए हैं जो सबक्रोमियल बर्साइटिस के लक्षणों को कम करने में मदद कर सकते हैं:

1. आराम (Rest):

  • प्रभावित कंधे को आराम देना सबसे महत्वपूर्ण है। ऐसी गतिविधियों से बचें जो दर्द को बढ़ाती हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि आपको पूरी तरह से निष्क्रिय रहना है, लेकिन ऐसी गतिविधियों से बचें जिनमें कंधे का बार-बार ऊपर उठाना या घुमाना शामिल हो।

2. बर्फ (Ice):

  • दिन में कई बार (हर 2-3 घंटे में) 15-20 मिनट के लिए कंधे पर बर्फ लगाएं। बर्फ सूजन और दर्द को कम करने में मदद करती है। आप आइस पैक, बर्फ के टुकड़ों से भरी थैली या जमे हुए मटर की थैली का उपयोग कर सकते हैं। बर्फ को सीधे त्वचा पर न लगाएं; इसे तौलिए में लपेट लें।

3. गर्मी (Heat):

  • तीव्र सूजन कम होने के बाद, कुछ लोगों को गर्मी लगाने से आराम मिलता है। आप गर्म पानी की बोतल, हीटिंग पैड (कम सेटिंग पर) या गर्म स्नान का उपयोग कर सकते हैं। ध्यान दें कि तीव्र सूजन के दौरान गर्मी लगाने से लक्षण बढ़ सकते हैं, इसलिए बर्फ से शुरुआत करना बेहतर है। पता करें कि आपके लिए क्या अधिक आरामदायक है।

4. गतिविधि संशोधन (Activity Modification):

  • अपनी दैनिक गतिविधियों को इस तरह से समायोजित करें कि आपके कंधे पर कम दबाव पड़े। उन गतिविधियों से बचें जो आपके दर्द को बढ़ाती हैं। यदि कोई विशेष गतिविधि आपके दर्द का कारण बनती है, तो उसे अस्थायी रूप से रोक दें या उसमें बदलाव करें।

5. कोमल स्ट्रेचिंग और व्यायाम (डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट की सलाह पर):

  • जब दर्द थोड़ा कम हो जाए, तो कोमल स्ट्रेचिंग और व्यायाम शुरू करना महत्वपूर्ण है ताकि कंधे की गति की सीमा को बनाए रखा जा सके और अकड़न को रोका जा सके। हालांकि, कोई भी व्यायाम कार्यक्रम शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट से सलाह लें। वे आपको सुरक्षित और प्रभावी व्यायाम बता सकते हैं। कुछ सामान्य कोमल व्यायामों में पेंडुलम एक्सरसाइज और हल्के आइसोमेट्रिक एक्सरसाइज शामिल हो सकते हैं।

6. मुद्रा में सुधार:

  • अच्छी मुद्रा बनाए रखने से कंधे के जोड़ पर असामान्य दबाव कम हो सकता है। बैठते और खड़े होते समय अपनी पीठ को सीधा रखें और कंधों को थोड़ा पीछे रखें।

7. ओवर-द-काउंटर दर्द निवारक दवाएं:

  • आइबुप्रोफेन (Advil, Motrin) या नेप्रोक्सन (Aleve) जैसे नॉनस्टेरॉइडल एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग्स (NSAIDs) दर्द और सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं। लेबल पर दिए गए निर्देशों का पालन करें और यदि आपको कोई अंतर्निहित स्वास्थ्य समस्या है या आप अन्य दवाएं ले रहे हैं तो डॉक्टर से सलाह लें।

8. पर्याप्त नींद:

  • पर्याप्त नींद लेना शरीर को ठीक होने में मदद करता है और दर्द की सहनशीलता को बढ़ा सकता है।

सावधानियां:

