स्लिप डिस्क में क्या नहीं करना चाहिए
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स्लिप डिस्क में क्या नहीं करना चाहिए?

स्लिप डिस्क, जिसे हर्नियेटेड डिस्क (Herniated Disc) या रूचर डिस्क (Ruptured Disc) भी कहते हैं, रीढ़ की हड्डी से संबंधित एक आम और दर्दनाक समस्या है। यह तब होता है जब रीढ़ की हड्डी के बीच मौजूद मुलायम, कुशन जैसी डिस्क अपनी जगह से खिसक जाती है या फट जाती है।

यह डिस्क तंत्रिकाओं (nerves) पर दबाव डालती है, जिससे गंभीर दर्द, सुन्नता, और कमजोरी हो सकती है। स्लिप डिस्क का दर्द अक्सर पीठ के निचले हिस्से या गर्दन में शुरू होता है और पैर या हाथ तक फैल सकता है।

स्लिप डिस्क से पीड़ित व्यक्ति को अपने दर्द को प्रबंधित करने और स्थिति को बिगड़ने से बचाने के लिए कुछ खास बातों का ध्यान रखना चाहिए। कुछ गलतियां ऐसी होती हैं जिन्हें करने से दर्द और बढ़ सकता है। इस लेख में, हम उन सभी चीजों के बारे में विस्तार से जानेंगे जो स्लिप डिस्क के मरीजों को बिल्कुल नहीं करनी चाहिए।

1. भारी सामान न उठाएं

यह स्लिप डिस्क के मरीजों के लिए सबसे महत्वपूर्ण सलाह है।

  • क्यों बचें: भारी सामान उठाने से रीढ़ की हड्डी पर अत्यधिक दबाव पड़ता है, जिससे डिस्क पर और अधिक भार पड़ सकता है। इससे डिस्क का और अधिक खिसकना या तंत्रिकाओं पर दबाव बढ़ना संभव है, जिससे दर्द और बढ़ सकता है।
  • क्या करें: यदि कुछ उठाना ही पड़े, तो घुटनों को मोड़कर बैठें और पीठ को सीधा रखते हुए सामान उठाएं। कमर को झुकाकर सामान उठाने से बचें।

2. अचानक या तेज हरकतें न करें

  • क्यों बचें: अचानक मुड़ना, झुकना या झटके से कोई भी गतिविधि करना रीढ़ की हड्डी में तनाव पैदा कर सकता है। इससे दर्द और सूजन बढ़ सकती है।
  • क्या करें: सभी गतिविधियों को धीरे-धीरे और नियंत्रित तरीके से करें। कुर्सी से उठते समय या मुड़ते समय जल्दबाजी न करें।

3. लंबे समय तक एक ही मुद्रा में न बैठें या खड़े रहें

  • क्यों बचें: एक ही स्थिति में लंबे समय तक रहने से रीढ़ की हड्डी पर दबाव पड़ता है। यह मांसपेशियों को थका देता है और दर्द को बढ़ा सकता है।
  • क्या करें: हर 30-40 मिनट में ब्रेक लें और थोड़ा टहलें या हल्के स्ट्रेचिंग व्यायाम करें। बैठने के लिए सही मुद्रा (posture) का उपयोग करें, जिसमें आपकी पीठ सीधी हो और रीढ़ को सहारा मिले।

4. गलत मुद्रा में न सोएं

  • क्यों बचें: पेट के बल सोने से रीढ़ की हड्डी पर दबाव पड़ता है और गर्दन मुड़ जाती है, जिससे दर्द बढ़ सकता है।
  • क्या करें: पीठ के बल सोएं और घुटनों के नीचे एक तकिया रखें। इससे रीढ़ की हड्डी सीधी रहती है और दबाव कम होता है। यदि करवट लेकर सो रहे हैं, तो पैरों के बीच एक तकिया रखें।

5. कठोर सतहों पर न बैठें या लेटें

  • क्यों बचें: बहुत कठोर गद्दे या सतह पर बैठने या लेटने से रीढ़ को पर्याप्त सहारा नहीं मिलता, जिससे दर्द बढ़ सकता है।
  • क्या करें: मध्यम-कठोरता वाले गद्दे का उपयोग करें जो आपकी रीढ़ को सहारा दे। बैठने के लिए आरामदायक कुर्सी का उपयोग करें जिसमें पीठ को सहारा मिले।

6. दर्द को नजरअंदाज न करें

  • क्यों बचें: यदि कोई गतिविधि दर्द को बढ़ा रही है, तो उसे तुरंत बंद कर दें। दर्द शरीर का एक संकेत है कि कुछ गलत हो रहा है। दर्द को नजरअंदाज करने से स्थिति और बिगड़ सकती है।
  • क्या करें: दर्द होने पर तुरंत उस गतिविधि को रोक दें और आराम करें। यदि दर्द लगातार बना रहता है, तो डॉक्टर से परामर्श करें।

7. धूम्रपान न करें

  • क्यों बचें: धूम्रपान रीढ़ की हड्डी में रक्त के प्रवाह को कम करता है, जिससे डिस्क को आवश्यक पोषक तत्व नहीं मिल पाते। इससे डिस्क कमजोर हो सकती है और ठीक होने की प्रक्रिया धीमी हो सकती है।
  • क्या करें: यदि आप धूम्रपान करते हैं, तो इसे तुरंत छोड़ दें।

8. अत्यधिक व्यायाम न करें

  • क्यों बचें: अत्यधिक या गलत तरीके से किए गए व्यायाम से रीढ़ की हड्डी पर दबाव पड़ता है। स्लिप डिस्क की स्थिति में, कुछ व्यायाम जैसे कि दौड़ना, कूदना या भारी वजन उठाना हानिकारक हो सकते हैं।
  • क्या करें: डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट की सलाह से ही व्यायाम करें। हल्के व्यायाम, जैसे कि तैराकी, चलना, या योग, फायदेमंद हो सकते हैं।

9. डॉक्टर की सलाह के बिना इलाज न करें

  • क्या करें: यदि आपको स्लिप डिस्क का संदेह है, तो तुरंत डॉक्टर से मिलें। एक योग्य चिकित्सक ही सही निदान कर सकते हैं और आपके लिए सबसे अच्छा उपचार योजना बना सकते हैं।

निष्कर्ष

स्लिप डिस्क एक गंभीर लेकिन प्रबंधनीय स्थिति है। उचित देखभाल और जीवनशैली में बदलाव करके दर्द को कम किया जा सकता है और स्थिति को बिगड़ने से रोका जा सकता है। ऊपर बताई गई बातों का पालन करके आप अपनी रिकवरी को तेज कर सकते हैं और एक स्वस्थ जीवन जी सकते हैं।

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