  • यदि आपका दर्द गंभीर है, अचानक शुरू हुआ है, या बुखार, लालिमा या गर्मी के साथ है, तो तुरंत डॉक्टर से मिलें क्योंकि यह संक्रमण (सेप्टिक बर्साइटिस) का संकेत हो सकता है जिसके लिए तत्काल चिकित्सा की आवश्यकता होती है।
  • यदि आपके लक्षण कुछ हफ्तों में घरेलू उपचार से बेहतर नहीं होते हैं, तो डॉक्टर से सलाह लें।
  • घरेलू उपचार सबक्रोमियल बर्साइटिस का इलाज नहीं करते हैं, लेकिन वे लक्षणों को प्रबंधित करने में मदद कर सकते हैं।
  • किसी भी नए व्यायाम या उपचार को शुरू करने से पहले हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें, खासकर यदि आपको कोई अन्य स्वास्थ्य समस्या है।

सबक्रोमियल बर्साइटिस में क्या खाएं और क्या न खाएं?

सबक्रोमियल बर्साइटिस के इलाज में सीधे तौर पर कोई विशिष्ट आहार नहीं है जो इस स्थिति को ठीक कर सके। हालांकि, एक स्वस्थ और संतुलित आहार समग्र स्वास्थ्य और सूजन को प्रबंधित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जो सबक्रोमियल बर्साइटिस के लक्षणों को कम करने में सहायक हो सकता है।

क्या खाएं (सूजन प्रबंधन और समग्र स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण):

  • सूजन-रोधी खाद्य पदार्थ:
    • फल और सब्जियां: विभिन्न प्रकार के रंगीन फल और सब्जियां एंटीऑक्सीडेंट और फाइटोन्यूट्रिएंट्स से भरपूर होते हैं जो सूजन को कम करने में मदद करते हैं। इनमें बेरीज (ब्लूबेरी, स्ट्रॉबेरी), चेरी, पत्तेदार हरी सब्जियां (पालक, केल), ब्रोकोली, फूलगोभी, टमाटर और शिमला मिर्च शामिल हैं।
    • ओमेगा-3 फैटी एसिड: ये स्वस्थ वसा सूजन को कम करने में मदद करते हैं। इनके अच्छे स्रोत वसायुक्त मछली (जैसे सैल्मन, मैकेरल, सार्डिन), अलसी के बीज, चिया सीड्स और अखरोट हैं।
    • जैतून का तेल: अतिरिक्त कुंवारी जैतून का तेल मोनोअनसैचुरेटेड वसा और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है जिसमें सूजन-रोधी गुण होते हैं।
    • हल्दी: इस मसाले में करक्यूमिन नामक एक शक्तिशाली सूजन-रोधी यौगिक होता है। इसे अपने भोजन में शामिल करें या हल्दी वाला दूध पिएं।
    • अदरक: अदरक में भी सूजन-रोधी गुण होते हैं और यह दर्द को कम करने में मदद कर सकता है।
    • नट्स और बीज: बादाम, अखरोट, चिया सीड्स और कद्दू के बीज जैसे नट्स और बीज स्वस्थ वसा, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं।
  • उच्च फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ:
    • साबुत अनाज: ब्राउन राइस, ओट्स, क्विनोआ और साबुत गेहूं की ब्रेड जैसे साबुत अनाज पाचन को स्वस्थ रखते हैं और सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं।
    • फलियां: दालें, बीन्स और छोले फाइबर और प्रोटीन के अच्छे स्रोत हैं।
  • पर्याप्त प्रोटीन: मांसपेशियों को स्वस्थ और मजबूत रखने के लिए पर्याप्त प्रोटीन का सेवन महत्वपूर्ण है, जो कंधे को सहारा देने में मदद करता है।
    • स्रोत: मछली, मुर्गी, अंडे, डेयरी उत्पाद, फलियां, टोफू और नट्स।
  • हाइड्रेटेड रहें: पर्याप्त मात्रा में पानी पीना समग्र स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है और यह जोड़ों और बर्सा को अच्छी तरह से हाइड्रेटेड रखने में भी मदद करता है।

क्या न खाएं (जो सूजन को बढ़ा सकते हैं और लक्षणों को खराब कर सकते हैं):

  • प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ: इनमें अक्सर अस्वास्थ्यकर वसा, अतिरिक्त चीनी और कृत्रिम तत्व होते हैं जो सूजन को बढ़ा सकते हैं।
  • अतिरिक्त चीनी और मीठे पेय पदार्थ: ये शरीर में सूजन को बढ़ावा दे सकते हैं।
  • अस्वास्थ्यकर वसा: तले हुए खाद्य पदार्थ और अत्यधिक मात्रा में संतृप्त और ट्रांस वसा सूजन को बढ़ा सकते हैं।
  • परिष्कृत अनाज: सफेद ब्रेड, सफेद चावल और पास्ता जैसे परिष्कृत अनाज में फाइबर कम होता है और ये रक्त शर्करा के स्तर में तेजी से वृद्धि कर सकते हैं, जिससे सूजन बढ़ सकती है।
  • अत्यधिक मात्रा में लाल मांस और प्रसंस्कृत मांस: कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि इनका अत्यधिक सेवन सूजन से जुड़ा हो सकता है।
  • अल्कोहल: अत्यधिक शराब का सेवन सूजन को बढ़ा सकता है और उपचार प्रक्रिया को धीमा कर सकता है।

वजन प्रबंधन:

यदि आपका वजन अधिक है या आप मोटापे से ग्रस्त हैं, तो स्वस्थ वजन प्राप्त करना और बनाए रखना सबक्रोमियल बर्साइटिस के लक्षणों को प्रबंधित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। अतिरिक्त वजन आपके कंधों और जोड़ों पर अतिरिक्त दबाव डालता है, जिससे दर्द और सूजन बढ़ सकती है।

महत्वपूर्ण बातें:

  • कोई विशिष्ट “सबक्रोमियल बर्साइटिस आहार” नहीं है जो इस स्थिति का इलाज कर सके।
  • एक स्वस्थ और संतुलित आहार समग्र स्वास्थ्य और सूजन को प्रबंधित करने के लिए महत्वपूर्ण है।
  • यदि आपको किसी विशिष्ट खाद्य पदार्थ से एलर्जी या असहिष्णुता है, तो उनसे बचें।
  • अपने डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ से सलाह लें यदि आपको अपने आहार में कोई महत्वपूर्ण बदलाव करने की आवश्यकता है, खासकर यदि आपको कोई अन्य स्वास्थ्य समस्या है।

सबक्रोमियल बर्साइटिस के जोखिम को कैसे कम करें?

सबक्रोमियल बर्साइटिस के जोखिम को पूरी तरह से खत्म करना मुश्किल हो सकता है, खासकर कुछ अंतर्निहित कारकों को देखते हुए। हालांकि, कुछ प्रभावी रणनीतियाँ अपनाकर इस स्थिति के विकसित होने या इसके लक्षणों की गंभीरता को कम करने की संभावना को जरूर कम किया जा सकता है। यहाँ कुछ महत्वपूर्ण उपाय दिए गए हैं:

1. उचित तकनीक और एर्गोनॉमिक्स का उपयोग करें:

  • दोहराव वाली ओवरहेड गतिविधियों के दौरान: यदि आपके काम या शौक में बार-बार कंधे को ऊपर उठाने की आवश्यकता होती है, तो सुनिश्चित करें कि आप उचित तकनीक का उपयोग कर रहे हैं। ब्रेक लें और अपनी मांसपेशियों को आराम दें।
  • काम की जगह पर एर्गोनॉमिक्स: यदि आप डेस्क पर काम करते हैं, तो सुनिश्चित करें कि आपकी कुर्सी, डेस्क और कंप्यूटर मॉनीटर सही ऊंचाई पर हैं ताकि आपके कंधों पर अनावश्यक तनाव न पड़े।

2. नियमित व्यायाम और मांसपेशियों को मजबूत बनाना:

  • रोटेटर कफ की मांसपेशियों को मजबूत करें: मजबूत रोटेटर कफ मांसपेशियां कंधे के जोड़ को स्थिर रखने और इम्पिंगमेंट को रोकने में मदद करती हैं। एक भौतिक चिकित्सक आपको उचित व्यायाम सिखा सकता है।
  • स्कैपुला स्टेबलाइजर्स को मजबूत करें: ये मांसपेशियां आपके कंधे के ब्लेड को नियंत्रित करती हैं और अच्छी मुद्रा बनाए रखने में मदद करती हैं, जिससे कंधे पर तनाव कम होता है।
  • लचीलापन बनाए रखें: नियमित स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज कंधे की गति की सीमा को बनाए रखने और अकड़न को रोकने में मदद करती हैं।

3. धीरे-धीरे गतिविधि का स्तर बढ़ाएं:

  • यदि आप कोई नई शारीरिक गतिविधि या व्यायाम कार्यक्रम शुरू कर रहे हैं, तो धीरे-धीरे तीव्रता और अवधि बढ़ाएं ताकि आपके कंधे पर अचानक अधिक दबाव न पड़े।

4. चोटों से बचाव करें:

  • खेल खेलते समय या अन्य शारीरिक गतिविधियों के दौरान उचित सुरक्षात्मक उपकरणों का उपयोग करें।
  • गिरने से बचने के लिए सावधानी बरतें।

5. अच्छी मुद्रा बनाए रखें:

  • बैठते और खड़े होते समय अपनी पीठ को सीधा रखें और कंधों को थोड़ा पीछे रखें। खराब मुद्रा कंधे के जोड़ पर असामान्य दबाव डाल सकती है, जिससे इम्पिंगमेंट और बर्साइटिस का खतरा बढ़ सकता है।

6. भारी वस्तुओं को उठाने से बचें या उचित तकनीक का उपयोग करें:

  • भारी वस्तुओं को उठाते समय अपनी पीठ को सीधा रखें और अपनी टांगों की मांसपेशियों का उपयोग करें। वस्तु को अपने शरीर के करीब रखें।

7. स्वस्थ वजन बनाए रखें:

  • अतिरिक्त वजन आपके कंधों और जोड़ों पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है, जिससे बर्साइटिस का खतरा बढ़ सकता है। संतुलित आहार लें और नियमित रूप से व्यायाम करें ताकि स्वस्थ वजन बना रहे।

8. सूजन-रोधी आहार लें:

  • फल, सब्जियां, ओमेगा-3 फैटी एसिड और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर आहार सूजन को कम करने में मदद कर सकता है, जो अप्रत्यक्ष रूप से बर्साइटिस के जोखिम को कम कर सकता है।

9. पर्याप्त आराम लें:

  • अपने शरीर को पर्याप्त आराम दें ताकि ऊतकों को ठीक होने का समय मिल सके, खासकर यदि आप ऐसी गतिविधियाँ करते हैं जो आपके कंधों पर तनाव डालती हैं।

10. दर्द को नजरअंदाज न करें:

  • यदि आपको कंधे में दर्द महसूस होता है, तो उसे नजरअंदाज न करें। शुरुआती दर्द संकेत हो सकता है कि कुछ ठीक नहीं है। यदि दर्द बना रहता है या बिगड़ जाता है, तो डॉक्टर से सलाह लें।

11. नियमित ब्रेक लें:

  • यदि आप ऐसी गतिविधियाँ कर रहे हैं जिनमें आपके कंधों का बार-बार उपयोग होता है, तो नियमित ब्रेक लें और स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करें।

सारांश

सबक्रोमियल बर्साइटिस कंधे में स्थित सबक्रोमियल बर्सा की सूजन है। यह बर्सा रोटेटर कफ टेंडन और एक्रोमियन (कंधे की हड्डी का ऊपरी हिस्सा) के बीच एक छोटी, तरल पदार्थ से भरी थैली होती है जो घर्षण को कम करती है। सबक्रोमियल बर्साइटिस आमतौर पर रोटेटर कफ टेंडिनोपैथी, इम्पिंगमेंट सिंड्रोम, चोट या अत्यधिक उपयोग के कारण होता है।

इसके लक्षणों में कंधे में दर्द (विशेषकर हाथ ऊपर उठाने पर), अकड़न और कमजोरी शामिल हैं। निदान शारीरिक परीक्षा और कभी-कभी इमेजिंग (जैसे एक्स-रे या एमआरआई) से किया जाता है। उपचार में आराम, बर्फ, दवाएं (दर्द निवारक और सूजनरोधी), फिजियोथेरेपी और गंभीर मामलों में इंजेक्शन या सर्जरी शामिल हो सकती है।

Similar Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *